Correct Answer: (d) झांसी
Solution:बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टियों को दो व्यापक श्रेणियों में बांटा जा सकता है-(1) काली मिट्टी और (2) लाल मिट्टी। काली मिट्टी के भी दो भाग होते हैं, जिनमें पहले भाग को 'कावड़ मिट्टी' तथा दूसरे भाग को 'मार-मिट्टी' कहते हैं। कावड़ मिट्टी अनाज उत्पादन की दृष्टि से अच्छी मानी जाती है। समय से खेती करने पर ही इस मिट्टी से अच्छी उपज की जा सकती है। मार-मिट्टी भी उर्वर मिट्टी है। यह मिट्टी गेहूं और कपास के लिए उपयुक्त होती है। इसका भी समय प्रबंधन पैदावार लेने के लिए आवश्यक होता है। मार-मिट्टी पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी, ललितपुर, बांदा आदि जिलों में पाई जाती है।