Solution:एन. गोपालास्वामी आयंगर संविधान सभा की प्रारूप समिति के एक सदस्य थे, जिन्होंने 1950 में अपनी रिपोर्ट 'केंद्र सरकार की मशीनरी का पुनर्गठन' (Reorganization of the Machinery of Central Government) में मंत्रियों के समूह (ब्यूरो) बनाए जाने, कार्मिकों की क्षमताओं में सुधार तथा एक संगठन एवं प्रक्रियाएं (O & M: Orga- nization and Methods) प्रभाग की स्थापना की अनुशंसा की थी। इस प्रकार प्रश्नगत कथन 1 सही नहीं है।प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) ने 1969 में 'भारत सरकार की मशीनरी' पर अपनी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री के प्रत्यक्ष प्रभार के तहत एक पृथक कार्मिक विभाग के गठन की अनुशंसा की थी। तदनुसार, अगस्त, 1970 में नए कार्मिक विभाग का गठन कैबिनेट सचिवालय के तहत किया गया, जो कि प्रधानमंत्री के ही प्रभार में होता है। फरवरी, 1973 में इसे कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के रूप में परिवर्तित किया गया तथा अप्रैल, 1977 में इस विभाग को कैबिनेट सचिवालय से हटाकर गृह मंत्रालय के तहत लाया गया। जनवरी, 1985 में इस विभाग को गृह मंत्रालय से स्थानांतरित कर प्रधानमंत्री के स्वतंत्र प्रभार के तहत कर दिया गया। मार्च, 1985 में इसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण, प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायतें और पेंशन मंत्रालय में परिवर्तित कर दिया गया, जिसका समग्र प्रभार प्रधानमंत्री के तहत ही होता है।