केंद्रीय मंत्रिपरिषद (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

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31. भारतीय संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - [U.P. R.O./A.R.O. (Pre) 2016]

1. संघ मंत्रिपरिषद लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।

2. संघ के मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे।

इनमें से -

Correct Answer: (a) केवल (1) सही है।
Solution:अनुच्छेद 75(2) के अनुसार, संघीय मंत्रिपरिषद के मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं और अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है।

32. कथन (A) : भारत संघ में मंत्रिपरिषद संयुक्त रूप से लोक सभा और राज्य सभा, दोनों के प्रति उत्तरदायी है। [I.A.S. (Pre) 2007 U.P. B.E.O. (Pre) 2019 U.P.P.C.S. (Pre) 2021]

कारण (R) : लोक सभा और राज्य सभा दोनों के सदस्य संघीय

सरकार में मंत्री बनने के लिए पात्रता रखते हैं।

Correct Answer: (d) कथन गलत है, पर कारण सही है।
Solution:संविधान के अनु. 75(3) के अनुसार, संघीय मंत्रिपरिषद संयुक्त रूप से संसद के निम्न सदन (लोक सभा) के प्रति उत्तरदायी होती है, न कि राज्य सभा के प्रति। अतः कथन (A) गलत है।

भारतीय संविधान के अनुसार, मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। मंत्री पद धारण करने के लिए संसद के किसी भी सदन का सदस्य होना आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं है, तो उसे अनु. 75(5) के अनुसार, 6 माह के भीतर संसद के किसी सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी। इस प्रकार कारण (R) सही है।

33. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : [I.A.S. (Pre) 2013]

1. केंद्र में मंत्रिपरिषद संसद के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।

2. संघीय मंत्री भारत के राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करेंगे।

3. विधि-निर्माण हेतु प्रस्ताव के बारे में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को सूचित करेगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct Answer: (b) केवल 2 और 3
Solution:संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है न कि संसद जिसके अंतर्गत राष्ट्रपति, लोक सभा व राज्य सभा आते हैं। अनुच्छेद 75(2) के अनुसार मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद धारण करेंगे। अनुच्छेद 78 (क) के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के कार्यकलाप के प्रशासन संबंधी और विधान विषयक प्रस्थापनाओं संबंधी मंत्रिपरिषद सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करेगा।

34. निम्नलिखित में से किसका भारत के संविधान में तो स्पष्ट उल्लेख नहीं है, पर परिपाटी के रूप में पालन किया जाता है? [I.A.S. (Pre) 1995]

Correct Answer: (b) प्रधानमंत्री यदि निम्न सदन में बहुमत खो दे तो उसे त्याग-पत्र दे देना चाहिए
Solution:प्रधानमंत्री यदि निम्न सदन (लोक सभा) में बहुमत खो दे तो वह त्याग-पत्र दे देता है, इसका संविधान में कहीं उल्लेख नहीं है, किंतु निम्न सदन के प्रति मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व की व्यवस्था [अनुच्छेद 75(3)] के कारण यह परंपरा है कि वह बहुमत खोते ही त्याग-पत्र दे देता है।

35. भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में कार्यपालिका.. के अधीन रहकर कार्य करती है। [45th B.P.S.C. (Pre) 2001]

Correct Answer: (b) विधायिका
Solution:भारत में संसदात्मक शासन प्रणाली अपनाई गई है। भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में कार्यपालिका, विधायिका के अधीन रहकर कार्य करती है, क्योंकि राजनीतिक कार्यपालिका का गठन विधायिका के सदस्यों में से होता है और कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) सामूहिक रूप से विधायिका (लोक सभा) के प्रति उत्तरदायी होती है।

36. निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रस्ताव भारत में मंत्रिपरिषद रख सकती है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2006 U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (d) विश्वास प्रस्ताव
Solution:संसद में विश्वास प्रस्ताव (Motion of Confidence) समर्थन प्रस्ताव के रूप में सरकार द्वारा रखा जाता है। इस प्रकार के प्रस्ताव को संसद (लोक सभा) में ही स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जाता है। सरकार विश्वास प्रस्ताव संसद (लोक सभा) में तभी लाती है, जब उसे लोक सभा में अपना बहुमत सिद्ध करना होता है। विश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री या उनकी मंत्रिपरिषद अथवा उनमें से कोई एक सदस्य रख सकता है, जबकि लोक सभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के किसी सदस्य द्वारा लाया जाता है। लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने पर मंत्रिपरिषद को त्याग-पत्र देना पड़ता है। भर्त्सना प्रस्ताव एवं स्थगन प्रस्ताव भी सामान्यतः विपक्ष द्वारा लाए जाते हैं।

37. किस सदन के सदस्यों द्वारा बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पास होने पर मंत्रिपरिषद को त्याग-पत्र देना पड़ेगा? [U.P.P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (a) लोक सभा के
Solution:संसद में विश्वास प्रस्ताव (Motion of Confidence) समर्थन प्रस्ताव के रूप में सरकार द्वारा रखा जाता है। इस प्रकार के प्रस्ताव को संसद (लोक सभा) में ही स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जाता है। सरकार विश्वास प्रस्ताव संसद (लोक सभा) में तभी लाती है, जब उसे लोक सभा में अपना बहुमत सिद्ध करना होता है। विश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री या उनकी मंत्रिपरिषद अथवा उनमें से कोई एक सदस्य रख सकता है, जबकि लोक सभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के किसी सदस्य द्वारा लाया जाता है। लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने पर मंत्रिपरिषद को त्याग-पत्र देना पड़ता है। भर्त्सना प्रस्ताव एवं स्थगन प्रस्ताव भी सामान्यतः विपक्ष द्वारा लाए जाते हैं।

38. अपना त्याग-पत्र देने के बाद भारत में एक मंत्री को अपने त्याग-पत्र के विषय में लोक सभा में व्यक्तिगत वक्तव्य देने के लिए किसकी अनुमति की आवश्यकता होती है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) स्पीकर
Solution:लोक सभा के प्रक्रिया एवं संचालन संबंधी नियम-199 के अंतर्गत मंत्री को अपने त्याग-पत्र के विषय में लोक सभा में व्यक्तिगत वक्तव्य देने के लिए स्पीकर (लोक सभा अध्यक्ष) की अनुमति की आवश्यकता होती है। यदि मंत्री वक्तव्य नहीं देना चाहता है, तो स्पीकर के द्वारा उसको अपने त्याग-पत्र के विषय में बोलने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। यह मंत्री की अपनी स्वतंत्र इच्छा होती है।

39. मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' लाने के लिए लोक सभा के सदस्यों की संख्या होनी चाहिए- [U.P. P.C.S. (Mains) 2009 U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (c) 50
Solution:लोक सभा के प्रक्रिया एवं संचालन संबंधी नियम-198 के तहत मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' लाने के लिए लोक सभा के कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।

40. लोक सभा में मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास' का प्रस्ताव लाने हेतु न्यूनतम सदस्य संख्या है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (d) 50
Solution:लोक सभा के प्रक्रिया एवं संचालन संबंधी नियम-198 के तहत मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' लाने के लिए लोक सभा के कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।