केंद्रीय मंत्रिपरिषद (भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

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41. भारत में अविश्वास प्रस्ताव के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- [I.A.S. (Pre) 2014]

1. भारत के संविधान में किसी अविश्वास प्रस्ताव का कोई उल्लेख नहीं है।

2. अविश्वास प्रस्ताव केवल लोक सभा में ही पुरःस्थापित किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct Answer: (c) 1 और 2 दोनों
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी, अतः 'अविश्वास प्रस्ताव' (Motion of No-Confidence) केवल लोक सभा में ही पुरःस्थापित किया जा सकता है। इसके साथ ही भारत के संविधान में किसी अविश्वास प्रस्ताव का कोई उल्लेख नहीं है। अनुच्छेद 118(1) के अनुसार, संसद का प्रत्येक सदन अपनी प्रक्रिया और अपने कार्य- संचालन के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा। अतः लोक सभा ने अपने नियम-198 में मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए नियम बनाया है। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव का उल्लेख संविधान में न होकर लोक सभा के नियम-198 में है।

42. अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में निम्नांकित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? [Raj.P.C.S. (Pre) 2023]

Correct Answer: (c) जो सदस्य अविश्वास प्रस्ताव रखना चाहता है, उसे उसकी सूचना लिखित में लोक सभा स्पीकर को देनी होती है।
Solution:15 अगस्त, 2023 तक लोक सभा में कुल 28 अविश्वास प्रस्ताव और 11 विश्वास प्रस्ताव लाए गए हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में प्रतिवर्ष अधिकतम (1.89) अविश्वास प्रस्तावों का सामना किया था। उनके लगभग 1.59 वर्ष के कार्यकाल में कुल 3 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए थे। लोक सभा के नियम 198 के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के लिए किसी सदस्य द्वारा लिखित सूचना (Written notice) लोक सभा स्पीकर को नहीं, बल्कि लोक सभा महासचिव को देनी होती है। अविश्वास प्रस्ताव केवल लोक सभा में रखा जा सकता है, क्योंकि मंत्रिपरिषद लोक सभा के प्रति ही उत्तरदायी होती है। अतः प्रश्नगत कथनों में विकल्प (a) एवं (c) के कथन सही नहीं हैं।

43. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के त्याग-पत्र देने के उपरांत निम्नांकित में से कौन-सी एक सही स्थिति नहीं है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (a) राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।
Solution:राष्ट्रपति शासन राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में अनुच्छेद 356 के तहत लगाया जाता है। भारतीय संविधान में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के त्याग-पत्र देने की स्थिति में केंद्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने की कोई व्यवस्था नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था (नई सरकार का गठन) होने तक वही मंत्रिपरिषद कार्य करती है।

44. प्रदेश का कौन-सा नेता नेहरू की कैबिनेट में पहले गृह मंत्री तथा बाद में रक्षा मंत्री बना? [M.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (c) कैलाश नाथ काटजू
Solution:कैलाश नाथ काटजू नेहरू की कैबिनेट में 1951 में विधि मंत्री के रूप में शामिल हुए थे तथा इसी वर्ष वे देश के तीसरे गृह मंत्री बने। 1955 में उन्हें रक्षा मंत्री का पदभार सौंपा गया था। वे 1957-62 के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे।

45. स्वतंत्र भारत के प्रथम वित्त मंत्री थे- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (e) इनमे से कोई भी नहीं
Solution:स्वतंत्र भारत के प्रथम वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी थे, जो कि 15 अगस्त, 1947 से 17 अगस्त, 1948 तक इस पद पर रहे। इन्होंने स्वतंत्र भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर, 1947 को प्रस्तुत किया था। 1948 में जॉन मथाई को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था।

46. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात प्रथम मंत्रिमंडल का कानून मंत्री कौन था? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (d) बी.आर. अम्बेडकर
Solution:स्वतंत्रता के पश्चात डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विधि (कानून) मंत्री थे, जबकि अंतरिम सरकार (1946) में कानून मंत्री जोगेन्द्र नाथ मंडल थे।

47. निम्नलिखित में से किसका किन लोगों का स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल (1947) का पोर्टफोलियो उनके अंतरिम सरकार (1946) के पोर्टफोलियो से भिन्न था? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2020]

(i) जगजीवन राम

(ii) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

(iii) सी.एच. भाभा

(iv) सरदार बलदेव सिंह

Correct Answer: (d) केवल (iii)
Solution:प्रश्नगत व्यक्तियों का स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल (1947) में पोर्टफोलियो इस प्रकार था जगजीवन राम-श्रम; डॉ. राजेंद्र प्रसाद-खाद्य और कृषि; सी.एच. भाभा-वाणिज्य; सरदार बलदेव सिंह-रक्षा। इन व्यक्तियों का पुनर्गठित अंतरिम सरकार (1946) में पोर्टफोलियो इस प्रकार था : जगजीवन राम-श्रम; डॉ. राजेंद्र प्रसाद खाद्य और कृषि; सी.एच. भाभा- खान और विद्युत कार्य; सरदार बलदेव सिंह-रक्षा। उपर्युक्त से स्पष्ट है, कि इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (d) है।

48. भारत के 12 वें प्रधानमंत्री थे- [U.P.P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) देवेगौड़ा
Solution:भारत के व्यक्ति अनुसार 12वें प्रधानमंत्री (कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा को शामिल करके) एच.डी. देवेगौड़ा थे, जो 1 जून, 1996 से 21 अप्रैल, 1997 तक इस पद पर रहे। इस संदर्भ में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 15वें प्रधानमंत्री हैं (भारत के प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नरेंद्र मोदी का 15वें प्रधानमंत्री के रूप में उल्लेख है)।

49. प्रधानमंत्रियों को उनके कार्यकाल के साथ सुमेलित कीजिए। [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

प्रधानमंत्रीकार्यकाल
(i) देवेगौड़ाA. 1999-2004
(ii) चंद्रशेखरB. 1989-90
(iii) अटल बिहारी वाजपेयीC. 1990-91
(iv) इंद्र कुमार गुजरालD. 1996-97
(v) विश्वनाथ प्रताप सिंहE. 1997-98
(A)(B)(C)(D)(E)
(a)iiiiiiivv
(b)viviiiiii
(c)iiiiiiviv
(d)iiiviiiiv
(e)iiiiiiviv
Correct Answer: (d) A-(iii), B-(v), C-(ii), D-(i), E-(iv)
Solution:(i) एच.डी देवेगौड़ा - 1 जून, 1996–21 अप्रैल, 1997

(ii) चंद्रशेखर - 10 नवंबर, 1990- 21 जून, 1991

(iii) अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च, 1998-22 मई, 2004

(iv) इंद्र कुमार गुजराल- 21 अप्रैल, 1997-19 मार्च, 1998

(v) विश्वनाथ प्रताप सिंह- 2 दिसंबर, 1989–10 नवंबर, 1990

*उल्लेखनीय है कि अटल बिहारी वाजपेयी उपर्युक्त अवधि के पूर्व 16 मई, 1996 से 1 जून, 1996 की संक्षिप्त अवधि के लिए भी देश के प्रधानमंत्री रहे थे।

50. निम्नलिखित में से कौन एक से अधिक बार प्रधानमंत्री नियुक्त हुए हैं? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2003]

(1) जवाहरलाल नेहरू

(2) इंदिरा गांधी

(3) गुलजारी लाल नंदा

(4) अटल बिहारी वाजपेयी

नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:दिए गए सभी व्यक्ति एक से अधिक बार प्रधानमंत्री नियुक्त हुए, जिनमें गुलजारी लाल नंदा 2 बार (कार्यकारी) प्रधानमंत्री रहे।