Correct Answer: (b) कैबिनेट मिशन योजना
Solution:- कैबिनेट मिशन, 1946 ने वायसराय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन कर अंतरिम सरकार के गठन का सुझाव दिया, जिसमें वॉर मेंबर सहित सभी विभाग भारतीय सदस्यों द्वारा धारण किए जाने थे।
- यह योजना 1946 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत की सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रस्तुत की गई थी।
- इस योजना के तहत भारत में एक अंतरिम सरकार का गठन प्रस्तावित किया गया था जो एक नए संविधान के बनने तक देश का प्रशासन संभालेगी।
- कैबिनेट मिशन योजना का विवरण
- कैबिनेट मिशन योजना तीन ब्रिटिश कैबिनेट सदस्यों—लॉर्ड पैंथिक-लॉरेन्स, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर—द्वारा प्रस्तुत की गई थी।
- इस योजना का उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति की प्रक्रिया शुरू करना और शक्ति का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करना था।
- इसके तीन मुख्य भाग थे: तत्काल एक अंतरिम सरकार का गठन, संविधान सभा का गठन जो नई संविधान का मसौदा तैयार करेगी, और भारत को एक संघात्मक ढांचे में बांटना।
- अंतरिम सरकार का गठन
- अंतरिम सरकार का गठन 2 सितंबर 1946 को हुआ, इसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग सहित विभिन्न समुदायों के नेता शामिल थे।
- इस सरकार की अध्यक्षता भारत के वायसराय करते थे। यह सरकार 15 अगस्त 1947 तक सक्रिय रही, जब भारत को स्वतंत्रता मिल गई।
- यह सरकार ब्रिटिश शासन से भारतीय नेतृत्व वाली सरकार की ओर पहला कदम थी, जिसमें भारतीय नेताओं को प्रशासनिक शक्तियां दी गईं।
- महत्व और प्रभाव
- कैबिनेट मिशन योजना ने भारत में स्वशासन की दिशा में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले के भारत सरकार अधिनियम 1935 और क्रिप्स मिशन जैसी योजनाएं भी स्वशासन के प्रयास थीं लेकिन वे विफल रहीं।
- कैबिनेट मिशन योजना की सबसे बड़ी विशेषता थी कि इसने संविधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त किया
- जिसने बाद में भारत का संविधान तैयार किया। इस योजना ने ब्रिटिश सत्ता से सत्ता हस्तांतरण के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान किया।
- इस प्रकार, अंग्रेजों द्वारा भारत में अंतरिम सरकार का प्रावधान पूर्ण रूप से कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत हुआ
- जिसने स्वतंत्र भारत के संवैधानिक विकास और सत्ता हस्तांतरण की नींव रखी.