कैबिनेट मिशन योजना (आधुनिक भारतीय इतिहास)

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1. अंग्रेजों द्वारा भारत सरकार की किस योजना/अधिनियम के तहत अंतरिम सरकार का प्रावधान किया गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) कैबिनेट मिशन योजना
Solution:
  • कैबिनेट मिशन, 1946 ने वायसराय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल का पुनर्गठन कर अंतरिम सरकार के गठन का सुझाव दिया, जिसमें वॉर मेंबर सहित सभी विभाग भारतीय सदस्यों द्वारा धारण किए जाने थे।
  • यह योजना 1946 में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत की सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रस्तुत की गई थी।
  • इस योजना के तहत भारत में एक अंतरिम सरकार का गठन प्रस्तावित किया गया था जो एक नए संविधान के बनने तक देश का प्रशासन संभालेगी।
  • कैबिनेट मिशन योजना का विवरण
    • कैबिनेट मिशन योजना तीन ब्रिटिश कैबिनेट सदस्यों—लॉर्ड पैंथिक-लॉरेन्स, सर स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर—द्वारा प्रस्तुत की गई थी।
    • इस योजना का उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति की प्रक्रिया शुरू करना और शक्ति का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करना था।
    • इसके तीन मुख्य भाग थे: तत्काल एक अंतरिम सरकार का गठन, संविधान सभा का गठन जो नई संविधान का मसौदा तैयार करेगी, और भारत को एक संघात्मक ढांचे में बांटना।
  • अंतरिम सरकार का गठन
    • अंतरिम सरकार का गठन 2 सितंबर 1946 को हुआ, इसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग सहित विभिन्न समुदायों के नेता शामिल थे।
    • इस सरकार की अध्यक्षता भारत के वायसराय करते थे। यह सरकार 15 अगस्त 1947 तक सक्रिय रही, जब भारत को स्वतंत्रता मिल गई।
    • यह सरकार ब्रिटिश शासन से भारतीय नेतृत्व वाली सरकार की ओर पहला कदम थी, जिसमें भारतीय नेताओं को प्रशासनिक शक्तियां दी गईं।
  • महत्व और प्रभाव
    • कैबिनेट मिशन योजना ने भारत में स्वशासन की दिशा में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले के भारत सरकार अधिनियम 1935 और क्रिप्स मिशन जैसी योजनाएं भी स्वशासन के प्रयास थीं लेकिन वे विफल रहीं।
    • कैबिनेट मिशन योजना की सबसे बड़ी विशेषता थी कि इसने संविधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त किया
    • जिसने बाद में भारत का संविधान तैयार किया। इस योजना ने ब्रिटिश सत्ता से सत्ता हस्तांतरण के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान किया।
    • इस प्रकार, अंग्रेजों द्वारा भारत में अंतरिम सरकार का प्रावधान पूर्ण रूप से कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत हुआ
    • जिसने स्वतंत्र भारत के संवैधानिक विकास और सत्ता हस्तांतरण की नींव रखी.​​

2. सत्ता के अंतिम हस्तांतरण पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट मिशन ....... में भारत आया था। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 1946
Solution:
  • कैबिनेट मिशन मार्च, 1946 में भारत पहुंचा। इस मिशन के सदस्य स्टैफोर्ड क्रिप्स (अध्यक्ष बोर्ड ऑफ ट्रेड), पैथिक लॉरेंस (भारत राज्य सचिव) और ए.वी. एलेक्जेंडर (नौसेना मंत्री) थे।
  • इसने प्रांतों के लिए त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था को सुझाया। प्रांतों के छोटे अथवा बड़े गुट बनाने के अधिकार की पुष्टि की तथा प्रांतों को अ, ब और स तीन श्रेणियों में विभक्त किया।
  •  इसका उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन से भारतीय नेतृत्व को शांति और व्यवस्था के साथ सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करना
  • एक संविधान सभा का गठन करना था। यह मिशन भारतीय नेताओं से बातचीत के माध्यम से भारत के राजनीतिक ढांचे का निर्धारण करना चाहता था
  • ताकि देश के विभिन्न समुदायों की सहमति से नए राजनीतिक तरीके अपनाए जा सकें।
  • कैबिनेट मिशन की प्रमुख बातें यह थीं:
  • मिशन का नेतृत्व सर स्टैफोर्ड क्रिप्स ने किया।
  • यह तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल था जिसे ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने भेजा था।
  • मिशन भारत को एक संघीय ढांचे के तहत एकजुट रखने का प्रस्ताव लेकर आया। इसके तहत केंद्र सरकार के पास सीमित अधिकार होंगे और मुख्य रूप से रक्षा, विदेश नीति और संचार के विषय होंगे, जबकि अन्य अधिकार प्रांतों को दिए जाएंगे।
  • इसमें एक संविधान सभा का गठन शामिल था, जिसमें प्रांतीय और रियासी सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व होगा।
  • मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को स्वायत्तता देने का प्रावधान था।
  • इस मिशन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सहमति बनवाने की कोशिश की, लेकिन अंततः दोनों पक्षों के मतभेदों के कारण इसका प्रस्ताव पूरी तरह सफल नहीं हो सका।
  • इसके परिणामस्वरूप भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का निर्माण हुआ।
  • कैबिनेट मिशन को भारत में सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अंतिम गंभीर कोशिश माना जाता है
  • जिसने आगे चलकर संविधान सभा की स्थापना का रास्ता तैयार किया।
  • इस प्रकार, कैबिनेट मिशन 1946 में भारत आया था ताकि ब्रिटिश शासन से भारतीयों को सत्ता हस्तांतरित करने और संविधान बनाने के लिए एक रूपरेखा बनाई जा सके, परंतु तत्कालीन राजनीतिक मतभेदों के चलते इसका उद्देश्य पूरी तरह