कोशिका (जीव विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 35

1. कोशिकीय अंगक के किस घटक का मुख्य कार्य द्रव्य को संवेष्टित कर अंतर-कोशिकी लक्ष्य तक पहुंचाना या कोशिका के बाहर स्रवण करना है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) गॉल्जीकाय
Solution:
  • गॉल्जीकाय (Golgi apparatus), जिसे गॉल्जी कॉम्प्लेक्स या गॉल्जी बॉडी भी कहा जाता है
  • कोशिका का एक महत्वपूर्ण अंगक है।
  • इसका मुख्य कार्य प्रोटीन और लिपिड को संशोधित करना, छांटना, संवेष्टित करना (पैकेजिंग)
  • उन्हें उनके सही गंतव्य तक पहुंचाना है।
  • ये गंतव्य या तो कोशिका के भीतर विभिन्न अंगक हो सकते हैं
  • कोशिका के बाहर स्रावित होने वाले पदार्थ हो सकते हैं। इसे अक्सर कोशिका का "डाकघर" कहा जाता है।
  • मुख्य कार्य
    • गॉल्जीकाय द्रव्य को संवेष्टित कर कोशिका के भीतर लाइसोसोम या अन्य अंगकों तक पहुँचाता है
    • प्लाज्मा झिल्ली के बाहर स्रावित करता है। अंतर्द्रव्यी जालिका से प्राप्त प्रोटीन और लिपिड पुटिकाओं (vesicles) में आते हैं
    • जो cis face पर विलीन होकर सिस्टर्न के माध्यम से संशोधित (ग्लाइकोसिलेशन, सल्फेटेशन) होते हैं
    • स्रावी पुटिकाओं द्वारा निर्यात होते हैं।
    • यह लाइसोसोम निर्माण और कोशिका भित्ति/झिल्ली के घटकों के संश्लेषण में भी सहायक है।​
  • अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएँ
    • पादप कोशिकाओं में इसे जालिकाय कहते हैं
    • जो पेक्टिन और हेमीसेलुलोज़ संश्लेषित कर कोशिका भित्ति बनाता है।​
    • यह प्रोटीनों को क्रमबद्ध (sorting) कर सही गंतव्य तक पहुँचाता है
    • जैसे स्रावी ग्रंथियों में हार्मोन या एंजाइम का निर्माण।​
    • कोशिका विभाजन में ध्रुवीकरण और स्राव प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।​

2. केंद्रक एवं कोशिका झिल्ली के मध्य एक जेली के समान मौजूद पदार्थ को क्या कहते हैं? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) कोशिका द्रव्य
Solution:
  • कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) वह जेली जैसा पदार्थ है
  • जो कोशिका झिल्ली के अंदर और केंद्रक के बाहर पाया जाता है।
  • इसमें कोशिका के विभिन्न अंगक (जैसे माइटोकॉण्ड्रिया, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम, राइबोसोम आदि) निलंबित रहते हैं।
  • कोशिका के अधिकांश उपापचयी (metabolic) कार्य इसी कोशिका द्रव्य में होते हैं।
  • संरचना
    • कोशिकाद्रव्य कोशिका झिल्ली के अंदर केंद्रक के बाहर का क्षेत्र होता है
    • जिसमें साइटोसॉल (cytosol) नामक जलीय द्रव्य मुख्य घटक है।
    • यह 70-80% जल से बना होता है, जिसमें प्रोटीन, लिपिड, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और अन्य अणु घुले रहते हैं।
    • इसमें कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जीकाय, राइबोसोम, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम आदि निलंबित रहते हैं।​
  • गुण एवं कार्य
    • कोशिकाद्रव्य जेली जैसा चिपचिपा और अर्ध-तरल होता है, जो कोशिका को आकार प्रदान करता है
    • रासायनिक अभिक्रियाओं का स्थल है। यह पोषक तत्वों का परिवहन करता है
    • अपशिष्ट को बाहर निकालता है, तथा कोशिका विभाजन में भाग लेता है।
    • इसमें साइटोस्केलेटन तंतु (माइक्रोफिलामेंट्स, इंटरमीडिएट फिलामेंट्स) मौजूद होते हैं
    • जो गति और संरचना नियंत्रित करते हैं।​​
  • महत्व
    • कोशिकाद्रव्य जीवन की सभी मौलिक क्रियाओं का केंद्र है, जैसे श्वसन, प्रोटीन संश्लेषण और ऊर्जा उत्पादन।
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में यह केंद्रक के अभाव में सभी क्रियाएँ करता है
    • जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक के बाहर के अधिकांश चयापचय यहाँ होते हैं।​

3. निम्नलिखित में से क्या कोशिका के तीन मुख्य भागों में से एक नहीं है? [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) रिक्तिका
Solution:
  • सभी यूकैरियोटिक कोशिकाओं में एक केंद्रक पाया जाता है, जो अतिमहत्वपूर्ण है।
  • यह कोशिका के सूचना प्रसंस्करण एवं नियंत्रण केंद्र के रूप में कार्य करता है।
  • कोशिका द्रव्य कोशिका को उसका आकार देने एवं उसके अंदर के भाग के गति में सहायता प्रदान करता है।
  • कोशिका झिल्ली प्रोटीन, वसा एवं अल्प मात्रा में कार्बोहाइड्रेट की परतों से बनी होती है
  • जो कोशिकाओं को घेरती है एवं कोशिका के आंतरिक भाग को उसके बाहरी वातावरण से अलग करती है।
  • इस प्रकार रिक्तिका कोशिका का प्रमुख भाग नहीं है।
  • कोशिका के मुख्य भाग
    • कोशिका कोशिकाओं का मूलभूत इकाई है और इसके तीन प्रमुख भाग इस प्रकार कार्य करते हैं।
    • प्लाज्मा झिल्ली कोशिका का बाहरी आवरण है जो सुरक्षा प्रदान करती है
    • पदार्थों का आदान-प्रदान नियंत्रित करती है। कोशिका द्रव्य केंद्रक को छोड़कर शेष जेली जैसा पदार्थ है
    • जिसमें माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी तंत्र आदि कोशिकांग मौजूद होते हैं।
    • केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र है जो आनुवंशिक जानकारी (डीएनए) रखता है।​
  • प्रत्येक भाग की विस्तृत संरचना
    • प्लाज्मा झिल्ली: यह लिपिड और प्रोटीन से बनी अर्धपारगम्य झिल्ली है
    • जो कोशिका को आकार देती है तथा चुनिंदा पारगम्यता दिखाती है।
    • यह सक्रिय तथा निष्क्रिय परिवहन द्वारा पदार्थों को नियंत्रित करती है।​
    • कोशिका द्रव्य: इसमें साइटोसॉल और विभिन्न कोशिकांग जैसे राइबोसोम (प्रोटीन संश्लेषण), लाइसोसोम (पाचन) तथा
    • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (परिवहन) शामिल हैं। यह चयापचय प्रक्रियाओं का स्थल है।​
    • केंद्रक: दोहरी झिल्ली से घिरा, इसमें न्यूक्लियोप्लाज्म, न्यूक्लिओलस और गुणसूत्र होते हैं।
    • यह जीन अभिव्यक्ति और कोशिका विभाजन को नियंत्रित करता है।​
  • क्या मुख्य भाग नहीं है?
    • यदि विकल्प जैसे रिसेप्टर्स, माइटोकॉन्ड्रिया या गॉल्जी तंत्र दिए जाते
    • तो रिसेप्टर्स कोशिका के संरचनात्मक मुख्य भागों में से एक नहीं है क्योंकि यह कार्यात्मक प्रोटीन है
    • कोशिकांग कोशिका द्रव्य के हिस्से हैं, लेकिन तीन मुख्य भागों में स्वतंत्र रूप से गिने नहीं जाते।
    • समग्र रूप से, कोशिका के तीन मुख्य भाग ऊपर वर्णित हैं
    • इनसे भिन्न कोई भी संरचना मुख्य नहीं मानी जाती।​

4. सर्वप्रथम कॉर्क की कोशिकाओं की खोज ....... ने 1665 में की। [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) रॉबर्ट हुक
Solution:
  • रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) एक अंग्रेजी वैज्ञानिक थे
  • जिन्होंने 1665 में अपनी पुस्तक 'माइक्रोग्राफिया' में कॉर्क के पतले टुकड़े का माइक्रोस्कोप से अवलोकन करने का वर्णन किया।
  • उन्होंने देखा कि कॉर्क में मधुमक्खी के छत्ते जैसी छोटी-छोटी खाली जगहें थीं
  • जिन्हें उन्होंने 'सेलुला' (छोटे कमरे) कहा। यहीं से 'कोशिका' (cell) शब्द की उत्पत्ति हुई।
  • खोज का विवरण
    •  उन्होंने पाया कि कॉर्क शहद के छत्ते जैसी संरचना से बना है
    • जिसमें असंख्य छोटी-छोटी खाली कोठरियां या डिब्बे थे।
    • इन्हें देखकर उन्हें मठों में भिक्षुओं के छोटे कमरों (सेल) की याद आई, इसलिए उन्होंने इन्हें "सेल" (कोशिका) नाम दिया
    • जो लैटिन शब्द "सेलुला" से लिया गया है।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • यह खोज 17वीं शताब्दी में सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार के बाद हुई
    • जब वैज्ञानिक छोटे-छोटे वस्तुओं को देखने में सक्षम हुए। हुक की यह खोज "माइक्रोग्राफिया" नामक पुस्तक में वर्णित है
    • जो 1665 में प्रकाशित हुई और जिसमें उन्होंने 60 से अधिक चित्रों के साथ अपनी खोजें साझा कीं।
    • हालांकि, हुक द्वारा देखी गई कोशिकाएं मृत पादप कोशिकाओं की भित्तियां थीं, न कि जीवित कोशिकाएं।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • साधन: सरल सूक्ष्मदर्शी (compound microscope), जिसकी आवर्धन क्षमता लगभग 50-100 गुना थी।
    • वास्तविक संरचना: कॉर्क की कोशिकाएं खाली दिखीं क्योंकि जीवित कोशिका का प्रोटोप्लाज्म सूख चुका था।
    • नामकरण: "कोशिका" शब्द का पहला प्रयोग हुक ने ही किया, जो जीव विज्ञान में क्रांति लाया।
  • बाद की प्रगति
    • जीवित कोशिकाओं की खोज बाद में एंटोनी वैन लीuwenहॉक ने 1674 में की
    • जिन्हें सूक्ष्म जीव विज्ञान का जनक कहा जाता है।
    • फिर 1838-39 में श्लाइडेन और श्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया
    • जिसमें कहा गया कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।

5. कोशिका के किस घटक में कोशिका का आनुवंशिक पदार्थ, DNA होता है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) केंद्रक
Solution:
  • कोशिका के केंद्रक में आनुवंशिक पदार्थ, DNA होता है। केंद्रक (Nucleus) की खोज सर्वप्रथम रॉबर्ट ब्राउन ने किया था।
  • प्रायः एक कोशिका में एक केंद्रक पाया जाता है।
  • इसमें आनुवंशिक पदार्थ पाए जाने के कारण इसका प्रमुख कार्य जीवों के पैतृक लक्षणों (parental character) को संतान (offspring) में भेजना है।
  • DNA का मुख्य स्थान
    • सामान्यतः यूकेरियोटिक कोशिकाओं (जैसे पादप, जंतु कोशिकाएं) में अधिकांश आनुवंशिक जानकारी केन्द्रक के अंदर डीऑक्सी राइबोन्यूक्लियोप्रोटीन तंतुओं के जाल में संग्रहित होती है।
    • कोशिका विभाजन के दौरान ये तंतु संघनित होकर स्पष्ट गुणसूत्र बनाते हैं।​
  • अन्य स्थान
    • यूकेरियोटिक कोशिकाओं में DNA केन्द्रक के अलावा माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक, केवल पादपों में) में भी थोड़ी मात्रा में पाया जाता है, जिसे एक्स्ट्रा-न्यूक्लियर DNA कहते हैं।
    • प्रोकेरियोटिक कोशिकाओं (जैसे बैक्टीरिया) में न्यूक्लियस न होने से DNA न्यूक्लिओइड क्षेत्र में कोशिकाद्रव्य में वृत्ताकार गुणसूत्र या प्लास्मिड के रूप में विद्यमान रहता है।
    • ये द्वितीयक DNA कोशिका के मुख्य आनुवंशिक पदार्थ का प्रतिनिधित्व नहीं करते।​​
  • कार्य और महत्व
    • DNA आनुवंशिक लक्षणों का वाहक होता है
    • जो प्रोटीन संश्लेषण के माध्यम से कोशिका के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है।
    • केन्द्रक के DNA से जीन बनते हैं, जो मेसेंजर RNA के रूप में प्रतिलेखित होकर प्रोटीन निर्माण निर्देश देते हैं।
    • इसकी दोहरी सर्पिल संरचना स्थिरता प्रदान करती है।​

6. एक परमाणु झिल्ली के साथ सुव्यवस्थित केंद्रक वाली कोशिकाओं को ....... के रूप में नामित किया जाता है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) यूकैरियोटिक कोशिकाएं
Solution:
  • एक परमाणु झिल्ली के साथ सुव्यवस्थित केंद्रक वाली कोशिकाओं को यूकैरियोटिक कोशिकाओं के रूप में जाना जाता है।
  • केंद्रक में कोशिका का DNA संगृहीत होता है।
  • ये कोशिकाएं सामान्यतया प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की तुलना में जटिल एवं बड़ी होती हैं।
  • इन कोशिकाओं में माइटोकॉण्ड्रिया, अंतःप्रद्रव्यी जालिका तथा राइबोसोम सहित विभिन्न प्रकार के कोशिकांग होते हैं
  • जो झिल्ली से घिरे होते हैं एवं विशिष्ट कार्य करते हैं।
  • यूकैरियोटिक कोशिकाओं की मुख्य विशेषताएँ
    • यूकैरियोटिक कोशिकाओं में एक स्पष्ट केंद्रक होता है, जो दोहरी परमाणु झिल्ली (nuclear envelope) से घिरा होता है।
    • यह झिल्ली केंद्रक के अंदर डीएनए को सुरक्षित रखती है और कोशिका के अन्य भागों से अलग करती है।
    • केंद्रक में गुणसूत्र (chromosomes) रैखिक रूप में व्यवस्थित होते हैं, जो जीन अभिव्यक्ति को नियंत्रित करते हैं।​
    • ये कोशिकाएँ प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं से बड़ी (10-100 माइक्रॉन) होती हैं
    • झिल्ली-बद्ध कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम आदि से युक्त होती हैं।
    • कोशिका विभाजन सूत्रीविभाजन (mitosis) या अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) द्वारा होता है।​
  • कार्य और महत्व
    • केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र है
    • जहाँ डीएनए प्रतिलिपिकरण (transcription) और प्रोटीन संश्लेषण की शुरुआत होती है।
    • परमाणु झिल्ली में न्यूक्लियर पोर्स होते हैं, जो मैक्रोमॉलिक्यूल्स के आदान-प्रदान को नियंत्रित करते हैं।
    • ये कोशिकाएँ बहुकोशिकीय जीवों में विशेषीकरण की अनुमति देती हैं, जिससे जटिल जीवन रूप विकसित होते हैं।​
  • उदाहरण और वितरण
    • पौधे कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट, जंतु कोशिकाओं में सेंट्रिओल, तथा कवक में विशेष संरचनाएँ पाई जाती हैं।
    • सभी यूकैरियोटिक कोशिकाएँ पौधे, जंतु, प्रोटिस्ट और कवक में विद्यमान हैं।​

7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) जंतुओं में कोशिका भित्ति पाई जाती है।
Solution:
  • माइटोकॉण्ड्रिया को कोशिका का पॉवर हाउस (बिजली घर) कहा जाता है।
  • कोशिका झिल्ली को प्लाज्मा झिल्ली के नाम से भी जाना जाता है
  • क्रोमोसोम DNA एवं प्रोटीन के बने होते हैं; परंतु जंतुओं में कोशिका भित्ति नहीं पाई जाती है।
  • कोशिका भित्ति का पाया जाना पादप कोशिका की विशेषता है।
  • यूकैरियोटिक कोशिकाओं के सही तथ्य
    • यूकैरियोटिक कोशिकाओं में डीएनए एक सुव्यवस्थित केंद्रक में रैखिक गुणसूत्रों के रूप में पाया जाता है
    • जो हिस्टोन प्रोटीनों से जुड़ा होता है।
    • ये कोशिकाएँ झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से युक्त होती हैं।
    • कोशिका विभाजन सूत्रीविभाजन या अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा होता है, न कि द्विखंडन से।​
  • सामान्यतः गलत समझे जाने वाले कथन
    • निम्नलिखित कथनों में से एक गलत है, जो परीक्षाओं में अक्सर आता है:
    • कथन 1: यूकैरियोटिक कोशिकाओं में परमाणु झिल्ली युक्त केंद्रक होता है (सही)।
    • कथन 2: इनमें झिल्ली-बद्ध कोशिकांग मौजूद होते हैं (सही)।
    • कथन 3: डीएनए न्यूक्लियॉइड क्षेत्र में बिखरा होता है (गलत)।
    • कथन 4: आकार 10-100 माइक्रॉन होता है (सही)।
    • कथन 5: कोशिका विभाजन माइटोसिस द्वारा होता है (सही)।
    • गलत कथन 3 है, क्योंकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में डीएनए केंद्रक में व्यवस्थित होता है
    • प्रोकैरियोटिक की तरह न्यूक्लियॉइड में।​​
  • क्यों होता है यह भ्रम
    • कई छात्र प्रोकैरियोटिक (जैसे जीवाणु) और यूकैरियोटिक (जैसे मानव कोशिका) के बीच अंतर भूल जाते हैं
    • जहाँ प्लास्मिड केवल प्रोकैरियोटिक में प्रमुख होते हैं। यूकैरियोटिक में माइटोकॉन्ड्रिया में अपना डीएनए होता है
    • लेकिन मुख्य डीएनए केंद्रक में रैखिक होता है। यह भ्रम दूर करने से जीवविज्ञान की अवधारणाएँ स्पष्ट होती हैं।​

8. निम्नलिखित में से क्या जीवन की संरचनात्मक और मौलिक इकाई है? [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) कोशिका
Solution:
  • कोशिका' जीवन की संरचनात्मक एवं मौलिक इकाई है, जो किसी जीव के सभी आवश्यक कार्य को कर सकती है।
  • कोशिकाएं दो प्रकार की होती हैं- (1) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं, जो सरल एवं आद्य प्रकार की होती हैं।
  • (II) यूकैरियोटिक कोशिकाएं, जो केंद्रक एवं विभिन्न अंगक वाली जटिल कोशिकाएं होती हैं।
  • कोशिका की परिभाषा
    • कोशिका झिल्ली, साइटोप्लाज्म, केंद्रक और विभिन्न कोशिका अंगकों से सुसज्जित होती है
    • जो मिलकर ऊतक, अंग और अंगतंत्र बनाते हैं। कोशिका को क्रियात्मक इकाई माना जाता है
    • क्योंकि यह चयापचय, वृद्धि, प्रजनन, श्वसन और उत्सर्जन जैसी सभी जीवन प्रक्रियाओं को संचालित करती है।​
  • कोशिका का महत्व
    • कोशिकाएँ स्वयं को विभाजित करके नई कोशिकाएँ बना सकती हैं
    • जो कोशिका सिद्धांत का मूल आधार है—सभी कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
    • यह सिग्नलिंग मार्गों के माध्यम से अन्य कोशिकाओं से संवाद करती हैं
    • जिससे जीव पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया दे पाता है।
    • रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क के टुकड़े में कोशिकाओं की खोज
    • श्लाइडेन तथा स्वैन ने कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया।​
  • कोशिका के प्रकार
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ: सरल संरचना वाली, बिना केंद्रक की (जैसे जीवाणु), छोटे आकार की।​
    • यूकेरियोटिक कोशिकाएँ: जटिल, केंद्रक और अंगकयुक्त (जैसे पादप एवं जंतु कोशिकाएँ), प्लास्टिड्स और कोशिका भित्ति पादपों में पाई जाती हैं।​​
  • अन्य विकल्पों से तुलना
    • ऊतक कोशिकाओं का समूह होता है, एंजाइम रासायनिक प्रतिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने वाले प्रोटीन हैं
    • जबकि हार्मोन संकेतक अणु हैं—ये सभी महत्वपूर्ण हैं लेकिन कोशिका की तरह स्वतंत्र जीवन प्रक्रियाएँ नहीं चला सकते।
    • कोशिका ही वह आधारभूत इकाई है जो इन्हें समर्थन प्रदान करती है।​

9. कोशिका विभाजन की प्रक्रिया में, दो संतति केंद्रकों (daughter nuclei) के बीच फ्रैग्मोप्लास्ट (phragmoplast) का निर्माण ....... के दौरान होता है। [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) कोशिकाद्रव्य विभाजन
Solution:
  • कोशिका विभाजन की प्रक्रिया में, दो संतति केंद्रकों (daughter nuclei) के बीच फ्रैग्मोप्लास्ट (phragmoplast) का निर्माण कोशिकाद्रव्य विभाजन (Cytokinesis) के दौरान होता है।
  • फ्रैग्मोप्लास्ट पादप कोशिका की विशिष्ट संरचना है, जो देर से साइटोकाइनेसिस के दौरान बनती है।
  • फ्रैग्मोप्लास्ट क्या है?
    • फ्रैग्मोप्लास्ट एक अस्थायी संरचना है जो माइक्रोट्यूब्यूल्स (microtubules), एक्टिन फिलामेंट्स
    • अन्य प्रोटीनों से बनी होती है।
    • यह समसूत्री विभाजन (mitosis) के तेलोफेज़ (telophase) चरण के अंत और साइटोकाइनेसिस की शुरुआत में बनना प्रारंभ होती है।
    • पादप कोशिकाओं में, जहां कठोर कोशिका भित्ति मौजूद होती है
    • फ्रैग्मोप्लास्ट कोशिका के मध्य भाग में दो ध्रुवों (poles) के बीच एक जाल जैसी संरचना (lattice-like structure) का रूप ले लेती है।
    • यह गॉल्जी निकायों (Golgi bodies) से निकलने वाले वेसिकल्स को मध्यान्वेषी क्षेत्र (equatorial plane) की ओर निर्देशित करती है।​
  • निर्माण का समय और प्रक्रिया
    • फ्रैग्मोप्लास्ट का निर्माण मुख्यतः साइटोकाइनेसिस के दौरान होता है, जो समसूत्री विभाजन के अंतिम चरणों में आरंभ होता है।
    • तेलोफेज़ में, जब दो संतति केंद्रक अलग हो जाते हैं
    • स्पिंडल फाइबर्स (spindle fibers) विघटित होकर माइक्रोट्यूब्यूल्स के नए जाल का निर्माण करते हैं।
    • ये माइक्रोट्यूब्यूल्स समानांतर रूप से व्यवस्थित होकर फ्रैग्मोप्लास्ट बनाते हैं, जो धीरे-धीरे विस्तारित होती है।
    • इस प्रक्रिया में एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (endoplasmic reticulum) और डिक्टियोसोम्स
    • जो गॉल्जी उपकरण हैं) सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे वेसिकल्स उत्पन्न करते हैं
    • जो फ्रैग्मोप्लास्ट के मध्य भाग में एकत्रित होकर कोशिका प्लेट बनाते हैं।​​
    • यह निर्माण पशु कोशिकाओं में नहीं होता
    • क्योंकि पशु कोशिकाओं में साइटोकाइनेसिस क्लेवेज फुरो (cleavage furrow) द्वारा होती है।​
  • कोशिका प्लेट का निर्माण और भूमिका
    • फ्रैग्मोप्लास्ट कोशिका प्लेट के गठन का केंद्र कार्य करती है:
    • गॉल्जी-व्युत्पन्न वेसिकल्स फ्रैग्मोप्लास्ट के बीच में फ्यूज होकर प्लाज्मा मेम्ब्रेन, पेक्टिन और अन्य पॉलीसैकेराइड्स जमा करते हैं।
    • यह प्लेट अपकेन्द्रीय दिशा (centrifugal direction) में फैलती है
    • जनक कोशिका की पार्श्व भित्ति तक पहुंचकर दो संतति कोशिकाओं को अलग कर देती है।
    • प्लेट के दोनों ओर सेल्यूलोज, हेमीसेल्यूलोज और पेक्टिन जमा होकर प्राथमिक कोशिका भित्ति (primary cell wall) बनाते हैं।
    • फ्रैग्मोप्लास्ट अपनी भूमिका पूर्ण करने के बाद अदृश्य हो जाती है।​
    • यह प्रक्रिया पादप कोशिकाओं की वृद्धि और ऊतक निर्माण के लिए आवश्यक है।

10. 1600 के वर्षों के दौरान लैटिन शब्द 'सेलुला' (cellula) से 'सेल (कोशिका)' शब्द किसने बनाया, जिसका अर्थ है 'छोटा कमरा' (small room)? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) रॉबर्ट हुक
Solution:
  • 1600 के वर्षों के दौरान लैटिन शब्द 'सेलुला' (Cellula) से 'सेल' (कोशिका) शब्द रॉबर्ट हुक ने बनाया, जिसका अर्थ है
  • छोटा कमरा' (small room)। रॉबर्ट हुक ने 1665 ई. में बोतल की कॉर्क की एक पतली परत के आधार पर मधुमक्खी के छत्ते
  • जैसे कोष्ठ देखे और इन्हें कोशिका नाम दिया। यह तथ्य उनकी पुस्तक माइक्रोग्राफिया (micrographia) में छपा।
  • उत्पत्ति का ऐतिहासिक संदर्भ
    • रॉबर्ट हुक, एक अंग्रेजी वैज्ञानिक, ने 1665 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक माइक्रोग्राफिया में पहली बार "सेल" शब्द का जैविक संदर्भ में उपयोग किया।
    • उन्होंने स्वयं निर्मित सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क (oak bark) की पतली परत का निरीक्षण किया
    • जो मधुमक्खी के छत्ते जैसी संरचनाओं से भरी दिखी—प्रत्येक छोटा डिब्बा "सेलुला" जैसा लगा।
    • यह शब्द पहले मठों के छोटे कमरों या कैदखानों के लिए प्रयुक्त होता था, लेकिन हुक ने इसे जीव विज्ञान में अपनाया।​
  • हुक का योगदान विस्तार से
    • हुक ने कॉर्क की मृत कोशिका भित्तियों को देखा, जो जीवित कोशिकाओं से खाली थीं
    • फिर भी उनकी खोज ने कोशिका अवलोकन की नींव रखी। माइक्रोग्राफिया में 38 विस्तृत चित्रों के साथ
    • उन्होंने सूक्ष्म दुनिया को लोकप्रिय बनाया, जिसमें धूल कण, कीड़े और पौधे शामिल थे।
    • उनके कार्य ने एंटोनी वैन लीuwenहोक जैसे वैज्ञानिकों को प्रेरित किया, जिन्होंने जीवित कोशिकाओं को देखा।​
  • शब्द की व्युत्पत्ति
    • "सेलुला" लैटिन "सेला" (cella) का लघु रूप है, अर्थात् "छोटा कमरा या कक्ष।
    • मध्ययुगीन लैटिन में यह भिक्षुओं के कक्षों के लिए था, जो बाद में जैविक "मूल इकाई" के लिए उपयुक्त लगा।
    • आधुनिक कोशिका सिद्धांत (1830-1850) में यह शब्द स्थापित हुआ
    • जिसमें श्लाइडेन, श्वान और विरचो ने योगदान दिया—"ओम्निस सेलुला ई सेलुला" (सभी कोशिकाएँ कोशिकाओं से)।​
  • दीर्घकालिक प्रभाव
    • हुक की खोज ने कोशिका को जीवन की मूल इकाई के रूप में स्थापित किया, जो चार अरब वर्ष पूर्व पृथ्वी पर उभरी।
    • उनके माइक्रोग्राफ ने विज्ञान संचार को बदल दिया और आज भी कोशिका जीवविज्ञान की आधारशिला है।
    • हुक बहुमुखी थे—हुक का नियम (लोच) और खगोल विज्ञान में भी योगदान।​