Correct Answer: (a) M एक अर्धसूत्री विभाजन प्रावस्था है।
Solution:- कोशिका चक्र (Cell Cycle): यह उन घटनाओं का अनुक्रम है जो एक कोशिका में अपने जीवन काल के दौरान होती हैं
- जिसमें वृद्धि, DNA प्रतिकृति और कोशिका विभाजन शामिल है। इसके मुख्य चरण हैं:
- इंटरफ़ेस (Interphase):
- G₁ चरण (Gap 1): कोशिका वृद्धि होती है और प्रोटीन संश्लेषण होता है।
- S चरण (Synthesis): DNA प्रतिकृति होती है, जिससे गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
- G₂ चरण (Gap 2): कोशिका विभाजन के लिए तैयारी करती है, प्रोटीन संश्लेषण जारी रहता है।
- M चरण (Mitotic phase): वास्तविक कोशिका विभाजन होता है।
- यदि प्रश्न सामान्य कोशिका चक्र के बारे में है, तो M-प्रावस्था को आमतौर पर समसूत्री विभाजन माना जाता है
- जो दैहिक कोशिकाओं में होता है। अर्धसूत्री विभाजन एक विशिष्ट प्रकार का विभाजन है
- जो युग्मक (gametes) बनाने के लिए होता है। इसे केवल 'अर्धसूत्री विभाजन प्रावस्था' कहना गलत है
- क्योंकि M-प्रावस्था में समसूत्री विभाजन भी शामिल है।
- अधिक सामान्य संदर्भ में, M-प्रावस्था में केंद्रक विभाजन (केंद्रक का विभाजन) और कोशिका द्रव्य विभाजन (कोशिका द्रव्य का विभाजन) शामिल होता है।
- चक्र के प्रमुख चरण
- अंतरावस्था (Interphase): G1 (वृद्धि और प्रोटीन संश्लेषण), S (DNA प्रतिकृति), G2 (तैयारी और आगे वृद्धि)।
- M अवस्था (Mitosis phase): समसूत्री विभाजन (केंद्रक विभाजन) और कोशिका द्रव्य विभाजन
- जो दो समान संतति कोशिकाएँ बनाती है ।
- G0 अवस्था स्थायी रूप से विभाजन से बाहर कोशिकाओं के लिए होती है, जैसे तंत्रिका कोशिकाएँ ।
- सामान्य गलत कथन
- सबसे आम गलत कथन यह है कि "M चरण में अर्धसूत्री विभाजन होता है
- यह सही नहीं क्योंकि M चरण केवल समसूत्री विभाजन (mitosis) को दर्शाता है
- अर्धसूत्री (meiosis) अलग प्रक्रिया है जो गैमेट निर्माण में होती है ।
- दूसरा गलत कथन हो सकता है "DNA प्रतिकृति पूरे चक्र में सतत होती है
- वास्तव में यह केवल S चरण में सीमित है । G1 में DNA मात्रा अपरिवर्तित रहती है
- केवल RNA और प्रोटीन संश्लेषण बढ़ता है ।