कोशिका (जीव विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 35

21. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, जंतु कोशिकाओं में नहीं पाया जाता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) प्लास्टिड
Solution:
  • प्लास्टिड (Plastids): ये कोशिका अंगक हैं जो मुख्य रूप से पादप कोशिकाओं और शैवाल में पाए जाते हैं।
  • इनमें क्लोरोप्लास्ट (प्रकाश संश्लेषण के लिए), क्रोमोप्लास्ट (रंग के लिए) और ल्यूकोप्लास्ट (भोजन भंडारण के लिए) शामिल हैं।
  • जंतु कोशिकाओं में प्लास्टिड नहीं पाए जाते।
  • मुख्य अंतर
    • जंतु कोशिकाएँ और पादप कोशिकाओं के बीच सबसे प्रमुख अंतर कोशिका भित्ति का है।
    • पादप कोशिकाओं में सेल्यूलोज़ से बनी कठोर कोशिका भित्ति होती है
    • जो कोशिका को आकार, कठोरता और सुरक्षा प्रदान करती है
    • लेकिन जंतु कोशिकाओं में केवल लचीली प्लाज़्मा झिल्ली (Plasma Membrane) मौजूद होती है।
    • यह अंतर इसलिए है क्योंकि जंतुओं को गतिशीलता और लचीलापन चाहिए होता है।​
  • अन्य सामान्य विकल्प
    • प्रश्नों में अक्सर हरितलवक (Chloroplast), प्लास्टिड (Plastids) या केंद्रीय रिक्तिका जैसे विकल्प आते हैं:
    • हरितलवक: केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है, जो प्रकाश संश्लेषण के लिए ज़रूरी है।
    • जंतु भोजन से ऊर्जा प्राप्त करते हैं, इसलिए उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं।​
    • प्लास्टिड: प्रकाश संश्लेषण, भंडारण आदि के लिए पादपों में होते हैं, जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित।​
    • कोशिका भित्ति: सबसे स्पष्ट उदाहरण, जंतु कोशिकाओं में पूरी तरह अनुपस्थित।​
  • जंतु कोशिकाओं की संरचना
    • जंतु कोशिकाएँ यूकेरियोटिक होती हैं
    • जिनमें नाभिक माइटोकॉन्ड्रिया  गॉल्जी बॉडी  एंडोप्लाज़्मिक रेटिकुलम (ER), राइबोसोम लाइसोसोम और सेंट्रिओल पाए जाते हैं।
    • छोटी रिक्तिकाएँ (Vacuoles) भी मौजूद होती हैं, लेकिन बड़ी केंद्रीय रिक्तिका नहीं।
    • ये सभी अंगक जंतु कोशिकाओं में ऊर्जा उत्पादन, प्रोटीन संश्लेषण और अन्य कार्यों के लिए ज़रूरी हैं।

22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कोशिका चक्र के बारे में सही नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 15 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) M एक अर्धसूत्री विभाजन प्रावस्था है।
Solution:
  • कोशिका चक्र (Cell Cycle): यह उन घटनाओं का अनुक्रम है जो एक कोशिका में अपने जीवन काल के दौरान होती हैं
  • जिसमें वृद्धि, DNA प्रतिकृति और कोशिका विभाजन शामिल है। इसके मुख्य चरण हैं:
  • इंटरफ़ेस (Interphase):
    • G₁ चरण (Gap 1): कोशिका वृद्धि होती है और प्रोटीन संश्लेषण होता है।
    • S चरण (Synthesis): DNA प्रतिकृति होती है, जिससे गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
    • G₂ चरण (Gap 2): कोशिका विभाजन के लिए तैयारी करती है, प्रोटीन संश्लेषण जारी रहता है।
    • M चरण (Mitotic phase): वास्तविक कोशिका विभाजन होता है।
    • यदि प्रश्न सामान्य कोशिका चक्र के बारे में है, तो M-प्रावस्था को आमतौर पर समसूत्री विभाजन माना जाता है
    • जो दैहिक कोशिकाओं में होता है। अर्धसूत्री विभाजन एक विशिष्ट प्रकार का विभाजन है
    • जो युग्मक (gametes) बनाने के लिए होता है। इसे केवल 'अर्धसूत्री विभाजन प्रावस्था' कहना गलत है
    • क्योंकि M-प्रावस्था में समसूत्री विभाजन भी शामिल है।
    • अधिक सामान्य संदर्भ में, M-प्रावस्था में केंद्रक विभाजन (केंद्रक का विभाजन) और कोशिका द्रव्य विभाजन (कोशिका द्रव्य का विभाजन) शामिल होता है।
  • चक्र के प्रमुख चरण
    • अंतरावस्था (Interphase): G1 (वृद्धि और प्रोटीन संश्लेषण), S (DNA प्रतिकृति), G2 (तैयारी और आगे वृद्धि)।
    • M अवस्था (Mitosis phase): समसूत्री विभाजन (केंद्रक विभाजन) और कोशिका द्रव्य विभाजन
    • जो दो समान संतति कोशिकाएँ बनाती है ।​
    • G0 अवस्था स्थायी रूप से विभाजन से बाहर कोशिकाओं के लिए होती है, जैसे तंत्रिका कोशिकाएँ ।​
  • सामान्य गलत कथन
    • सबसे आम गलत कथन यह है कि "M चरण में अर्धसूत्री विभाजन होता है
    • यह सही नहीं क्योंकि M चरण केवल समसूत्री विभाजन (mitosis) को दर्शाता है
    • अर्धसूत्री (meiosis) अलग प्रक्रिया है जो गैमेट निर्माण में होती है ।
    • दूसरा गलत कथन हो सकता है "DNA प्रतिकृति पूरे चक्र में सतत होती है
    • वास्तव में यह केवल S चरण में सीमित है । G1 में DNA मात्रा अपरिवर्तित रहती है
    • केवल RNA और प्रोटीन संश्लेषण बढ़ता है ।​

23. निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे बड़ा, द्विझिल्ली-बद्ध अंगक है, जिसमें कोशिका की सभी आनुवंशिक जानकारी होती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) नाभिक
Solution:
  • नाभिक (Nucleus) / केंद्रक: यह यूकेरियोटिक कोशिका का सबसे बड़ा और आमतौर पर सबसे प्रमुख अंगक है।
  • यह द्विझिल्ली-बद्ध (double membrane-bound) होता है (जिसे केंद्रकीय आवरण या nuclear envelope कहते हैं)।
  • केंद्रक में कोशिका का अधिकांश आनुवंशिक पदार्थ (DNA) गुणसूत्रों के रूप में होता है
  • जो कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
  • नाभिक की विशेषताएँ
    • जो कोशिका द्रव्य और नाभिक के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान करते हैं।
    • नाभिक के अंदर क्रोमैटिन (डीएनए और प्रोटीन का जटिल) तथा केन्द्रिका (न्यूक्लियोलस) मौजूद होती है
    • जहाँ rRNA का संश्लेषण होता है।​
  • अन्य द्विझिल्ली-बद्ध अंगकों से तुलना
    • कोशिका में अन्य द्विझिल्ली-बद्ध अंगक जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट (पादप कोशिकाओं में), और गॉल्जी निकाय प्रमुख हैं
    • लेकिन नाभिक सबसे बड़ा होता है। माइटोकॉन्ड्रिया में अपना डीएनए होता है
    • किंतु कोशिका की मुख्य आनुवंशिक जानकारी नहीं; क्लोरोप्लास्ट प्रकाश-संश्लेषण के लिए होता है।
    • नाभिक ही कोशिका का नियंत्रण केंद्र है।​
  • नाभिक के कार्य
    • नाभिक जीन अभिव्यक्ति को नियंत्रित करता है, प्रोटीन संश्लेषण का निर्देशन देता है
    • कोशिका विभाजन (माइटोसिस) में गुणसूत्रों का निर्माण करता है।
    • यह कोशिका की वृद्धि, चयापचय और प्रजनन को समन्वित करता है।
    • मानव कोशिका में लगभग 2 मीटर लंबा डीएनए नाभिक में पैक होता है।​
  • संरचना का विस्तार
    • नाभिकीय द्रव्य (न्यूक्लियोप्लाज्म) में क्रोमैटिन दो रूपों में होता है
    • इुक्रोमैटिन (सक्रिय जीन वाला) और हेटरोक्रोमैटिन (निष्क्रिय)।
    • केन्द्रिका प्रोटीन और rRNA का संग्रह स्थल है। प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (जैसे बैक्टीरिया) में नाभिक अनुपस्थित होता है
    • वहाँ न्यूक्लियॉइड होता है।​​

24. निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में जंतु कोशिकाओं के कोशिका द्रव्य में केंद्रकीय आवरण के पास बैरल के आकार के अंगकों का युग्म स्थित होता है, जो कोशिका विभाजन के दौरान गठित 'समसूत्री तर्कु' को अभिविन्यास प्रदान करता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) तारककाय
Solution:
  • तारककाय (Centrosome)
    •  यह जंतु कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक मुख्य सूक्ष्मनलिका-आयोजन केंद्र है।
    • यह आमतौर पर केंद्रक के पास स्थित होता है। तारककाय में बैरल के आकार के दो अंगक होते हैं
    • जिन्हें तारककेंद्र (Centrioles) कहा जाता है, जो एक-दूसरे के समकोण पर स्थित होते हैं
    • एक अक्रिस्टलीय प्रोटीन मैट्रिक्स से घिरे होते हैं।
    • कोशिका विभाजन (विशेषकर समसूत्री विभाजन) के दौरान, तारककाय प्रतिकृति करते हैं
    • कोशिका के विपरीत ध्रुवों की ओर चले जाते हैं।
    • वे समसूत्री तर्कु (mitotic spindle) के निर्माण के लिए एक आधार प्रदान करते हैं
    • जो गुणसूत्रों को संतति कोशिकाओं में समान रूप से वितरित करने के लिए आवश्यक होता है।
  • कोशिका विभाजन में भूमिका
    • समसूत्री विभाजन (माइटोसिस) के प्रोफेज़ चरण में तारककेंद्रक समसूत्री तंत्र के ध्रुवों पर चले जाते हैं।
    • वे स्पिंडल रेशों (माइक्रोट्यूब्यूल्स) का संगठन केंद्र (MTOC) कार्य करते हैं
    • जो गुणसूत्रों को मेटाफेज़ में अभिकेंद्रक रेखा (equatorial plate) पर संरेखित करते हैं।
    • अनाफेज़ में ये गुणसूत्रों को विपरीत ध्रुवों की ओर खींचते हैं।​
  • अन्य कार्य
    • तारककेंद्रक सिलिया और फ्लैजेला के अक्षयी (axoneme) का निर्माण करते हैं
    • जो कोशिका की गति में सहायक होते हैं।
    • वे कोशिका के आकार को बनाए रखने और अन्य अंगकों के स्थान निर्धारण में भी मदद करते हैं।
    • असामान्यताएँ (जैसे साइटोजेनेटिक विकार) कैंसर या प्रजनन संबंधी समस्याएँ उत्पन्न कर सकती हैं।​​

25. साइटोपंजर का कौन-सा अंग लगभग 25 nm व्यास वाली दृढ़ खोखली छड़ें हैं, जो तर्कु तंतु बनाकर कोशिका चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) सूक्ष्मनलिकाएं
Solution:
  • साइटोपंजर (Cytoskeleton) कोशिका के अंदर एक जटिल नेटवर्क है
  • जो कोशिका को आकार, आंतरिक संगठन और गति प्रदान करता है। इसमें तीन मुख्य प्रकार के प्रोटीन तंतु होते हैं:
  • सूक्ष्मनलिकाएं (Microtubules)
    • ये सबसे बड़े व्यास (लगभग 25 nm) वाली दृढ़, खोखली छड़ें होती हैं
    • जो ट्यूबुलिन प्रोटीन से बनी होती हैं। ये कोशिका विभाजन के दौरान तर्कु तंतु (spindle fibers) बनाते हैं
    • जो गुणसूत्रों की गति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
    • वे कोशिका के आकार को बनाए रखने, अंगकों के परिवहन और सिलिया और फ्लैगेला की संरचना में भी भूमिका निभाते हैं।
  • कोशिका चक्र में भूमिका
    • कोशिका चक्र के समसूत्री चरण (M phase) में सूक्ष्मनलिकाएँ समसूत्री तर्कु का निर्माण करती हैं
    • जो गुणसूत्रों को मेटाफेज प्लेट पर संरेखित करने, एनाफेज
    • उन्हें विपरीत ध्रुवों की ओर खींचने और टेलोफेज में नाभिकीय डिवीजन को सुनिश्चित करने में सहायक होती हैं।
    • GTP-आश्रित डायनेन और काइनेटोकोर माइक्रोट्यूब्यूल्स के माध्यम से ये प्रक्रिया नियंत्रित करती हैं।
    • बिना इनके कोशिका विभाजन असफल हो जाता।​
  • अन्य कार्य
    • कोशिका के आकार को बनाए रखना, वेसिकल ट्रांसपोर्ट (काइनेटिन-मोटर प्रोटीन्स द्वारा) और सिग्नलिंग में सहायता।
    • पक्ष्माभ (cilia) और कशाभिका (flagella) की '9+2' संरचना में अक्षीय भाग प्रदान करना।
    • तारककाय (centrioles) सूक्ष्मनलिकाओं से ही बने होते हैं।

26. 1952 में अमेरिकी आणविक जीव विज्ञानी जोशुआ लेडरबर्ग (Joshua Lederberg) द्वारा जीवाणु कोशिकाओं में निम्नलिखित में से क्या पहली बार पाया गया था जिसे उन्होंने प्लाज्मिड नाम दिया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) कोशिका द्रव्य
Solution:
  • वर्ष 1952 में अमेरिकी आणविक जीव विज्ञानी जोशुआ लेडरबर्ग (Joshua Lederberg) द्वारा जीवाणु कोशिकाओं (Bacterial cells) में पहली बार कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) पाया गया था
  • जिसे उन्होंने 'प्लाज्मिड' नाम दिया। प्लाज्मिड आकार में छोटा
  • एक्स्ट्राक्रोमोसोमल डीएनए अणु के आकार में गोलाकार होता है
  • जिसमें स्वतंत्र रूप से दोहराने की क्षमता होती है।
  • प्लाज्मिड की खोज का संदर्भ
    • क्योंकि इससे पहले वैज्ञानिकों का मानना था
    • बैक्टीरिया केवल गुणसूत्रीय डीएनए के माध्यम से आनुवंशिक जानकारी प्रसारित करते हैं।
    • लेडरबर्ग ने इसे "एक्स्ट्राक्रोमोसोमल हेरेडिटरी डिटर्मिनेंट" के रूप में वर्णित किया
    • जो जीवाणुओं की आनुवंशिक विविधता को समझाने में महत्वपूर्ण था।​
  • प्लाज्मिड की संरचना और विशेषताएँ
    • प्लाज्मिड एक छोटा, वृत्ताकार, दोहरी कुंडलित डीएनए अणु होता है
    • जो मुख्य गुणसूत्र से भौतिक रूप से अलग रहता है और स्वतंत्र रूप से प्रतिकृति बनाता है।
    • ये मुख्य रूप से बैक्टीरिया में पाए जाते हैं, लेकिन आर्किया और कुछ यूकेरियोटिक कोशिकाओं में भी मौजूद हो सकते हैं।
    • प्लाज्मिड जीवाणु की वृद्धि या उत्तरजीविता के लिए अनिवार्य नहीं होते
    • लेकिन ये एंटीबायोटिक प्रतिरोध, विषाक्तता या पर्यावरणीय अनुकूलन जैसे लाभ प्रदान करते हैं।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • लेडरबर्ग ने 1946-47 में एडवर्ड टेटम के साथ मिलकर ई. कोलाई बैक्टीरिया में संयुग्मन (conjugation) की खोज
    • जिसके लिए उन्हें 1958 का नोबेल पुरस्कार मिला।
    • 1952 में प्लाज्मिड की अवधारणा ने बैक्टीरियल आनुवंशिक हस्तांतरण को और स्पष्ट किया
    • जिसमें ट्रांसडक्शन (वायरस-मध्यस्थित) भी शामिल था। यह खोज आनुवंशिक इंजीनियरिंग की नींव बनी।​
  • प्लाज्मिड के प्रकार
    • एफ-प्लाज्मिड (F-plasmid): संयुग्मन में भूमिका निभाता है।​
    • आर-प्लाज्मिड (R-plasmid): एंटीबायोटिक प्रतिरोध प्रदान करता है।​
    • कोल-प्लाज्मिड: बैक्टीरियोसिन उत्पादन के लिए।​
    • ये प्रकार आनुवंशिक विविधता बढ़ाते हैं।​
  • जैवप्रौद्योगिकी में महत्व
    • आज प्लाज्मिड का उपयोग वैक्टर के रूप में किया जाता है
    • जिसमें विदेशी जीन डालकर इंसुलिन या वैक्सीन जैसे पुनर्संयोजक प्रोटीन उत्पादित होते हैं।
    • लेडरबर्ग की खोज ने आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी को आकार दिया।​

27. जब एक कोशिका विभाजित नहीं हो रही होती है, तो उसके नाभिक में अत्यधिक विस्तारित और विस्तृत न्यूक्लियो प्रोटीन तंतु होते हैं। इसे क्या कहते हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) क्रोमेटिन
Solution:
  • जब एक कोशिका विभाजित नहीं हो रही होती है
  • तो उसके नाभिक में अत्यधिक विस्तारित और विस्तृत न्यूक्लियो प्रोटीन तंतु होते हैं
  • जिसे क्रोमेटिन धागे (Chromatin threads) कहते हैं।
  • ये धागे एक दूसरे के ऊपर फैलकर एक जाल-सदृश रचना बना लेते हैं
  • जिसे क्रोमेटिन जालिका (Chromatin reticulum) कहते हैं।
  • कोशिका विभाजन (Cell division) के अवसर पर ये धागे एक-दूसरे से पृथक हो जाते हैं
  • सिकुड़कर छोटे व मोटे हो जाते हैं। इन्हें गुणसूत्र कहते हैं।
  • क्रोमैटिन की संरचना
    • क्रोमैटिन डीएनए और प्रोटीन (मुख्य रूप से हिस्टोन प्रोटीन) का जटिल संयोजन है
    • जो नाभिक में फैला रहता है। यह इंटरफेज अवस्था (जब कोशिका विभाजन से बाहर होती है
    • धागों जैसी लंबी, पतली और विस्तारित संरचना के रूप में दिखाई देता है
    • जो गुणसूत्रों का ही असंगठित रूप होता है।
    • हिस्टोन प्रोटीन डीएनए को न्यूक्लियोसोम नामक मोतियों जैसी संरचनाओं में लपेटते हैं
    • जिससे यह कॉम्पैक्ट रहते हुए भी जीन अभिव्यक्ति के लिए सुलभ बना रहता है।​
  • विभाजन अवस्था में अंतर
    • कोशिका विभाजन (माइटोसिस) के दौरान क्रोमैटिन घनीभूत होकर क्रोमोसोम (chromosomes) में परिवर्तित हो जाता है
    • जो स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य संरचनाएँ बन जाते हैं।
    • लेकिन विभाजन न होने पर यह फैला हुआ क्रोमैटिन ही प्रमुख होता है
    • जो नाभिकीय मैट्रिक्स और न्यूक्लियोलस के साथ मिलकर नाभिक की जटिल आंतरिक संरचना बनाता है।
    • दो प्रकार के क्रोमैटिन होते हैं: यूक्रोमैटिन (सक्रिय, ढीला) जो जीन ट्रांसक्रिप्शन के लिए सक्रिय रहता है
    • हेटरोक्रोमैटिन (घना, निष्क्रिय) जो जीन अभिव्यक्ति को दबाता है।​
  • कार्य और महत्व
    • क्रोमैटिन कोशिका के सामान्य कार्यों जैसे प्रोटीन संश्लेषण, जीन नियमन और डीएनए प्रतिकृति की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • इंटरफेज के G1, S और G2 चरणों में यह सक्रिय रहता है, जहाँ कोशिका बढ़ती है
    • डीएनए की प्रतिलिपि बनाती है। यह नाभिक को लचीला बनाए रखता है
    • ट्रांसक्रिप्शन फैक्टर और आरएनए पॉलीमरेज आसानी से पहुँच सकें।
    • असामान्य क्रोमैटिन संरचना कैंसर जैसी बीमारियों से जुड़ी हो सकती है।

28. गॉल्जीकाय में, परिपक्व भाग ....... होता है। [CGL (T-I) 01 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अवतल
Solution:
  • गॉल्जीकाय में दो मुख्य सिरे या चेहरे होते हैं:
  • सिस-फेस (Cis-face) / गठनकारी चेहरा (Forming face)
    • यह एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम के पास स्थित होता है
    • उससे वेसिकल्स प्राप्त करता है।
    • यह आमतौर पर उत्तल (convex) होता है।
  • ट्रांस-फेस (Trans-face) / परिपक्व भाग (Maturing face):
    • यह प्लाज्मा झिल्ली की ओर स्थित होता है।
    • यहां से संसाधित प्रोटीन और लिपिड युक्त वेसिकल्स कोशिका के अन्य हिस्सों या कोशिका के बाहर स्रावित होने के लिए निकलते हैं। यह आमतौर पर अवतल (concave) होता है।
  • गॉल्जीकाय की संरचना
    • गॉल्जीकाय एक समतल थैलियों का संचय होता है
    • जो सिस (cis), मीडियन (median) और ट्रांस (trans) भागों में विभाजित रहता है।
    • सिस फलक उत्तल (convex) होता है जो एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER) की ओर होता है
    • जबकि ट्रांस फलक अवतल होता है और कोशिका झिल्ली की ओर निर्देशित रहता है।
    • यह अवतल भाग परिपक्व स्रावी पुटिकाओं (secretory vesicles) और लाइसोसोम का निर्माण करता है।​
  • परिपक्व भाग के कार्य
    • ट्रांस फलक परिपक्व भाग के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहां प्रोटीन और लिपिड का अंतिम प्रसंस्करण होता है।
    • ग्लाइकोसिलेशन (glycosylation) और सॉर्टिंग (sorting) प्रक्रियाएं यहां पूरी होती हैं
    • जिससे ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। लाइसोसोम इसी भाग से उत्पन्न होते हैं
    • जो हाइड्रोलिटिक एंजाइमों से युक्त होते हैं।

29. कोशिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) कोशिका जीवन की क्रियात्मक इकाई है।
Solution:
  • कोशिका, जीवधारियों की संरचना (Structure) एवं जैविक- क्रियाओं (Vital activities) की एक इकाई है
  • जो अवकलीय पारगम्य कला (Differentially permeable membrane) से घिरी होती है
  • जिसमें प्रायः स्वतः जनन की सामर्थ्य होती है। यह विभिन्न जीवों का छोटे-से-छोटा संगठित रूप है
  • जिसमें वे सभी क्रियाएं होती हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से हम जीवन (Life) कहते हैं।
  • अतः कोशिका जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • इसकी खोज राबर्ट हुक (Robert Hooke, 1665 ई.) ने की थी
  • कोशिका का आविष्कार और इतिहास
    • जब उन्होंने कॉर्क के टुकड़े को माइक्रोस्कोप से देखा और छोटे-छोटे कमरों जैसी संरचनाएं देखीं।
    • 1838-39 में मैथियस श्लाइडेन और थियोडोर श्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया
    • जिसमें कहा गया कि सभी पादप और जंतु कोशिकाओं से बने होते हैं
    • कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
    • 1855 में रुडोल्फ विरचो ने जोड़ा कि नई कोशिकाएं पुरानी कोशिकाओं के विभाजन से ही बनती हैं।​
  • कोशिका की संरचना
    • कोशिका मुख्यतः तीन भागों से बनी होती है
    • कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक। कोशिका झिल्ली एक अर्धपारगम्य झिल्ली है
    • जो कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग रखती है और पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है।
    • कोशिकाद्रव्य में जेली जैसा साइटोप्लाज्म होता है
    • जिसमें माइटोकॉन्ड्रिया (ऊर्जा उत्पादन), गॉल्जी बॉडी (स्रावण), राइबोसोम (प्रोटीन संश्लेषण), लाइसोसोम (पाचन) और अन्य कोशिकांग मौजूद होते हैं।
    • केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र है, जिसमें डीएनए और गुणसूत्र होते हैं
    • जो आनुवंशिक जानकारी संग्रहीत करते हैं।​
  • कोशिका के प्रकार
    • कोशिकाओं को दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है: प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक।
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं (जैसे बैक्टीरिया) सरल होती हैं
    • जिनमें केंद्रक झिल्ली नहीं होती और डीएनए साइटोप्लाज्म में तैरता रहता है।
    • यूकैरियोटिक कोशिकाएं (पादप, जंतु, कवक) जटिल होती हैं
    • जिनमें सुसंगठित केंद्रक और झिल्ली युक्त कोशिकांग होते हैं।
    • पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट अतिरिक्त होते हैं
    • जबकि जंतु कोशिकाओं में ये अनुपस्थित होते हैं।​
  • कोशिका का कार्य
    • कोशिका चयापचय (मेटाबॉलिज्म) करती है
    • जिसमें ऊर्जा उत्पादन (माइटोकॉन्ड्रिया द्वारा एटीपी), प्रोटीन संश्लेषण (राइबोसोम द्वारा
    • अपशिष्ट निष्कासन शामिल है।
    • यह विभाजन द्वारा वृद्धि और प्रजनन करती है
    • माइटोसिस द्वारा समान कोशिकाएं और मियोसिस द्वारा अलैंगिक/लैंगिक प्रजनन।
    • कोशिका झिल्ली सक्रिय और निष्क्रिय परिवहन द्वारा पोषक तत्व ग्रहण करती है।​
  • कोशिका सिद्धांत के मुख्य कथन
    • कोशिका सिद्धांत के अनुसार सही कथन हैं: सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं
    • कोशिका संरचना और कार्य की मूल इकाई है; नई कोशिकाएं पूर्व विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
    • गलत कथन जैसे "सभी कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है
    • कोशिकाएं अजैव पदार्थ से बनती हैं" नहीं माने जाते।
    • आधुनिक सिद्धांत में ऊर्जा प्रवाह और आनुवंशिकता का प्रवाह भी शामिल है।​

30. निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना कार्बोहाइड्रेट का संग्रहण करती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) एमाइलोप्लास्ट
Solution:
  • एमाइलोप्लास्ट (Amyloplast) बड़े आकार का अवर्णी अथवा रंगहीन (Lucoplast or colourless) लवक (Plastids) है
  • जिनमें कार्बोहाइड्रेट (मण्ड starch) का संग्रह होता है।
  • ये बीजों (Seeds), जैसे-चावल, गेहूं व मक्का के बीजों में, भूमिगत तनों तथा जड़ों जैसे आलू व शकरकंद में पाए जाते हैं।
  • इलायोप्लास्ट में वसा तथा प्रोटीनोप्लास्ट में प्रोटीन का संग्रह होता है।
  • पौधों में कार्बोहाइड्रेट का संग्रहण मुख्य रूप से एमाइलोप्लास्ट (amyloplasts) नामक संरचना में स्टार्च के रूप में होता है।
  • ये प्लास्टिड पादप कोशिकाओं के भंडारण ऊतकों जैसे जड़ों, कंदों और बीजों में पाए जाते हैं।​
  • मानव शरीर में संग्रहण
    • मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज के रूप में अवशोषित होने के बाद ग्लाइकोजन में परिवर्तित होकर
    • मुख्यतः यकृत (लिवर) और कंकाल मांसपेशियों में संग्रहीत होते हैं। जब ऊर्जा की आवश्यकता होती है
    • तो ग्लाइकोजन ग्लूकोज में टूट जाता है। यह प्रक्रिया ग्लाइकोजेनोलिसिस कहलाती है।​
  • पौधों में संग्रहण
    • पौधों में एमाइलोप्लास्ट स्टार्च कणिकाओं का संश्लेषण और भंडारण करते हैं
    • जो ऊर्जा का प्रमुख स्रोत हैं। ये अपिगमेंटेड प्लास्टिड होते हैं
    • प्रकाश संश्लेषण में भाग नहीं लेते। स्टार्च पौधे के विकास और अंकुरण के दौरान ऊर्जा प्रदान करता है।​