कोशिका (जीव विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 35

31. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में निम्न में से कौन-सा अनुपस्थित होता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) केंद्रकीय झिल्ली
Solution:
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (Prokaryotic cells) में आरंभी (Incipient) अविकसित केंद्रक होता है
  • जिसे न्यूक्लियाड (Nucleoid) कहते हैं। इसमें केंद्रक झिल्ली (Nuclear membrane), केंद्रिका (Nucleous) अनुपस्थित होती हैं
  • जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं (Eukaryotic cells) में पूर्ण विकसित केंद्रक, केंद्रक कला तथा केंद्रिका उपस्थित होती है।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की परिभाषा
    • इनकी आनुवंशिक सामग्री (DNA) न्यूक्लियॉइड (nucleoid) के रूप में कोशिका द्रव्य में नग्न अवस्था में पाई जाती है।
    • बैक्टीरिया और साइनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल) इनके प्रमुख उदाहरण हैं।​
  • अनुपस्थित प्रमुख संरचनाएँ
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में निम्नलिखित संरचनाएँ अनुपस्थित होती हैं:
    • नाभिकीय झिल्ली: केन्द्रक को घेरने वाली झिल्ली नहीं होती, इसलिए DNA कोशिका द्रव्य में तैरता रहता है।​
    • माइटोकॉन्ड्रिया: ऊर्जा उत्पादन के लिए झिल्ली-बद्ध अंगक अनुपस्थित; श्वसन कोशिका द्रव्य में होता है।​
    • क्लोरोप्लास्ट: प्रकाश संश्लेषण करने वाले साइनोबैक्टीरिया में थाइलाकॉइड होते हैं, लेकिन अलग क्लोरोप्लास्ट नहीं।​
    • गॉल्जी उपकरण और लाइसोसोम: ये झिल्ली-बद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं।​
    • एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम: प्रोटीन और लिपिड संश्लेषण के लिए कोई जालिकारूपी संरचना नहीं।​
  • उपस्थित संरचनाएँ
    • हालाँकि कई संरचनाएँ अनुपस्थित हैं, लेकिन इनमें ये मौजूद होते हैं:
    • कोशिका भित्ति (माइकोप्लाज्मा को छोड़कर), कोशिका झिल्ली, 70S राइबोसोम, प्लास्मिड, और फ्लैजेला।​
    • आनुवंशिक सामग्री एक ही सर्कुलर DNA के रूप में न्यूक्लियॉइड में।

32. माइटोकॉण्ड्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) माइटोकॉण्ड्रिया अपना प्रोटीन स्वयं बनाने में सक्षम नहीं होते हैं।
Solution:
  • माइटोकॉण्ड्रिया का अपना डीएनए तथा राइबोसोम होता है
  • जो अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशिष्ट प्रोटीन का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं।
  • इसलिए माइटोकॉण्ड्रिया को अर्ध-स्वायत्त अंगक के रूप में भी जाना जाता है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना
    • जो इन्हें अर्द्ध-स्वायत्त बनाते हैं। ये कोशिका द्रव्य में तैरते रहते हैं
    • सक्रिय कोशिकाओं में संख्या अधिक होती है।​
  • सामान्य कथन और उनका विश्लेषण
    • सही कथन 1: माइटोकॉन्ड्रिया सूक्ष्मदर्शी में विशेष रंगाई के बिना आसानी से दिखाई नहीं देते।
    • यह सत्य है क्योंकि उनकी संरचना पारदर्शी होती है।​
    • सही कथन 2: कोशिका की क्रियाएँ माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या निर्धारित करती हैं।
    • सक्रिय कोशिकाएँ जैसे मांसपेशियाँ अधिक माइटोकॉन्ड्रिया रखती हैं।​
    • सही कथन 3: माइटोकॉन्ड्रिया का विभाजन विखंडन द्वारा होता है।
    • ये बाइनरी फिशन से वृद्धि और विभाजित होते हैं।​
  • गलत कथन
    • कोशिका का पावर हाऊस माइटोकॉन्ड्रिया में डीएनए, आरएनए, राइबोसोम एवं एंजाइम होते हैं
    • अतः यह कोशिका के बाहर भी जीवित रह सकता है—यह कथन गलत है।
    • माइटोकॉन्ड्रिया में ये घटक होते हैं
    • लेकिन ये कोशिका के बाहर स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रह सकते
    • क्योंकि उनकी अनुवांशिक सामग्री मेजबान कोशिका पर निर्भर होती है
    • बिना कोशिका भित्ति या पूर्ण चयापचय वे मर जाते हैं।​​
  • अतिरिक्त तथ्य
    • माइटोकॉन्ड्रिया एटीपी उत्पादन के लिए ऑक्सीडेटिव फॉस्फोराइलेशन करते हैं
    • एंडोसिम्बायोटिक सिद्धांत के अनुसार प्राचीन बैक्टीरिया से उत्पन्न हुए।
    • ये पौधों, जंतुओं और कवक कोशिकाओं में पाए जाते हैं।​

33. पशु कोशिकाओं में, निम्नलिखित में से कौन-सा, 'कोशिका का कचरा निपटान' है? [MTS (T-I) 26 अक्टूबर, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) लाइसोसोम
Solution:
  • लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरा (Single Membrane- bound) एक कोशिकांग है
  • जिसमें से पाचन एंजाइम स्रावित होते हैं।
  • लाइसोसोम विभिन्न कोशिका प्रक्रियाओं, जैसे घिसी- पिटी कोशिकाओं को विखण्डित करना
  • अन्य बाह्य बैक्टीरिया आदि को नष्ट करने का कार्य करता है। इसलिए इसे 'कोशिका का कचरा निपटान' भी कहते हैं।
  • पशु कोशिकाओं में 'कोशिका का कचरा निपटान' प्रणाली के रूप में लाइसोसोम को जाना जाता है।
  • ये कोशिका के अपशिष्ट पदार्थों, क्षतिग्रस्त अंगों और बाहरी कणों को पचाने का कार्य करते हैं।​
  • लाइसोसोम की संरचना
    • लाइसोसोम छोटे, गोलाकार झिल्ली-बद्ध थैली होते हैं जिनमें 50 से अधिक हाइड्रोलाइटिक एंजाइम भरे होते हैं।
    • इनका आंतरिक पीएच लगभग 4.5-5 होता है, जो अम्लीय वातावरण बनाकर एंजाइमों को सक्रिय रखता है।
    • ये गॉल्जी बॉडी से उत्पन्न होते हैं और कोशिका के साइटोप्लाज्म में फैले रहते हैं।​
  • अपशिष्ट निपटान के कार्य
    • इंट्रासेलुलर पाचन: लाइसोसोम फागोसाइटोसिस या एंडोसाइटोसिस से आए बैक्टीरिया, वायरस या मलबे को घेरकर पचाते हैं।
    • ऑटोफैगी: क्षतिग्रस्त माइटोकॉन्ड्रिया या अन्य ऑर्गेनेल को स्वयं पचाकर रिसाइकिल करते हैं
    • जिससे कोशिका स्वच्छ रहती है।
    • एपोप्टोसिस: प्रोग्राम्ड सेल डेथ में भूमिका निभाते हैं
    • जहाँ कोशिका आत्म-नाश के लिए लाइसोसोम फूट जाते हैं।

34. स्तंभ-I को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए। [CHSL (T-I) 06 जून, 2022 (II-पाली)]

स्तंभ-Iस्तंभ-II
I. कोशिका का पॉवरहाउसA. प्लास्टिड
II. कोशिका की रसोईB. माइटोकॉण्ड्रिया
III. कोशिका की आत्मघाती थैलीC. न्यूक्लियस
IV. कोशिका का मस्तिष्कD. लाइसोसोम

कूट:

IIIIIIIV
(a)ABCD
(b)BACD
(c)DBCA
(d)BADC
Correct Answer: (d)
Solution:
  • स्तंभ-I को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए" एक सामान्य प्रश्न प्रारूप है
  • जो भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET, JEE, UPSC आदि में पाया जाता है।
  • यह दो कॉलम वाले मिलान प्रश्न होते हैं
  • जहाँ बाएँ कॉलम (स्तंभ-I) के तत्वों को दाएँ कॉलम (स्तंभ-II) के सही विकल्पों से जोड़ा जाता है।
  • पूर्ण विवरण के लिए नीचे विधि, उदाहरण और टिप्स दिए गए हैं।
  • मिलान की विधि
    • स्तंभ-I के प्रत्येक तत्व को स्तंभ-II के सही बिंदु से जोड़ने के लिए निम्न चरण अपनाएँ:
    • प्रत्येक कॉलम को ध्यान से पढ़ें और उनके बीच वैज्ञानिक/तार्किक संबंध पहचानें।
    • एक-एक करके मिलान करें ताकि कोई दोहराव न हो (one-to-one matching)।
    • विकल्पों में दिए गए कोड (जैसे A-1, B-2) की जाँच करें।​
  • रसायन शास्त्र उदाहरण
    • आइसोइलेक्ट्रॉनिक प्रजातियाँ मिलान (सामान्य JEE प्रश्न):
    • स्तंभ-I: CN⁻, CO, NO⁺
    • स्तंभ-II: बंधन क्रम 3, बॉन्ड ऑर्डर 2.5
      सही मिलान बॉन्ड ऑर्डर पर आधारित होता है।
  • तैयारी टिप्स
    • अवधारणाओं को मजबूत करें: प्रत्येक मिलान विषय-विशेष ज्ञान माँगता है।
    • अभ्यास: पिछले वर्षों के पेपर हल करें।
    • त्रुटि से बचें: सभी तत्वों का एक-एक मिलान सुनिश्चित करें।

35. यूकैरियोटिक कोशिका निम्नलिखित में से किस जगत में नहीं पाई जाती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 15 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) मोनेरा
Solution:
  • मोनेरा (Monera): इस जगत में सभी प्रोकैरियोटिक जीव शामिल होते हैं
  • जिनमें जीवाणु (Bacteria) और साइनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria या नीला-हरा शैवाल) शामिल हैं।
  • इनकी कोशिकाओं में सुव्यवस्थित केंद्रक या झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं होते हैं।
  • यूकैरियोटिक कोशिका की परिभाषा
    • यूकैरियोटिक कोशिकाएँ जटिल संरचना वाली होती हैं, जिनमें केंद्रक झिल्ली से घिरा होता है
    • विभिन्न कोशिका अंगक जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी बॉडी, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम मौजूद होते हैं।
    • ये कोशिकाएँ पादप, जंतु, कवक और प्रोटिस्टा जगतों में पाई जाती हैं।
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं से भिन्न, ये बड़ी और बहु-कोशिकीय या एककोशिकीय दोनों प्रकार की संरचनाएँ बनाती हैं।​
  • जीव जगतों का वर्गीकरण
    • व्हिटटेकर की पाँच जगत प्रणाली के अनुसार, जीवों को मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, प्लांटी और एनिमेलिया में विभाजित किया गया है।
    • मोनेरा जगत में केवल प्रोकैरियोटिक जीव जैसे बैक्टीरिया और सायनोबैक्टीरिया होते हैं
    • जिनमें केंद्रक कला का अभाव होता है। शेष चार जगत यूकैरियोटिक कोशिकाओं पर आधारित हैं
    • प्रोटिस्टा (जैसे अमीबा, पैरामीशियम), कवक (यीस्ट को छोड़कर बहुकोशिकीय), पादप (क्लोरोफिल युक्त) तथा जंतु।​
  • मोनेरा जगत में प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ
    • मोनेरा जगत के जीव एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक होते हैं
    • जिनका आकार 1-10 माइक्रॉन होता है तथा न्यूक्लिक अम्ल कोशिका द्रव्य में बिखरे रहते हैं।
    • इनमें 70S राइबोसोम होते हैं, लेकिन माइटोकॉन्ड्रिया या अन्य झिल्लीबद्ध अंगक नहीं।
    • उदाहरण: ई. कोलाई, स्ट्रेप्टोकोकस। यही कारण है कि यहाँ यूकैरियोटिक कोशिका असंभव है।​
  • अन्य जगतों में यूकैरियोटिक कोशिकाएँ
    • प्रोटिस्टा में एककोशिकीय यूकैरियोट्स जैसे यूग्लीना पाए जाते हैं।
    • कवक जगत में यीस्ट एककोशिकीय यूकैरियोटिक है
    • जबकि मशरूम बहुकोशिकीय। पादप जगत में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट सहित यूकैरियोटिक कोशिकाएँ होती हैं।
    • जंतु जगत में समस्त कोशिकाएँ यूकैरियोटिक होती हैं, बिना कोशिका भित्ति के।
    • इस प्रकार, मोनेरा को छोड़कर सभी में ये कोशिकाएँ प्रमुख हैं।​