कोशिका (जीव विज्ञान) (भाग-II)

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21. कोशिका का कौन-सा भाग पोषक तत्वों को ऊर्जा में परिवर्तित करता है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) सूत्रकणिका
Solution:
  • सूत्रकणिका (Mitochondria) को अक्सर कोशिका का "बिजलीघर" कहा जाता है।
  • यह वह अंगक है जहाँ कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) की प्रक्रिया होती है।
  • इस प्रक्रिया में, ग्लूकोज जैसे पोषक तत्वों को ऑक्सीजन की उपस्थिति में तोड़ा जाता है
  • रासायनिक ऊर्जा को एटीपी (ATP - एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में मुक्त और संग्रहीत किया जाता है।
  • एटीपी कोशिका की अधिकांश गतिविधियों के लिए ऊर्जा मुद्रा है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना
    • माइटोकॉन्ड्रिया एक डबल झिल्ली वाला कोशिकांग होता है
    • जिसमें बाहरी झिल्ली चिकनी और आंतरिक झिल्ली क्रिस्टे (folds) में बनी होती है।
    • आंतरिक झिल्ली पर एटीपी सिंथेस एंजाइम स्थित होते हैं, जो ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    • मैट्रिक्स नामक आंतरिक द्रव भाग में स्वयं का डीएनए, राइबोसोम और श्वसन एंजाइम मौजूद होते हैं।​
  • ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया
    • पोषक तत्व जैसे ग्लूकोज को ऊर्जा (एटीपी) में बदलने की मुख्य प्रक्रिया कोशिकीय श्वसन कहलाती है
    • जो तीन चरणों में होती है: ग्लाइकोलाइसिस (साइटोप्लाज्म में), क्रेब्स चक्र (माइटोकॉन्ड्रिया मैट्रिक्स में) और इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट चेन (आंतरिक झिल्ली पर)।
    • ग्लूकोज और ऑक्सीजन से एटीपी, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनता है।
    • यह प्रक्रिया एरोबिक श्वसन के माध्यम से 36-38 एटीपी अणु उत्पन्न करती है।​
  • अन्य कोशिकांगों से अंतर
    • कोशिका झिल्ली केवल पदार्थों के प्रवेश-निकास को नियंत्रित करती है
    • लाइसोसोम अपशिष्ट पाचन करता है
    • जबकि क्लोरोप्लास्ट (पादप कोशिकाओं में) प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं।
    • माइटोकॉन्ड्रिया ही पोषक तत्वों का ऑक्सीकरण कर रासायनिक ऊर्जा प्रदान करता है।​

22. रुडोल्फ लुडविग कार्ल विर्ची (Rudolf Ludwig Karl Virchow) ने किस वर्ष अपना प्रसिद्ध सूत्र 'ओमनिस-सेलुल-इ-सेलुला' प्रतिपादित किया जो कोशिका सिद्धांत की नींव का हिस्सा बना? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 1855
Solution:
  • रुडोल्फ विर्ची (Rudolf Virchow) एक जर्मन चिकित्सक, मानवविज्ञानी और रोगविज्ञानी थे।
  • 1855 में, उन्होंने अपना प्रसिद्ध सूत्र "ओमनिस सेलुला ई सेलुला प्रतिपादित किया, जिसका अर्थ है
  • सभी कोशिकाएं पूर्व-मौजूदा कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं"। यह सिद्धांत कोशिका सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण विस्तार था
  • जिसे पहले श्लेडेन और श्वान ने प्रस्तावित किया था।
  • विर्ची के इस कथन ने यह स्थापित किया कि कोशिकाएं अनायास उत्पन्न नहीं होतीं
  • बल्कि कोशिका विभाजन के माध्यम से मौजूद कोशिकाओं से ही बनती हैं।
  • विर्चो का जीवन परिचय
    • उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में कोशिकीय रोगविज्ञान (cellular pathology) की स्थापना की
    • जिसमें उन्होंने सिद्ध किया कि सभी रोग कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तनों से उत्पन्न होते हैं
    • उनका जन्म प्रशिया (आधुनिक जर्मनी) में हुआ और वे 19वीं सदी के प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक थे।​
  • कोशिका सिद्धांत का विकास
    • कोशिका सिद्धांत की शुरुआत मैथियास श्लाइडेन (पादप कोशिकाएँ) और थियोडोर श्वान (जंतु कोशिकाएँ) ने 1838-39 में
    • जिन्होंने कहा कि सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं ।
    • विर्चो ने 1855 में इसे पूर्णता प्रदान की, spontaneous generation
    • स्वतः उत्पत्ति) की अवधारणा को खारिज करते हुए यह सिद्ध किया
    • कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से ही विभाजन द्वारा बनती हैं
    • यह सूत्र उनके निबंध "Cellular Pathology" (1858) का आधार बना, हालांकि सूत्र का प्रारंभिक प्रतिपादन 1855 में हुआ
  • सूत्र का महत्व
    • "ओम्निस सेलुला ई सेलुला" ने कोशिका सिद्धांत के तीन मुख्य आधार स्थापित किए: (1) सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं
    • (2) कोशिका जीवन की मूल इकाई है, (3) सभी कोशिकाएँ पूर्व-कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं
    • इससे जीव विज्ञान, चिकित्सा और कैंसर अध्ययन में नई दिशा मिली
    • क्योंकि विर्चो ने कैंसर को कोशिकीय असामान्यता से जोड़ा
    • आधुनिक जीवविज्ञान, आणविक जीवविज्ञान और कोशिका विभाजन की समझ इसी पर टिकी है।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • 1855 में मात्र 34 वर्ष की आयु में विर्चो ने यह सूत्र प्रकाशित किया
    • जो उस समय की vitalist doctrines को चुनौती देता था
    • यह कार्य बर्लिन विश्वविद्यालय से जुड़ा था और यूरोपीय वैज्ञानिक समुदाय में व्यापक स्वीकृति पाया
    • विर्चो के योगदान ने न केवल जीव विज्ञान को प्रभावित किया
    • बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और राजनीति में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।​

23. निम्नलिखित में से कौन कोशिकाओं की खोज करने वाला पहला जीवविज्ञानी था? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) रॉबर्ट हुक
Solution:
  • रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) वह पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने 1665 में अपनी पुस्तक 'माइक्रोग्राफिया' में कोशिकाओं की खोज की।
  • उन्होंने एक स्व-निर्मित सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क के पतले टुकड़े का अवलोकन किया
  • उसमें मधुमक्खी के छत्ते जैसी छोटी-छोटी खाली जगहें देखीं
  • जिन्हें उन्होंने लैटिन शब्द 'सेलुला' (अर्थात् 'छोटा कमरा') कहा। यहीं से 'कोशिका' (cell) शब्द की उत्पत्ति हुई।
  • कोशिका की खोज का इतिहास
    •  यह खोज मृत कोशिकाओं की थी, जो पौधे की कोशिका भित्ति के अवशेष थे।​
    • हुक का सूक्ष्मदर्शी साधारण था, फिर भी इसने जीवविज्ञान में क्रांति ला दी।
    • इससे पहले कोई वैज्ञानिक ने व्यवस्थित रूप से कोशिकाओं का उल्लेख नहीं किया था।​
  • अन्य महत्वपूर्ण योगदान
    • एंटोनी वैन ल्यूवेनहॉक ने 1674 में जीवित कोशिकाओं (जैसे प्रोटोजोआ और बैक्टीरिया) की खोज
    • जिन्हें उन्होंने "एनिमलक्यूल्स" कहा। हालांकि, कोशिका शब्द और पहली पहचान हुक की ही है।​​
    • 1838-39 में माथियास श्लाइडेन और थियोडोर श्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया
    • सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।​
  • कोशिका सिद्धांत का विकास
    • रूडोल्फ विरचॉ ने 1855 में जोड़ा कि कोशिकाएँ पूर्व-विद्यमान कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
    • इस प्रकार, हुक की खोज ने आधुनिक कोशिका जीवविज्ञान की नींव रखी।​

24. पादप कोशिका में एक बड़ी केंद्रीय ....... होती है, जबकि जंतु कोशिका में अनेक छोटी-छोटी ....... होती हैं। [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) रिक्तिका, रिक्तिकाएं
Solution:
  • पादप और जंतु कोशिकाओं के बीच एक प्रमुख अंतर उनकी रिक्तिकाओं (vacuoles) की उपस्थिति और आकार में है।
  • पादप कोशिका में
    • एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है
    • जो कोशिका के आयतन का 30-80% तक घेर सकती है।
    • यह जल, पोषक तत्वों और अपशिष्ट उत्पादों का भंडारण करती है
    • कोशिका के स्फीति दबाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • जंतु कोशिका में
    • आमतौर पर छोटी-छोटी रिक्तिकाएं होती हैं
    • जो संख्या में अधिक हो सकती हैं या पूरी तरह से अनुपस्थित भी हो सकती हैं।
    • इनका कार्य भंडारण और अपशिष्ट का निपटान होता है
    • लेकिन पादप कोशिकाओं की केंद्रीय रिक्तिका जितनी बड़ी और प्रमुख नहीं होतीं।
  • रिक्तिका की संरचना
    • रिक्तिका एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कोशिका द्रव्य में पाई जाती है।
    • पादप कोशिकाओं में यह केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के लगभग 90% स्थान घेर लेती है
    • जो मुख्य रूप से जल, आयन, शर्करा, प्रोटीन और अपशिष्ट पदार्थों को संग्रहीत करती है।
    • जंतु कोशिकाओं में ये रिक्तिकाएँ छोटी और अनेक होती हैं
    • जिन्हें खाद्य रिक्तिका, ठोस रिक्तिका या संकुचनशील रिक्तिका कहा जाता है
    • ये पाचन, उत्सर्जन या जल संतुलन में सहायक होती हैं।​
  • कार्यों का विवरण
    • पादप कोशिका की केंद्रीय रिक्तिका कोशिका की तनावग्राही (टर्गर प्रेशर) बनाए रखती है
    • जो पौधे को खड़ा रखने में मदद करती है।
    • यह विषाक्त पदार्थों को अलग रखकर कोशिका को सुरक्षित रखती है
    • प्रकाशसंश्लेषण में आवश्यक पदार्थ जमा करती है। जंतु कोशिकाओं की छोटी रिक्तिकाएँ अपशिष्ट को हटाती हैं
    • पदार्थों का पाचन करती हैं और कोशिका के आकार को नियंत्रित करती हैं, लेकिन ये इतनी प्रमुख नहीं होतीं।

25. सजीवों का शरीर सूक्ष्म इकाइयों से बनता है, जो ....... कहलाती हैं। [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) कोशिकाएं
Solution:
  • सजीवों का शरीर सूक्ष्म इकाइयों से बनता है, जो कोशिकाएं कहलाती हैं।
  • कोशिकाएं सभी सजीवों की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई हैं।
  • ये सभी जीवों के निर्माण खंड हैं तथा उपापचय विकास और प्रजनन जैसे आवश्यक कार्यों का संचालन करती हैं।
  • कोशिका क्या है?
    • कोशिका एक सूक्ष्म संरचना है जो जीवों के शरीर का निर्माण करती है
    • इसमें चयापचय, वृद्धि, विभाजन तथा प्रजनन जैसे सभी जीवन प्रक्रियाएँ होती हैं।
    • यह प्लाज्मा झिल्ली से घिरी होती है
    • जिसमें साइटोप्लाज्म, नाभिक तथा विभिन्न अणुकोशिकाएँ (organelles) मौजूद रहती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट होते हैं
    • जबकि प्राणी कोशिकाओं में सेंट्रिओल्स पाए जाते हैं।​
  • कोशिका सिद्धांत
    • कोशिका सिद्धांत के अनुसार, सभी सजीव कोशिकाओं से बने होते हैं
    • कोशिका जीवन की मूल इकाई है तथा नई कोशिकाएँ ही पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं।
    • इस सिद्धांत को श्लाइडेन, श्वान और विरचो ने प्रतिपादित किया। यह सिद्धांत जीव विज्ञान की नींव है
    • जो सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार के बाद विकसित हुआ।​
  • कोशिका के प्रकार
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ: सरल संरचना वाली, जैसे जीवाणु; नाभिकहीन, डीएनए साइटोप्लाज्म में तैरता रहता है।
    • यूकैरियोटिक कोशिकाएँ: जटिल, नाभिकयुक्त; पादप, प्राणी, कवक आदि में पाई जाती हैं।​
  • कोशिका की संरचना
    • कोशिका में प्रमुख भाग हैं: नाभिक (遗传 जानकारी संग्रहीत करता है
    • माइटोकॉन्ड्रिया (ऊर्जा उत्पादन), राइबोसोम (प्रोटीन संश्लेषण), गॉल्जी बॉडी (पदार्थ पैकेजिंग) तथा लाइसोसोम (पाचन)।
    • पादप कोशिकाओं में वैक्यूओल बड़ा होता है, जबकि प्राणी कोशिकाओं में छोटा।
    • ये सभी अणुकोशिकाएँ जीव की क्रियाओं को संचालित करती हैं।​

26. पत्तियों से पानी वाष्प के रूप में एक प्रक्रिया द्वारा निकलता है, जिसे ....... कहते हैं। [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) वाष्पोत्सर्जन
Solution:
  • वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) वह प्रक्रिया है
  • जिसके द्वारा पौधों के हवाई भागों (मुख्य रूप से पत्तियों) से जल वाष्प के रूप में निकलता है।
  • यह मुख्य रूप से पत्तियों की निचली सतह पर स्थित छोटे छिद्रों, जिन्हें स्टोमाटा कहा जाता है, के माध्यम से होता है।
  • वाष्पोत्सर्जन पौधों में जल के संचलन (जड़ों से पत्तियों तक) और तापमान विनियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • वाष्पोत्सर्जन क्या है?
    • यह जड़ों से अवशोषित पानी का लगभग 90-99% हिस्सा खो देता है
    • जबकि शेष पानी पौधे के चयापचय और विकास में उपयोग होता है।
    • पौधे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी वाष्पित करते हैं
    • उदाहरणस्वरूप, एक बड़ा पेड़ 100-200 लीटर पानी खो सकता है।​
  • वाष्पोत्सर्जन कैसे होता है?
    • यह प्रक्रिया स्टोमाटा नामक सूक्ष्म छिद्रों से होती है
    • जो पत्तियों की सतह पर स्थित होते हैं। स्टोमाटा दो गार्ड कोशिकाओं से घिरे होते हैं
    • जो प्रकाश, CO2 सांद्रता और आर्द्रता के आधार पर खुलते-बंद होते हैं।
    • जब स्टोमाटा खुले होते हैं, तो पानी के अणु वाष्प के रूप में बाहर निकलते हैं
    • जिससे जाइलम वाहिकाओं में नकारात्मक दबाव (ट्रांसपिरेशन पुल) उत्पन्न होता है।
    • यह दबाव जड़ों से पानी और खनिज लवणों को ऊपर खींचने में सहायक होता है।​
  • वाष्पोत्सर्जन के प्रकार
    • वाष्पोत्सर्जन को तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
    • स्टोमेटल वाष्पोत्सर्जन: कुल का 90% (स्टोमाटा से)।​
    • क्यूटिकुलर वाष्पोत्सर्जन: पत्तियों की मोमी परत (क्यूटिकल) से 5-10%।​
    • लेंटिसेलर वाष्पोत्सर्जन: तनों की लेंटिसेल्स (छिद्रों) से न्यूनतम।​
  • महत्वपूर्ण भूमिकाएँ
    • वाष्पोत्सर्जन पौधों के लिए लाभकारी है:
    • शीतलन प्रभाव: पत्तियों का तापमान 2-5°C कम रखता है।​
    • पोषक तत्वों का परिवहन: जड़ों से खनिज ऊपर ले जाता है।​
    • गैस विनिमय: प्रकाश संश्लेषण के लिए CO2 ग्रहण में मदद।​
    • जल चक्र: वातावरण में जल वाष्प लौटाकर वर्षा को बढ़ावा।​
  • प्रभावित करने वाले कारक
    • कई पर्यावरणीय कारक वाष्पोत्सर्जन दर नियंत्रित करते हैं:
    • तापमान: उच्च तापमान पर दर बढ़ती है।
    • आर्द्रता: कम आर्द्रता (शुष्क हवा) दर बढ़ाती है।
    • हवा की गति: तेज हवा वाष्प को दूर ले जाती है।
    • प्रकाश: स्टोमाटा खोलने के लिए आवश्यक।
    • मृदा जल: कम पानी उपलब्धता पर दर घटती है।​
  • अनुकूलन और हानियाँ
    • शुष्क क्षेत्रों के पौधे (जैसे कैक्टस) कम वाष्पोत्सर्जन के लिए अनुकूलित होते हैं
    • छोटी/नगण्य पत्तियाँ, मोटी क्यूटिकल। अधिक वाष्पोत्सर्जन से विल्टिंग (मुरझाना) हो सकता है
    • लेकिन पौधे स्टोमाटा बंद कर इसे नियंत्रित करते हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक जल चक्र का अभिन्न अंग है।​

27. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) जंतुओं में कोशिका भित्ति मौजूद होती है।
Solution:
  • कोशिका भित्ति सेल्यूलोज व काइटिन की बनी, कठोर सुरक्षात्मक बाहरी आवरण होती है
  • जो पौधों में तथा कुछ जीवाणुओं की कोशिकाओं में पाई जाती है
  • परंतु जंतु कोशिकाओं में इसका अभाव रहता है। अतः विकल्प (b) का कथन गलत है।
  • कथन और विश्लेषण
    • कथन 1: रक्त शरीर को रोगों से बचाता है।
    • यह सही है क्योंकि श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं
    • संक्रमण से लड़ती हैं। प्लेटलेट्स रक्त के थक्के बनाकर घावों को भरने में मदद करते हैं।​
    • कथन 2: रक्त फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अन्य भागों में ले जाता है।
    • यह पूरी तरह सही है।
    • लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) हीमोग्लोबिन के माध्यम से फेफड़ों से ऑक्सीजन ग्रहण कर कोशिकाओं तक पहुंचाती हैं।​
    • कथन 3: रक्त संवेदी अंगों में सहायता करता है।
    • यह कथन गलत है। रक्त का संवेदी अंगों (जैसे आंख, कान, नाक) से सीधा संबंध नहीं है।
    • संवेदी अंग तंत्रिकाओं और मस्तिष्क द्वारा संचालित होते हैं
    • रक्त केवल पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचाता है, लेकिन संवेदना उत्पन्न करने में कोई भूमिका नहीं निभाता।​
    • कथन 4: रक्त कार्बन डाइऑक्साइड को शरीर की कोशिकाओं से फेफड़ों तक ले जाता है।
    • यह सही है। रक्त CO₂ को कोशिकाओं से एकत्र कर फेफड़ों तक ले जाकर बाहर निकालता है।​
  • रक्त की संरचना और कार्य विस्तार से
    • परिवहन: ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन, अपशिष्ट (जैसे यूरिया, CO₂)।
    • संरक्षण: WBC एंटीबॉडी बनाते हैं, प्लेटलेट्स रक्तस्राव रोकते हैं।
    • तापमान और pH नियंत्रण: रक्त शरीर का तापमान 37°C और pH 7.4 पर स्थिर रखता है।
    • रक्त संवेदी कार्यों में शामिल न होने का कारण यह है कि संवेदना न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाओं) द्वारा होती है
    • जो विद्युत आवेगों पर आधारित है।
  • अन्य संभावित प्रश्न उदाहरण
    • प्रकाश गति पर: "घनत्व अधिक माध्यम में प्रकाश की चाल अधिक होती है" गलत है
    • क्योंकि घनत्व बढ़ने पर चाल कम होती है।​
    • विषाणु पर: "विषाणु जीवों के लक्षण नहीं दिखाते" सही है
    • लेकिन कुछ प्रश्नों में न्यूक्लियोप्रोटीन संरचना पर विवाद होता है।​​
    • ये भौतिकी/जीवविज्ञान के सामान्य MCQ हैं।​

28. ....... एक यूकैरियोटिक कोशिका के कोशिका द्रव्य का दो संतति कोशिकाओं में विभाजन है। [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) साइटोकाइनेसिस
Solution:
  • साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis)
    •  यह कोशिका विभाजन (समसूत्री विभाजन या अर्धसूत्री विभाजन) का वह चरण है
    • जिसमें कोशिका द्रव्य (cytoplasm) दो संतति कोशिकाओं में विभाजित होता है।
    • यह आमतौर पर केंद्रक विभाजन (karyokinesis) के बाद होता है
    • जिससे दो पूर्ण और कार्यात्मक संतति कोशिकाएं बनती हैं।
  • साइटोकाइनेसिस की परिभाषा
    • यह कोशिका चक्र के M-फेज (mitotic phase) का अंतिम चरण है
    • जो केंद्रक विभाजन के ठीक बाद आरंभ होता है
    • इस प्रक्रिया से प्रत्येक पुत्री कोशिका को पूर्ण रूप से कार्यशील बनने के लिए आवश्यक सभी कोशिकीय घटक प्राप्त हो जाते हैं
    • जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और अन्य कोशिकांग ।​
  • जंतु कोशिकाओं में साइटोकाइनेसिस
    • जंतु कोशिकाओं में साइटोकाइनेसिस एक्टिन और मायोसिन प्रोटीन फिलामेंट्स के संकुचन द्वारा होती है।
    • कोशिका के मध्य भाग में एक संकुचन वलय (contractile ring) बनता है
    • जो धीरे-धीरे सिकुड़ता है और कोशिका को दो भागों में खींच लेता है
    • जिससे एक फारो (cleavage furrow) बन जाती है ।
    • यह प्रक्रिया लगभग 5-10 मिनट में पूरी होती है और कोशिका झिल्ली को बीच से चीर देती है।
    • परिणामस्वरूप दो अलग-अलग पुत्री कोशिकाएं बनती हैं, प्रत्येक में एक केंद्रक और आधा कोशिका द्रव्य ।​
  • पादप कोशिकाओं में साइटोकाइनेसिस
    • पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति की उपस्थिति के कारण संकुचन वलय नहीं बनता।
    • इसके बजाय, गाल्जी उपकरण से वेसिकल्स एकत्र होकर कोशिका के मध्य में कोशिका प्लेट का निर्माण करते हैं
    • यह प्लेट वेसिकल्स के संलयन से बढ़ती है और अंततः कोशिका भित्ति बन जाती है
    • जो दोनों पुत्री कोशिकाओं को अलग कर देती है।
    • यह प्रक्रिया फ्लैट प्लेट के रूप में शुरू होकर पूर्ण भित्ति तक पहुंचती है
    • जो पादपों की कठोर संरचना को बनाए रखती है ।​
  • साइटोकाइनेसिस का महत्व
    • साइटोकाइनेसिस के बिना माइटोसिस अधूरा रह जाता
    • क्योंकि एक कोशिका में दो केंद्रक होने पर भी कोशिकांग असमान रूप से बंट सकते हैं।
    • यह प्रक्रिया वृद्धि, ऊतक मरम्मत और जनन के लिए आवश्यक है
    • यदि यह प्रक्रिया विफल हो जाए, तो पॉलीप्लॉइडी (बहु-केंद्रकी कोशिका) जैसी असामान्यताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
    • जंतुओं और पादपों में भिन्नताएं पर्यावरणीय अनुकूलन को दर्शाती हैं ।​
  • माइटोसिस के साथ संबंध
    • माइटोसिस में प्रोफेज, मेटाफेज, एनाफेज और टेलोफेज के बाद साइटोकाइनेसिस आरंभ होती है।
    • इंटरफेज में डीएनए प्रतिकृति होती है, लेकिन वास्तविक विभाजन M-फेज में होता है
    • मेओसिस में भी साइटोकाइनेसिस दो बार होती है, लेकिन यह जनन कोशिकाओं के लिए विशेष है।
    • कुल मिलाकर, यह कोशिका विभाजन का अभिन्न अंग है जो जीवन की निरंतरता सुनिश्चित करता है ।​

29. निम्नलिखित में से कौन-सी पादप कोशिका की एक विशेषता है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) इनमें कोशिका भित्ति पाई जाती है
Solution:
  • पादप कोशिका की प्रमुख विशेषता है, कोशिका भित्ति का पाया जाना। यह एक कठोर संरचना है
  • जो कोशिका झिल्ली को चारो ओर से घेरे रहती है और कोशिका को सुरक्षा प्रदान करती है।
  • लवक एवं हरित लवक पादप कोशिका में उपस्थित होते हैं, जबकि छोटी केंद्रीय रसधानी जंतु कोशिकाओं में पाई जाती है।
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • जो जंतु कोशिकाओं में अनुपस्थित होती है। क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक होते हैं
    • जिनमें क्लोरोफिल वर्णक मौजूद रहता है और ये केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।​
  • संरचनात्मक भाग
    • पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (वैक्यूओल) होती है, जो कोशिका के 50-90% स्थान घेर लेती है
    • कोशिका द्रव्य, अमीनो अम्ल, शर्करा तथा अपशिष्ट पदार्थों को संग्रहित करती है।
    • यह रिक्तिका कोशिका को स्फीति (तुर्गिदिटी) और कठोरता प्रदान करती है
    • जबकि जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या अनुपस्थित होती हैं।
    • प्लाज़्मोडेस्माटा नामक संरचनाएँ आसन्न कोशिकाओं के बीच संचार स्थापित करती हैं।
    • कोशिका झिल्ली, केंद्रक, माइटोकॉन्ड्रिया और साइटोप्लाज्म जैसे भाग जंतु कोशिकाओं से समान होते हैं।​
  • कार्य और महत्व
    • ये विशेषताएँ पादप कोशिकाओं को प्रकाश संश्लेषण, पोषक संचय और संरचनात्मक मजबूती प्रदान करती हैं
    • जो पौधों को स्थिर और स्वावलंबी बनाती हैं। कोशिका भित्ति पदार्थों के चयनात्मक आदान-प्रदान को नियंत्रित करती है
    • जबकि क्लोरोप्लास्ट सूर्य प्रकाश से ऊर्जा रूपांतरण करते हैं। रिक्तिकाएँ जल संतुलन बनाए रखती हैं
    • तनाव条件下 कोशिका को फूलने से बचाती हैं।​
  • प्रकार
    • पादप कोशिकाएँ पैरेन्काइमा (प्रकाश संश्लेषी), कोलेनकाइमा (समर्थन) और स्क्लेरेन्काइमा (संरचनात्मक) जैसे प्रकारों में विभाजित होती हैं। प्रत्येक प्रकार विशिष्ट कार्यों के अनुकूल होता है।​

30. ऐसी कोशिकाएं जिनमें केंद्रक पदार्थ केंद्रक झिल्ली के बिना होता है ....... कहलाती हैं। [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
Solution:
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं (Prokaryotic cells)
    • ये वे कोशिकाएं होती हैं
    • जिनमें एक सुव्यवस्थित केंद्रक अनुपस्थित होता है।
    • उनका आनुवंशिक पदार्थ (DNA) किसी केंद्रक झिल्ली (nuclear membrane) से घिरा नहीं होता
    • बल्कि कोशिका द्रव्य में एक क्षेत्र में बिखरा रहता है जिसे न्यूक्लियोइड (nucleoid) कहा जाता है।
    • जीवाणु और आर्किया प्रोकैरियोटिक जीव हैं।
  • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की परिभाषा
    • ये मुख्य रूप से एककोशिकीय जीवों जैसे बैक्टीरिया और आर्किया में पाई जाती हैं।
    • इनकी उत्पत्ति पृथ्वी पर सबसे प्राचीन मानी जाती है, जो लगभग 35 अरब वर्ष पुरानी हैं।​
  • मुख्य विशेषताएं
    • प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध अंगकाय (organelles) जैसे माइटोकॉन्ड्रिया या एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम का अभाव होता है।
    • राइबोसोम 70S प्रकार के छोटे होते हैं।
    • कोशिका भित्ति पेप्टिडोग्लाइकन से बनी जटिल संरचना वाली होती है।
    • प्रजनन द्विविभाजन (binary fission) द्वारा होता है, जो अत्यंत तीव्र गति से संभव है।​
  • महत्व और उदाहरण
    • ये कोशिकाएं पारिस्थितिकी तंत्र में अपघटक (decomposers) के रूप में महत्वपूर्ण हैं
    • कुछ रोगकारक (pathogens) भी हैं। उदाहरणस्वरूप, ई. कोलाई बैक्टीरिया आंत में पाचन सहायक है
    • जबकि सलाइनोमोनेला रोग उत्पन्न करता है।
    • इनकी सरल संरचना के कारण ये चरम परिस्थितियों में भी जीवित रह सकती हैं।​