Correct Answer: (a) 1806 ईस्वी
Solution:- वेल्लोर में सिपाही विद्रोह 1806 ईस्वी में हुआ था। यह विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ भारतीय सिपाहियों द्वारा किया गया एक प्रारंभिक और महत्वपूर्ण विद्रोह था।
- विद्रोह का मुख्य कारण सिपाहियों को दिए गए नए ड्रेस कोड से जुड़ा था, जिसमें धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
- यह 1857 के महान विद्रोह से लगभग पचास साल पहले हुआ था।
- जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लगभग 51 साल पहले हुआ था। इस विद्रोह में वेल्लोर किले पर सिपाहियों ने कब्जा कर लिया और लगभग 200 ब्रिटिश सैनिकों को मार डाला या घायल कर दिया।
- विद्रोह के दौरान विद्रोहियों ने किले पर मैसूर सल्तनत का झंडा फहरा दिया और टीपू सुल्तान के बेटे फतेह हैदर को राजा घोषित कर दिया।
- यह विद्रोह ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय सिपाहियों पर बढ़ाए गए धार्मिक और सैन्य अनुशासन के कठोर नियमों के कारण उठा।
- खासकर ब्रिटिश प्रशासन ने सिपाहियों के धर्म और पोशाक से जुड़े नियमों में हस्तक्षेप किया, जिससे उनका गुस्सा उजागर हुआ।
- विद्रोह को अंग्रेजी सेना ने आर्कोट के घुड़सवारों और तोपखाने की मदद से दबा दिया। विद्रोह के दौरान कई सिपाही और ब्रिटिश अधिकारी मारे गए
- जिसमें किले के कमांडर कर्नल सेंट जॉन फंचोर्ट भी शामिल थे। विरोध खत्म करने के बाद लगभग 100 से अधिक भारतीय सैनिकों को फांसी दी गई या गोली मार दी गई।
- वेल्लोर विद्रोह भारतीय सिपाहियों द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पहला बड़ा सैन्य विद्रोह था, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया।
- यह विद्रोह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक संदर्भ में महत्वपूर्ण समझा जाता है, क्योंकि इसने ब्रिटिशों को भारतीय सैनिकों की असंतुष्टि और उनके विरोध की गंभीरता का एहसास कराया।
- इसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार ने सिपाहियों के धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों में हेरफेर कम कर दिया।