क्रिकेट (खेल जगत)

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11. दिसंबर, 2021 में 200 टेस्ट विकेट लेने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय तेज गेंदबाज कौन बने? [Phase-XI 28 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) मोहम्मद शमी
Solution:
  • दिसंबर में, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में, मोहम्मद शमी टेस्ट विकेट लेने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय तेज गेंदबाज बने।
  • उन्होंने अपने वें टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल की। वह कपिल देव और जवागल श्रीनाथ के बाद यह मील का पत्थर छूने वाले तीसरे भारतीय तेज गेंदबाज हैं।
  • उपलब्धि का विवरण
    • यह उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट (पहला टेस्ट, 26-29 दिसंबर 2021) में हासिल हुई।
    • शमी ने पहली पारी में 5/44 (16 ओवर, 5 मेडन) लेते हुए मार्को जानसेन का विकेट लेकर अपना 200वां टेस्ट विकेट पूरा किया।
    • वह केवल 55 टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल करने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय पेसर बने, कपिल देव (50 टेस्ट) और जवागल श्रीनाथ (54 टेस्ट) के बाद।
  • आंकड़ों की तुलना
    • शमी 200 विकेट लेने वाले 11वें भारतीय गेंदबाज भी बने, जिसमें वे पांचवें भारतीय पेसर थे।
    • उन्होंने सबसे कम गेंदें फेंककर यह आंकड़ा छुआ, जो अश्विन, जहीर खान और ईशांत शर्मा से बेहतर था।​
  • मैच का संदर्भ
    • भारत ने इस टेस्ट में पहले बल्लेबाजी की और 327 रन बनाए।
    • शमी की पांच विकेट हॉल से दक्षिण अफ्रीका पहली पारी में 197 पर सिमट गया।
    • भारत ने दूसरी पारी में 174 रन बनाए और 113 रनों से मैच जीता।
    • शमी का यह प्रदर्शन भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत (2-1) का हिस्सा बना।
  • शमी का सफर
    • उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आने वाले शमी ने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया।
    • चोटों के बावजूद वे भारत के प्रमुख पेसर बने, खासकर विराट कोहली युग में।
    • 2021 तक उनके नाम 197 विकेट थे (54 टेस्ट, औसत 27.5)। यह माइलस्टोन उनकी लगातार अच्छी फॉर्म को दर्शाता है।

12. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डकवर्थ लुईस फॉर्मूला पहली बार कब इस्तेमाल किया गया था? [Phase-XI 28 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 1 जनवरी, 1997
Solution:
  • डकवर्थ लुईस फॉर्मूला (D/L), जिसका उपयोग वर्षा या अन्य रुकावटों के कारण बाधित एकदिवसीय मैचों में लक्ष्य स्कोर को संशोधित करने के लिए किया जाता है
  • पहली बार जनवरी, को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आधिकारिक तौर पर इस्तेमाल किया गया था। इस गणितीय प्रणाली का आविष्कार फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने किया था।
  • DLS का विकास
    • फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने 1990 के दशक में इस फॉर्मूले को विकसित किया, जो सांख्यिकीय मॉडल पर आधारित है।
    • 1992 विश्व कप सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को इंग्लैंड के खिलाफ एक गेंद पर 22 रन बनाने का असंभव लक्ष्य मिला था
    • जिसके बाद पुराने 'लोवेस्ट स्कोरिंग ओवर' नियम की खामियां उजागर हुईं। इस घटना ने DLS को जन्म दिया
    • जो बल्लेबाजों की संसाधनों (विकेट और ओवर) की कमी को वैज्ञानिक रूप से समायोजित करता है। आईसीसी ने इसे आधिकारिक रूप से 1999 विश्व कप से अपनाया।
  • पहला आधिकारिक उपयोग
    • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में DLS का पहला प्रयोग जनवरी 1997 में जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के बीच दूसरे वनडे में हुआ।
    • बारिश से प्रभावित इस मैच में जिम्बाब्वे ने DLS के तहत संशोधित लक्ष्य हासिल कर 7 रन से जीत दर्ज की।
    • यह मैच हरारे (जिम्बाब्वे) में खेला गया था, जहां इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी कर 272/7 बनाया, लेकिन बारिश के बाद जिम्बाब्वे को 43 ओवर में 191 रन का लक्ष्य मिला।​
  • कैसे काम करता है DLS
    • DLS दो मुख्य संसाधनों—ओवर और विकेट—पर आधारित है। यह एक गणितीय तालिका का उपयोग करता है जो बताती है
    • पूरे मैच में कितने रन संभव हैं। यदि बारिश से संसाधन कम हों, तो लक्ष्य उसी अनुपात में कम किया जाता है।
    • उदाहरण: 50 ओवर के मैच में 300 रन का औसत लक्ष्य हो
    • तो 40 ओवर में 8 विकेट बचे होने पर लक्ष्य लगभग 240-250 हो सकता है।
    • 2015 में स्टीव स्टर्न ने इसे अपडेट किया, जिसे DLS-Stern कहा जाता है।
  • महत्वपूर्ण घटनाएं
    • 1999 विश्व कप: पहला प्रमुख टूर्नामेंट जहां DLS पूर्ण रूप से लागू हुआ।​
    • आईसीसी मान्यता: 1999 में आधिकारिक, 2001 में सभी वनडे में अनिवार्य।​
    • टी20 में उपयोग: 2007 से आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय टी20 में भी लागू, लेकिन ओवर कम होने पर समायोजन।​
  • विवाद और सुधार
    • DLS को कई बार विवादास्पद माना गया, जैसे 2009 चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज।
    • हालांकि, यह पुराने नियमों से कहीं बेहतर साबित हुआ। अब डिजिटल ऐप्स से तुरंत गणना होती है।
    • फ्रैंक डकवर्थ का 2024 में निधन हुआ, लेकिन उनका योगदान अमर है।

13. निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारतीय टीम ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट विश्व कप जीता? [Phase-XI 27 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 2011
Solution:
  • भारतीय क्रिकेट टीम ने दो बार एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट विश्व कप जीता है।
  • पहली बार कपिल देव की कप्तानी में में, और दूसरी बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में में। का विश्व कप भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में आयोजित हुआ था
  • जिसमें भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी जीती थी।
  • 1983 विश्व कप: पहली ऐतिहासिक जीत
    •  फाइनल मैच लॉर्ड्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया, जहां भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए।
    • वेस्टइंडीज की धाकड़ बल्लेबाजी को भारतीय गेंदबाजों ने ध्वस्त कर दिया, और 43 रनों से शानदार जीत हासिल की।
    • यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि इससे पहले भारत को मजबूत दावेदार नहीं माना जाता था।
  • 2011 विश्व कप: घरेलू धरती पर दूसरा खिताब
    • एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने 2011 विश्व कप अपने देश में जीता, जो 28 साल का सूखा खत्म करने वाला था।
    • फाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ हुआ; श्रीलंका ने 274/6 रन बनाए।
    • भारत ने गौतम गंभीर की 97 रनों और धोनी की नाबाद 91 रनों (विजयी छक्के सहित) की बदौलत 4 विकेट से जीत दर्ज की।
    • टूर्नामेंट में भारत ने क्वार्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया।
  • सफर की मुख्य उपलब्धियां
    • 1983: पहली बार विश्व चैंपियन बने; वेस्टइंडीज को हराकर हैट्रिक रोकी।​
    • 2011: पहली मेजबान टीम बनी जो घर पर खिताब जीती; लक्ष्य का पीछा करते हुए चैंपियन बनी।
    • कुल दो खिताब; ऑस्ट्रेलिया के 6 के मुकाबले कम लेकिन ऐतिहासिक।
  • अन्य विश्व कपों में प्रदर्शन
    • भारत 1975 से हर ODI विश्व कप खेल चुका है
    • लेकिन 1983 और 2011 के अलावा कोई खिताब नहीं जीता।
    • 2023 में फाइनल हार गई। ये जीतें टीम के संघर्ष, रणनीति और सितारों (कपिल, धोनी) की मिसाल हैं।​

14. क्रिकेट गेंद की परिधि लगभग कितनी होती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) लगभग 9 इंच
Solution:
  • आधिकारिक क्रिकेट नियमों के अनुसार, पुरुषों के क्रिकेट के लिए गेंद की परिधि इंच से इंच (या सेमी से सेमी) के बीच होनी चाहिए।
  • इसलिए, लगभग 9 इंच निकटतम सही विकल्प है।
  • पुरुष क्रिकेट में परिधि
    • पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंद की परिधि 22.4 सेमी (8.81 इंच) से 22.9 सेमी (9 इंच) के बीच होनी चाहिए।
    • यह नियम मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा शासित लॉज़ ऑफ क्रिकेट के नियम 5 में वर्णित है।
    • वजन 155.9 से 163 ग्राम तक रहता है, जो गेंद की उछाल और गति को प्रभावित करता है।
  • महिला क्रिकेट में अंतर
    • महिला क्रिकेट की गेंद थोड़ी छोटी होती है, जिसकी परिधि 21.0 सेमी से 22.5 सेमी तक मापी जाती है।
    • वजन 140 से 151 ग्राम होता है, जो खेल की गतिशीलता को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है। यह अंतर खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के अनुरूप है।
  • गेंद निर्माण और सामग्री
    • क्रिकेट गेंद का कोर कॉर्क से बनता है, जिसे रस्सी या डोरी से कसकर लपेटा जाता है
    • ऊपर से चमड़े का आवरण चढ़ाया जाता है। चमड़े के चार टुकड़े प्रमुख सीम के साथ जोड़े जाते हैं
    • जो गेंद को स्विंग और स्पिन प्रदान करते हैं। लाल गेंद टेस्ट क्रिकेट के लिए और सफेद गेंद लिमिटेड ओवर मैचों के लिए उपयोग होती है।
  • जूनियर और अन्य स्तर
    • जूनियर क्रिकेट (अंडर-13) में परिधि 20.5 से 22.0 सेमी और वजन 133 से 144 ग्राम होता है।
    • अंपायर मैच से पहले और दौरान गेंद की जांच करते हैं ताकि कोई छेड़छाड़ न हो।
    • ICC और MCC नियम सभी प्रारूपों में इन मानकों का पालन सुनिश्चित करते हैं।​
  • महत्वपूर्ण नियम
    • नई गेंद की परिधि सख्ती से 22.4-22.9 सेमी रखी जाती है
    • लेकिन मैच में घिसाव के बाद भी यह सीमा में रहनी चाहिए।
    • वनडे में 34 ओवर बाद नई गेंद दी जाती है, जबकि टेस्ट में 80 ओवर बाद।
    • ये नियम गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।

15. रणजी ट्रॉफी क्रिकेट श्रृंखला की शुरुआत किस वर्ष हुई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 1934 में
Solution:
  • भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता, रणजी ट्रॉफी, की शुरुआत वर्ष में हुई थी।
  • यह टूर्नामेंट भारत के शाही महाराजा रणजीत सिंहजी के नाम पर रखा गया है
  • जिन्होंने इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेला था। पहला रणजी मैच सीज़न में खेला गया था।
  • नामकरण और प्रारंभ
    • रणजी ट्रॉफी का नाम प्रसिद्ध क्रिकेटर कुमर श्री रणजीतसिंहजी (जिन्हें 'रणजी' कहा जाता है) के नाम पर रखा गया।
    • रणजीतसिंहजी 1907 से 1933 तक नवानगर राज्य के महाराजा रहे और वे पहले भारतीय थे
    • जिन्होंने इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। 1933 में उनकी मृत्यु के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जुलाई 1934 में एक बैठक में इस टूर्नामेंट की घोषणा की।
    • ट्रॉफी पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह ने दान की थी। पहला सत्र 1934-35 का था।
  • पहला मैच
    • टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 4 नवंबर 1934 को चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में मद्रास (अब तमिलनाडु) और मैसूर (अब कर्नाटक) के बीच खेला गया।
    • मद्रास ने टॉस जीतकर मैसूर को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया।
    • मैसूर पहली पारी में 48 और दूसरी में 59 रन बनाकर आउट हो गई, जबकि मद्रास ने पहली पारी में 130 रन बनाए।
    • मद्रास ने एक पारी और 23 रन से जीत हासिल की। यह तीन दिवसीय मैच एक ही दिन में समाप्त हो गया।
  • प्रारूप और संरचना
    • शुरुआत में यह राउंड-रॉबिन लीग और नॉकआउट प्रारूप में खेला जाता था।
    • वर्तमान में 38 टीमें भाग लेती हैं, जिसमें 28 राज्य और कुछ केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
    • लीग चरण चार-दिवसीय मैच होते हैं, जबकि नॉकआउट पांच-दिवसीय।
    • पहला विजेता बॉम्बे (अब मुंबई) था, जिसके पास सबसे अधिक 41 खिताब हैं।
    • टूर्नामेंट में खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए जगह बनाने का मौका पाते हैं।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • यह भारत का सबसे पुराना घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट है।
    • COVID-19 के कारण 2020-21 सत्र रद्द हुआ था।
    • रिकॉर्ड्स: वसीम जाफर सबसे अधिक रन (12,425), राजिंदर गोयल सबसे अधिक विकेट (775)।
  • ऐतिहासिक यात्रा
    • 1934 से अब तक 90 वर्षों में यह टूर्नामेंट लगभग हर साल आयोजित हुआ।
    • मुंबई का वर्चस्व रहा, लेकिन हाल के वर्षों में तमिलनाडु, Saurashtra जैसी टीमें उभरीं। यह युवा प्रतिभाओं का पोषक तरंग है।

16. 2023 में स्मृति मंधाना ....... द्वारा 3.4 करोड़ रु. की बोली के साथ महिला इंडियन प्रीमियर लीग (Women's Indian Premier League) की सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं। [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
Solution:
  • फरवरी में आयोजित पहले महिला इंडियन प्रीमियर लीग (WPL) की नीलामी में, भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने रुपये की बोली लगाकर खरीदा था
  • जिससे वह लीग की पहली और सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं।
  • ऑक्शन का विवरण
    • यह ऐतिहासिक खरीद 13 फरवरी 2023 को मुंबई में हुए WPL के पहले मेगा ऑक्शन के दौरान हुई।
    • स्मृति मंधाना नीलामी की पहली खिलाड़ी थीं, और RCB ने मुंबई इंडियंस के साथ जोरदार बिडिंग वॉर में उन्हें 3.4 करोड़ रुपये (लगभग USD 410,000) में हासिल किया।
    • यह राशि उस समय महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे ऊंची बोली थी, जो RCB के 12 करोड़ के पर्स का लगभग आधा हिस्सा थी।
    • ऑक्शन के पहले ही सेट में RCB ने सोफी डिवाइन (50 लाख) और एलीसे पेरी (1.7 करोड़) को भी खरीदा।
  • स्मृति मंधाना का प्रदर्शन
    • स्मृति भारत की वाइस-कैप्टन और आक्रामक सलामी बल्लेबाज हैं
    • जिनकी कप्तानी क्षमता के कारण RCB ने उन्हें कप्तान बनाया।
    • हालांकि, WPL 2023 में वे अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं; वे एक भी मैच में कमाल नहीं कर पाईं और टॉप-15 रन-स्कोरर्स में भी जगह नहीं बना सकीं।
    • फिर भी, उनकी लोकप्रियता और अनुभव ने उन्हें इस ऊंची बोली का हकदार बनाया।
  • अन्य प्रमुख खरीदें
    • दीप्ति शर्मा (UP Warriorz): 2.6 करोड़ रुपये।​
    • एश्ले गार्डनर (Gujarat Giants): 3.2 करोड़ रुपये।​
    • हरमनप्रीत कौर (Mumbai Indians): 1.8 करोड़ रुपये।​
    • सोफी एक्लेस्टोन (UP Warriorz): 1.8 करोड़ रुपये।​
  • WPL 2023 का संदर्भ
    • WPL का उद्घाटन सीजन मार्च 2023 में हुआ
    • जिसमें 5 फ्रेंचाइजियां शामिल थीं: RCB, MI, Delhi Capitals, UP Warriorz और Gujarat Giants।
    • कुल 409 खिलाड़ियों में से 87 चुने गए। स्मृति ने RCB के बड़े फैन बेस का जिक्र करते हुए
    • उत्साह जताया और अच्छा प्रदर्शन करने की बात कही। यह बोली महिला क्रिकेट में क्रांति का प्रतीक बनी।

17. एकदिवसीय क्रिकेट मैच में एक गेंदबाज अधिकतम कितने ओवर फेंक सकता है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 10
Solution:
  • वर्तमान एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट नियमों के अनुसार, ओवर के मैच में, कोई भी गेंदबाज अधिकतम भाग यानी ओवर फेंक सकता है।
  • यह नियम यह सुनिश्चित करता है कि गेंदबाजी का भार टीम के कई गेंदबाजों के बीच वितरित हो जाए।
  • नियम का आधार
    • ODI मैचों में प्रत्येक टीम को 50 ओवर फेंकने का मौका मिलता है
    • लेकिन किसी एक गेंदबाज को कुल ओवरों का 20% से अधिक फेंकने की अनुमति नहीं है।
    • यही कारण है कि 50 ओवरों का 20% ठीक 10 ओवर होता है।
    • यह सीमा इसलिए लगाई गई ताकि खेल में संतुलन बना रहे
    • कोई एक गेंदबाज मैच पर हावी न हो सके और बल्लेबाजों को रोटेशन का फायदा मिले।
  • अपवाद और विशेष परिस्थितियाँ
    • यदि मैच बारिश या अन्य कारणों से छोटा हो जाता है (जैसे 40 ओवर का), तो गेंदबाज को अधिकतम 8 ओवर (20%) ही फेंकने की इजाजत होती है।
    • सुपर ओवर या टाई ब्रेकर में अलग नियम लागू होते हैं, जहाँ 1 ओवर तक सीमित रहता है।
    • कभी-कभी अंपायर की गलती से 11 ओवर फेंकने की घटनाएँ हुई हैं, लेकिन यह नियम-विरुद्ध है।​
  • अन्य प्रारूपों से तुलना
    • ODI में यह नियम 1980 के दशक से लागू है, जब वनडे क्रिकेट लोकप्रिय हुआ।
    • इससे पहले गेंदबाजों को ज्यादा ओवर फेंकने की छूट थी, लेकिन खेल को रोमांचक बनाने के लिए सीमा तय की गई।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • ODI का पहला मैच 1971 में खेला गया, लेकिन ओवर सीमा का वर्तमान स्वरूप 1980 के बाद स्थिर हुआ।
    • उदाहरणस्वरूप, पाकिस्तान के वसीम अकरम या भारत के कपिल देव जैसे गेंदबाज अक्सर 10-10 ओवर पूरे करते थे।
    • यह नियम बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन बनाए रखता है।

18. कौन-सा देश 2031 क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी करेगा? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2013 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) भारत और बांग्लादेश
Solution:
  • अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भविष्य के टूर्नामेंटों की घोषणा की है।
  • का पुरुष एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट विश्व कप संयुक्त रूप से भारत और बांग्लादेश द्वारा आयोजित किया जाएगा।
  • भारत इससे पहले भी कई विश्व कप की मेजबानी कर चुका है
  • घोषणा का इतिहास
    • इससे पहले 2021 की रिपोर्ट्स में भारत को अकेले मेजबान बताया गया था
    • लेकिन बाद में बांग्लादेश के साथ संयुक्त रूप से तय हुआ।
    • बांग्लादेश के लिए यह पहली बार होगा जब वह पुरुष क्रिकेट विश्व कप की सह-मेजबानी करेगा।
  • महत्वपूर्ण कारण
    • यह निर्णय दक्षिण एशिया में क्रिकेट की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए लिया गया
    • जहां दोनों देशों में विशाल प्रशंसक आधार है। संयुक्त मेजबानी से लागत साझा होगी
    • बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और पर्यटन व सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
    • भारत ने पहले 1987, 1996 और 2011 में विश्व कप की मेजबानी की है
    • जबकि बांग्लादेश ने 2015 में अंडर-19 विश्व कप आयोजित किया था।
  • संभावित चुनौतियां
    • हाल की रिपोर्ट्स (फरवरी 2026) में भारत-पाकिस्तान तनाव और भारत-बांग्लादेश संबंधों के कारण ICC बैकअप प्लान पर विचार कर रहा है
    • लेकिन अभी तक कोई बदलाव की पुष्टि नहीं हुई।
    • ICC का मुख्यालय दुबई में है और यह सभी बड़े आयोजनों का प्रबंधन करता है।
  • टूर्नामेंट प्रारूप
    • विश्व कप में आमतौर पर 10-14 टीमें भाग लेंगी, जिसमें क्वालीफायर चरण होगा।
    • यह ICC कैलेंडर का प्रमुख इवेंट है, जो दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल आयोजनों में शुमार है।
    • मैच वेन्यूज भारत के बड़े स्टेडियम जैसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), ईडन गार्डन्स (कोलकाता) और बांग्लादेश के मीरपुर स्टेडियम आदि हो सकते हैं।​
  • अन्य संबंधित इवेंट्स
    • भारत 2029 चैंपियंस ट्रॉफी भी होस्ट करेगा।​
    • 2026 टी20 विश्व कप: भारत-श्रीलंका संयुक्त।​
    • 2030 टी20 विश्व कप: इंग्लैंड, आयरलैंड, स्कॉटलैंड।​
    • यह साइकिल पाकिस्तान को कोई बड़ा इवेंट नहीं देती।
    • कुल मिलाकर, 2031 विश्व कप दक्षिण एशिया के क्रिकेट प्रभुत्व को मजबूत करेगा।​

19. क्रिकेट मैचों में मैदानी अंपायरों की संख्या होती है- [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) 2
Solution:
  • क्रिकेट मैचों में मुख्य रूप से दो मैदानी अंपायर होते हैं। एक अंपायर गेंदबाजी छोर पर खड़ा होता है
  • दूसरा स्क्वायर लेग पर खड़ा होता है। इसके अलावा, एक थर्ड अंपायर (जो मैदान के बाहर एक टीवी स्क्रीन पर निर्णय लेता है) और एक फोर्थ अंपायर (जो प्रशासनिक कार्य करता है) भी होते हैं।
  • मैदानी अंपायरों की भूमिका
    • मैदानी अंपायरों में से एक गेंदबाज के छोर (बॉलिंग एंड) पर स्टंप्स के पीछे खड़ा होता है, जबकि दूसरा स्ट्राइकर के छोर (नॉन-स्ट्राइकर एंड) पर स्थित होता है।
    • ये दोनों अंपायर गेंदबाजी की वैधता, विकेट गिरने की अपील, नो-बॉल, वाइड बॉल, LBW (लेग बिफोर विकेट), कैच और रन-आउट जैसे फैसलों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
    • प्रत्येक ओवर के बाद अंपायर अपने सिरों का आदान-प्रदान करते हैं ताकि दोनों छोरों से स्थिति का अच्छा नजरिया मिले।
  • अन्य अंपायरों से अंतर
    • मैदानी अंपायरों के अलावा एक थर्ड अंपायर (टीवी अंपायर) होता है, जो मैदान से बाहर बैठकर वीडियो रीप्ले की जांच करता है
    • DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) के तहत संदिग्ध फैसलों पर सहायता प्रदान करता है।
    • कुल मिलाकर एक अंतरराष्ट्रीय मैच में चार अंपायर हो सकते हैं
    • दो मैदानी, एक थर्ड और एक मैच रेफरी—लेकिन प्रश्न विशेष रूप से मैदानी अंपायरों के बारे में है, जो हमेशा दो ही होते हैं।
  • विभिन्न प्रारूपों में स्थिरता
    • टेस्ट मैच, वनडे, T20 या IPL जैसे सभी प्रारूपों में मैदानी अंपायरों की संख्या दो ही रहती है।
    • घरेलू मैचों में भी यही नियम लागू होता है, हालांकि कभी-कभी स्टैंड-बाय अंपायर भी मैदान किनारे पर रहता है।
    • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के अनुसार यह मानक निर्धारित है ताकि खेल निष्पक्ष और सुचारू रूप से चले।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • क्रिकेट के शुरुआती दिनों में भी दो अंपायरों का प्रावधान था, जो 1744 के पहले लिखित नियमों में उल्लिखित है।
    • आधुनिक समय में तकनीक ने थर्ड अंपायर जोड़ा, लेकिन मैदानी अंपायरों की मूल संख्या अपरिवर्तित रही।
    • ये अंपायर न केवल फैसले लेते हैं, बल्कि खिलाड़ियों के आचरण और खेल के नियमों का पालन भी सुनिश्चित करते हैं।​

20. 'स्ट्रेट ड्राइव' शब्द निम्नलिखित में से किस खेल से संबंधित है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) क्रिकेट
Solution:
  • 'स्ट्रेट ड्राइव' शब्द क्रिकेट के खेल से संबंधित है। यह एक क्लासिक बल्लेबाजी शॉट है
  • जिसमें बल्लेबाज गेंद को सीधे गेंदबाज के नीचे, जमीन के साथ, 'वी' (V) क्षेत्र में खेलता है।
  • इसे अक्सर क्रिकेट में सबसे सुरुचिपूर्ण (elegant) और तकनीकी रूप से सही शॉट्स में से एक माना जाता है।
  • स्ट्रेट ड्राइव क्या है?
    • क्रिकेट में स्ट्रेट ड्राइव एक प्रकार का शॉट है जिसमें बल्लेबाज गेंद को सीधे मैदान के बीच से, पिच के साथ-साथ गेंदबाज की ओर मारता है।
    • यह शॉट फुल लेंथ या गुड लेंथ की गेंदों पर खेला जाता है
    • जहां बल्लेबाज आगे झुककर बैट को सीधा रखते हुए गेंद को मिड-ऑन या लॉन्ग-ऑन की दिशा में भेजता है।
    • यह शॉट आउट होने का खतरा कम रखता है क्योंकि गेंद स्टंप की लाइन पर होती है और बैट सीधा आता है।​
  • इसे कैसे खेलें?
    • सही स्ट्रेट ड्राइव खेलने के लिए सिर स्थिर रखें, शरीर का वजन आगे की ओर ट्रांसफर करें, और बैट का चेहरा गेंद की ओर खुला हो।
    • बैट स्विंग पीछे से आगे की ओर सीधी होनी चाहिए, बिना किसी एंगल के।
    • शुरुआती अभ्यास के लिए फुल लेंथ गेंदों पर स्ट्रेच करके खेलें, ताकि बॉडी बैलेंस बना रहे।
  • अन्य खेलों से अंतर
    • फुटबॉल, हॉकी या बैडमिंटन में 'स्ट्रेट ड्राइव' नामक कोई विशिष्ट शॉट नहीं है।
    • हॉकी में स्ट्रेट हिट होता है, बैडमिंटन में स्ट्रेट स्मैश या ड्राइव, लेकिन क्रिकेट का स्ट्रेट ड्राइव अनोखा है।​
  • प्रसिद्ध उदाहरण
    • सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे बल्लेबाजों के स्ट्रेट ड्राइव विश्व प्रसिद्ध हैं।
    • यह शॉट नेट प्रैक्टिस और मैचों में आत्मविश्वास बढ़ाता है।​