खिलजी वंश (UPPCS)

Total Questions: 31

11. दिए गए मानचित्र पर ध्यान दीजिए- [I.A.S. (Pre) 1995]

मानचित्र में निर्दिष्ट मार्ग का अनुसरण अपने सैन्य अभियानों में किसने किया था?

Correct Answer: (d) मलिक काफूर
Solution:

मानचित्र में निर्दिष्ट मार्ग का अनुसरण सल्तनत काल में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मलिक काफूर ने अपनी दक्षिण विजय के दौरान किया था।

12. किस सुल्तान के काल में खालिसा भूमि अधिक पैमाने में विकसित हुई? [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

Correct Answer: (b) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

अलाउद्दीन की राजस्व और लगान व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य एक शक्तिशाली और निरंकुश राज्य की स्थापना करना था। उसने उन सभी व्यक्तियों से भूमि छीन ली, जिन्हें वह मिल्क (राज्य द्वारा प्रदत्त संपत्ति, ईनाम, इंदरात, पेंशन) तथा वक्फ (धर्मार्थ प्राप्त हुई भूमि) आदि के रूप में मिली थी, फलतः खालिसा (खालसा) भूमि अधिक पैमाने पर विकसित हुई।

13. किस सुल्तान के बारे में कहा जाता है कि उसने भूमि-कर को उत्पादन के 50% तक कर दिया था? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (e) b & c
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी ने उपज का 50% भूमिकर (खराज) के रूप में निश्चित किया। अलाउद्दीन खिलजी भारत का प्रथम मुस्लिम शासक था, जिसने भूमि की वास्तविक आय पर राजस्व निश्चित किया था। इसने भूमि की पैमाइश करा कर लगान निर्धारित किया था। अलाउद्दीन ने दो नवीन कर 'मकान कर' (घरी कर) और 'चराई कर' लगाए थे। उसके पश्चात मुहम्मद बिन तुगलक ने भी दोआब में भूमि कर 50% कर दिया था, लेकिन मुहम्मद तुगलक की राजस्व मांग अनुमान पर आधारित थी, जबकि अलाउद्दीन खिलजी की पैमाइश पर।

14. सुल्तान जिसने बढ़ाकर भू-राजस्व उपज का 50% कर दिया, वह था- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (e) a & b
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

15. किस सुल्तान ने जमीन में फसल की नपाई का आधा राजस्व के रूप में दावा किया? [64th B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (c) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने भू-राजस्व व्यवस्था के पुनर्गठन में विशेष रुचि ली। उसने उपज का 1/2 भाग राजस्व के रूप में वसूलना आरंभ किया। वह दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान था, जिसने पैमाइश एवं प्रति बिस्वा उपज के आधार पर भू-राजस्व निर्धारित करने की नीति अपनाई। सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने केवल दोआब में अनुमान के आधार पर उपज का आधा भाग राजस्व के रूप में वसूलने का आदेश दिया था। किसानों के विद्रोह के कारण कालांतर में उसने राजस्व वृद्धि का यह आदेश वापस ले लिया था।

16. निम्न कथनों पर विचार कीजिए जो अलाउद्दीन खिलजी से संबंधित हैं- [U.P. P.C.S. (Pre) 1994]

i. उसने कृष्य जमीनों की पैमाइश के बाद जमीन की मालगुजारी वसूल की।
ii. उसने लगान व्यवस्था को अपनी पूरी सल्तनत में लागू किया।
iii. उसने प्रांतों के गवर्नरों के अधिकारों को समाप्त किया।

निम्न कोडिंग स्कीम में से सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (c) i व iii
Solution:

अलाउद्दीन की लगान व्यवस्था संपूर्ण साम्राज्य में समान रूप से लागू नहीं की जा सकती थी। भूमि की पैमाइश करके किसानों से सरकारी कर्मचारियों द्वारा लगान वसूल किए जाने की व्यवस्था दिल्ली और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में ही लागू की गई थी। अलाउद्दीन पहला सुल्तान था जिसने भूमि की पैमाइश करा कर लगान वसूल करना आरंभ किण। अपनी व्यवस्था को लागू करने के लिए अलाउद्दीन ने एक पृथक विभाग "दीवान-ए-मुस्तखराज" की स्थापना की। अलाउद्दीन ने परंपरागत लगान अधिकारियों (खुत्त, मुकद्दम एवं चौधरी) से लगान वसूल करने का अधिकार छीन लिया था। उनके सारे विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए। उनकी भूमि पर से कर लिया जाने लगा और बाकी अन्य सभी कर भी लिए गए जिसके कारण खुत्त (जमींदार) और बलाहार (साधारण किसान) में कोई अंतर नहीं रहा।

17. कथन (A) : अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली में मूल्य नियंत्रण लागू किया था। [U. P. P. C. S. (Mains) 2005]

कारण (R) : वह दिल्ली में अपने राज भवन के निर्माण में लगे हुए कारीगरों को कम वेतन देना चाहता था।

निम्न कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :

Correct Answer: (c) (A) सही है; परंतु (R) गलत है।
Solution:

अलाउद्दीन ने मूल्य नियंत्रण की नीति लागू की। अलाउद्दीन ने अपने बाजार नियंत्रण की सफलता के लिए कुशल कर्मचारी नियुक्त किए। उसने मलिक कबूल को शहना या बाजार का अधीक्षक नियुक्त किया। उसके कार्य में सहायता देने के लिए घुड़सवारों और पैदल व्यक्तियों की विशाल टुकड़ी दी गई। उसे विस्तृत अधिकार दिए गए। वह सारे व्यापारियों पर नियंत्रण रखता था और बाजार की कीमतों पर उतार-चढ़ाव तथा बाजार की सामान्य स्थिति की सूचना सुल्तान को देता था। बरनी इन बाजार सुधारों का उद्देश्य मंगोलों के विरुद्ध एक विशाल सेना तैयार करना तथा हिंदुओं में विद्रोह के विचार न पनपने देना बताता है। कारीगरों को कम वेतन देने से इनका कोई संबंध नहीं था। अतः कथन सही; किंतु कारण गलत है।

18. निम्न में से किस सुल्तान ने 'बाजार सुधार' लागू किए थे? [M.P.P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (b) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

भारत में 'बाजार सुधार' लागू करने वाला सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी था। मध्यकालीन भारत के इतिहास में अलाउद्दीन की बाजार नियंत्रण प्रणाली (मूल्य नियंत्रण) सबसे अद्भुत और कठोर मानी जाती है। उसका मुख्य उद्देश्य अपनी विशाल स्थायी सेना को कम वेतन में भी सभी सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराना था। अलाउद्दीन ने दैनिक उपयोग की हर वस्तु (अनाज, कपड़ा, घोड़े, दास) की कीमत तय कर दी थी।

बाजार नियंत्रण के प्रमुख अधिकारी:

अधिकारी का नामपद / कार्य
शहना-ए-मंडीप्रत्येक बाजार का अधीक्षक।
दीवान-ए-रियासतपूरे व्यापारिक तंत्र का प्रमुख अधिकारी।
बरीदबाजार का निरीक्षक जो सुल्तान को गुप्त रिपोर्ट देता था।
मुनहियानगुप्तचर जो बाजार की गतिविधियों पर नजर रखते थे।

19. निम्न मुस्लिम बादशाहों में से किस एक ने मूल्य नियंत्रण पद्धति को पहली बार लागू किया? [U.P. Lower Sub. (Pre) 1998 & U.P. P.S.C. (GIC) 2010 & U.P. Lower Sub. (Pre) 2004]

Correct Answer: (a) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

20. बाजार नियंत्रण प्रथा लागू की थी- [U.P. P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (c) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।