गुप्त एवं गुप्तोत्तर युग (UPPCS) Part-1

Total Questions: 50

31. प्रभावती गुप्त शासिका थी- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2023]

Correct Answer: (c) वाकाटक वंश की
Solution:प्रभावती गुप्त, गुप्त शासक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य की पुत्री थी। इसका विवाह वाकाटक शासक रुद्रसेन द्वितीय से हुआ था। रुद्रसेन द्वितीय की मृत्यु के पश्चात इसके पुत्र के अल्प वयस्क होने के कारण प्रभावती गुप्त ने अपने पिता के सहयोग से राज्य का संचालन कुशलता से किया था।

32. निम्नलिखित में से कौन सही सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2017]

सूची-Iसूची-II
(a) कुमारगुप्त Iमंदसौर अभिलेख
(b) पतिकतक्षशिला अभिलेख
(c) प्रभावती गुप्ताउदयगिरि गुहा अभिलेख
(d) समुद्रगुप्तएरण अभिलेख
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
कुमारगुप्त Iमंदसौर अभिलेख
पतिकतक्षशिला अभिलेख
चंद्रगुप्त द्वितीयउदयगिरि गुहा अभिलेख
समुद्रगुप्तएरण अभिलेख

प्रभावती गुप्ता का उदयगिरि से कोई अभिलेख नहीं प्राप्त हुआ है।

33. निम्न में से कौन-सा अभिलेख विश्व के प्रथम विज्ञापन के तौर पर जाना जाता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (a) दशपुर अभिलेख
Solution:'दशपुर अभिलेख' विश्व के प्रथम विज्ञापन के तौर पर जाना जाता है। इसे मंदसौर प्रशस्ति के नाम से भी जाना जाता है। यह गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल का एक प्रसिद्ध अभिलेख है। इसमें पट्टवाय (रेशमी बुनकर) श्रेणी का उल्लेख प्राप्त होता है।

34. मंदसौर-प्रशस्ति किस शासक की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करता है? [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2021]

Correct Answer: (d) कुमारगुप्त-I
Solution:कुमारगुप्त-I का समकालीन वत्सभट्टि एक स्थानीय कवि था। उसने मंदसौर प्रशस्ति की रचना की थी। मंदसौर प्रशस्ति कुमारगुप्त-I की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करती है। इस प्रशस्ति में तंतुवाय/ पट्टवाय श्रेणी का वर्णन किया गया है, वहीं साथ ही सूर्य मंदिर के वर्णन से उस नगर में प्रचलित सूर्योपासना की धार्मिक भावना को तथा मालवा में प्रचलित शिखरयुक्त प्राचीन मंदिरों की वास्तुगत विशेषताओं का भी निरूपण किया गया है।

35. रेशम बुनकरों की श्रेणी की जानकारी निम्नलिखित किस शिलालेख से मिलती है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (a) दशपुर शिलालेख
Solution:दशपुर (मंदसौर) शिलालेख गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल का है। इस लेख में कुमारगुप्त प्रथम के राज्यपाल वंधुवर्मा का उल्लेख मिलता है। इसमें सूर्य मंदिर के निर्माण का उल्लेख मिलता है। यहां से प्राप्त लेख में 'पट्टवाय/तंतुवाय श्रेणी' (रेशमी सूत बुनने वालों की श्रेणी) का उल्लेख मिलता है।

36. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : [U.P.B.E.O. (Pre) 2019]

 शासकरानियां
A. चंद्रगुप्त1. दत्तादेवी
B. समुद्रगुप्त2. कुबेरनागा
C. चंद्रगुप्त द्वितीय3. कुमारदेवी
D. कुमारगुप्त प्रथम4. अनन्तदेवी
कूट :
ABCD
(a)3124
(b)2134
(c)1234
(d)4321
Correct Answer: (a)
Solution:सही सुमेलन है-
शासकरानियां
चंद्रगुप्तकुमारदेवी
समुद्रगुप्तदत्तादेवी
चंद्रगुप्त द्वितीयकुबेरनागा
कुमारगुप्त प्रथमअनन्तदेवी

37. निम्न में से कौन गुप्तकालीन प्रशासनिक विभाजन का सही अनुक्रम है? [U.P. R.O./A.R.O. (Pre) 2023]

Correct Answer: (a) भुक्ति → विषय → वीथि → ग्राम
Solution:गुप्त काल में साम्राज्य को 'भुक्ति' (प्रांत) में विभाजित किया गया था।

38. ईसा की तीसरी शताब्दी से, जबकि हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य समाप्त हो गया, भारतीय व्यापारी अधिकाधिक निर्भर हो गए- [I.A.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (c) दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर
Solution:ईसा की तीसरी सदी से जब हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य का पतन हो गया, तो भारतीय दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर अधिक निर्भर हो गए।

39. गुप्त काल में उत्तर भारतीय व्यापार निम्नलिखित में से किस एक पत्तन से संचालित होता था? [U.P.P.S.C. (R.I.) 2014 & I.A.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (a) ताम्रलिप्ति
Solution:गुप्त काल में 'ताम्रलिप्ति' तत्कालीन बंगाल का एक प्रमुख बंदरगाह था, जहां से उत्तर भारतीय व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन, लंका, जावा, सुमात्रा आदि देशों के साथ होता था। पश्चिमी भारत का प्रमुख बंदरगाह भृगुकच्छ (भड़ौच) था, जहां से उत्तर भारत का पश्चिमी देशों के साथ समुद्री व्यापार होता था। गुप्त काल में उत्तर भारत का सर्वाधिक व्यापार दक्षिण पूर्व एशिया से होता था। अतः इस काल का प्रमुख बंदरगाह ताम्रलिप्ति था। परंतु अन्य बंदरगाहों; जैसे- भड़ौच, कल्याण, कॉम्बे आदि से भी उत्तर भारतीय व्यापार होता था। अतः उपर्युक्त प्रश्न में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर ताम्रलिप्ति होगा, साथ ही यदि विकल्प में 'उपर्युक्त सभी' विकल्प होता, तो सटीक उत्तर उपर्युक्त सभी होता।

40. निम्नलिखित में से कौन-सा बंदरगाह गुप्तकाल में उत्तर भारतीय व्यापार के लिए उपयोग किया जाता था? [65th B.P.S.C. (Pre) 2019]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:गुप्त काल में 'ताम्रलिप्ति' तत्कालीन बंगाल का एक प्रमुख बंदरगाह था, जहां से उत्तर भारतीय व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन, लंका, जावा, सुमात्रा आदि देशों के साथ होता था। पश्चिमी भारत का प्रमुख बंदरगाह भृगुकच्छ (भड़ौच) था, जहां से उत्तर भारत का पश्चिमी देशों के साथ समुद्री व्यापार होता था। गुप्त काल में उत्तर भारत का सर्वाधिक व्यापार दक्षिण पूर्व एशिया से होता था। अतः इस काल का प्रमुख बंदरगाह ताम्रलिप्ति था। परंतु अन्य बंदरगाहों; जैसे- भड़ौच, कल्याण, कॉम्बे आदि से भी उत्तर भारतीय व्यापार होता था। अतः उपर्युक्त प्रश्न में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर ताम्रलिप्ति होगा, साथ ही यदि विकल्प में 'उपर्युक्त सभी' विकल्प होता, तो सटीक उत्तर उपर्युक्त सभी होता।