गुरुत्व के अधीन गति-(भौतिक विज्ञान)

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11. हवा में लोहे और लकड़ी की समान भार की गेंद को समान ऊंचाई से गिराने पर- [U.P. P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (c) लकड़ी की गेंद बाद में गिरेगी।
Solution:हवा की अनुपस्थिति में लोहे तथा लकड़ी के समान भार को समान ऊंचाई से गिराने पर वे एक साथ पृथ्वी पर पहुंचेंगे, परंतु हवा की उपस्थिति में लोहे तथा लकड़ी की समान भार की गेंद को समान ऊंचाई से गिराने पर लोहे की गेंद पहले पहुंचेगी तथा लकड़ी की गेंद बाद में गिरेगी।

12. दो गेंदें A तथा B क्रमशः 10 किग्रा. तथा 1 किग्रा. की हैं। उन्हें 20 मीटर की ऊंचाई से एक साथ गिराया जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (c) भूमि पर दोनों A और B एक साथ पहुंचेंगी
Solution:

13. कथन : चन्द्रमा पर मानव का वजन पृथ्वी की तुलना में 1/6 रहता है। [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2008]

कारण : चन्द्रमा पर पृथ्वी की तरह गुरुत्वाकर्षण नहीं है। निम्नलिखित कूटों में से उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (c) कथन सही है, परंतु कारण गलत है।
Solution:चन्द्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह है। चन्द्रमा के गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी पर g के मान का 1/6 वां भाग है। इसलिए चन्द्रमा पर व्यक्ति का भार पृथ्वी पर उसके भार का 1/6 वां भाग होगा। इस प्रकार कथन सही है, जबकि कारण सही नहीं है।

14. किसी पिण्ड का भार - [U.P.P.C.S. (Pre) 2006 U.P.P.C.S.(Mains) 2009]

Correct Answer: (b) ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है।
Solution:गुरुत्वीय त्वरण का मान भूमध्य रेखा पर सबसे कम एवं ध्रुवों पर सबसे अधिक होने के कारण पिण्ड का भार (जो कि द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है) भूमध्य रेखा पर न्यूनतम और ध्रुवों पर सर्वाधिक होगा।

15. मानव शरीर का भार होता है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2015]

Correct Answer: (a) ध्रुवों पर अधिकतम
Solution:गुरुत्वीय त्वरण का मान भूमध्य रेखा पर सबसे कम एवं ध्रुवों पर सबसे अधिक होने के कारण पिण्ड का भार (जो कि द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है) भूमध्य रेखा पर न्यूनतम और ध्रुवों पर सर्वाधिक होगा।

16. यदि धरती की घूमने की गति (घूर्णन) बढ़ा दी जाए, तो भूमध्यरेखा पर पिंड का वजन - [67th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2022]

Correct Answer: (b) घट जाएगा
Solution:किसी परिक्रमण करने वाले निकाय के भूमध्यरेखा (Equator) पर अपकेंद्र बल (Centrifugal force) कार्य करते हैं। यह बल गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करते हैं, जिससे भूमध्यरेखा पर व्यक्ति के भार में कमी दर्ज की जाती है। यदि पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ा दी जाए, तो भूमध्य रेखा पर अपकेंद्र बल में वृद्धि दर्ज होगी और किसी पिंड के भार में कमी प्रतीत होगी।

17. गुरुत्व के अधीन विरामावस्था से मुक्त रूप से गिरने वाले किसी कण के मामले में समय (t) में विस्थापन (d) का विवरण किसमें सही दर्शित है- [I.A.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a)
Solution:

गुरुत्वाकर्षण के अधीन विरामावस्था से स्वतंत्र रूप से गिरने वाले कण के लिए, समय () के साथ विस्थापन (S) का संबंध S होता है।

इसे समझने के लिए, हम गति के समीकरणों का उपयोग कर सकते हैं:

प्रारंभिक वेग () = 0 (क्योंकि कण विरामावस्था से गिरना शुरू करता है)।

त्वरण () = (गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, जो स्थिर होता है)।

 विस्थापन, प्रारंभिक वेग, त्वरण और समय को जोड़ने वाला समीकरण है: S

 

 चूँकि एक स्थिरांक है, समीकरण दर्शाता है कि विस्थापन (S) समय () के वर्ग () के सीधे आनुपातिक होता है।

इसलिए, गुरुत्वाकर्षण के अधीन विरामावस्था से स्वतंत्र रूप से गिरने वाले कण के लिए विस्थापन () और समय () के बीच का सही संबंध S  है, जिसका अर्थ है कि विस्थापन समय के वर्ग के समानुपाती होता है। अतः विकल्प (a) रेखाचित्र का सही प्रदर्शन है।

18. एक चिकना आनत तल, क्षैतिज के साथ (θ) कोण पर आनत है जैसा कि दी गई आकृति में दिखाया गया है। एक पिण्ड विरामावस्था से प्रारंभ कर आनत पृष्ठ पर से नीचे की ओर फिसलता है। अधस्तल तक पिण्ड को पहुंचने में लगा समय है- [I.A.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (c) 1/(sinθ) * sqrt((2h)/g)
Solution:

19. एक ऊंची इमारत से एक गेंद 9.8 मी./से². के समान त्वरण के साथ गिराई जाती है। 3 सेकंड बाद उसका वेग क्या होगा? [I.A.S. (Pre) 1998]

Correct Answer: (c) 29.4 मी./से.
Solution:दिया है a = 9.8 m/s²

t = 3 s

u = 0 m/s

हम जानते हैं कि ⇒v = u + at = 0 + 9.8 × 3 = 29.4 m/s.

20. यदि पृथ्वी का द्रव्यमान वही रहे और त्रिज्या 1% से कम हो जाए, तब पृथ्वी के तल पर g का मान- [I.A.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (b) 2% बढ़ जाएगा
Solution:

गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी की सतह पर त्वरण () का मान निम्न सूत्र से दिया जाता है:

जहाँ:

  • गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है
  • पृथ्वी का द्रव्यमान है
  • पृथ्वी की त्रिज्या है

प्रश्न में दिया गया है कि पृथ्वी का द्रव्यमान () वही रहता है, लेकिन त्रिज्या () 1% कम हो जाती है