ऐतिहासिक परिदृश्य (छत्तीसगढ़)

Total Questions: 50

1. राजनांदगांव जिला का 'चितवा डोंगरी' क्यों प्रसिद्ध है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2016]

Correct Answer: (c) प्रागैतिहासिक शैलचित्रों
Solution:चितवा डोंगरी' प्रागैतिहासिक शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान में स्थल बालोद जिले में है। इन शैलचित्रों के आधार पर छत्तीसगढ़ में सभ्यता का विकास पूर्व पाषाण युग से होना माना गया है। 'चितवा डोंगरी' के अलावा रायगढ़ जिले के सिंघनपुर क्षेत्र में कबरा पहाड़ से भी प्रागैतिहासिक शैलचित्र पाए गए हैं|

2. छत्तीसगढ़ में चितवा डोंगरी के शैलचित्रों की खोज सर्वप्रथम किसने की थी? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2020]

Correct Answer: (b) भगवानसिंह बघेल एवं रमेन्द्रनाथ मिश्र
Solution:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित चितवा डोंगरी पहाड़ों में प्रागैतिहासिक शैलचित्र पाए गए हैं। इनकी खोज सर्वप्रथम भगवानसिंह बघेल एवं रमेन्द्रनाथ मिश्र ने की। इन शैलचित्रों के आधार पर छत्तीसगढ़ में सभ्यता का विकास पूर्व पाषाण युग में होना माना जाता है।

3. सीताबेंगरा के गुफा में निर्मित नाट्यशाला स्थित है- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2018]

Correct Answer: (b) रामगढ़ में
Solution:

सीताबेंगरा गुफ़ा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 280 किलोमीटर दूर रामगढ़ में स्थित है। अंबिकापुर- बिलासपुर मार्ग पर स्थित रामगढ़ के जंगल में तीन कमरों वाली यह गुफ़ा देश की सबसे पुरानी नाटयशाला है। सीताबेंगरा गुफ़ा पत्थरों में ही गैलरीनुमा काट कर बनाई गयी है। यह गुफ़ा प्रसिद्ध जोगीमारा गुफ़ा के नजदीक ही स्थित है। सीताबेंगरा गुफ़ा का महत्त्व इसके नाट्यशाला होने से है। माना जाता है कि यह एशिया की अति प्राचीन नाट्यशाला है। इसमें कलाकारों के लिए मंच निचाई पर और दर्शक दीर्घा ऊँचाई पर है। प्रांगन 45 फुट लंबा और 15 फुट चौडा है। इस नाट्यशाला का निर्माण ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी का माना गया है, क्यूँकि पास ही जोगीमारा गुफ़ा की दीवार पर सम्राट अशोक के काल का एक लेख उत्कीर्ण है। ऐसे गुफ़ा केन्द्रों का मनोरंजन के लिए प्रयोग प्राचीन काल में होता था।

4. किस जिले में 'सीता लेखनी' पहाड़ है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2017]

Correct Answer: (d) सूरजपुर
Solution:सूरजपुर जिला मुख्यालय से लगभग 75 किमी. की दूरी पर 'सीता लेखनी' पहाड़ स्थित है। ऐसी मान्यता है कि वनवास काल में भगवान श्रीराम, सीताजी एवं लक्ष्मण वन देवी की पूजा करने कुदरगढ़ में पहुंचे थे, उसी दौरान लक्ष्मण ने सीताजी को यहीं के पत्थरों में पढ़ना-लिखना सिखलाया था।

5. रायगढ़ जिले का सिंघनपुर किसलिए प्रसिद्ध है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2015]

Correct Answer: (d) शैलचित्र
Solution:छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले का सिंघनपुर शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1910 में एंडरसन द्वारा यहां शैलचित्रों की खोज की गई थी। छत्तीसगढ़ के अन्य स्थल जहां से शैलचित्र प्राप्त हुए हैं, वे हैं-कबरा पहाड़, बसनाझार, ओंगना, करमागढ़, खैरपुर एवं अमरगुफा आदि। सिंघनपुर से मानव एवं जानवरों के शैलचित्र प्राप्त हुए हैं।

6. बस्तर के 'काकतीय वंश' के संस्थापक कौन थे ? [Chhattisgarh. P.C.S. (Pre), 2023]

Correct Answer: (c) अन्नम देव
Solution:1324 ई. में काकतीय वंश के महाराजा अन्नम देव द्वारा बस्तर का शाही साम्राज्य स्थापित किया गया। महाराजा अन्नम देव के बाद महाराजा हमीर देव, बैताल देव, पुरुषोत्तम देव, प्रताप देव, दिकपाल देव, राजपाल देव ने शासन किया। बस्तर शासन की प्रारंभिक राजधानी बस्तर शहर में बसाई गई, फिर जलगदलपुर शहर में स्थानांतरित की गई। बस्तर में अंतिम शासन महाराजा प्रबीरचंद्र भंजदेव (1936-1948) ने किया।

7. बाबू रेवाराम कहां के निवासी थे? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2018]

Correct Answer: (b) रतनपुर
Solution:उत्तर रीतिकालीन काव्यधारा को छत्तीसगढ़ में प्रवाहित करने वाले संस्कृत के महाकवि बाबू रेवाराम रतनपुरिहा गम्मत व रहंस के प्रणेता माने जाते हैं। काशी के पंडितों ने इन्हें महापंडित की उपाधि देकर सम्मानित किया। इनका जन्म 1812 ई. में रतनपुर में हुआ था। इनके पूर्वज हैह्यवंशी राजाओं के दीवान थे।

8. यति यतन लाल महासमुंद के किस आश्रम से जुड़े थे? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2005]

Correct Answer: (c) विवेक वर्धन
Solution:1894 ई. में बीकानेर में जन्में तथा रायपुर में शिक्षा प्राप्त करने वाले यति यतन लाल ने वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके तथा शंकरराव गनौदवाले के नेतृत्व में महासमुंद में जंगल सत्याग्रह हुआ था। वह विवेक वर्धन आश्रम से संबद्ध थे।

9. रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम नारायणपुर के संस्थापक हैं- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2014]

Correct Answer: (b) स्वामी आत्मानंद
Solution:बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध तक भी सभ्यता से विमुख अर्धनग्न रहने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस्तर क्षेत्र के अबुझमाड़ ग्राम के वनवासियों के कल्याणार्थ स्वामी आत्मानंद द्वारा नारायणपुर में रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम की स्थापना की गई थी

10. छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश नियंत्रक काल में ब्रिटिश प्रशासकों को सेवाकाल के क्रम से सही विकल्प में चुनिए ? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2023]

(i) कैप्टन क्रॉफर्ड

(ii) मेजर एगेन्यू

(iii) मि. सेंडिस

(iv) कैप्टन एडमंड

Correct Answer: (c) (iv) (ii) (iii) (i)
Solution:छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश नियंत्रक काल में ब्रिटिश प्रशासकों का सेवाकाल इस प्रकार है- कैप्टन एडमंड (1818), मेजर एगेन्यू (1818-1825), मि. सेंडिस (1825-1828), कैप्टन क्रॉफर्ड (1828-1829)।