Correct Answer: (b) सरयू प्रसाद अग्रवाल
Solution:वर्ष 1937 में छत्तीसगढ़ में डौंडीलोहारा के जमींदार मनीराम पांडेय का बड़ा आतंक था। 28 अगस्त, 1937 को जमींदार के समक्ष किसानों ने मांलीखेड़ी के बाजार में आमसभा का आयोजन करके शिकायतें कीं, परंतु जमींदार ने किसी की भी नहीं सुनी। उस समय नरसिंह प्रसाद अग्रवाल, जो एक बड़े गांधीवादी नेता थे, के नेतृत्व में किसानों ने आंदोलन प्रारंभ किया। यह आंदोलन अंबागढ़ चौकी, पानबरस आदि अन्य जमींदारियों में फैल गया, जिसमें नरसिंह प्रसाद अग्रवाल के भाई सरयू प्रसाद अग्रवाल, वासुदेव देशमुख और पं. रत्नाकर झा सहित कई लोगों ने सहयोग प्रदान किया। डौंडीलोहारा में सरयू प्रसाद अग्रवाल ने सत्याग्रह का नेतृत्व किया।