कला एवं संस्कृति : (छत्तीसगढ़)

Total Questions: 45

41. भरथरी गायन की प्रसिद्ध गायिका कौन हैं? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2017]

Correct Answer: (b) श्रीमती सुरुजबाई खांडे
Solution:सुप्रसिद्ध भरथरी गायिका सुरुजबाई खांडे हैं। 10 मार्च, 2018 को बिलासपुर में इनका निधन हो गया। भरथरी, छत्तीसगढ़ की एक लोक गाथा है, जो आंचलिक परंपरा में आध्यात्मिक लोकनायक के रूप में प्रतिष्ठित राजा भर्तृहरि के जीवन वृत्त, नीति और उपदेशों को लोक शैली में प्रस्तुत करते हैं।

42. निम्नलिखित में से कौन 'भरथरी गायन' के लिए प्रसिद्ध है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2020]

Correct Answer: (b) श्रीमती सुरुजबाई खांडे
Solution:सुप्रसिद्ध भरथरी गायिका सुरुजबाई खांडे हैं। 10 मार्च, 2018 को बिलासपुर में इनका निधन हो गया। भरथरी, छत्तीसगढ़ की एक लोक गाथा है, जो आंचलिक परंपरा में आध्यात्मिक लोकनायक के रूप में प्रतिष्ठित राजा भर्तृहरि के जीवन वृत्त, नीति और उपदेशों को लोक शैली में प्रस्तुत करते हैं।

43. छत्तीसगढ़ में 'कबीर गायन' के प्रसिद्ध कलाकार कौन हैं? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2015]

Correct Answer: (b) भारती बंधु
Solution:भारती बंधु, छत्तीसगढ़ में कबीर गायन के प्रसिद्ध कलाकार हैं। ये कबीर गायन को अपनी शैली में गाते हैं। स्वामी विद्याधर गैना भारती तथा सत्यभामा देई भारती के पुत्रों को 'भारती बंधु' के नाम से जाना जाता है।

44. दामाखेड़ा निम्न में से किससे संबंधित है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2014]

Correct Answer: (b) कबीर पंथ
Solution:कबीर पंथियों के प्रमुख आस्था केंद्र बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम दामाखेड़ा में आयोजित होने वाला संत समागम मेला लगभग एक सौ वर्ष से अधिक पुराना है। इस मेले की शुरुआत उग्रनाम साहेब ने की थी। यहां कबीर धाम की स्थापना वर्ष 1904 में हुई थी। यहां समाधि मंदिर भी है, जिसमें कबीर पंथ के संतों की समाधि है।

45. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सितारवादक हैं- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre), 2013]

Correct Answer: (c) विमलेंदु मुखर्जी, बुधादित्य मुखर्जी
Solution:आचार्य विमलेंदु मुखर्जी हिंदुस्तानी शास्त्रीय सितारवादक एवं संगीत अध्यापक थे। इनका जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था, किंतु वर्ष 1955 में ये भिलाई (छत्तीसगढ़) में आकर बस गए। ये प्रसिद्ध सितारवादक बुधादित्य मुखर्जी के पिता एवं गुरु थे। इनके अन्य शिष्यों में संजय बंद्योपाध्याय, पं. सुधीर कुमार, अनुपमा भागवत आदि प्रमुख थे।