जनसंख्या (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 10

1. निम्नलिखित में से कौन जनसंख्या परिवर्तन का महत्वपूर्ण निर्धारक है? [JE मैकेनिकल परीक्षा 27 अक्टूबर, 2020 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) प्रवासन
Solution:
  • अपने सामान्य स्थान से दूर आंतरिक (देश के अंदर) अथवा अंतरराष्ट्रीय (विभिन्न देशों में) सीमाओं के पार लोगों की आवाजाही को प्रवासन (Migration) कहा जाता है।
  • जनसंख्या परिवर्तन का महत्वपूर्ण निर्धारक 'प्रवासन' (Migration) है। प्रवासन के अनेक प्रकार होते हैं
  • जैसे-गांव से शहर में प्रवासन, शिक्षा, रोजगार व अन्य कारणों से तथा एक देश से दूसरे देश में प्रवासन आदि।
  • जन्म दर (birth rate)
    • परिभाषा: प्रति हजार जनसंख्या में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या।
    • प्रभाव: ऊँची जन्म दर से प्राकृतिक वृद्धि तेज होती है
    • परिवारिक, सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता इसे प्रभावित करती है।
    • नोट: अधिकांश विकासशील देशों में जन्म दर उच्च रहती है, जिससे जनसंख्या आकार बढ़ता है
    • परिभाषा: प्रति हजार जनसंख्या में मरने वालों की संख्या।
    • प्रभाव: कमी मृत्यु दर के कारण जनसंख्या वृद्धि धीमी हो सकती है या गिर सकती है
    • रोग नियंत्रण, जीवन गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं से मृत्यु दर घटती है।
    • नोट: बेहतर स्वास्थ्य तंत्र के कारण मृत्यु दर घटने से जनसंख्या वृद्धि बढ़ सकती है, भले ही जन्म दर स्थिर हो।
  • प्रवास (migration)
    • प्रकार: प्रवासन (immigration) और पलायन (emigration)।
    • प्रभाव: प्रवासन से किसी क्षेत्र की कुल आबादी में बदलाव आता है
    • साथ ही आयु-गुणा, लिंग-संरचना और निवास-स्थान परिवर्तन भी होते हैं।
    • महत्त्वपूर्ण बिंदु: प्रवास सिर्फ आकार नहीं बदलता, लेकिन क्षेत्रीय वितरण, उम्र संरचना और वित्तीय स्थिति पर भी असर डालता है।
  • अन्य घटक (प्राकृतिक वृद्धि बनाम जनसंख्या परिवर्तन)
    • प्राकृतिक वृद्धि = जन्म दर − मृत्यु दर।
    • जनसंख्या परिवर्तन का संपूर्ण मापक: (जन्म + प्रवास) − (मृत्यु + पलायन)।
    • इस सूत्र से यह स्पष्ट होता है कि जन्म- death- प्रवास तीनों मिलकर कुल परिवर्तन तय करते हैं।
  • गहराई से समझने के लिए प्रमुख बिंदु
    • जन्म दर और मृत्यु दर दोनों प्राकृतिक वृद्धि के घटक हैं
    • वैश्विक प्रवृत्ति के अनुसार इन दोनों के स्तरों में असमानता होती है, जो किसी देश या क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर तय करती है।
    • प्रवास के कारण किसी देश की जनसंख्या आकार में बदलाव आ सकता है, भले ही जन्म- मृत्यु का अंतर स्थिर हो।
    • मॉडल के अनुसार विकसित/औद्योगिक देशों में मृत्यु दर तेजी से गिरती है
    • जन्म दर में कमी आती है, जिससे समय के साथ जनसंख्या वृद्धि धीमी या स्थिर हो जाती है
    • विकासशील देशों में जन्म दर अभी भी ऊँची हो सकती है, जिससे वृद्धि अधिक रहती है।
    • शिक्षा, विवाह-प्रथाओं, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, बाल-अधिकार, और रोजगार के अवसर जैसे कारक इन तीनों घटकों को निर्धारित करते हैं।
  • तालिका (सारांश)
    • जन्म दर: वृद्धि का प्रमुख चालक; अधिक जन्म दर से तेजी से जनसंख्या बढ़ती है।
    • मृत्यु दर: वृद्धि को नियंत्रित करती है; कम मृत्यु दर से वृद्धि स्थिर या तेज हो सकती है।
    • प्रवास: कुल आकार और संरचना दोनों को प्रभावित करता है; क्षेत्रीय वितरण और आयु-गुणा परिवर्तन में अहम भूमिका।
    • संयुक्त सूत्र: जनसंख्या परिवर्तन = (जन्म + प्रवास) − (मृत्यु + पलायन)।
  • संभावित प्रश्नों के उत्तर के लिए टिप्स
    • अगर आप देश-विशेष के लिए आंकड़े चाहते हैं, तो जन्म rate, मृत्यु rate, और net migration rate एक साथ देखना चाहिए ताकि पूरी तस्वीर मिल सके।
    • सामाजिक-आर्थिक नीतियाँ, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, और शिक्षा-स्तर इन तीन घटकों को कैसे प्रभावित करते हैं, इस पर विश्लेषण करें।
  • तथ्यों के उद्धरण औरFurther पढ़ाई के सुझाव
    • जनसंख्या परिवर्तन के घटक, और उनका परस्पर प्रभाव कई पाठ्य सामग्रियों में स्पष्ट किए जाते हैं;

2. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक जनसंख्या के वितरण को प्रभावित कर सकता है? [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (I-पाली)]

I. भौगोलिक कारक

II. सामाजिक कारक

III. सांस्कृतिक कारक

IV. आर्थिक कारक

Correct Answer: (b) I, II, III और IV
Solution:
  • भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारक जनसंख्या के वितरण को प्रभावित कर सकते हैं।
  • राजनीतिक स्थिरता, शैक्षिक और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की उपलब्धता, उद्योगों और रोजगार के अवसरों की उपस्थिति कुछ ऐसी स्थितियां हैं
  • जो लोगों को किसी क्षेत्र में बसने के लिए प्रोत्साहित करती है।
  • भौगोलिक कारक (स्थलाकृति, जलवायु, मृदा, जल, खनिज)
    • स्थलाकृति: मैदानों में कृषि, उद्योग और सेवाओं के अवसर अधिक रहते हैं
    • पर्वतीय/अत्यंत कठिन भूभाग कम आबादी रखते हैं।
    • जलवायु: उष्ण/मध्यम जलवायु वाले क्षेत्र अधिक निवास योग्य समझे जाते हैं बनाम अत्यंत ठंडे/गर्म इलाकों के विरल यायावरी।
    • मृदा एवं जल संसाधन: उपजाऊ मृदा और ताजा जल नजदीक रहने से घनत्व बढ़ता है।
    • खनिज संसाधन: खनिज भंडार वाले क्षेत्र वस्तुतः आकर्षण केंद्र बनते हैं
    • रोजगार और औद्योगीकरण से आबादी बढ़ती है।
  • आर्थिक कारक
    • रोजगार अवसर: औद्योगिक-सेवा क्षेत्र के केंद्रों पर आबादी अधिक डटी रहती है (जैसे मुंबई, ओसाका जैसी शहरीदर्शक जगहें)।
    • आय-प्रस्ताव: आर्थिक अवसरों के कारण प्रवास और आंतरिक पलायन बढ़ता है और कुछ क्षेत्रों में घनी आबादी बनती है।
  • सामाजिक कारक
    • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं: अच्छी शिक्षा, अस्पताल, बिजली-जल-सब्सिडी जैसी बुनियादी सुविधाएं रहने के निर्णय को प्रभावित करती हैं।
    • आवास और जीवनस्तर: बेहतर आवासीय सुविधाएं भी आबादी को आकर्षित करती हैं।
  • सांस्कृतिक कारक
    • धार्मिक-आधार पर महत्व वाले स्थल: तीर्थस्थल, धार्मिक केंद्र और सांस्कृतिक विरासत वाले क्षेत्र लोगों को खिंचते हैं (उदा. वाराणसी, ירושלים, वेटिकन सिटी आदि)।
  • राजनैतिक/राजनीतिक कारक
    • प्रशासनिक केंद्र बनना, योजनाबद्ध नगर-नियोजन, कर नीति और निवेश वातावरण जैसी चीजें प्रवास की दिशा तय कर सकती हैं।
  • उच्च-स्तरीय सार
    • आबादी का वितरण एक बहु-कारक संलयन है
    • भौतिक पर्यावरण के साथ साथ सामाजिक-आर्थिक विकास की स्थिति, नीति-निर्माण और सांस्कृतिक पहलू मिलकर तय करते हैं
    • किस क्षेत्र में कितनी आबादी बसेगी।
    • सामान्य तौर पर तटीय, नदी घाटी, उपजाऊ राज्यों/क्षेत्रों में घनत्व अधिक होता है
    • जबकि चुनिंदा कठिन भूभाग और दुर्गम क्षेत्रों में कमी रहती है।

3. दस लाख की आबादी तक पहुंचने वाली प्रथम नगरीय बस्ती ....... थी। [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) लंदन
Solution:
  • दस लाख की आबादी तक पहुंचने वाली प्रथम नगरीय बस्ती लंदन थी।
  • परिप्रेक्ष्य और परिभाषा
    • नगरद्य सन्दर्भ में “नगरीय बस्ती” से तात्पर्य ऐसी जगह से है
    • जहाँ स्थिर निवास, व्यवस्थित जीवनयापन और नागरिक सुविधाओं के साथ जनसंख्या एक लाख तक पहुँच गई हो।
    • इतिहास में इस मापदण्ड को पार करने वाले पहले शहर के रूप में लंदन का नाम मिलता है.​
    • 1810 के आस-पास लंदन विश्व की पहली ऐसी नगरनीति बनी जिसमें जनसंख्या की सीमा एक मिलियन के बराबर पहुँची।
    • इससे यह स्पष्ट है कि औद्योगिक क्रांति के पहले महाराष्ट्रीयन शहरों में यह मापदण्ड पहली बार पूर्ण हुआ.​
  • क्रमिक इतिहास और संदर्भ
    • लंदन के बाद 1850 के दशक तक पेरिस, 1860 के दशक में न्यूयॉर्क आदि शहरों ने क्रमश
    • एक मिलियन के पार आबादी दर्ज करवाई, जिससे मिलियन-+ नगरों की संख्या बढ़ना शुरू हुआ
    • 20वीं सदी तक यह प्रवृत्ति वैश्विक स्तर पर तेज हुई.​
    • पाठ्य सामग्री और विविध स्रोतों में यह भी कहा गया है
    • 19वीं सदी के अंत तक विश्व भर में कई शहर एक मिलियन आबादी तक पहुंच चुके थे
    • जिससे मेगासिटी की परिकल्पना धीरे-धीरे वास्तविक शक्ल लेने लगी
    • परन्तु इतिहासकारों में पहले प्रमाणित मिलियन-प्लस शहर के रूप में लंदन को प्राथमिक माना गया है.​
  • अन्य स्रोतों से अपेक्षित जानकारी
    • शहरीकरण के विकासक्रम में यह देखा गया है
    • मिलियन-प्लस शहरों की संख्या हर कुछ दशकों में बढ़ती गई और 1950 के दशक तक वैश्विक स्तर पर दर्जनों शहर एक मिलियन से ऊपर हो चुके थे
    • इसके पीछे औद्योगिक, ऐतिहासिक, आर्थिक और जलवायु-स्वास्थ्य प्रभाव थे
    • जिनके कारण शहरी केंद्रों का आकार और संरचना बदलती चली गई.​
  • निहित संयुक्त तथ्य
    • लंदन विश्व की पहली मिलियन-आबादी नगरीय बस्ती के रूप में इतिहास में दर्ज है
    • इसका प्रमुख प्रमाण 1810 के आसपास की आबादी-सीमा है.​
    • नतीजतन, यदि किसी प्रश्न में “पहली ऐसी नगरीय बस्ती कौनसी है
    • पूछा जाए, तो सबसे आम और मानक उत्तर लंदन ही माना जाता है
    • अन्य शहर पेरिस या न्यूयॉर्क क्रमशः बाद में आते हैं.​
  • संदर्भ
    • लंदन 1810 के आसपास मिलियन-आबादी तक पहुंचने वाला पहला नगर: विवरण और संगत सारांश.​
    • विस्तृत प्वाइंट्स और के-फैक्ट्स: मिलियन-आबादी शहरी बस्तियाँ और क्रमिक वृद्धि.​
    • सामान्य ज्ञान-उपलब्धियाँ और अध्ययन स्रोत: नगरीय बस्ती की परिभाषा और ऐतिहासिक क्रम.

4. यदि किसी देश की जन्म दर मृत्यु दर से अधिक है, तो जनसंख्या में ......... । [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) वृद्धि होगी
Solution:
  • किसी देश की जन्म दर मृत्यु दर से अधिक है, तो जनसंख्या में वृद्धि होगी। अतः सही उत्तर विकल्प (a) होगा।
  • संकल्पना और संकेत
    • जन्म दर मृत्यु दर से अधिक होने पर प्रति वर्ष जन्मों की संख्या मरने वालों से अधिक होती है
    • जिससे कुल आबादी में net वृद्धि होती है.​
    • यह वृद्धि तब तक जारी रहती है जब तक जन्म दर मृत्यु दर से ऊँची रहती है
    • आदि कारणों से स्थिति बदल न जाए.​
  • घटक और परिणाम
    • प्राकृतिक वृद्धि (births minus deaths) आबादी के आकार को बढ़ाती है.​
    • बढ़ी हुई जनसंख्या संसाधनों पर दबाव डाल सकती है
    • जैसे भोजन, पानी, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं; साथ ही आर्थिक विकास के अवसर भी व्यापक हो सकते हैं अगर व्यवस्थापन सही हो.​
    • समय के साथ जन्म दर में गिरावट, स्वास्थ्य और शिक्षा के सुधार, महिलाओं की शिक्षा और परिवार-योजना उपलब्धता जैसी नीतियाँ जन्म दर को घटाकर बढ़ोतरी को संतुलित कर सकती हैं.​
  • विशेष विचार
    • अधिक तेज़ आबादी वृद्धि विकासशील देशों में बड़े सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का कारण बन सकती है
    • अभिग्रहण, शहरीकरण और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ संसाधनों का दबाव भी बढ़ सकता है.​
    • यदि प्रवासन (migration) भी शामिल हो, तो net migration आबादी के हिसाब से जन्म दर- मृत्यु दर से निकटनेक या विपरीत प्रभाव डालती है
    • इसलिए कुल वृद्धि की दिशा विविध हो सकती है.​
  • संक्षिप्त सूत्र
    • प्राकृतिक वृद्धि = जन्म दर (per 1000 people) - मृत्यु दर (per 1000 people)
    • कुल आबादी परिवर्तन = Natural increase + Net migration (अगर लागू)

5. जनसांख्यिकी में 'जनसंख्या प्रक्षेपण' ....... को संदर्भित करता है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) पिछले आंकड़ों और रुझानों के आधार पर भविष्य की जनसंख्या के आकार का अनुमान लगाने
Solution:
  • जनसंख्या प्रक्षेपण एक तस्वीर देता है कि भविष्य में लिंग और आयु के आधार पर जनसंख्या का आकार और संरचना कैसी दिख सकती है।
  • यह पिछले रुझानों के ज्ञान और भविष्य के लिए तीन घटकों प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर और प्रवास के लिए बनाई गई धारणाओं पर आधारित है।
  • परिभाषा
    • यह अनुमान संचयन के तौर पर किया जाता है
    • ताकि स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों के लिए योजना बन सके.​
  • डेटा स्रोत और मॉडल
    • जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवासन दर आदि के ऐतिहासिक डेटा को बल देकर मॉडल बनते हैं
    • कुछ सामान्य मॉडल डेमोग्राफिक ट्रांज़िशन मॉडल (DTM) के चरणों के साथ समझाए जाते हैं.​
    • प्रवासन पैटर्न और समाज-आर्थिक संकेतक भी प्रक्षेपण में शामिल होते हैं
    • ताकि अंतर-स्थानीय और अंतर-देशीय प्रवाह का प्रभाव भी आ सके.​
  • उद्देश्य और उपयोग
    • 정책-निर्माण: शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-व्यवस्था, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए प्रक्षेपण का उपयोग किया जाता है.​
    • संसाधन आवंटन: समय-समय पर भवन निर्माण, पठन-पाठन सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निवेश की योजना बनती है.​
  • चरण और प्रतीक
    • जनसंख्या प्रक्षेपण अक्सर चरणबद्ध तरीके से की जाती है
    • जहां पूर्व-औद्योगिक से लेकर उत्तर-औद्योगिक देशों तक के संक्रमण-स्तर के अनुसार जन्म दर और मृत्यु दर में बदलाव का प्रभाव दिखाया जाता है.​
    • कुल प्रजनन वृद्धि और प्रतिस्थापन स्तर (जन्म दर लगभग 2.1 बच्चों प्रति महिला, क्षेत्र के अनुसार थोड़ा-बहुत अंतर) के साथ दीर्घकालीन स्थिरता की दिशा तय होती है.​
  • अक्सर धारणाएँ और सीमाएँ
    • भविष्य की घटनाओं के अनिश्चितता: धार्मिक, आर्थिक या महामारी जैसे बाह्य कारक आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं
    • इसलिए प्रक्षेपण में निर्भरता-संवेदनशीलता विश्लेषण जरूरी है.​
    • नीति-उत्पादन अवरोध: जैसे कि जन्म-नियंत्रण, स्वास्थ्य-सुविधाओं की पहुंच, और प्रवास नीति में परिवर्तन प्रक्षेपण के परिणामों को बदल सकते हैं.​
  • उदाहरण संदर्भ
    • भारत में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति ने प्रतिस्थापन स्तर के लक्ष्य पर केंद्रित होकर 2045 तक स्थिर जनसंख्या का दूरगामी लक्ष्य रखा था
    • ताकि संसाधनों की मांग और वितरण बेहतर हो सके.​
    • जनसंख्या प्रक्षेपण के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे जैसी योजनाओं के अनुरूप डेटा-संयोजन और मॉडलिंग की जरूरत होती है.​
  • तुलना करने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण
    • प्रक्षेपण बनाम वास्तविक गिनती: प्रक्षेपण अनुमान होते हैं
    • वास्तविक आबादी समय-समय पर परिवर्तन के कारण उनसे भिन्न हो सकती है.​
    • स्रोत-आधारित विविधता: जन्म-रजिस्टर, जनगणना, आंतर-राज्य प्रवास रिकॉर्ड आदि से एकत्र डेटा में भिन्नता आ सकती है
    • जो परिणामों को प्रभावित करती है.​
  • अगर आप चाहें, इस विषय पर मैं:
    • जनसंख्या प्रक्षेपण के प्रमुख मॉडल (DTM आदि) का जीवनचर्या-संरचना के साथ तुलनात्मक सार दे सकता हूँ
    • किसी विशेष देश/राज्य के लिए प्रक्षेपण का एक उदाहरण-step-by-step समझा सकता हूँ
    • उपयोगी क्वेश्चन-तैयार सूची (policy planning के लिए) बना सकता हूँ
  • निम्न संदर्भों के आधार पर अधिक गहरे विवरण मिलते हैं:
    • जनसंख्या प्रक्षेपण के आधार और मॉडलिंग (DTM आदि)​
    • भारत में जनसंख्या नीति और लक्ष्य (स्थिरता के लिए मध्य-अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्य)​

6. निम्नलिखित में से कौन-सा देश दक्षिण एशिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) पाकिस्तान
Solution:
  • दक्षिण एशिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश पाकिस्तान है।
  • भारत देश की जनसंख्या दक्षिण एशिया में सर्वाधिक है।
  • विस्तारपूर्वक विवरण:
    • संदर्भ और परिभाषा: दक्षिण एशिया के इतिहासिक-आबादी तुलना में भारत पहले स्थान पर है
    • उसके बाद क्रमशः पाकिस्तान आता है, जबकि अन्य देशों की आबादी इससे काफी कम है।
    • यह सामान्य विश्व-स्तरीय आबादी डेटा पर आधारित है
    • वार्षिक जनसंख्या आंकों में थोड़ा बदलाव हो सकता है ।​
    • प्रमुख तथ्य: पाकिस्तान के लगभग 22–24 करोड़ (2020s के मध्य से लिए अनुमान) के आसपास की आबादी बताई जाती रही है
    • जो भारत के बाद दक्षिण एशिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा बनाती है ।​
    • संदर्भ-उद्धरण: हिंदी-भाषा स्रोतों और सामान्य ज्ञान संकलनों के अनुसार यह निष्कर्ष मिलता है
    • कि भारत के बाद दक्षिण एशिया में जनसंख्या में दूसरा स्थान पाकिस्तान का है ।

7. चीन का कौन-सा जातीय समूह सबसे बड़ा है, जिसकी जनसंख्या 90% से अधिक है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) हान
Solution:
  • हान चीन का सबसे बड़ा जातीय समूह है, जिसकी जनसंख्या 90% से अधिक है।
  • परिचय
    • चीन में 56 मान्यता प्राप्त जातीय समूह होते हैं, जिनमें हान सबसे बड़ा है।
    • व्यापक जनगणना के अनुसार Han चीन की कुल जनसंख्या का लगभग 90% से अधिक हिस्सा बनाते हैं
    • जो एक विशाल बहुसंस्कृतिवादी समाज का आधार बनाता है।
    • यह उत्तर 2010 की राष्ट्रीय जनगणना और अन्य आधिकारिक संख्याओं पर केंद्रित है
    • जिनके अनुसार Han का अनुपात लगभग 91% से अधिक तक आता है।​
  • ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान
    • Han समूह की उत्पत्ति चीन की प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ी मानी जाती है
    • उनकी भाषा (मानकीकृत मंदारिन) चीन की आधिकारिक भाषा का मूल है।
    • Han संस्कृति ने चीनी इतिहास, साहित्य, कला, समाजिक परंपराओं और शिक्षा-प्रणालियों को गहरा रूप से आकार दिया है।​
    • Han के प्रभाव से चीनी पहचान, प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी शिक्षा-तंत्र में स्थायी परिवर्तन आये हैं
    • जिनसे Han चीन की राष्ट्रीय पहचान के केंद्र में रहे हैं।​
  • भौगोलिक वितरण
    • Han समूह मुख्य रूप से चीन के पूर्वी और केंद्रीय क्षेत्रों में अधिक संख्या में रहते हैं
    • जबकि देश के उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में भी बड़े हिस्से में मौजूद हैं।
    • विविध क्षेत्रीय भाषिक विविधताएं Han विरासत के साथ जुड़ी हैं
    • अधिकांश Han speakers Mandarin को अपनी मुख्य भाषा मानते हैं।​
  • वैश्विक संदर्भ
    • चीन से बाहर भी Han प्रवास औरDiaspora ने Taiwan, Hong Kong, Macao तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में Han समुदाय को स्थापित किया है
    • जिससे वैश्विक स्तर पर Han जातीय पहचान और संस्कृति का प्रभाव बना रहता है।​
  • सावधानियाँ और स्पष्टताएँ
    • 2010 और अन्य जनगणना के अनुसार Han का हिस्सा 90% से ऊपर रहा है
    • लेकिन समय-समय पर जनगणना-आधारित सांख्यिकियां मामूली अंतर दिखाती हैं
    • नया डेटा; फिर भी Han चीन का सबसे बड़ा जातीय समूह बना हुआ है।​
  • तुलना में एक दृश्य
    • अगर चीन की 56 जातीय समूहों की सूची को एक तालिका में देखें, तो Han का भाग अत्यधिक dominant है
    • जबकि अन्य 55 समूह सांविधिक अल्पसंख्यक के रूप में आते हैं
    • जिनकी आबादी हर साल बढ़त/घटती रहती है
    • कुल मिलाकर Han का हिस्सा स्थिर रूप से बड़े आकार का रहता है।

8. विश्व बैंक के अनुसार, 2020 में श्रीलंका का जनसंख्या घनत्व कितना था? [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 354 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.
Solution:
  • विश्व बैंक के अनुसार, वर्ष 2020 में श्रीलंका का जनसंख्या घनत्व 354 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • तथा वर्ष 2021 में श्रीलंका का जनसंख्या घनत्व 358 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. था।
  • विस्तारपूर्ण विवरण:
    • परिप्रेक्ष्य: जनसंख्या घनत्व एक राष्ट्र में कुल आबादी को उसकी कुल स्थलीय क्षेत्रफल से विभाजित करके मापा जाता है
    • ताकि प्रति वर्ग किलोमीटर निवासियों की संख्या ज्ञात हो सके. श्रीलंका जैसे द्वीप देश में यह मान लगभग 350–360 के बीच रहा है
    • जो 2020 के आसपास के आँकड़ों पर आधारित है ।​
    • आबादी और क्षेत्र: 2020 में श्रीलंका की अनुमानित जनसंख्या लगभग 21.9–22.0 करोड़ नहीं बल्कि करीब 21.9 करोड़ (21,916,000 के आसपास) बताई गई है
    • कुल क्षेत्रफल लगभग 65,610 वर्ग किलोमीटर है
    • जिससे घनत्व निकलता है कि प्रति किमी^2 कितने लोग रहते हैं ।​
    • तुलना: दक्षिण एशिया के अन्य देशों के समान क्षेत्र में श्रीलंका का घनत्व मध्यम-उच्च श्रेणी में आता है
    • यह भारत, बांग्लादेश जैसे बड़े देशों से कम है
    • लेकिन कुछ छोटे दक्षिण एशियाई देशों से अधिक हो सकता है ।​
    • अद्यतन संदर्भ: जनसंख्या घनत्व के अनुमान समय के साथ बदलते रहते हैं
    • क्योंकि आबादी और भू-भाग परिवर्तन नहीं होते, इसलिए 2020 के लिए 354/किमी^2 एक मानक उत्तर है
    • जो विश्व बैंक के आँकड़ों के संगत मॉडल से निकलता है ।​
  • ध्यान दें:
    • पास में उपलब्ध तमाम स्रोत एक-दूसरे से मामूली भिन्न हो सकते हैं due to rounding या अलग वर्ष-प्रणाली।
    • 2020 के लिए विश्व बैंक का सामान्यतः उद्धृत संख्या 354 प्रति वर्ग किलोमीटर ही बनी रहती है ।​
    • अगर चाहें, तो मैं आपके लिए विश्व बैंक के उसी वर्ष के विस्तृत आँकड़ों के पन्ने से सीधी पंक्ति-वार उद्धरण और क्षेत्र-आबादी का संपूर्ण गणना-प्रक्रिया साझा कर सकता हूँ ।​
  • संदर्भ:
    • विश्व बैंक: श्रीलंका के 2020 जनसंख्या घनत्व के आँकड़े​

9. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का ....... सबसे बड़ा देश है। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 7वां
Solution:
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का 7वां सबसे बड़ा देश है।
  • भारत का कुल क्षेत्रफल 3287263 वर्ग किमी. है
  • जो संसार के समस्त क्षेत्रफल के स्थलीय भाग का लगभग 2.4% है।
  • पुष्टि और विस्तृत विवरण
    • क्षेत्रफल के क्रम में दुनिया के उच्च स्थान इस प्रकार हैं
    • रूस, कनाडा, चीन, यू॰एस., ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, फिर भारत; इसके बाद कजाकिस्तान, आदि आते हैं
    • इस क्रम के अनुसार भारत सातवें स्थान पर है.​
  • भौगोलिक सीमा और क्षेत्रफल
    • भारत उत्तर से दक्षिण लगभग 3,214 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम लगभग 2,933 किलोमीटर तक फैला है
    • यह भूमि-सीमा और समुद्री दूरी मिलाकर इसके क्षेत्रीय विस्तार को निर्धारित करती है.​
    • कुल सतही क्षेत्रफल का लगभग 2.4 प्रतिशत विश्व के कुल सतही क्षेत्रफल के बराबर है
    • यह हिस्सेदारी भी बताती है कि विश्व के विशाल महाद्वीप-संघटन में भारत कितना बड़ा भूभाग काबिज करता है।​
  • पड़ोसी और भूगोल
    • भारत दक्षिण एशिया में स्थित है और इसकी पड़ोसी देशों में पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार शामिल हैं
    • हिमालय से हिंद महासागर तक विस्तृत भौगोलिक विविधताएं मिलती हैं.​
    • विविध भू-आकृति में हिमालय पर्वत श्रृंखला से लेकर पूर्वी और पश्चिमी तटरेखा तक प्राकृतिक विविधताएं पाई जाती हैं.​
  • तुलना और रैंकिंग के संदर्भ
    • विश्व के बड़े देशों की सूची क्षेत्रफल के आधार पर: रूस (सबसे बड़ा), कनाडा, चीन, अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, भारत, फिर इसके बाद अन्य देश आते हैं; इस क्रम से भारत सातवाँ सबसे बड़ा देश बनता है.​
    • प्रयासरत संदर्भ स्रोतों के अनुसार भारत के क्षेत्रफलक 32,87,263 वर्ग किलोमीटर या उसकी अन्य प्रस्तुतियाँ 3.29 मिलियन वर्ग किलोमीटर के आस-पास बताती हैं; स्थानीय स्रोतों में छोटे-मोटे अंतर territorial/agreement data के कारण मिल सकता है.​
  • महत्वपूर्ण नोट
    • कुछ स्रोत क्षेत्रफल को 3,166,414 या अन्य संख्याओं में प्रस्तुत करते हैं
    • यह विभिन्न स्रोतों के अनुसार आंकड़ों के वर्गीकरण, क्षेत्री सीमाओं और नवीनतम मानचित्र-परिष्कार पर निर्भर है।
    • इसलिए यदि अत्यंत सटीक एकांक चाहिए, ताज़ा आधिकारिक कवरेज या राज्य/उद्धरण-स्रोत देखें.​​
  • उद्धरण
    • भारत का क्षेत्रफल और उसका विश्व में स्थान सातवां होने के तथ्य: संदर्भित लेख/गाइडों में भारत के क्षेत्रफल को 32.87 लाख किमी² बताया गया है
    • यह विश्व में सातवां बड़ा देश है.​
    • क्षेत्रफल के शीर्ष देशों की क्रम-सारणी: रूस, कनाडा, चीन, अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत आता है
    • यही कारण है कि भारत सातवां स्थान रखता है.​
    • भारत के भूगोलिक विस्तार और सीमा-रेखा के संकेतक: लगभग 3,214 किमी उत्तर-दिशा और 2,933 किमी पूर्व-पश्चिम के माप बताए जाते हैं
    • 15,200 किमी भूमि-सीमा और 7,517 किमी तटरेखा उल्लेखित है
    • (जहां उपलब्ध स्रोतों में विस्तार भिन्न हो सकता है).​

10. जापान जैसे देशों में ....... जन्म दर, जनसंख्या पिरामिड को आधार पर ....... बनाती है। [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) निम्न, संकरा
Solution:
  • जापान जैसे देशों में निम्न जन्म दर जनसंख्या पिरामिड को आधार पर संकरा बनाती है।
  • 1) जनसंख्या पिरामिड क्या है
    • जनसंख्या पिरामिड आयु समूहों के अनुसार कुल आबादी के वितरण को दर्शाती है
    • ताकि उम्र और लिंग संरचना साफ़ दिखे. यह संकेत देता है कि कितना वजन किस आयु वर्ग पर है
    • जन्म-, मृत्यु- प्रवास जैसी प्रक्रियाओं का प्रभाव कितना है.​
  • 2) जापान में जन्म दर: क्यों कम है
    • जापान में जन्म दर बहुत निम्न है, जिसका मतलब प्रति हजार लोगों पर जन्म की संख्या कम रहती है
    • इसका परिणाम यह है कि युवा आबादी घटती है
    • जबकि वृद्ध आबादी बढ़ती है, जिससे पिरामिड नीचे-से-चौड़ा नहीं, बल्कि आधार से संकीर्ण होता है (base narrows).​
  • 3) संकरी पिरामिड के प्रभाव और पहलू
  • संकीर्ण पिरामिड:
    • युवा पीढ़ी की संख्या कम होती है, जिससे लंबी अवधि में श्रम शक्ति और आर्थिक वृद्धि पर दबाव पड़ता है.​
    • पुश-ऑफ-पेंशन, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों पर अधिक वित्तीय बोझ बढ़ सकता है
    • क्योंकि वृद्ध जनसंख्या बढ़ती है, जबकि समर्थक युवा कम होते हैं.​
    • जापान जैसी स्थितियों में सरकारें प्रवास को बढ़ावा देना, घरेलू कार्य-जीवन संतुलन सुधारना (जैसे मातृत्व/पितृत्व-वৎ अवसर), तथा महिलाओं के कार्य-जीवन को सहयोग देकर जन्म दर को पुनः ऊंचा करने के प्रयास करती हैं.​
  • 4) तुलना, अन्य देश के संदर्भ
    • कुछ देश जहां जन्म दर अधिक होती है, वहां जनसंख्या पिरामिड “चौड़ा” रहता है
    • युवा आयु वर्ग का बड़ा हिस्सा होने के कारण।
    • वहीं जापान जैसी कमजोर जन्म दर वाले देशों में पिरामिड आधार पर संकीर्ण बनती है
    • मध्य आयु/बड़ी उम्र वाले वर्ग बढ़ते जाते हैं.​
    • अन्य उदाहरणों में केन्या या भारत जैसे देशों में उच्च जन्म दर के कारण पिरामिड आधार-व्यापी होता है
    • जबकि जापान में यह आधार संकुचित हो रहा है.​
  • 5) नीति और व्यवहारिक उदाहरण
    • जापान ने प्रवासन बढ़ाने, परिवार-समर्थन नीतियों को मजबूत करने, बच्चों की देखभाल सुविधाओं को सुगम बनाने आदि के तहत शुरू किए हैं
    • ताकि जन्म दर में वृद्धि हो सके.​
    • शिक्षा, уд्वय-उन्नति और महिलाओं के रोजगार के बीच संतुलन बनाकर युवा परिवारों के लिए समर्थन बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास चल रहे हैं.​
  • 6) संबंधी महत्वपूर्ण बिंदु
    • जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास—इन तीन तत्वों से मिलकर कुल वृद्धि/घटाव तय होता है
    • जन्म दर अधिक और मृत्यु दर कम हो तो वृद्धि तेज़, उलट हो तो घटाव संभव है.​
    • जनसंख्या पिरामिड आयु-वर्ग विभाजन दिखाती है
    • नीति-निर्माताओं के लिए सामाजिक-आर्थिक योजनाओं का संकेतक है.​
  • यदि चाहें, एक विस्तृत विश्लेषण के लिए:
    • जापान के नवीनतम जनसंख्या-डाटा (उम्र-लिंग संरचना, जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवासन) के साथ पिरामिड का चित्रण
    • युवाओं/बुजुर्गों के अनुपात पर आधारित वित्तीय बोझ (pensions, healthcare) का एक संक्षिप्त मॉडल
    • जापान और समान स्थिति वाले देशों के नीति-प्रभाव का तुलनात्मक सारांश