जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 42

11. प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक, जनसंख्या के किस घटक से जुड़े हैं? [MTS (T-I) 07 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रवास
Solution:
  • प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक, जनसंख्या के प्रवास घटक से जुड़े हैं। प्रतिकर्ष कारक वे होते हैं
  • जो एक व्यक्ति को अपने सामान्य निवास स्थान को छोड़ने और किसी अन्य स्थान पर प्रवास करने हेतु मजबूर करते हैं
  • जैसे-बेरोजगारी, राजनीतिक उपद्रव और महामारी आदि के कारण। अपकर्ष कारक उन कारकों को इंगित करते हैं
  • जो प्रवासियों को किसी एक क्षेत्र विशिष्ट (गंतव्य) में आने हेतु आकर्षित करते हैं
  • जैसे-काम के बेहतर अवसर और रहन-सहन की अच्छी दशाएं आदि।
  • संक्षिप्त उत्तर
    • प्रतिकर्ष कारक वे घटक हैं जो लोगों को अपने मूल स्थान से स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करते हैं
    • जैसे आर्थिक अभाव, बेरोजगारी, प्राकृतिक आपदाएं, सामाजिक अस्थिरता, राजनीतिक उत्पीड़न आदि।
    • अपकर्ष कारक वे घटक हैं जो लोगों को नए स्थान पर आकर्षित करते हैं
    • जैसे बेहतर रोजगार अवसर, उच्च आय, शिक्षा-सुविधाएं, रोग-शमन व्यवस्था, सुरक्षित पड़ोस आदि।
    • संयुक्त रूप से प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक प्रवास का संचालतत्व निर्धारित करते हैं
    • वे मिलकर यह बताते हैं कि कौन-से लोग और क्यों कहीं और जाकर बसना चाहते हैं।
  • मुख्य भाग
  • प्रतिकर्ष कारक (Push factors)
    • आर्थिक कारण: बेरोजगारी, कम आय, गरीबी, खराब आर्थिक अवसर।
    • सामाजिक-राजनीतिक कारण: युद्ध, हिंसा, धार्मिक/जातीय उत्पीड़न, कानून-व्यवस्था की अस्थिरता।
    • प्राकृतिक कारक: सूखा, बाढ़, चक्रवात, भूकंप आदि आपदाएं, जिन्हें छोड़ना पड़ता है।
    • अधूरा बुनियादी ढांचा: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास की कमी, बुनियादी सेवाओं का अभाव।
    • सामाजिक संरचना: उच्च आबादी दबाव, जल-संरक्षण की कमी, खाद्य सुरक्षा का अभाव।
  • अपकर्ष कारक (Pull factors)
    • आर्थिक अवसर: बेहतर रोजगार के अवसर, अधिक आय, व्यवसायिक अवसर।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य: अच्छी शिक्षा संस्थाएं, उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवाएं।
    • सुरक्षित वातावरण: राजनीतिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था की सुरक्षा, कम अपराध दर।
    • सामाजिक अवसर: सामाजिक सेवाएं, समुदाय-संरक्षण, बेहतर जीवन-स्तर।
    • भौतिक सुविधाएं: आधुनिक ढांचे, परिवहन नेटवर्क, सुविधाजनक आवास।
    • जलवायु और संसाधन: स्थिर जल-स्रोत, उपयुक्त पर्यावरण।
  • प्रवास पर प्रभावी घटक (कौन सा घटक किस पर असर डालता है)
    • प्राथमिक लोडेड (कौन सा घटक किस पर प्रभाव डालता है): प्रतिकर्ष कारक आमतौर पर अधिक दबाव बनाते हैं
    • ताकि लोग पहले स्थान से बाहर निकलें, जबकि अपकर्ष कारक कार्य-स्थान और जीवन-स्तर के आधार पर लोगों को नई जगह की ओर आकर्षित करते हैं।
    • बहु-कारक परिस्थितियाँ: अक्सर लोग एक साथ कई प्रतिकर्ष और कई अपकर्ष कारकों के कारण प्रवास करते हैं
    • जैसे रोजगार की तलाश के साथ सुरक्षित जीवन की चाहत।
  • जनसंख्या घटकों के साथ संबंध
    • जन्म दर (birth rate) और मृत्यु दर (death rate) का प्रवास से प्रत्यक्ष संबंध कम रहता है
    • प्रवास अस्थायी/स्थायी परिवर्तनों को प्रभावित कर सकता है, खासकर प्रवास-उत्पन्न पारिवारिक संरचना और उम्र-संरचना में।
    • प्रवास (migration) के पैटर्न पर प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक गहरे प्रभाव डालते हैं
    • उद्गम-गंतव्य (origin-destination) के बीच प्रवास का संतुलन इन्हीं कारकों के अनुकूल होता है।
    • प्रवास के कारण उत्पन्न अस्थाई/स्थायी प्रवासी आते-जाते रहते हैं
    • जिससे शहरों की जनसंख्या संरचना, रोजगार-बाज़ार और सामाजिक ढांचे में परिवर्तन आता है।
  • पृथक दृष्टिकोण: लागत-लाभ विश्लेषण
    • प्रतिकर्ष कारक से उत्पन्न प्रवास अधिक कठिन और मजबूर प्रवास हो सकता है
    • जो अल्प-स्थायी या जोखिमपूर्ण हो सकता है।
    • अपकर्ष कारक से प्रेरित प्रवास अधिक योजना-उन्मुख और स्थायी संभावनाओं के साथ होता है
    • जिससे गंतव्य शहर की आर्थिक और सामाजिक संरचना में दीर्घकालिक प्रभाव पड़ते हैं।
  • विश्व-स्तर पर उदाहरण
    • प्राकृतिक आपदाओं के कारण गांव छोड़कर शहरों में पलायन या आंतरिक प्रवास बढ़ सकता है
    • जबकि बेहतर रोजगार के अवसरों के कारण अन्य शहरों/देशों में जाने को प्रेरणा मिलती है।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर अवसरों के कारण परिवारों का जहां-तहां स्थानांतरण देखने को मिलता है।

12. भारत की जनगणना की कोडिंग परंपरा के अनुसार, राज्य कोड दिखाने के लिए कितने अंकों के कोड का उपयोग किया जाता है? [CHSL (T-I) 03 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 2
Solution:
  • भारत की जनगणना की कोडिंग परंपरा के अनुसार, राज्य कोड दिखाने के लिए 2 अंकों के कोड का उपयोग किया जाता है।
  • कोड संरचना का विवरण
    • भारतीय जनगणना में स्थान कोड (Location Code) एक階archical प्रणाली पर आधारित होता है
    • जिसमें देश कोड (00), राज्य/केंद्रशासित प्रदेश कोड (दो अंक), जिला कोड (तीन अंक), तहसील/उप-जिला कोड (दो अंक), और ग्राम/नगर कोड शामिल होते हैं।
    • राज्य कोड विशेष रूप से दो अंकों का होता है ताकि 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को आसानी से पहचाना जा सके।
    • उदाहरणस्वरूप, जम्मू-कश्मीर का कोड 01, उत्तर प्रदेश का 09, और महाराष्ट्र का 27 है।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • यह परंपरा 1961 जनगणना से प्रारंभ हुई, जब दो-अंकीय राज्य कोड अपनाए गए ताकि मशीनी प्रसंस्करण संभव हो सके।
    • 1991 और 2001 जनगणनाओं में भी यही प्रारूप बरकरार रखा गया, और 2011 में इसे पूर्णतः डिजिटाइज्ड रूप दिया गया।
    • उद्देश्य डेटा की एकरूपता बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय मानकों (जैसे ISO कोड) से तुलना सुगम बनाना था।
    • इससे जनसंख्या वृद्धि, घनत्व आदि के आंकड़ों का राज्यवार सारणीकरण आसान होता है।​
  • उपयोगिता और महत्व
    • दो-अंकीय कोड डेटा प्रोसेसिंग में कुशलता लाते हैं, जैसे सॉफ्टवेयर में राज्य-स्तरीय क्वेरी या GIS मैपिंग।
    • इससे जनसंख्या नीतियां, संसाधन वितरण, और विकास योजनाएं (जैसे MPLADS) प्रभावी बनती हैं।
    • 2021 जनगणना (विलंबित) में भी यही प्रारूप अपेक्षित है
    • हालांकि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन से कोड में मामूली बदलाव संभव।
    • यह कोडिंग जनगणना के मूल सिद्धांत—सटीकता और तुलनात्मकता—को मजबूत करती है।​

13. भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार, निम्नलिखित में से किस राज्य की जनसंख्या 10 करोड़ से अधिक है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) महाराष्ट्र
Solution:
  • भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, विकल्पगत राज्यों की जनसंख्या हैं-
राज्यजनसंख्या
महाराष्ट्र11,23,74,333
पश्चिम बंगाल9,12,76,115
आंध्र प्रदेश8,45,80,777
राजस्थान6,85,48,437
  • अतः स्पष्ट है कि इसका अभीष्ट उत्तर विकल्प (d) होगा।
  • पहचान और स्पष्टीकरण
    • सबसे अधिक आबादी वाला राज्य: उत्तर प्रदेश. 2011 की जनगणना के अनुसार UP की आबादी लगभग 19.98 करोड़ थी
    • जो 10 करोड़ से काफी अधिक है.​
    • अन्य बड़े राज्य: महाराष्ट्र (~11.23 करोड़), बिहार (~10.41 करोड़), पश्चिम बंगाल (~9.13 करोड़) आदि
    • लेकिन इनमें से केवल UP और महाराष्ट्र और बिहार 10 करोड़ से अधिक थे; बंगाल 10 करोड़ से थोड़ा कम रहा.​
    • यह जानकारी 2011 की जनगणना के आधिकारिक सारिणी से ली जाती है
    • जिसमें राज्यवार आबादी का विभाजन दिया गया है.​
  • कृपया ध्यान दें
    • अगर किसी प्रश्न में “किस राज्य की जनसंख्या 10 करोड़ से अधिक है
    • एक विकल्प-आधारित सूची में पूछा गया हो, तो उत्तर UP (उत्तर प्रदेश) ही सही रहता है
    • क्योंकि उसके पास सही आंकड़ा सबसे बड़ा है.​
    • यदि आप चाहें, तो मैं 2011 की पूरी राज्यवार आबादी तालिका या उच्च-स्तरीय विश्लेषण
    • (जैसे राज्यवार जनघनत्व, वर्ष-वार वृद्धि दर) भी तैयार कर सकता/सकती हूँ
    • स्रोत-सहित विस्तृत उद्धरण दे सकता/सकती हूँ.​
  • स्रोत
    • उत्तर प्रदेश की 2011 जनसंख्या और अन्य राज्यों का तुलनात्मक डेटा:.​

14. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु की साक्षरता दर कितनी थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22, 23 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 80.09%
Solution:
  • भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु की साक्षरता दर 80.1 प्रतिशत है।
  • तमिलनाडु की पुरुष साक्षरता दर 86.8 प्रतिशत तथा महिला साक्षरता दर 73.4 प्रतिशत है।
  • विस्तृत विवरण
    • राज्य अनुसार तुलना: तमिलनाडु के साक्षरता स्तर के कारण इसे दक्षिणी राज्यों में उच्च माना गया और केरल के बराबर या उसके आसपास के स्तर से थोड़ा नीचे/ऊपर का संकेत देता है
    • किन्तु 2011 के nationwide आंकड़ों के बावजूद तमिलनाडु में साक्षरता दर उच्च रही.​
    • पुरुष बनाम महिला: 2011 की गणना के अनुसार भारत में कुल साक्षरता दर 74.04% थी
    • पुरुष साक्षरता लगभग 80.9% और महिला साक्षरता लगभग 64.6% थे
    • तमिलनाडु में यह प्रचलन साक्षरता में बहुधा पुरुष-प्रधान नहीं, बल्कि राज्य-विशिष्ट लिंगानुपात के अनुसार दिखता है
    • (तमिलनाडु के संदर्भ में 2011 में लिंगानुपात भी उल्लेखित है).​
    • किन तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए: 2011 की जनगणना के आँकड़े दशकीय नमूना-आधारित होते हैं
    • समय के साथ शिक्षण नीतियों, प्रवासन, और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के चलते साक्षरता दर में परिवर्तन आते रहते हैं
    • 2011 के बाद के वर्षों में परिवर्तन भी संभव है.​

15. राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के अनुसार, जनसंख्या में स्थिरता प्राप्त करने का लक्षित वर्ष क्या है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 03 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 2045
Solution:
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति, 2000 के अनुसार, जनसंख्या में स्थिरता प्राप्त करने का लक्षित वर्ष 2045 है।
  • नीति का पृष्ठभूमि
    • यह नीति डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है
    • इससे पहले की नीतियों (जैसे 1976 की नीति) से अलग होकर लक्ष्य-मुक्त दृष्टिकोण अपनाती है
    • जिसमें जबरन नसबंदी के बजाय स्वैच्छिक परिवार नियोजन पर जोर दिया गया
    • नीति ने प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, महिलाओं के सशक्तिकरण और बाल स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया.​
  • प्रमुख उद्देश्य
  • नीति में तीन स्तर के उद्देश्य निर्धारित हैं:
    • तात्कालिक उद्देश्य: गर्भनिरोधक जरूरतों को पूरा करना, शिशु मृत्यु दर (IMR) को 30 प्रति 1000 जीवित जन्मों से नीचे लाना, मातृ मृत्यु दर (MMR) को 100 प्रति लाख जीवित जन्मों से कम करना, और 100% संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना.​
    • मध्यम अवधिक उद्देश्य: 2010 तक कुल प्रजनन दर (TFR) को प्रतिस्थापन स्तर (2.1) तक लाना, सार्वभौमिक टीकाकरण
    • जन्म-मृत्यु पंजीकरण को पूरा करना.​
    • दीर्घकालिक उद्देश्य: 2045 तक जनसंख्या स्थिरता प्राप्त करना, अर्थात् TFR को 2.1 पर बनाए रखना और जनसंख्या वृद्धि को शून्य के निकट लाना.​
  • कार्यान्वयन तंत्र
    • नीति के लिए मई 2000 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग गठित किया गया
    • जो नीति की समीक्षा, निगरानी और राज्यों के साथ समन्वय करता है
    • इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यक्रमों का एकीकरण शामिल है
    • जैसे लड़कियों की स्कूल ड्रॉपआउट दर को 20% से कम करना और संचारी रोगों (जैसे एड्स) पर नियंत्रण
    • राज्य स्तर पर भी जनसंख्या नीतियां बनीं, जैसे बिहार और अन्य राज्यों में स्थानीय चुनौतियों के अनुरूप.​
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • NPP 2000 के बाद TFR 2000 के 3.2 से घटकर 2020 तक लगभग 2.0 हो गया, लेकिन 2045 के लक्ष्य के लिए अभी प्रयास जारी हैं
    • चुनौतियां включают क्षेत्रीय असमानताएं (उत्तर भारत में उच्च TFR), निरक्षरता और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की कमी
    • नीति ने छोटे परिवार के मानदंड को बढ़ावा दिया, लेकिन जनसंख्या स्थिरता के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं.

16. 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्न में से किस राज्य का जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक है? [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली), MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) बिहार
Solution:
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले शीर्ष राज्य बिहार (1106), पश्चिम बंगाल (1028), केरल (860), उत्तर प्रदेश (829), गोवा (394) एवं महाराष्ट्र (365) हैं। तमिलनाडु का जनसंख्या घनत्व (555) है।
  • विस्तार से जानकारी
    • बिहार: लगभग 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर (लगभग 1,106/km²) के साथ सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व।
    • यह आंकड़ा 2011 की जनगणना के अनुसार दर्ज किया गया है.​
    • पश्चिम बंगाल: लगभग 1028/km², बिहार के बाद दूसरे स्थान पर है.​
    • केरल: लगभग 860/km², तृतीय स्थान पर आता है.​
    • अन्य प्रमुख राज्य: उत्तर प्रदेश ~829/km² (नीचे के स्थान पर), आदि (सूचियाँ 2011 के डेटा पर आधारित हैं).​
  • केंद्र शासित प्रदेशों के संदर्भ में:
    • दिल्ली में घनत्व बहुत अधिक है, लेकिन यह राज्य नहीं है
    • 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली के लिए कई स्रोत उच्च घनत्व का उल्लेख करते हैं
    • जो केंद्र ShASित प्रदेशों में सबसे अधिक माना गया था.​
  • मुख्य बिंदु
    • 2011 की जनगणना के अनुसार राज्यवार क्रम में सर्वाधिक घनत्व: बिहार (1106/km²) > पश्चिम बंगाल (1028/km²) > केरल (860/km²) > उत्तर प्रदेश (829/km²) आदि.​
    • भारत के लिए औसत घनत्व लगभग 382/km² था
    • यह भी 2011 की जनगणना के अंतर्गत दर्ज किया गया है, लेकिन राज्यों में असमानता काफी स्पष्ट थी.​

17. मानक जनगणना के अनुसार, मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति है जो एक वर्ष में कम-से-कम ....... कार्य करता है। [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 183 दिन
Solution:
  • मानक जनगणना के अनुसार, मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति है
  • जो एक वर्ष में कम-से-कम 183 दिन (या छः महीने) काम करता है।
  • परिभाषा क्या है
    • मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति माना जाता है जो वर्षभर के दौरान आर्थिक उत्पादन के लिए कम से कम 183 दिन काम करता है
    • यह 6 महीने के बराबर मानी जाती है.​
  • गणना कैसे की जाती है
    • एक वर्ष में कुल दिन 365 या 366 हो सकते हैं (लीप ईयर में 366 दिन)
    • यदि किसी व्यक्ति ने इन दिनों में 183 दिन से अधिक या बराबर काम किया हो, तो उसे मुख्य श्रमिक मानना चाहिए.​
    • जो श्रमिक वर्ष के अधिकांश भाग के लिए नहीं काम करते, वे सीमांत श्रमिक बनते हैं
    • उदाहरण के लिए 183 दिन से कम काम करने वाले व्यक्ति.​
  • महत्व और व्यवहारिक प्रभाव
    • मुख्य श्रमिकों की हिस्सेदारी सामान्यतः अधिक रहती है
    • डेटा में वे कुल रोजगार के बड़े भाग का प्रतिनिधित्व करते हैं ।​
    • जनगणना के अनुसार श्रमशक्ति को मुख्य और सीमांत के रूप में वर्गीकृत करने से रोजगार-उद्योग, क्षेत्रीय विकास आदि का विश्लेषण आसान होता है.​
  • एक सामान्य प्रश्न और उत्तर (उदा. DSSSB/पूर्व परीक्षाओं के अनुसार)
    • प्रश्न: मानक जनगणना परिभाषा के अनुसार मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति है
    • जो वर्ष में कम से कम कितने दिनों/दिनों के लिए काम करता है?
    • उत्तर: 183 दिन (या छह महीने).​
  • नोट्स
    • कुछ स्रोत 183 दिन को 6 महीनों के बराबर बताते हैं
    • दोनों तरीके एक ही बात को दर्शाते हैं.​
    • यह परिभाषा भारत की जनगणना-निर्भर सूचनाओं के अनुरूप है
    • शिक्षण/परीक्षा प्रश्नों में बार-बार पूछी जाती है.​

18. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 2021 की जनगणना (जो Covid 19 के कारण स्थगित हो गई थी) में पहली बार ....... का डेटा एकत्र करना था। [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अन्य पिछड़ा वर्ग
Solution:
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 2021 की जनगणना (जो Covid-19 के कारण स्थगित हो गई थी) में पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग का डेटा एकत्र करना था।
  • पृष्ठभूमि और उद्देश्य
    •  यह सूचना संसद में दी गई थी
    • सरकार ने महामारी के कारण रजिस्टर-जनगणना (NPR) के अद्यतन सहित जल-आवास आदि आँकड़ों के संकलन को रोक दिया गया था ।​
  • डेटा एकत्रण का खास फोकस
    • 2021 की जनगणना में पहली बार डेटा की एकीकृत ईकाई के तौर पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के अद्यतन के साथ आवास-सूचीकरण और आवास जनगणना शामिल करने की योजना थी ।​
    • इसमें प्रत्येक परिवार से 31 प्रश्नों के आधार पर नागरिकों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति जैसी जानकारी एकत्र करने की योजना थी
    • ताकि विविध सामाजिक-आर्थिक मापदंडों (जैसे शिक्षा, धर्म, भाषा, विवाह, विकलांगता आदि) का डेटा एकत्र किया जा सके ।​
  • स्थगन और उसके कारण
    • कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना-2021 और उससे जुड़ी अन्य गतिविधियाँ अगले आदेश तक स्थगित कर दी गईं
    • ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम कम किया जा सके तथा संसाधन और कार्य योजना दोबारा व्यवस्थित की जा सके ।​
    • सरकार ने स्पष्ट किया कि 2021 की पहली चरण (House Listing और Housing Census) के साथ NPR का अपडेट रोक दिया गया था,
    • यह स्थिति आगे के आदेशों तक बनी रहेगी ।​
  • अपेक्षित रिकॉर्ड्स और डेटा संरचना
    • योजना के अनुसार, घर-घर सूचीकरण के साथ व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा किया जाना था
    • जिसमें मकान का नंबर, घर की स्थिति, दीवार/छत के सामग्री आदि
    • जैसी वास्तु-आयामिक जानकारी भी पूछी जाती—ताकि Housing Census के साथ मिलकर एक केंद्रित, समाकलित डेटासेट बन सके ।​
    • 31-question संकलन योजना के तहत नागरिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर डेटा एकत्र किया जाना था
    • ताकि नीति बनाते समय सूक्ष्म आयामों पर कड़ी निगरानी संभव हो सके ।​
  • वर्तमान स्थिति (जहाँ तक उपलब्ध जानकारी से संकेत)
    • सरकार और मीडिया के स्रोतों के अनुसार, 2021 जनगणना की प्रक्रियाीय शुरुआत और NPR अपडेट करना स्थगित रहा
    • इसकी नई तारीख/प्लान बाद में तय करनी थी
    • तब से समय-समय पर इसके बारे में संसद/प्रेस सूचना दी गई है
    • स्थगन ही स्थिति बनी रही (तकनीकी/नीति बदलाव के कारण) ।

19. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में लिंगानुपात कितना है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रति हजार पुरुषों पर 943 महिलाएं
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 943 है।
  • यह 2001 की जनगणना से 10 अधिक है।
  • ऐतिहासिक तुलना
    • 2001 जनगणना: 933 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष।
    • 1991 जनगणना: 927।
    • 1981 जनगणना: 934।
    • पिछले दशकों में लिंगानुपात लगभग 930 के आसपास स्थिर रहा, लेकिन 2011 में पहली बार उल्लेखनीय वृद्धि हुई।​
  • राज्यवार विवरण
    • कुछ राज्यों में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा:
    • केरल: 1084 (सर्वोच्च)।
    • पुडुचेरी: 1037।
    • तमिलनाडु: 996।
    • आंध्र प्रदेश: 993।
    • छत्तीसगढ़: 991।
      नीचे वाले राज्यों में:
    • दमन और दीव: 618 (निम्नतम)।
    • दादरा और नगर हवेली: 774।
    • चंडीगढ़: 818।
    • दिल्ली: 868।​
  • बाल लिंगानुपात
    • 0-6 वर्ष आयु वर्ग में बाल लिंगानुपात 919 था, जो 2001 के 927 से गिरावट दर्शाता है।
    • अंतिम आँकड़ों में यह 914 हो गया। पंजाब (846) और हरियाणा (834) में यह सबसे निम्न रहा।​
  • महत्व और प्रभाव
    • लिंगानुपात सामाजिक-आर्थिक असंतुलन को प्रतिबिंबित करता है
    • जिसमें भ्रूण हत्या और लिंग भेदभाव प्रमुख कारक हैं।
    • 2011 के आँकड़े नीति निर्माण के लिए आधार बने, जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान।
    • यह महिलाओं की स्थिति मापने का मूल्यवान स्रोत है।​

20. जनगणना 2011 के अनुसार, 2001-11 के मध्य किस राज्य में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) मेघालय
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, प्रश्नगत विकल्पों में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर वाले राज्य हैं
  • मेघालय (27.9 प्रतिशत), अरुणाचल प्रदेश (26.0 प्रतिशत), बिहार (25.4 प्रतिशत) तथा मणिपुर (24.5 प्रतिशत)।
  • पूरा विवरण
    • दशकीय वृद्धि दर क्या है: किसी राज्य की 2001 से 2011 के बीच कुल जनसंख्या में होने वाला प्रतिशत परिवर्तन है, जिसे दशकीय वृद्धि दर कहते हैं।
    • प्रमुख उत्तर: मेघालय, लगभग 27.8% के आसपास दशकीय वृद्धि दर के साथ, 2001-11 के बीच सर्वाधिक वृद्धि दर्ज करने वाला राज्य रहा.​
    • अन्य उल्लेखित आंकड़े: यदि दादरा और नगर हवेली (केंद्र शासित क्षेत्र) को भी शामिल किया जाए तो उनकी दशकीय वृद्धि दर सबसे ऊँची (लगभग 55.5%) होती है, पर यह एक केंद्रशासित क्षेत्र है, राज्य-संख्या का हिस्सा नहीं है .​
    • 2001 की जनगणना में सर्वाधिक वृद्धि दर नगालैंड थी
    • जबकि 2011 के अंत डेटा के अनुसार मेघालय ने सर्वोच्च दशकीय वृद्धि दी.​
  • क्यों यह उत्तर महत्त्वपूर्ण है
    • मेघालय की आबादी में यह तेज वृद्धि मुख्यतः उच्च जन्मदर, युवा जनसंख्या संरचना, और आंशिक आंतरिक प्रवासन के कारण मानी जाती है
    • इसके कारण सामाजिक-आर्थिक नीतियों पर प्रभाव पड़े, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर अधिक दबाव।
    • दशकीय वृद्धि दर राज्यों के बीच तुलना करते समय एक मानक माप है
    • ताकि विकास की गति समझी जा सके और संसाधन आवंटन बेहतर तरीके से योजना बन सके.
  • नोट्स और सावधानियाँ
    • केन्द्रशासित क्षेत्रों (जैसे दादरा और नगर हवेली) में सबसे ऊँची दशकीय वृद्धि दर भी मिलती है
    • वह राज्य-स्तर की तुलना के लिए सामान्यतः अलग वर्ग में गिनी जाती है.​
    • अगर सिर्फ राज्यों की बात हो, तो 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार मेघालय (लगभग 27.9%) शीर्ष पर रहा, जबकि अन्य राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, बिहार आदि क्रमशः नीचे हैं.​
  • उद्धृत स्रोत
    • मेघालय की दशकीय वृद्धि दर 2001-11 के दौरान सबसे अधिक (लगभग 27.9%) दर्ज होने के बारे में पूर्ण विवरण और सूची, Testbook / Doubtnut जैसी स्रोतों में स्पष्ट रूप से दर्ज है.​
    • केंद्रशासित क्षेत्र दादरा एवं नगर हवेली की उच्चतम दरों के बारे में अन्य संदर्भ भी उपलब्ध हैं
    • जो राज्य-स्तर तुलना से अलग सीमा पर हैं.​