जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 42

21. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा देश सबसे अधिक आबादी वाले शीर्ष दस देशों की सूची में शामिल नहीं है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) कनाडा
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, विश्व की जनसंख्या में शीर्ष दस देशों का स्थान (प्रतिशत में) है
  • चीन (19.4 प्रतिशत), भारत (17.5 प्रतिशत), सं.रा. अमेरिका (4.5 प्रतिशत), इंडोनेशिया (3.4 प्रतिशत), ब्राजील (2.8 प्रतिशत), पाकिस्तान (2.7 प्रतिशत), बांग्लादेश (2.4 प्रतिशत), नाइजीरिया (2.3 प्रतिशत), रूसी संघ (2.0 प्रतिशत) तथा जापान (1.9 प्रतिशत)।
  • अतः स्पष्ट है कि कनाडा इसमें शामिल नहीं है।
  • विस्तार से समझाइए:
    • कनाडा की आबादी 2011 में लगभग 33 मिलियन के आसपास थी
    • जो उस समय के सबसे अधिक आबादी वाले देशों के स्तर से काफी नीचे है
    • इसका मतलब कनाडा 2011 की जनगणना के आधार पर शीर्ष दस में शामिल नहीं था.​
    • SSC/MTS प्रकार के प्रश्नों में यह स्पष्ट किया गया है
    • 2011 जनगणना के अनुसार कनाडा शीर्ष दस में नहीं था
    • जबकि भारत/चीन जैसे देशों की स्थिति स्पष्ट रहती है.​
    • अगर आप चाहें, इन निष्कर्षों की एक स्पष्ट सूची-तलिका
    • 2011 के लिए विश्व के प्रमुख देशों की आबादी के उद्धृत आंकड़े भी दे सकता हूँ
    • ताकि आप तुलना कर सकें।

22. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत के निम्नलिखित में से किस केंद्रशासित प्रदेश की जनसंख्या सबसे कम है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 3 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) लक्षद्वीप
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे कम जनसंख्या लक्षद्वीप (64,473) की है
  • जबकि सबसे अधिक जनसंख्या दिल्ली (1,67,87,941) की है।
  • 2011 जनगणना का संदर्भ
    • भारत की 2011 जनगणना 1 मार्च 2011 को आयोजित की गई थी
    • जिसमें कुल 8 केंद्रशासित प्रदेश शामिल थे
    • अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप, पुदुच्चेरी और लाक्षाद्वीप (वर्तमान में लक्षद्वीप)।
    • इनमें से जनसंख्या के आंकड़े विभिन्न आधिकारिक स्रोतों से लिए गए हैं
    • जो स्पष्ट रूप से लक्षद्वीप को सबसे कम आबादी वाला दर्शाते हैं।​
  • केंद्रशासित प्रदेशों की जनसंख्या सूची
    • नीचे 2011 जनगणना के अनुसार सभी केंद्रशासित प्रदेशों की कुल जनसंख्या दी गई है
    • जो सबसे अधिक से सबसे कम की ओर क्रमबद्ध है:
    • लक्षद्वीप की जनसंख्या मात्र 64,473 थी, जो अन्य सभी से काफी कम है
    • इसका कारण इसका छोटा क्षेत्रफल (लगभग 32 वर्ग किमी) तथा द्वीपीय भौगोलिक स्थिति है।​
  • तुलनात्मक विश्लेषण
    • दिल्ली सबसे अधिक आबादी वाला केंद्रशासित प्रदेश था
    • जो शहरीकरण और प्रवासन के कारण 1.68 करोड़ से अधिक था।​
    • लक्षद्वीप की न्यूनतम जनसंख्या के बावजूद इसका जनघनत्व (लगभग 1,700 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) अन्य छोटे प्रदेशों से अधिक था
    • लेकिन कुल संख्या में यह अंतिम स्थान पर रहा।​
    • अन्य छोटे प्रदेश जैसे दमन एवं दीव (2.43 लाख) और दादरा एवं नगर हवेली (3.44 लाख) औद्योगिक विकास के कारण लक्षद्वीप से अधिक आबादी रखते थे।​

23. 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न में से किस की साक्षरता दर सर्वाधिक है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (III-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (II-पाली), Phase-XI 30 जून, 2023 (IV-पाली), Phase-XI 30 जून, 2023 (-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाले शीर्ष 5 राज्य हैं
  • केरल (94.0 प्रतिशत), मिजोरम (91.3 प्रतिशत), गोवा (88.7 प्रतिशत), त्रिपुरा (87.2 प्रतिशत) तथा हिमाचल प्रदेश (82.8 प्रतिशत)।
  • केरल 2011 में सबसे उच्च साक्षरता दर दर्ज कराया गया था
  • लगभग 93.91% (लगभग 94% के आस-पास)
  • यह उच्च साक्षरता शिक्षा-केन्द्रित नीति, मजबूत शिक्षा-संरचना और सामाजिक-आर्थिक फायदे के कारण संभव माना गया है.​
  • देशव्यापी औसत साक्षरता दर 2011 में ~74.04% रही, जो 2001 के मुकाबले वृद्धि दर्शाती है
  • कुल मिलाकर प्राकृतिक जनगणना-आधारित परिकलनों के अनुसार यह उन्नयन दर्ज किया गया.​
  • बिहार सबसे कम साक्षरता दर वाला राज्य था (लगभग 61.8%), जबकि केरल उच्चतम रहा
  • उत्तर-वृत्तों में चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के राजधानी क्षेत्र भी केरल के निकट रहे.​
  • संख्यात्मक संदर्भ (उद्धृत जानकारी)
    • केरल साक्षरता दर ~93.91% (2011).​
    • देश की साक्षरता दर 2011 ~74.04% (आधार: 2011 जनगणना).​
    • बिहार में साक्षरता दर ~61.8% (2011) और केरल में पुरुष-स्तरीय उच्च साक्षरता दर के साथ 96.1% पुरुष/92.1% महिला साक्षरता जैसी सम्बन्धित त्रुटियाँ दिखती हैं, जो केरल की अग्रणी स्थिति को समर्थित करती हैं.​
  • महत्वपूर्ण नोट
    • 2011 की जनगणना एक व्यापक राष्ट्रीय स्तर का आँकड़ा है
    • इसके अनुसार राज्य-वार साक्षरता दरें समय-समय पर विभिन्न स्रोतों में प्रकाशित होती हैं
    • केरल के अलावा कुछ अन्य क्षेत्र भी उच्च दरों के साथ सामने आते हैं।
    • ऊपर दिए गए संख्यात्मक दावे विभिन्न स्रोतों से मिलकर बने हैं
    • सामान्य सार्वजनिक संदर्भों में समान रूप से मान्य माने जाते हैं.​

24. 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न में से किस राज्य का लिंगानुपात सबसे कम है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 14 जून, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (II-पाली), CGL (T-I) 21 अप्रैल, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) हरियाणा
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, न्यूनतम लिंगानुपात वाले 5 राज्य (आरोही क्रम में) हैं
  • हरियाणा (879), जम्मू और कश्मीर (889) (संयुक्त), सिक्किम (890), पंजाब (895) तथा उत्तर प्रदेश (912)।
  • ध्यातव्य है कि जनगणना 2011 के समय जम्मू और कश्मीर राज्य था वर्तमान में यह एक केंद्रशासित प्रदेश है।
  • विस्तृत विवरण:
    • केरल और Puducherry जैसे क्षेत्रों में लिंगानुपात उच्च रहा; Kerala में 1084 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष पाई गईं
    • जबकि Puducherry में यह लगभग 1038 रहा, जो तुलना को स्पष्ट बनाते हैं
    • हरियाणा भारत के राज्यों में सबसे कम लिंगानुपात वाला राज्य था.​
    • अन्य राज्यों में Tamil Nadu, Andhra Pradesh आदि में क्रमशः उच्च-या मध्यम लिंगानुपात दर्ज हुआ
    • लेकिन 2011 के दौर में हरियाणा सबसे नीचे था.​
  • संक्षेप में:
    • सबसे कम लिंगानुपात (2011): हरियाणा, लगभग 877 महिलाओं प्रति 1000 पुरुष
    • यह जानकारी भारत के राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे कम स्त्री-पुरुष अनुपात के तौर पर स्थापित है.​
  • मुख्य संदर्भ:
    • हरियाणा का लिंगानुपात 877 के आसपास रहा था
    • भारत का औसत 2011 में 943 रहा.​
    • Kerala का लिंगानुपात 1084 रहा, Puducherry 1038 रहा, जो हरियाणा के विरुद्ध दूरी दिखाते हैं

25. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समाज कौन-सा है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) ईसाई
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समाज मुस्लिम है।
  • इनकी जनसंख्या 172245158 है। दूसरे स्थान पर ईसाई (27819588), तीसरे स्थान पर सिख (20833116) तथा चौथे स्थान पर बौद्ध (8442972) है।
  • विस्तृत विवरण
    • संदर्भ और परिभाषा: भारत में दस वर्ष पर आधारित जनगणना से धर्म-आधारित आबादी का विभाजन ज्ञात होता है।
    • अल्पसंख्यक की परिभाषा सामान्यतः राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक समुदायों के रूप में उपयोग होती है
    • जिनमें मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन आदि प्रमुख रूप से आते हैं।
    • इस संदर्भ में मुस्लिम सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह माना जाता है
    • जबकि उसके बाद ईसाई सबसे बड़े अल्पसंख्यक के रूप में दर्ज होते हैं.​
  • संख्या और प्रतिशत (2011):
    • मुस्लिम आबादी लगभग 17.2 करोड़ थी
    • जो भारत की कुल जनसंख्या के लगभग 14.2% के बराबर मानी जाती है.​
    • इसके बाद ईसाई समुदाय की आबादी लगभग 2.3% के आसपास बताई गई
    • जो दूसरे स्थान के रूप में दर्ज होता है.​
    • अन्य अल्पसंख्यक समूहों में सिख, बौद्ध, जैन आदि आते हैं, पर उनके क्रम ईसाई के बाद होते हैं.​
  • क्यों यह महत्वपूर्ण है
    • सामाजिक-धार्मिक संरचना समझना: यह आंकड़े देश की सामाजिक संरचना, योजना बनाम नीति-निर्माण, और अल्पसंखक अधिकारों के संदर्भ में उपयोगी होते हैं.​
    • नीति-निर्णय और संरक्षण: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग आदि की संरचनाओं के निर्माण में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति इस डेटा पर आधारित होती है.​
  • नोट्स/नोट करें
    • विभिन्न स्रोतों में 2011 की जनगणना के अनुसार मुस्लिम सबसे बड़ा अल्पसंख्यक रहने के बावजूद, ईसाई समुदाय अक्सर दूसरे स्थान पर आता है
    • किन्तु कुछ क्वेश्चन-आउटपुट में इस क्रम में सूक्ष्म भिन्नताएं भी बताई जाती हैं।
    • सामान्यतः शिक्षा, क्षेत्र, और धर्म-आबादी के स्पष्ट विभाजनीय आंकड़े 2011 की संपूर्ण तालिकाओं में मिल जाते हैं.

26. भारत में जनसंख्या की गणना सामान्यतः कितने वर्षों के बाद की जाती है? [MTS (T-I) 08 मई, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 12 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 10
Solution:
  • भारतीय जनगणना आमतौर पर हर दस वर्ष बाद की जाती है।
  • वर्तमान जनगणना (2011) से पूर्व जनगणना वर्ष 2001 में हुई थी।
  • विस्तार
    • इतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत की पहली आधुनिक जनगणना 1881 में आयोजित की गई थी
    • परन्तु अंग्रेज़ शासन के दौरान 1872 में भी एक प्रारम्भिक गणना की गई थी।
    • इसके बाद से हर दशक अवधि में जनगणना निर्बाध रूप से कराई जाती चली आ रही है
    • अर्थात औपचारिक रूप से 10-वर्षीय अंतराल मानक बन गया।
    • [sources: आधुनिक इतिहास के अनुसार 1881 पहली संचालित समकालीन जनगणना
    • 1872-1873 के समय से जनगणना क्रमिक रूप से हर दस साल आयोजित की गई]​
    • दायरा और उद्देश्य: जनगणना देश की कुल आबादी का आकार, वितरण, सामाजिक-आर्थिक संरचना आदि का व्यापक डेटा जुटाती है।
    • यह नीति-निर्माण, संसाधन आवंटन, और योजनाओं के लिए आधारभूत सूचनाओं की पूर्ति करती है।​
    • कानूनी ढांचा: 1948 का भारत जनगणना अधिनियम, जिसे 1951 के बाद सभी जनगणनाओं के लिए लागू किया गया था
    • केंद्र सरकार को गणना के लिए आवश्यक अधिकार और प्रक्रियाएं देता है।​
    • प्रमुख तिथियाँ और उदाहरण: 2011 में आखिरी पूर्ण जनगणना हुई थी
    • इसके बाद अनुमानित तौर पर 2021 के आसपास नई गणना की अपेक्षा थी
    • जनगणना 2021-2022 के दौरान भी कई बार परामर्श और प्रशासनिक तैयारियाँ देखी गईं।
    • सके बारे में आधिकारिक पोर्टल और विश्वसनीय स्रोतों में विस्तृत विवरण उपलब्ध हैं।​
  • स्पष्टता के लिए अक्सर पूछे जाने वाले बिंदु
    • क्या 2021-2022 के समय भी दशकों के भीतर गणना होती है? हाँ, मूल नियम है
    • जनगणना हर 10 साल के अंतराल पर होनी चाहिए; कुछ बार वर्षमान में देरी या पुनर्निर्धारण भी होता है
    • due to logistical या विश्वव्यापी परिस्थितियाँ।​
    • पहली जनगणना कौन-से वर्ष में हुई? पहली समकालीन/आधिकारिक जनगणना 1881 में कराई गई थी
    • इससे पहले 1872-1873 के आसपास एक प्रारम्भिक/प्री-स्टेज गणना भी दर्ज है।​
  • टिप्पणियाँ
    • यदि आप चाहें तो मैं उपरोक्त बिंदुओं को एक योजनाबद्ध सार-संग्रह के रूप में, या SSC/GPAT जैसी परीक्षाओं के लिए तुरंत याद रखने योग्य फॉर्मूला-आधारित नोट्स के रूप में संक्षेपित कर दूँ।​
    • साथ ही, यदि आवश्यक हो, तो आधिकारिक स्रोतों से नए अपडेट्स या जनगणना-आधारभूत कानून/प्रक्रिया के मौजूदा प्रावधानों के हवाले दे सकता हूँ।​
  • सूत्र
    • भारत में जनगणना दशकीय अंतराल पर होने के ऐतिहासिक तथ्य और कानूनी ढांचा​
    • 1881 पहली समकालीन जनगणना और 1872 के पूर्व-आधारिक डेटा संग्रह का संक्षेप​

27. निम्नलिखित में से किस दशक में भारतीय जनसंख्या की वृद्धि दर ऋणात्मक थी? [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 1911-1921
Solution:
  • 1911-1921 के दशक में भारतीय जनसंख्या की वृद्धि दर ऋणात्मक (-0.31 प्रतिशत) थी।
  • विस्तार
    • जबकि अन्य दशकों में वृद्धि दर सामान्य रही। यह क्षय मुख्यतः 1911–1921 के बीच की अवधि में ही दिखा
    • इसे भारत के इतिहास में दुर्लभ ऋणात्मक वृद्धि दर माना गया है.​
    • कारण (स्केच): इस अवधि में प्राणघातक महामारियाँ (प्लग, मलेरिया आदि), अकाल, और अस्वास्थ्यकर जीवन-संरचना जैसे कारक प्रमुख रहे।
    • साथ ही अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियाँ जैसे उच्च जन्मदर के बावजूद मृत्यु दर के अधिक रहने की वजह से वृद्धि दर नकारात्मक रहीं.​
    • प्रमुख आंकड़ा: 1911–1921 दशक में वृद्धि दर लगभग -0.31% दर्ज की गई
    • जो भारतीय जनसंख्या इतिहास में एक ही बार हुआ उदाहरण है.​
  • अधिक जानकरी और स्रोत
    • 1911–1921 के दशक में भारत की जनसंख्या कमी के कारण ऋणात्मक वृद्धि दर दर्ज हुई
    • यह घटना देश के जनसांख्यिकीय इतिहास में उल्लेखनीय है.​
    • एक अन्य प्रस्तुति भी यही तथ्य दोहराती है, और बताती है
    • 1921 तक जन्मदर और मृत्युदर ऊँची रही पर.birth संख्याओं में गिरावट के कारण वृद्धि कम या नकारात्मक हो गई.​
    • Doubtnut/Testbook जैसी सामग्री भी इस विशेष दशक को ऋणात्मक वृद्धि दर वाला दशक बताती है, 1911–1921 को सही उत्तर मानती है.​

28. भारत में "कृषि जनगणना" ....... के अंतराल पर आयोजित की जाती है। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पांच वर्ष
Solution:
  • भारत में 'कृषि जनगणना' पांच वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है।
  • परिभाषा और उद्देश्य
    • कृषि जनगणना एक विशाल सांख्यिकीय प्रणाली है जो किसानों, भूमि, फसल, कृषि संसाधन आदि की संरचना पर व्यवस्थित जानकारी इकट्ठा करती है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र की मौलिक बनावट और विविधताओं को समझना है
    • ताकि कृषि नीतियाँ और कार्यक्रम बेहतर ढंग से डिजाइन किए जा सकें, साथ ही क्षेत्रीय विश्लेषण और benchmarking संभव हो सके.​
    • यह डेटा कृषि अर्थव्यवस्था के प्रमुख पक्षों पर आधारभूत आंकड़े देता है
    • जैसे परिचालन जोत की संख्या, क्षेत्रफल, खेत आकार, खेती के तरीके, भूमि उपयोग, किरायेदारी, उपज, उर्वरक-कीटनाशक आदि का उपयोग, और फसल क्रम आदि.​
  • आवधिकता (कुल अवधि)
    • कृषि जनगणना हर पाँच साल के अंतराल पर की जाती है
    • जिसे संयुक्त राष्ट्र FAO के दिशानिर्देशों के अनुरूप विकसित किया गया है ।​
    • पहली आधुनिक कृषि जनगणना वर्ष 1970-71 के आसपास शुरू हुई थी
    • तब से यह नियमबद्ध रूप से संचालित होती आ रही है ।​
  • संचालन और ढांचा
    • कृषि जनगणना कृषि विभाग/आधिकारिक सांख्यिकी संस्थाओं के सहयोग से तीन चरणों में आयोजित की जाती है
    • चरण- I, II, और III, जिनमें स्थल-स्तर पर डेटा इकट्ठा किया जाना, उसका पुनः सारांकन और राज्य/जिले के स्तर पर विस्तृत रिपोर्टिंग शामिल है ।​
    • डेटा स्रोतों में परिचालन जोत, जमीन के उपयोग के पैटर्न, खेतों की कक्षाओं का वितरण, किरायेदारी, कृषि उपकरण और इनपुट का उपयोग जैसी बारीक जानकारी सम्मिलित होती है ।​
  • प्रमुख उपयोग और लाभ
    • भू-उपयोग, कृषि मशीनरी, उर्वरक-कीटनाशक उपयोग आदि के बारे में डाटा देकर कृषि संरचना का स्पष्ट चित्र बनता है
    • जिससे नीति-निर्माताओं को क्षेत्रीय-आधारित برنام़े बनाने में मदद मिलती है ।​
    • जनगणना के आँकड़े देश और राज्य स्तर पर नयी योजनाओं की रूपरेखा तय करने, किसानों के कल्याण पैमानों के मूल्यांकन, और कृषि विकास के लिए benchmarks स्थापित करने में उपयोगी होते हैं ।​
  • चयनित तथ्य और संक्षेप
    • कृषि जनगणना में औपचारिक रूप से शामिल मापदंडों में परिचालन जोत की संख्या/क्षेत्र, खेत का आकार, फसल क्रम, भूमि-उपयोग, किरायेदारी, उर्वरक/कीटनाशक आदि का उपयोग, और क्षेत्रीय-स्तर पर उपज संबंधी जानकारी शामिल है ।​
    • केंद्र-सराज्य स्तर पर तीन चरणों में संचालित होने के कारण ग्राम/तहसील-स्तर तक विस्तृत डेटा प्राप्त होता है
    • जिससे जिले-स्तर के विश्लेषण संभव होते हैं ।​
  • ऐतिहासिक और कानूनी ढांचा
    • कृषि जनगणना कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा संचालित होती है
    • इसे FAO के संकेतित वैश्विक दिशानिर्देशों के अनुरूप किया गया है ।​

29. भारत में लिंग अनुपात को जनसंख्या में प्रति ....... पर स्त्रियों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया जाता है। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 1000 पुरुषों
Solution:
  • भारत में लिंगानुपात को जनसंख्या में प्रति 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत का लिंगानुपात 943 है।
  • ऐतिहासिक रुझान
    • 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का कुल लिंग अनुपात 943 था, जो 2001 के 933 से सुधार दर्शाता है।
    • 20वीं सदी की शुरुआत में यह 972 था, लेकिन मध्य में गिरावट आई और अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
    • बाल लिंग अनुपात (0-6 वर्ष) 2011 में 919 था, जो लिंग भेदभाव की समस्या को उजागर करता है।​
  • राज्यवार विविधता
    • केरल में लिंग अनुपात सबसे अधिक (1084) है, जबकि हरियाणा में सबसे कम (879)।
    • अन्य प्रमुख राज्य: तमिलनाडु (996), आंध्र प्रदेश (993), जबकि उत्तर प्रदेश (912) और बिहार में यह चिंताजनक स्तर पर है।
    • यह विविधता सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों पर निर्भर करती है।​
  • महत्व और प्रभाव
    • लिंग अनुपात महिलाओं की सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक भागीदारी को मापता है।
    • कम अनुपात लिंग-चयनात्मक गर्भपात, कन्या भ्रूण हत्या और भेदभाव को इंगित करता है।
    • सरकार की योजनाएं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ने जन्म के समय लिंग अनुपात को 918 (2014-15) से 930 (2023-24) तक सुधारने में मदद की।​
  • चुनौतियां और सुधार उपाय
    • भारत में कम लिंग अनुपात पितृसत्तात्मक समाज, दहेज प्रथा और अल्ट्रासाउंड दुरुपयोग से जुड़ा है।
    • सुधार के लिए कानून जैसे PC-PNDT एक्ट, जागरूकता अभियान और शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
    • हाल के आंकड़ों में सुधार दिखा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी असंतुलन बरकरार है।​

30. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत कितना था ? (अनुमानित सीमा प्रदान करें) [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 30-35%
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 31.1 है
  • जो 30-35% के निकट है। अतः इसका अभीष्ट उत्तर विकल्प (d) होगा।
  • परिभाषा और आयाम
    • नगरीय जनसंख्या से तात्पर्य है जो लोग नगरपालिका/नगर-क्षेत्रों, नगर निगम, नगर-पंचायत, या अन्य मानकीकृत शहरी क्षेत्रों में रहते हैं।
    • यह आँकड़ा देश की शहरीकरण की स्थिति को मापता है
    • विकास-नीतियों, अवसंरचना योजना, सेवाओं के वितरण आदि के लिए महत्त्वपूर्ण संकेतक बनता है।
  • 2011 के आंकड़े (प्रारम्भिक/स्थिति-आधार)
    • कुल जनसंख्या: लगभग 1.21 बिलियन (1210.19 मिलियन).​
    • शहरी जनसंख्या: लगभग 377 मिलियन से अधिक, जो कुल जनसंख्या का 31.16% के आसपास है.​
    • ग्रामीण जनसंख्या: शहरी के विरुद्ध लगभग 833 मिलियन, लगभग 68.84% के बराबर.​
  • अनुमानित सीमा और विविध प्रस्तुतियाँ
    • कई स्रोतों में शहरीकरण के प्रतिशत को 31.0% से 31.3% के बीच बताने के रूप में उद्धृत किया गया है
    • प्रारम्भिक प्रस्तुति में 31.16% ही सामान्यतः स्वीकार्य संख्या है.​
    • कुछ विकल्प-आधारित उत्तरों में 30–35% का रेंज दिया गया है
    • जो 2011 के वास्तविक 31.16% से मेल खाते हैं
    • छात्र-उद्धरण/प्रश्नोत्तर सेटों में यह सामान्यतः मान्य “अनुमानित सीमा” के तौर पर स्वीकार किया गया है.​
  • राज्य-स्तर पर विविधता
    • गोवा जैसे राज्यों में शहरीकरण स्तर उच्च है (लगभग 62% से ऊपर) जबकि अन्य राज्यों में यह कम रहा है
    • यह दर्शाता है कि शहरीकरण का वितरण समान नहीं है.​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • 2001 की जनगणना में शहरी प्रतिशत लगभग 27.8% था
    • जबकि 2011 में यह 31.16% तक बढ़ा, indicating मध्यम-तेज़ शहरीकरण की प्रक्रिया.​
    • शहरीकरण की मॉडेलिंग में यह वृद्धि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, औद्योगीकरण, रोजगार के अवसरों, और ग्रामीण-शहरी विनिर्माण/सेवा क्षेत्रों के विकास से प्रेरित मानी जाती है.​
  • निष्कर्ष
    • 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की नगरीय जनसंख्या प्रतिशत 31.16% है
    • जिसे 30–35% के भीतर एक छोटे-से दायरे में माना जाता है और अधिकांश संदर्भों में यही मुख्य निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.​
      -urban population के आंकड़े व्यापक हैं
    • नीति-निर्माताओं के लिए यह शहर-आधारित योजनाओं, आवास, जल/स्वास्थ्य, यातायात आदि के लिए केंद्रीय है.​
  • नोट: नीचे दिए गए विश्वसनीय स्रोतों से यह जानकारी समर्थित है:
    • 2011 राष्ट्र-जनगणना के संकलित आँकड़े और संख्यात्मक वितरण.​
    • 31.16% के रूप में प्रस्तुत شهریकरण के विश्लेषण/प्रश्नोत्तर स्रोत.​