जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-II)

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31. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, वर्ष 2001-11 के बीच किस केंद्रशासित प्रदेश की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) दादरा और नगर हवेली
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुासर, सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर वाला केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली (55.9 प्रतिशत) है
  • जबकि न्यूनतम दशकीय वृद्धि दर वाला केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप (6.3 प्रतिशत) है।
  • विस्तृत विवरण
    • केंद्र शासित प्रदेशों में अधिकतम दशकीय वृद्धि दर: दादरा एवं नगर हवेली लगभग 55.88% वृद्धि दर के साथ शीर्ष पर थी
    • जो 2001 से 2011 के दौरान दर्ज की गई है
    • यह वृद्धि दर अन्य सभी केंद्र शासित प्रदेशों से कहीं अधिक थी.​
    • शेष केंद्र शासित प्रदेशों के संदर्भ में एक उल्लेखनीय उच्च वृद्धि मेघालय (लगभग 27–28%) रहा, जबकि नागालैंड और कुछ अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में वृद्धि दर काफी कम या नकारात्मक/न्यूनीतम रहा था.​
    • पूर्ण प्रश्न: 2001–2011 के बीच किस केंद्र शासित प्रदेश की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है? उत्तर: दादरा एवं नगर हवेली.​
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • दादरा एवं नगर हवेली के 2001 में जनसंख्या लगभग 220,490 से बढ़कर 2011 में लगभग 343,709 हो गया, जो 55.88% वृद्धि दर्शाता है
    • यह 2001–2011 के बीच केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे उच्च वृद्धि थी.​
    • यदि राज्य स्तर की तुलना करें, तो मेघालय 27–28% की वृद्धि के साथ राज्य स्तर पर शीर्ष रहा
    • केंद्र शासित राज्यों में शीर्ष दादरा एवं नगर हवेली ही रहा.​
  • नोट
    • आपके अनुरोध के अनुरूप, नीचे दिए गए स्रोत इस तथ्य को समर्थित करते हैं
    • दादरा एवं नगर हवेली ने 2001–2011 के बीच उच्चतम दशकीय वृद्धि दर दर्ज की; मेघालय आदि अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में क्रमशः कम वृद्धि दर्ज की गई.​

32. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत के निम्नलिखित केंद्रशासित प्रदेशों में से किस में प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या घनत्व सबसे कम है? [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
Solution:
  • दिए गए केंद्रशासित प्रदेशों में से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या घनत्व सबसे कम है।
  • वर्ष 2011 की जनगणनानुसार यहां का जनसंख्या घनत्व 46 व्यक्ति/वर्ग किमी. है।
  • जनसंख्या घनत्व का तात्पर्य प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या से है।
  • विस्तृत विवरण:
    •  जिसे प्रति वर्ग किलोमीटर व्यक्तियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया गया है
    • अरुणाचल प्रदेश इस माप में सबसे नीचे रहा, जिसका घनत्व लगभग 17 व्यक्ति/km² था.​
    • तुलना: नीचे कुछ प्रमुख केंद्रशासित प्रदेशों के संदर्भ से स्पष्ट होता है
    • दिल्ली जैसी जगहें बहुत ऊँचे घनत्व दिखाते हैं (उदा. दिल्ली ~11,320 व्यक्ति/km²), जबकि अरुणाचल प्रदेश सबसे कम रहा.​
    • अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के उदाहरण: लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली आदि के साथ घनत्व क्रमशः उच्च रहा है
    • परन्तु अरुणाचल प्रदेश पहला स्थान है जहाँ सबसे कम घनत्व दर्ज किया गया.​
  • सूचना के स्रोत:
    • जनगणना-2011 के अनुसार अरुणाचल प्रदेश का सबसे कम जनसंख्या घनत्व है (17 व्यक्ति/km²).​
    • दिल्ली का जनसंख्या घनत्व अत्यधिक है (लगभग 11,320 व्यक्ति/km²), जो केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे ऊँचा है
    • जबकि अरुणाचल प्रदेश सबसे कम है.​
    • अन्य स्रोत भी इसी क्रम की पुष्टि करते हैं
    • अरुणाचल प्रदेश 2011 में सबसे कम घनत्व वाला केंद्रशासित प्रदेश रहा.​

33. 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्न से किस केंद्रशासित प्रदेश का लिंगानुपात सबसे कम है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) दमन और दीव
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, सर्वाधिक लिंगानुपात वाला केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी (1037) है
  • जबकि न्यूनतम लिंगानुपात वाला केंद्रशासित प्रदेश दमन और दीव (618) है।
  • परिप्रेक्ष्य
    • लिंगानुपात मापने का मानक: प्रति 1000 पुरुषों के বিপरी महिलाओं की संख्या.
    • भारत में 2011 की जनगणना ने यह दिखाया कि देश में कुल लिंगानुपात 943 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष थीं
    • जबकि कई केंद्रशासित प्रदेशों में यह अनुपात अत्यंत नगण्य था.​
  • सबसे कम लिंगानुपात वाले केंद्रशासित प्रदेश
    • दमन और दीव: 618 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष (केंद्रीय स्तर पर सबसे कम).​
  • अन्य संबंधित आंकड़े (संदर्भ के लिए)
    • हरियाणा में लिंगानुपात सबसे कम राज्य स्तर पर था (लगभग 877 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष).​
    • पुडुचेरी और केरल जैसे क्षेत्रों में लिंगानुपात उच्च है; केरल में 1084 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष पाई गईं.​
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे क्षेत्रों में लिंगानुपात बहुत ऊँचा या कम हो सकता है
    • उदाहरण के लिए दमन और दीव के अलावा अन्य संघ शासित क्षेत्रों के आंकड़े अलग होते हैं.​

34. किसी राष्ट्र की जनसंख्या के कार्यशील आयु वर्ग को समान्यतः ....... के बीच वर्गीकृत किया जाता है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 15 - 59 वर्ष
Solution:
  • किसी राष्ट्र की जनसंख्या के कार्यशील आयु वर्ग को सामान्यतः 15-59 वर्ष के बीच वर्गीकृत किया जाता है।
  • परिभाषा और मानक
    • कार्यशील आयु वर्ग उन व्यक्तियों को संदर्भित करता है जो शारीरिक और मानसिक रूप से काम करने योग्य होते हैं
    • अर्थात् सक्रिय रूप से अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।
    • भारत जैसे विकासशील देशों में, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) और जनगणना के अनुसार, इसे मुख्यतः 15-59 वर्ष के बीच माना जाता है
    • जबकि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मानकों में 15-64 वर्ष तक विस्तारित किया जाता है।
    • यह वर्गीकरण 0-14 वर्ष (निर्भर/बाल) और 60+ वर्ष (वृद्ध/निर्भर) से अलग होता है, जो कुल निर्भरता अनुपात को प्रभावित करता है।​
  • भारत में संदर्भ
    • भारत की 2011 जनगणना के अनुसार, कार्यशील आयु (15-59 वर्ष) की जनसंख्या कुल आबादी का लगभग 63% थी
    • जो आर्थिक विकास के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश प्रदान करती है।
    • 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक वृद्ध गैर-कार्यशील माने जाते हैं
    • क्योंकि वे आमतौर पर शिक्षा या सेवानिवृत्ति में होते हैं।
    • NSSO के 68वें दौर (2011-12) में भी इसी रेंज का उपयोग श्रम शक्ति सर्वेक्षण के लिए किया गया।​
  • अंतरराष्ट्रीय तुलना
    • विश्व स्तर पर, संयुक्त राष्ट्र और ILO 15-64 वर्ष को कार्यशील आयु मानते हैं
    • लेकिन विकासशील देशों में 15-59 वर्ष अधिक प्रचलित है
    • ताकि वृद्धावस्था पेंशन और स्वास्थ्य व्यय को ध्यान में रखा जा सके।
    • उदाहरणस्वरूप, चीन और यूरोपीय देशों में 65 वर्ष तक विस्तार होता है
    • जबकि भारत में 59 वर्ष की ऊपरी सीमा सरकारी नौकरियों की सेवानिवृत्ति आयु से प्रेरित है।
    • यह भिन्नता स्थानीय आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य कारकों पर निर्भर करती है।​
  • महत्व और प्रभाव
    • बड़ी कार्यशील आबादी विकास दर को बढ़ाती है, बचत को प्रोत्साहित करती है
    • निर्भरता अनुपात को कम करती है (जैसे भारत में 2011 में 47.9%)।
    • हालांकि, बेरोजगारी या कौशल असंगति से यह लाभांश खो सकता है।
    • नीतियां जैसे कौशल विकास और रोजगार सृजन इसी वर्ग पर केंद्रित होती हैं।
    • कुल मिलाकर, यह वर्गीकरण जनसंख्या नीतियों का आधार बनाता है।​

35. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नई दिल्ली जिले की साक्षरता दर कितनी है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 88.01 प्रतिशत
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, नई दिल्ली जिले की साक्षरता दर 88.3 प्रतिशत है।
  • अतः इसका निकटतम उत्तर विकल्प (a) को माना जा सकता है।
  • विस्तृत विवरण
    • परिभाषा: साक्षरता दर वह प्रतिशत है जो किसी आबादी के ऐसे व्यक्तियों को दर्शाती है
    • जिन्हें 7 वर्ष या उससे अधिक उम्र के रूप में पहचाना गया है
    • जो पढ़ना-लिखना जानते हैं या सामान्य शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।
    • नई दिल्ली जिला (2011) के आंकड़े: 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल साक्षरता दर 88.01% दर्ज की गई थी
    • जिसमें पुरुष ও महिला दोनों की साक्षरता दरें मिलेजुली रूप में सम्मिलित हैं.​
    • उप-संयोजनियाँ और संदर्भ: दिल्ली के भीतर जिलेवार साक्षरता दरें भिन्न-भिन्न हो सकती हैं
    • उदाहरण के लिए पूर्वी दिल्ली जैसे जिलों में उच्च साक्षरता दर के आंकड़े अक्सर निकलते थे
    • 2011 के समय नई दिल्ली जिले की औसत 88.01% थी.​
    • यह आंकड़ा समय के साथ बदला भी जा सकता है
    • क्योंकि शिक्षा-नीतियाँ, बुनियादी ढांचा, और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में परिवर्तन होते रहते हैं.​
    • सामान्य संदर्भ: भारत भर में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल साक्षरता दर 74.04% थी
    • जबकि दिल्ली जिले-वार प्रदर्शन अलग-अलग रहा है.​
  • नोट्स और सावधानियाँ
    • राष्ट्रीय और जिला स्तर के साक्षरता आँकड़े समय-समय पर अद्यतन होते रहते हैं
    • नवीन गणनाओं के साथ अपेक्षित परिवर्तन संभव है.​
    • किसी विशिष्ट वर्ष या जिले के अद्यतन आँकड़े चाहें तो आधिकारिक जनगणना प्रकाशनों या राज्य/संघ सरकार के सांख्यिकी पोर्टलों से पुष्टि करना उचित रहता है.​

36. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में निम्न में से किस राज्य का लिंगानुपात सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (II-पाली), CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 21 नवंबर, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में सर्वाधिक लिंगानुपात केरल (1084) राज्य का है।
  • इसके पश्चात राज्यों की सूची में तमिलनाडु (996), संयुक्त आंध्र प्रदेश (993), छत्तीसगढ़ (991) का है।
  • लिंगानुपात की परिभाषा
    • लिंगानुपात महिलाओं की संख्या को प्रति 1000 पुरुषों के आधार पर मापता है।
    • 2011 की जनगणना में भारत का समग्र लिंगानुपात 943 था
    • जो 2001 के 933 से सुधार दर्शाता है।​
  • शीर्ष राज्य
    • केरल के बाद पुदुच्चेरी (1037 या 1038) दूसरे स्थान पर था
    • हालांकि पुदुच्चेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है।
    • अन्य प्रमुख राज्य तमिलनाडु (996), आंध्र प्रदेश (993), और छत्तीसगढ़ (991) थे।​
  • निम्न लिंगानुपात वाले राज्य
    • हरियाणा का लिंगानुपात सबसे कम 879 था।
    • दमन और दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में यह 618 तक गिरा।​
  • कारण और महत्व
    • केरल में उच्च साक्षरता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और महिलाओं के सशक्तिकरण ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
    • राष्ट्रीय स्तर पर लिंगानुपात में सुधार शिक्षा और नीतिगत प्रयासों से जुड़ा है।​

37. 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्न में से किस राज्य का लिंगानुपात सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) मेघालय
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, प्रश्नगत विकल्पों में मेघालय (989) का लिंगानुपात सबसे अधिक है।
  • मध्य प्रदेश का लिंगानुपात 931, महाराष्ट्र का 929 तथा उत्तर प्रदेश का 912 है।
  • विस्तार से विवरण:
    • लिंगानुपात का अर्थ है प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या
    • 2011 की जनगणना के अनुसार केरल में यह 1084 महिलाओं प्रति 1000 पुरुष है
    • जो किसी भी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से अधिक है.​
    • वहीँ भारत की राष्ट्रीय औसत लिंगानुपात 2011 में लगभग 943 रहा
    • लेकिन केरल इस मानक से काफी ऊपर रहा
    • जिसका कारण केरल में शिक्षा, महिला स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार माना जाता है.​
    • अन्य राज्यों में पुडुचेरी 1037, तमिलनाडु 996, आन्ध्र प्रदेश 993 जैसे मानक भी दर्ज किए गए
    • लिंगानुपात की ऊँचाई के मामले में केरल पहले क्रम में रहा.​
  • पूरा तथ्यात्मक संदर्भ:
    • केरल में 2011 जनगणना के अनुसार प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएं थीं, जो लिंगानुपात के उच्चतम मान में आता है.​
    • अन्य स्रोतों में केरल के अलावा पुडुचेरी 1037
    • दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़े भी दिए गए हैं
    • राज्य स्तर पर सबसे उच्च लिंगानुपात केरल का रहा.​

38. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में आदिवासियों की जनसंख्या (निकटतम मान) कितनी है? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 10.42 करोड़
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में आदिवासियों की जनसंख्या 10,42,81,034 है।
  • अतः अभीष्ट उत्तर विकल्प (b) होगा।
  •  यह कुल जनसंख्या का 8.6% हिस्सा बनाती है ।
  • निकटतम मान 104 मिलियन (10.4 करोड़) है
  • जो आधिकारिक आंकड़ों से मेल खाता है ।​
  • कुल जनसंख्या आंकड़े
    • आदिवासी जनसंख्या 10,42,81,034 रही, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 90% से अधिक निवास था ।
    • यह 2001 की जनगणना के 8.4 करोड़ से 23.7% की वृद्धि दर्शाता है।
    • मध्य प्रदेश में सबसे अधिक संख्या (1.53 करोड़) थी
    • उसके बाद ओडिशा, महाराष्ट्र और राजस्थान ।​
  • प्रतिशत वितरण
    • भारत की कुल जनसंख्या 121.09 करोड़ में आदिवासी 8.61% थे, मुख्यतः पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्रित।
    • मिजोरम (94.44%), नागालैंड (86.46%) और मेघालय (86.15%) में उच्चतम प्रतिशत रहा।
    • शहरी क्षेत्रों में मात्र 1.04 करोड़ आदिवासी थे
    • जो कुल का 11.3% ग्रामीण अनुपात दिखाते हैं ।​
  • प्रमुख राज्यवार आंकड़े
    • ये आंकड़े 705 अधिसूचित जनजातीय समूहों पर आधारित हैं
    • जिनमें भिल, गोंड और संथाल प्रमुख हैं।
    • लिंगानुपात आदिवासियों में 990 रहा, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर था 。​

39. आधिकारिक तौर पर, भारत में परलैंगिक व्यक्तियों (Transgenders) पर पहली बार दर्ज किए गए आंकटे किस जनगणना में एकत्र किए गए थे? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 2011
Solution:
  • भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय ने जनगणना 2011 की गणना के दौरान पहली बार गणना के लिए तीन कोड यानी पुरुष-1, महिला-2 और अन्य-3 प्रदान किए।
  • इस प्रकार आधिकारिक तौर पर भारत में परलैंगिक व्यक्तियों (Transgenders) पर पहली बार दर्ज किए गए आंकड़े जनगणना 2011 में एकत्र किए गए थे।
  • आख़िरी जानकारी
    • संदर्भ बताता है कि 2011 की जनगणना में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के बारे में दर्ज आंकड़े पहली बार दर्ज किए गए थे।
    • यह स्पष्ट करता है कि इससे पहले के जनगणना दौरों में ट्रांसजेंडर लोगों की अलग-से स्पष्ट गिनती नहीं दिखाई गई थी ।​
    • 2011 जनगणना ने लिंग-आधार पर विभाजन के साथ अन्य जनगणना विवरण भी प्रस्तुत किए, लेकिन ट्रांसजेंडर संबंधित विशेष कॉलम और डेटा संग्रह का आधिकारिक उल्लेख पहली बार 2011 में किया गया ।​
    • 2021 की जनगणना के संदर्भ में भी यह उल्लेख मिलता है
    • ट्रांसजेंडर परिवारों और उनके सदस्यों के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी, और यह पहली बार है
    • परिवार मुखिया के रूप में ट्रांसजेंडर मौजूद हो सकता है (स्व-गणना से जुड़ा विकास) ।​
  • महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि
    • 2011 की जनगणना से पहले ट्रांसजेंडर अब तक मुख्यतः डेटा-स्तर पर एक स्पष्ट, समेकित उल्लेख पंक्तिबद्ध नहीं मिली थी
    • 2011 ने इस समुदाय के लिए सरकारी आँकड़ों की पहली संरचित पेशकश दी ।​
    • 2021 की जनगणना में डिजिटल-स्व-गणना और परिवार-आधारित जानकारी का विस्तार भी इसी दिशा में आगे बढ़ना दर्शाता है
    • ट्रांसजेंडर पहचान और मातृ-परिवार की स्थिति भी डेटा में मानकीकृत हो सकेगी ।​
  • ध्यान दें
    • ऊपर दिए गए आउटपुट साइट-लिंक उद्धरण “web” के स्रोत से लिए गए हैं
    • ताकि आप इच्छित सत्यापन कर सकें।
    • आप चाहें तो इनमें से प्रत्येक स्रोत पर क्लिक कर विस्तृत विवरण देख सकते हैं ।

40. ऐसी बस्तियां जिनमें घर पास-पास बने होते हैं, ....... कहलाती हैं। [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 16 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) सघन बस्तियां
Solution:
  • ऐसी बस्तियां जिनमें घर पास-पास बने होते हैं, सघन या संहत बस्तियां कहलाती हैं।
  • सघन बस्तियों की परिभाषा
    • सघन बस्तियां वे ग्रामीण अधिवास हैं
    • जहां बड़ी संख्या में घर एक-दूसरे के बहुत करीब, सटे हुए या गुच्छे में बने होते हैं।
    • इनकी विशेषता घनी आबादी और सामूहिक जीवनशैली है
    • जो सुरक्षा, सामाजिक संपर्क और संसाधनों की आसान उपलब्धता प्रदान करती है।
    • भारत के गंगा मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय की तलहटियों जैसे क्षेत्रों में ये आम हैं।​​
  • विशेषताएं और कारण
    • घरों की व्यवस्था: घर पास-पास सटे होते हैं, अक्सर एक केंद्रीय स्थान (जैसे तालाब या बाजार) के चारों ओर।
    • इससे रक्षा आसान होती है और सामुदायिक गतिविधियां सुगम रहती हैं।
    • भौगोलिक कारण: उपजाऊ भूमि, जल स्रोतों की निकटता और समतल मैदान इनकी स्थापना को बढ़ावा देते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, उत्तर भारत के गांवों में ये प्रचुर हैं।
    • सामाजिक-आर्थिक कारक: कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में परिवार एक साथ रहते हैं
    • जो श्रम विभाजन और उत्सवों को सरल बनाता है।​​
  • अन्य बस्ती प्रकारों से तुलना
    • ये तुलना दर्शाती है कि सघन बस्तियां घनत्व में सबसे अधिक होती हैं।​
  • भारत में उदाहरण और महत्व
    • भारत के 70% से अधिक ग्रामीण बस्तियां सघन प्रकार की हैं
    • जो जनगणना और भूगोल अध्ययनों में प्रमुख हैं।
    • ये बस्तियां विकास योजनाओं (जैसे स्वच्छ भारत) के लिए केंद्र बिंदु हैं
    • क्योंकि यहां स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की मांग अधिक रहती है।​