जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 35

11. 2011 की जनगणना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 7 वर्ष और उससे अधिक आयु का व्यक्ति, जो किसी भी भाषा को समझकर लिख या पढ़ सकता है, उसे साक्षर माना जाता है।
Solution:
  • 7 वर्ष और उससे अधिक आयु वाली कुल जनसंख्या में साक्षरों के प्रतिशत को जनसंख्या की 'साक्षरता दर' कहते हैं।
  • प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंगानुपात कहा जाता है। केरल का लिंगानुपात 1084 है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की साक्षरता दर 73 प्रतिशत है।
  • जनगणना का संदर्भ और संरचना
    • 2011 की जनगणना भारत में 15वीं राष्ट्रीय जनगणना थी
    • जो गृह मंत्रालय के अधीन रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के निर्देशन में आयोजित की गई थी
    • इसका उद्देश्य देश की आबादी के आकार-घनत्व, वितरण, साक्षरता, शिक्षा, रोजगार आदि विविध पहलुओं पर विश्वसनीय डेटा जुटाना था
    • ताकि नीति-निर्माण, योजना और संसाधन आवंटन में सहायता मिल सके [web sources].
  • साक्षरता माप और मानक
    • इस महागणना में 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति को साक्षर माना गया
    • यदि वह किसी भाषा को समझकर पढ़ और लिख सकता है
    • साक्षरता दर और लिंगानुपात आदि संकेतकों के लिए एकीकृत डेटा इकट्ठा किया गया ताकि राज्यों के बीच और जिलों में विश्लेषण किया जा सके
  • प्रमुख आँकड़े (संविधान/सार्वजनिक जानकारी के अनुसार)
    • भारत की कुल जनसंख्या वृद्धि दर 2001-2011 के बीच लगभग 17.7% रही (लगभग 1.21 अरब से 1.21 अरब+ की वृद्धि). यह आंकड़ा कई स्रोतों में दर्ज है.
    • मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के संदर्भ में वृद्धि दर, जन-संख्या घनत्व आदि पर विविध निष्कर्ष आए हैं
    • विस्तृत table/सूत्रों के लिए आधिकारिक संकलनों देखे जा सकते हैं
  • विधि और कवरेज
    • घर-घर सर्वेक्षण पद्धति अपनाई गई ताकि कवरेज व्यापक हो और राष्ट्रीय/राज्यीय स्तर पर विश्वसनीय डेटा मिल सके
    • जनगणना डेटा का उपयोग नीति-निर्माण, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और संसाधन वितरण जैसी क्षेत्रों में लक्षित निर्णयों के लिए किया गया
  • तुलना और पूरक बिंदु
    • 2011 की जनगणना 2001 की पूर्व-संख्या और 2021 की भविष्यवाणियों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मध्य-क्रम बनाती है
    • कई परीक्षाओं/टेक-अप के प्रश्न इस परिवर्तनधारा पर केंद्रित होते हैं
    • यह जानकारी विभिन्न शिक्षण/परीक्षा मंचों पर हिंदी में भी उपलब्ध है, जहाँ सही जवाबों के साथ स्पष्टीकरण दिए गए हैं
    • जनगणना का साक्षरता-दर, आबादी-घनत्व और लिंगानुपात पर केंद्रित डेटा नीतिगत योजना, संसाधन आवंटन
    • सामाजिक-आर्थिक प्रगति के मूल्यांकन के लिए एक आधार देता है
    • यह डेटा क्रमिक वृद्धि और परिवर्तन के ट्रेंड दिखाकर सरकारें और संस्थानें लक्षित सुधारों के लिए मार्गदर्शन करते हैं
    • 2011 की जनगणना के प्रमुख आंकड़े (क्यों, किसे, क्या-क्या मापा गया) का एक साफ टेबल बना दूं।
    • राज्यवार साक्षरता दर, जनसंख्या वृद्धि दर आदि के साथ एक तुलना चार्ट/सारणी प्रदान कर दूं।
    • आपके अनुरोध के अनुसार किसी विशिष्ट तथ्य (जैसे कौन सा राज्य किस दर पर अग्रणी रहा) के लिए विश्वसनीय स्रोतों से सटीक उद्धरण भी दे दूं।
    • 2011 की जनगणना पर विवरण और साक्षरता मानक से जुड़ी सामान्य जानकारी के लिए कई संदर्भ ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
    • इन स्रोतों में संबंधित तथ्यों के साथ स्पष्ट विवरण दे दिए जाते हैं.​

12. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल महिला साक्षरता दर ....... थी। [Phase-XI 28 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (e) इनमें से कोई नहीं
Solution:
  • 7 वर्ष और उससे अधिक आयु वाली कुल जनसंख्या में साक्षरों के प्रतिशत को जनसंख्या की 'साक्षरता दर' कहते हैं।
  • प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंगानुपात कहा जाता है। केरल का लिंगानुपात 1084 है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की साक्षरता दर 73 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल महिला साक्षरता दर 65.46% थी।
  • यह दर 7 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए परिभाषित की गई
  • जो किसी भी भाषा में समझ के साथ पढ़ और लिख सकने की क्षमता दर्शाती है।
  • कुल साक्षरता दर 74.04% रही, जिसमें पुरुष साक्षरता 82.14% थी, जिससे लिंग अंतर 16.68% रह गया.​
  • महिला साक्षरता की विस्तृत जानकारी
    • महिला साक्षरता में केरल सबसे आगे रहा (92.07%), जबकि बिहार में सबसे कम (51.5%) दर्ज हुई।
    • ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर शहरी क्षेत्रों से कम थी, सामाजिक-आर्थिक बाधाओं के कारण। 2001 की 54.16% से यह 11.3% की वृद्धि दर्शाती है.​
  • ऐतिहासिक प्रगति

    • 1951 में महिला साक्षरता मात्र 8.86% थी, जो 2011 तक सात गुना से अधिक बढ़ी।
    • सरकारी योजनाओं जैसे सर्व शिक्षा अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिड-डे मील ने इसमें योगदान दिया।
    • फिर भी, उत्तर भारत और ग्रामीण इलाकों में चुनौतियां बनी रहीं.​
  • राज्यवार विविधता

    • केरल, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्य उच्च दर दिखाते हैं, जबकि राजस्थान, झारखंड और बिहार पिछड़े।
    • जैन समुदाय में सबसे अधिक साक्षरता रही। ये आंकड़े नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए.​

13. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, भारत के किस जिले की साक्षरता दर सबसे कम है? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) अलीराजपुर
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, अलीराजपुर जिले की साक्षरता दर (36.1 प्रतिशत) सबसे कम है।
  • विस्तार विवरण
    • बिहार: 2011 में कुल साक्षरता दर लगभग 61.8% थी
    • जो देश के सभी राज्यों में सबसे कम मानी गई।
    • पुरुषों की साक्षरता लगभग 71.2% और महिलाओं की लगभग 51.5% थी
    • जिससे राज्य के भीतर व्यापक लिंगानुपातीय अंतर स्पष्ट होता है.​
    • दूसरे स्थानों में अन्य राज्यों की दरें ऊँची रहीं
    • जैसे केरल विश्व स्तर पर उच्चतम साक्षरता के साथ क्रमशः 90%+ स्तर पर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि के दर्जे भी बिहार से ऊपर रहे.​
  • मुख्य बिंदु
    • 2011 की जनगणना ने भारत की कुल साक्षरता दर 74.04% बताई थी
    • लेकिन राज्यवार विभाजन में बिहार सबसे कम और केरल सबसे अधिक रहा.​
    • बिहार की कम साक्षरता के कई कारण बताए गए हैं
    • जिनमें शिक्षा बुनियादी ढांचे की कमी, आर्थिक चुनौती, और जनसंख्या घनत्व आदि शामिल हैं
    • ये कारण अक्सर अकादमिक और GK स्रोतों में विस्तार से दर्ज होते हैं.​
  • महत्वपूर्ण संदर्भ
    • बिहार की कम साक्षरता और केरल की उच्च साक्षरता के अनुपात को 2011 के आधिकारिक आंकड़ों के साथ मिलाने वाले चर्चित पाठ्य स्रोत उपलब्ध हैं
    • जिनमें बिहार 61.8% (लगभग) साक्षरता दर के साथ सबसे नीचे और केरल ~94% के आसपास उच्चतम दर के रूप में दर्ज है.​

14. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर कितनी है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (II-पाली), CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 22 अक्टूबर, 2021 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 17.7%
Solution:
  • जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, 2001-2011 के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 17.7 प्रतिशत रही है।
  • यह 2001-2011 के दशक में दर्ज की गई थी
  • जो पिछले दशक (1991-2001) की 21.54% से काफी कम थी।​
  • दशकीय वृद्धि का अर्थ
    • दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर से तात्पर्य दस वर्षों की अवधि में कुल जनसंख्या में हुई प्रतिशत वृद्धि से है।
    • 2001 में भारत की जनसंख्या 1,028,737,436 थी, जो 2011 तक बढ़कर 1,210,854,977 हो गई
    • जिससे वृद्धि 182,117,541 रही।
    • इसकी गणना सूत्र  से की जाती है, जहां परिणाम 17.64% आया।​
  • ऐतिहासिक तुलना
    • 1981-1991: 23.87%
    • 1991-2001: 21.54%
    • 2001-2011: 17.64% (सबसे कम गिरावट के बाद भी कमी जारी)
    • यह निरंतर कमी परिवार नियोजन, शिक्षा प्रसार और आर्थिक विकास के कारण हुई।
    • स्वतंत्रता के बाद पहली बार दशकीय वृद्धि इतनी घटी।​
  • प्रभाव और महत्व
    • यह दर जनसांख्यिकीय संक्रमण का संकेत देती है, जहां जन्म दर घटी लेकिन मृत्यु दर भी कम हुई।
    • कुल जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी हो गया।
    • इससे संसाधन दबाव कम हुआ, परंतु युवा आबादी पर जोर बढ़ा।​

15. 2011 की जनगणना के अनुसार, आंध्र प्रदेश राज्य की साक्षरता दर ....... है [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 67.02
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, आंध्र प्रदेश (अविभाजित) राज्य की साक्षरता दर 67.02 (लगभग 67) प्रतिशत है।
  •  यह दर 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों पर आधारित है
  • जो किसी भी भाषा को समझते हुए पढ़ और लिख सकने की क्षमता रखते थे।​
  • लिंग-वार साक्षरता
    • पुरुष साक्षरता दर 74.88% थी, जबकि महिला साक्षरता दर 59.74% रही, जो लिंग अंतर को दर्शाती है।
    • यह अंतर राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से जुड़ा था
    • जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा पर अधिक प्रभाव पड़ा।
    • आंध्र प्रदेश की साक्षरता अन्य दक्षिणी राज्यों जैसे केरल (93.91%) से काफी कम थी।​
  • क्षेत्र-वार विवरण
    • शहरी क्षेत्रों में साक्षरता दर 76.64% थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 63.15% रही।
    • जिले स्तर पर विशाखापटनम (67.04%) और चित्तूर (62.75%) जैसे जिलों में भिन्नताएं दिखीं।
    • यह डेटा राज्य के औद्योगिक और कृषि-प्रधान इलाकों के बीच असमान विकास को प्रतिबिंबित करता है।​
  • राष्ट्रीय संदर्भ
    • भारत की औसत साक्षरता 74.04% थी, जिसमें पुरुष 82.14% और महिला 65.46% शामिल थे।
    • आंध्र प्रदेश बिहार (61.80%) से बेहतर लेकिन अरुणाचल प्रदेश (65.38%) के निकट था
    • जो कम साक्षरता वाले राज्यों की श्रेणी में आता है।​
  • प्रभाव और संदर्भ
    • यह साक्षरता स्तर राज्य विभाजन (2014 में तेलंगाना अलग) से पहले का था
    • जिसने बाद में आंकड़ों को प्रभावित किया। शिक्षा कार्यक्रमों जैसे SSA ने सुधार लाए
    • लेकिन 2011 के आंकड़े गरीबी, लिंग भेदभाव और ग्रामीण पहुंच की चुनौतियों को उजागर करते हैं।​

16. निम्नलिखित में से किस राज्य में 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत सर्वाधिक था ? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) छत्तीसगढ़
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में अनुसूचित जनजातियों की सर्वाधिक जनसंख्या मध्य प्रदेश में है
  • जबकि प्रश्नगत विकल्पों में अनुसूचित जनजाति का सर्वाधिक प्रतिशत छत्तीसगढ़ (30.6 प्रतिशत) में है।
  • मध्य प्रदेश में 21.1 प्रतिशत, राजस्थान में 13.5 प्रतिशत तथा महाराष्ट्र में 9.4 प्रतिशत है।
  • अन्य उच्च प्रतिशत वाले राज्य
    • नागालैंड में ST प्रतिशत 86.5% था
    • जबकि मेघालय में 86.1% और अरुणाचल प्रदेश में 68.8% दर्ज किया गया।
    • ये पूर्वोत्तर राज्य भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से जनजातीय बहुल हैं
    • जहां जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में ये समुदाय मुख्य रूप से निवास करते हैं।
    • लक्षद्वीप (UT) में 94.8% के साथ यह राज्य से थोड़ा अधिक था, लेकिन प्रश्न राज्य पर केंद्रित है।​
  • राष्ट्रीय संदर्भ
    • भारत की कुल ST जनसंख्या 2011 में 10.42 करोड़ (8.6% कुल जनसंख्या) थी
    • जिसमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक संख्या (14.7%) लेकिन प्रतिशत न्यूनतम था।
    • मिजोरम का उच्च प्रतिशत राज्य के छोटे आकार (लगभग 11 लाख जनसंख्या) और जनजातीय पहचान पर निर्भरता को प्रतिबिंबित करता है।​
  • क्षेत्रीय और सामाजिक प्रभाव
    • इन राज्यों में ST आबादी ग्रामीण-प्रधान है
    • जहां साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से कम लेकिन स्थानीय भाषाओं में उच्च रही।
    • सरकारी योजनाएं जैसे FRA (2006) ने भूमि अधिकार प्रदान किए
    • लेकिन विकास चुनौतियां जैसे बुनियादी ढांचा कमी बनी रहीं।
    • 2001 से 2011 के दशक में कुछ राज्यों में ST सूची में संशोधन से प्रतिशत बढ़ा।​

17. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, भारत के किस राज्य की महिला साक्षरता दर सर्वाधिक है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत के केरल (92.1 प्रतिशत) राज्य की महिला साक्षरता दर सर्वाधिक है।
  • महाराष्ट्र एवं हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर 75.9 प्रतिशत तथा तमिलनाडु की 73.4 प्रतिशत है
  • विस्तार:
    • देशभर में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल साक्षरता दर04% थी
    • पुरुष s lever 82.14% और महिलाएं 65.46% थीं. केरल ने इस दौर में महिला साक्षरता में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, लगभग 93.91% के साथ.​
    • केरल के बाद लक्षद्वीप और मिजोरम जैसे क्षेत्र थे जिनकी महिला साक्षरता उच्च मानी गईं
    • परंतु राज्यों के भीतर भी केरल की महिला साक्षरता दर सांत्वना में अग्रणी रही.​
    • बिहार आदि राज्यों में महिला साक्षरता comparatively निम्न रही
    • बिहार में 2011 में महिला साक्षरता दर लगभग 54–60% के बीच मानी गई थी
    • जो केरल से बहुत कम है (केरल के करीब9% के साथ).​
    • “महिला साक्षरता दर” को 7 वर्ष और उससे अधिक आयु की those who can read और understand किसी भी भाषा माना गया साक्षर माना गया मानक के अनुसार मापा गया था.​
    • 2011 की गणना के अनुसार कुल साक्षरता दर में वृद्धि दिखी
    • लेकिन महिला बनाम पुरुष साक्षरता के अंतर अधिक बना रहा
    • केरल ने महिला साक्षरता में पहला स्थान कायम रखा.​

18. निम्नलिखित में से किस अवधि को भारत की जनसंख्या वृद्धि के रुके हुए या स्थिर चरण की अवधि के रूप में जाना जाता है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 1921-1941
Solution:
  • वर्ष 1921-1951 तक की अवधि को भारत की जनसंख्या वृद्धि के रुके हुए या स्थिर चरण की अवधि के रूप में जाना जाता है।
  • अतः निकटतम उत्तर के रूप में विकल्प (b) का चयन किया जा सकता है।
  • विस्तृत विवरण:
    • परिभाषा: स्थिर या रुके हुए जनसंख्या वृद्धि (stable/zero-growth phase) वह कालखंड है जिसमें जन्म दर और वृद्धि दर बहुत कम या न के बराबर थे
    • जिससे कुल जनसंख्या वृद्धि धीमी या न के बराबर रही। यह चरण अक्सर राष्ट्र-स्तर पर 1901–1921 के बीच माना जाता है
    • क्योंकि उस समय वृद्धि दर में उल्लेखनीय कमी आई और 1911–1921 के बीच नकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई थी.​
    • कारण और प्रभाव: इस अवधि के दौरान आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य-संबंधी स्थितियों में बदलावों के कारण मृत्यु दर में कमी के बावजूद जन्म दर भी ऊँची नहीं रही, जिससे कुल वृद्धि दर कम रही. इससे पहले और बाद के दशकों में जनसंख्या वृद्धि बहुत अधिक या अत्यधिक तेज़ रहती है
    • (जैसे 1951–1981 के दौरान), और उसके बाद वृद्धि दर फिर से घटकर धीरे-धीरे संतोषजनक स्तर तक पहुँची है.​
    • अन्य संदर्भ: साहित्य/प्रश्नोत्तरों में 1901–1921 को "स्थिर चरण" के रूप में बताया गया है
    • जबकि 1921–1951 को अक्सर स्थिर (या शून्य-गति) से आगे बढ़कर वृद्धि-डायनेमिक्स में परिवर्तन दिखाने वाला दशक माना गया है
    • कुछ स्रोत इसे 1901–1921 के साथ जोड़ते हैं ताकि संपूर्ण संक्रमण-चक्र स्पष्ट हो सके.​
    • अतिरिक्त नोट: कई शैक्षिक संदर्भों में यह भी कहा गया है
    • 1921 के आसपास या उसके बाद के दशक में स्थिर वृद्धि से विस्तार/विस्फोट तक की प्रवृत्ति शुरू होती है
    • जो मृत्यु दर में गिरावट, जीवन-मान के सुधार और परिवार नियोजन के प्रभावों के कारण आगे बढ़ती है.​
  • तालिका: प्रमुख स्थिर-विकास अवधि बनाम अन्य दशकों (संक्षेप)
    • 1901–1921: स्थिर/स्थिर-से-धीमी वृद्धि; नकारात्मक भी रिकॉर्ड हुआ (1911–1921 के बीच).​
    • 1921–1951: स्थिर-विकास से अधिक, परंतु 1951–1981 की जनसंख्या विस्फोट की ओर संक्रमण की तैयारी दिखती है.​
    • 1981 के बाद: वृद्धि दर धीरे-धीरे गिरती और आधुनिकीकरण/शिक्षा के प्रभाव से कमी होती चली गई.​
    • कुछ स्रोतों में 1901–1921 को ही स्थिर चरण कहा गया है
    • जबकि अन्य इसे वर्ष-गणक के साथ मिश्रित रूप में देखते हैं क्योंकि शुरुआती वर्षों में घटनाक्रम भिन्न हो सकते हैं.​
    • यदि आपको किसी विशिष्ट इतिहासिक पाठ या परीक्षा-पूर्व प्रश्न के अनुसार संदर्भ चाहिए, तो बताइए
    • अलग-अलग परीक्षाओं में छोटे-मोटे भिन्न-भिन्न फर्जी/विवरणात्मक डिफिनिशन भी मिल सकते हैं.​
  • संदर्भ (उद्धरण):
    • स्थिर/स्थिर-विकास चरण के बारे में छात्रों के लिए Testbook/Wikipedia-शैली वस्तुनिष्ठ उत्तर, जिसमें 1901–1921 को स्थिर चरण कहा गया है.​
    • DRISHTI IAS/NSO-प्रकार के लेख भी 1901–1921 और उससे जुड़ी धीमी वृद्धि के संकेत देते हैं.​
    • एक अन्य स्रोत 1921–1951 को स्थिर-जनसंख्या वृद्धि के रूप में दर्शाता है
    • जबकि 1951–1981 को विस्फोट-काल के रूप में चिन्हित किया गया है.​

19. जनजातीय जनसंख्या (2011) के आधार पर, उस विकल्प की पहचान कीजिए जो निम्नलिखित राज्यों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करता है। [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

A. मध्य प्रदेश

B. महाराष्ट्र

C. ओडिशा

Correct Answer: (a) C, B, A
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में जनगणना 2011 के अनुसार, अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले राज्यों का आरोही क्रम है
  • ओडिशा (9590756), महाराष्ट्र (10510213) तथा मध्य प्रदेश (15316784)।
  • लेकिन पूछे गए प्रश्न में विशिष्ट विकल्प सूचीबद्ध नहीं हैं।
  • इसलिए, प्रमुख राज्यों की ST जनसंख्या का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया जा रहा है
  • जो सामान्यतः प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, SSC) में पूछे जाने वाले विकल्पों पर आधारित है।​
  • ST जनसंख्या का अवलोकन
    • 2011 जनगणना में भारत की कुल ST जनसंख्या 10.42 करोड़ थी, जो कुल जनसंख्या का 8.6% है।
    • मध्य प्रदेश में सबसे अधिक (1.53 करोड़) और गोवा/तमिलनाडु जैसे राज्यों में सबसे कम ST जनसंख्या दर्ज की गई।
    • आरोही क्रम में राज्य चुनते समय कुल संख्या (न कि प्रतिशत) पर ध्यान दें, क्योंकि प्रश्न "जनजातीय जनसंख्या" पर केंद्रित है।​
  • आरोही क्रम के सामान्य विकल्प उदाहरण
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सामान्य विकल्प इस प्रकार हो सकते हैं:
    • विकल्प A: तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गोवा → सही नहीं, क्योंकि पंजाब > तमिलनाडु।
    • विकल्प B: पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, गोवा → गलत।
    • सही विकल्प: तमिलनाडु (7.9 लाख), पंजाब (8.9 लाख), हरियाणा (11.2 लाख), गोवा (1.5 लाख) → आरोही: तमिलनाडु < पंजाब < हरियाणा < गोवा।​
    • यदि विकल्प उत्तर पूर्वी राज्य शामिल करें (जैसे मिजोरम उच्च % लेकिन कम कुल संख्या), तो मिजोरम (4.8 लाख) मध्यम रहेगा।​
  • क्षेत्रीय वितरण और कारण
    • उच्च ST राज्य: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा (केंद्रीय/पूर्वी भारत में केंद्रित, वन/पहाड़ी क्षेत्रों के कारण)।
    • निम्न ST राज्य: दक्षिण/उत्तर भारत (शहरीकरण, कम वन क्षेत्र)।
    • प्रतिशत आधार: मिजोरम (94.4%), नागालैंड (86.5%) सबसे ऊपर, लेकिन कुल संख्या कम। आरोही क्रम कुल संख्या पर निर्भर करता है।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • शीर्ष 5 राज्य (उच्च से): मध्य प्रदेश > महाराष्ट्र > ओडिशा > राजस्थान > गुजरात।
    • निम्न 5 राज्य: दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश।
    • विकास प्रभाव: ST आबादी मुख्यतः ग्रामीण (91%) है, शिक्षा/स्वास्थ्य में चुनौतियाँ बरकरार।​

20. भारत को ....... के कारण जनसांख्यिकीय लाभांश वाला देश माना जा सकता है। [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 15-64 वर्ष के बीच उच्च जनसंख्या
Solution:
  • भारत को 15-64 वर्ष के बीच उच्च जनसंख्या के कारण जनसांख्यिकीय लाभांश वाला देश माना जा सकता है।
  • जनसांख्यिकीय लाभांश की परिभाषा
    • जनसांख्यिकीय लाभांश वह अवधि है जब किसी देश की कार्यशील आयु (15-64 वर्ष) की जनसंख्या आश्रितों से अधिक हो जाती है
    • जिससे बचत, निवेश और आर्थिक विकास की संभावना बढ़ती है।
    • भारत में वर्तमान में लगभग 65% जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है
    • औसत आयु मात्र 28 वर्ष है, जो इसे विश्व का सबसे युवा प्रमुख देश बनाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भारत का आयु निर्भरता अनुपात 2040 तक न्यूनतम स्तर पर पहुंचेगा
    • जो आर्थिक उछाल का सुनहरा अवसर प्रदान करता है।​
  • भारत की वर्तमान स्थिति
    • भारत की जनसंख्या में 15-29 वर्ष आयु वर्ग के 42 करोड़ से अधिक युवा शामिल हैं
    • जो कुल जनसंख्या का लगभग 29% है। कार्यशील आबादी 2047 तक 1 अरब तक पहुंच सकती है
    • जो शहरीकरण, डिजिटल रोजगार और उद्यमिता से प्रेरित है। हालांकि, चीन, जापान जैसे देश बूढ़े हो रहे हैं
    • वहीं भारत की युवा आबादी वैश्विक प्रतिभा केंद्र बनने का आधार तैयार कर रही है।​
  • प्रमुख कारण
    • घटती प्रजनन दर: जन्म दर में तेज गिरावट से बच्चों की संख्या घटी है, जिससे कार्यशील वर्ग का हिस्सा बढ़ा।​
    • बढ़ती कार्यशील जनसंख्या: 62-63% आबादी 15-59/64 वर्ष के बीच है, जो उत्पादकता बढ़ाने में सक्षम है।​
    • निम्न औसत आयु: 28-30 वर्ष की औसत आयु से लंबी उत्पादक अवधि उपलब्ध है।​
  • अवसर और लाभ
    • यह लाभांश भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का ऐतिहासिक मौका देता है
    • जिसमें जीडीपी वृद्धि, निर्यात और नवाचार संभव हैं। युवा आबादी से बचत दर बढ़ेगी
    • जो पूंजी निर्माण को गति देगी। गिग इकोनॉमी और रिमोट वर्क जैसे नए क्षेत्रों में रोजगार सृजन से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति बनेगी।​
  • चुनौतियाँ
    • कौशल की कमी, बेरोजगारी (विशेषकर युवाओं और महिलाओं में), और ग्रामीण श्रम भागीदारी में गिरावट इस लाभ को बोझ बना सकती है।
    • यदि शिक्षा और प्रशिक्षण न दिए गए, तो 800 मिलियन युवा 'टाइम बम' साबित हो सकते हैं।
    • श्रम शक्ति भागीदारी दर में कमी (15-29 वर्ष ग्रामीण युवाओं में) चिंताजनक है।​
  • उपयोग के उपाय
    • कौशल विकास कार्यक्रम जैसे स्किल इंडिया को मजबूत करना।
    • महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ाना और शिक्षा में निवेश।
    • उद्यमिता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन।
    • इनसे भारत अपने जनसांख्यिकीय लाभ को वास्तविक आर्थिक शक्ति में बदल सकेगा।​