जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 35

31. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 2021 की जनगणना (जो Covid 19 के कारण स्थगित हो गई थी) में पहली बार ....... का डेटा एकत्र करना था। [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अन्य पिछड़ा वर्ग
Solution:
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 2021 की जनगणना (जो Covid-19 के कारण स्थगित हो गई थी) में पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग का डेटा एकत्र करना था।
  • जनगणना 2021 की पृष्ठभूमि
    • जनगणना 2021 भारत की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना के रूप में निर्धारित थी
    • जिसकी अधिसूचना 28 मार्च 2019 को भारत के राजपत्र में जारी की गई थी।
    • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर 2019 को इसकी मंजूरी दी, जिसमें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने का भी प्रावधान था।
    • मूल योजना के तहत पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस) अप्रैल-सितंबर 2020 में और दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2021 में होना था, लेकिन कोविड-19 के कारण इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया।​
  • OBC डेटा संग्रह का महत्व
    • OBC आंकड़ों का पहली बार एकत्रीकरण सामाजिक न्याय और कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक था
    • क्योंकि इससे पिछड़ी जातियों की वास्तविक जनसंख्या, आर्थिक स्थिति और अन्य पैरामीटर्स का सटीक मूल्यांकन संभव होता।
    • 31 प्रश्नों के माध्यम से घर-घर सर्वे में नाम, लिंग, जन्म तिथि, शिक्षा, रोजगार आदि के साथ जातिगत जानकारी ली जानी थी।
    • यह डेटा मशीन-रीडेबल और कार्रवाई योग्य प्रारूप में मंत्रालयों को उपलब्ध कराया जाता, जिससे नीति निर्माण में सहायता मिलती।​
  • तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव
    • जनगणना पूरी तरह डिजिटल होनी थी, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए प्रगणक डेटा केंद्रीय सर्वर पर अपलोड करते।
    • इससे समय की बचत और मानवीय त्रुटियां कम होतीं।
    • स्वयं-घोषणा की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होती, साथ ही कोड डायरेक्टरी से प्रसंस्करण तेज होता।
    • कर्मचारियों को PFMS और DBT के माध्यम से मानदेय सीधे बैंक खाते में मिलता।
    • असम को छोड़कर पूरे देश में NPR अपडेट भी शामिल था।​
  • स्थगन और वर्तमान स्थिति
    • कोविड-19 के प्रकोप के कारण मार्च 2020 से जनगणना स्थगित रही
    • प्रशासनिक सीमाओं की स्थिरीकरण तिथि 31 दिसंबर 2022 तक बढ़ाई गई।
    • हालिया अपडेट्स में 2027 की जनगणना को मंजूरी मिली है, जिसमें जातिगत डेटा (OBC सहित) और स्व-प्रगणना का प्रावधान रहेगा।
    • यह डिजिटल जनगणना पहली बार होगी।​

32. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में लिंगानुपात कितना है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रति हजार पुरुषों पर 943 महिलाएं
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 943 है। यह 2001 की जनगणना से 10 अधिक है।
  •  इसका अंतिम आंकड़ा 943 था। इसका मतलब है कि हर 1000 पुरुषों पर लगभग 943 महिलाएं दर्ज की गईं।
  • संपूर्ण भारत के लिए: लिंगानुपात 943 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष (2011 जनगणना के अनुसार). यह 2001 के 933 से थोड़ा ऊपर है
  • पिछले कुछ दशकों में मंद बदलाव दिखा है.​
  • राज्य-वार विविधता: लिंगानुपात राज्य–दर–राज्य बहुत भिन्न रहा—Kerala जैसे राज्यों में उच्च लिंगानुपात (1084) दर्ज किया गया
  • जबकि कुछ जगहों पर बहुत कम रहा (उदा., Puducherry 1037, Daman and Diu 618 जैसी इकाइयों में)
  • यह उल्लेखनीय है कि कुछ केंद्र/shared territories में भी बड़े असमानताएं आईं.​
  • बाल लिंगानुपात (0–6 वर्ष): यह भी 2011 में 919 था, जो 1000 पुरुषों पर 919 बच्चियों के बराबर है
  • यह बच्चों में कुछ गिरावट को दर्शाता है बनाम समग्र लिंगानुपात (यह শিশু-जनसंख्या के लिए एक विशेष चिन्ता का विषय रहा).​
  • उद्धरण और स्रोत
    • 2011 की जनगणना के अनुसार समग्र लिंगानुपात: 943 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष.​
    • बाल लिंगानुपात (0–6 वर्ष): 919 प्रति 1000 पुरुष.​
    • राज्य-वार विविधता और उच्च/निम्न लिंगानुपात के उदाहरण: Kerala 1084, Puducherry 1037, Daman and Diu 618 आदि.​
    • 2011 Census of India (समग्र तथ्य) के सारांश: लिंगानुपात 943, बच्चों में 919, अन्य सूचनाएं और पन्ने उपलब्ध हैं.​

33. 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्न में से किस राज्य का जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक है? [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली), MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) बिहार
Solution:
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले शीर्ष राज्य बिहार (1106), पश्चिम बंगाल (1028), केरल (860), उत्तर प्रदेश (829), गोवा (394) एवं महाराष्ट्र (365) हैं। तमिलनाडु का जनसंख्या घनत्व (555) है।
  • राजधानी दिल्ली अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले उच्च घनत्व दिखाती है
  • राज्य के तौर पर बिहार सर्वाधिक था। अधिक विवरण नीचे दिए जा रहे हैं।
  • जनगणना-2011 के अनुसार बिहार में जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक था
  • जो व्यक्तिगत और नीति-निर्माण निर्णयों में बड़े प्रभाव डालता है
  • जैसे सेवाओं का वितरण, टिकाऊ विकास योजनाएं और अवसंरचना निवेश.​
  • राज्य-वार घनत्व में भिन्नता स्पष्ट है: कुछ राज्यों में घनत्व बहुत अधिक रहा
  • जबकि अन्य में अपेक्षाकृत कम रहा, जिससे क्षेत्रीय नीतियों में समावेशिता और वितरण की चुनौतियाँ सामने आती थीं.​
  • परिभाषा और माप का छोटा संदर्भ
    • जनसंख्या घनत्व = कुल आबादी को क्षेत्रफल से विभाजित कर प्रति वर्ग किलोमीटर निवासियों की संख्या निर्धारित की जाती है।
    • 2011 के अनुसार भारत का औसत घनत्व लगभग 382 व्यक्ति/किमी² रहा, जिससे बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में बड़े अंतर दिखे.​
    • बाल/युवा-वर्ग के लिए घनत्व भी अलग माप रहा
    • क्योंकि यह सामाजिक-आर्थिक योजनाओं की प्राथमिकताओं को प्रभावित करता है (स्कूलिंग, healthcare capacity आदि).​
  • राज्य-वार प्रमुख बिंदुएं (2011)
    • बिहार: सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व ~1106 लोग/किमी².​
    • पश्चिम बंगाल: ~1028 लोग/किमी², बिहार के बाद उच्चतम.​
    • केरल: ~860 लोग/किमी², अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले तेज़ी से घनत्व बढ़ने वाला राज्य.​
    • दिल्ली/दिल्ली नगर क्षेत्र: केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण घनत्व उच्च है लेकिन राज्य नहीं माने जाते
    • यह केंद्र-शासित क्षेत्र घनत्व-स्तर के संदर्भ में उच्चतम केंद्र-शासित प्रदेशों में गिना जाता है.​
  • डेटा के साथ caveats
    • ये आंकड़े 2011 की जनगणना पर आधारित हैं; समय के साथ द्वितीयक डेटा जैसे 2021 के अनुमान और भू-अकृतिक बदलाव स्थानीय विभाजनों को बदलते रहते हैं।
    • नवीनतम प्रवृत्तियों के लिए आधिकारिक आँकड़े देखें.​
    • कुछ केंद्र/संघ शासित क्षेत्र (जैसे लक्षद्वीप) का घनत्व विशिष्ट परिस्थिति के कारण अलग हो सकता है
    • राज्य बनाम केंद्र शासित प्रदेशों के बीच तुलना करते समय यह ध्यान रखना चाहिए.​
  • स्पष्ट सार
    • सही उत्तर: बिहार 2011 में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य था (लगभग 1106 लोग/किमी²).​
    • अन्य प्रमुख तथ्य: देश का औसत घनत्व ~382 लोग/किमी² था
    • पश्चिम बंगाल और केरल क्रमशः उच्च-घनत्व वाले राज्य थे
    • दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों का घनत्व भी उच्च रहा है.​

34. मानक जनगणना के अनुसार, मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति है जो एक वर्ष में कम-से-कम ....... कार्य करता है। [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 183 दिन
Solution:
  • मानक जनगणना के अनुसार, मुख्य श्रमिक वह व्यक्ति है
  • जो एक वर्ष में कम-से-कम 183 दिन (या छः महीने) काम करता है।
  • मुख्य श्रमिक की परिभाषा
    • मुख्य श्रमिक को उस व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है
    • जो वर्ष भर में कम से कम 183 दिन या छह महीने तक किसी आर्थिक उत्पादक कार्य में संलग्न रहता है।
    • यह वर्गीकरण जनगणना 1971 से लागू है और श्रमिकों को उनके कार्य की निरंतरता के आधार पर किया जाता है।
    • भारत में कुल श्रमिकों का लगभग 77.8% मुख्य श्रमिक होते हैं
    • जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।​
  • सीमांत श्रमिक से अंतर
    • सीमांत श्रमिक वे होते हैं जो वर्ष में 183 दिनों से कम काम करते हैं
    • अक्सर 3 से 6 महीने तक। मुख्य श्रमिक वर्ष के अधिकांश भाग में नियमित रोजगार रखते हैं
    • जबकि सीमांत श्रमिक मौसमी या अस्थिर कार्य पर निर्भर रहते हैं।
    • यह अंतर जनगणना में श्रमिकों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटने के लिए उपयोगी है।​​
  • महत्व और आंकड़े
    • यह परिभाषा बेरोजगारी, रोजगार दर और श्रम भागीदारी दर की गणना में सहायक है।
    • 2011 की जनगणना के अनुसार, मुख्य श्रमिक कुल श्रम बल का बड़ा हिस्सा बनाते हैं
    • जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास को दर्शाता है।
    • इससे नीति-निर्माताओं को स्थायी रोजगार बढ़ाने के उपाय करने में मदद मिलती है।​
  • जनगणना में उपयोग
    • जनगणना में श्रमिकों को मुख्य, सीमांत और गैर-श्रमिक में वर्गीकृत किया जाता है।
    • मुख्य श्रमिक आंकड़े कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों के वितरण को समझने में महत्वपूर्ण हैं।
    • यह मानक परिभाषा विभिन्न सरकारी रिपोर्टों और योजनाओं जैसे मनरेगा में आधारभूत है।​​

35. जनगणना 2011 के अनुसार, 2001-11 के मध्य किस राज्य में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) मेघालय
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, प्रश्नगत विकल्पों में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर वाले राज्य हैं
  • मेघालय (27.9 प्रतिशत), अरुणाचल प्रदेश (26.0 प्रतिशत), बिहार (25.4 प्रतिशत) तथा मणिपुर (24.5 प्रतिशत)।
  • भिन्न-भिन्न राज्यों में दशकीय वृद्धि दर (2001–2011)
    • दशकीय वृद्धि दर से तात्पर्य दस वर्ष की अवधि में कुल जनसंख्या में प्रतिशत वृद्धि है।
    • इस अवधि के लिए आधिकारिक संख्याएँ राज्यवार रेकॉर्डेड होती हैं
    • कुछ स्रोतों में यह आंकड़ा लगभग 17.7% के आसपास दर्ज होता है
    • जो राष्ट्रीय स्तर की दशकीय वृद्धि दर है [उद्धरण संदर्भ: सरकारी संकलन के संक्षेप/सूत्री पन्ने]।
    • हालांकि राज्यवार वितरण में भिन्नता रहती है
    • मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि के बीच वृद्धि दरों में notable अंतर दिखते हैं
    • यह रुझान अधिकतर ग्रामीण-शहरी आधरित संरचना, जन्मदर, प्रवास और सामाजिक-आर्थिक बदलावों से प्रभावित होता है
    • [उद्धरण संदर्भ: जनगणना 2011 से जुड़ी सरकारी पब्लिकेशन]।
  • क्यों महत्त्वपूर्ण है यह आंकड़ा
    • दशकीय वृद्धि दर से המדינה की जनसंख्या गतिशीलता, बाल जन्म दर, जीवन प्रत्याशा, और सामाजिक-आर्थिक विकास के अवसरों का अनुमान लगता है
    • जो नीति-निर्माण और योजना-निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक होता है
    • [उद्धरण संदर्भ: जनगणना 2011 पर विश्लेषणात्मक लेख]।
    • सटीक राज्य-स्तरीय विश्वसनीय तथ्यों के लिए आधिकारिक जनगणना 2011 की संपूर्ण तालिकाओंを見る जरूरी है
    • क्योंकि विभिन्न अध्ययन/प्रश्नोत्तरी स्रोत कभी-कभी संख्याओं में छोटे वैरिएशन दिखाते हैं।
    • यदि चाहें, तो संभव है कि मैं नवीनतम और पूर्ण राज्यवार दशकीय वृद्धि दर तालिका के लिए आधिकारिक सामग्री से उद्धरण निकालकर स्पष्ट-संख्यात्मक उत्तर दे दूँ।