Correct Answer: (d) औसत से कम और देर से मानसून
Solution:- यदि ताहिती में दाब का अंतर ऋणात्मक है, तो इसका अर्थ होगा-औसत से कम तथा विलंब से आने वाला मानसून।
- दाब अंतर का वैज्ञानिक आधार
- दाब अंतर की गणना डार्विन (ऑस्ट्रेलिया) और ताहिती के बीच औसत समुद्री स्तर दाब के अंतर से की जाती है।
- ऋणात्मक अंतर तब होता है जब ताहिती में दाब असामान्य रूप से कम हो जाता है, जो वॉकर परिसंचरण को बाधित करता है।
- इससे पूर्वी प्रशांत में गर्म जल की परत ऊपर आ जाती है, जबकि पश्चिमी प्रशांत में ठंडा जल नीचे चला जाता है, जिसे एल नीनो कहा जाता है।
- मानसून पर प्रभाव
- ऋणात्मक दाब अंतर के कारण भारतीय उपमहाद्वीप में मानसून की तीव्रता औसत से कम रहती है
- यह सामान्य समय से देरी से आता है। इससे दक्षिण एशिया में कम वर्षा होती है, जिसके परिणामस्वरूप सूखा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है
- कृषि उत्पादन प्रभावित होता है। उदाहरणस्वरूप, अल नीनो वर्षों में जैसे 2015 में भारत में मानसून वर्षा 14% कम रही थी।
- वैश्विक जलवायु प्रभाव
- यह स्थिति केवल भारत तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी असामान्य मौसम पैदा करती है।
- पूर्वी प्रशांत में कम दाब ट्रॉपिकल चक्रवातों को बढ़ावा देता है
- जबकि पश्चिमी प्रशांत में सूखे की स्थिति बनती है।
- ENSO चक्र का यह चरण वैश्विक तापमान में वृद्धि भी करता है।
- पूर्वानुमान और निगरानी
- मानसून पूर्वानुमान के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) SOI का उपयोग करता है
- जहां ऋणात्मक मान (-1.0 या इससे कम) कमजोर मानसून का संकेत देते हैं।
- जलवायु वैज्ञानिक समुद्री सतह तापमान (SST) और दाब पैटर्न की निगरानी करते हैं
- ताकि 3-6 महीने पहले चेतावनी जारी की जा सके।
- नीना (धनात्मक SOI) के विपरीत, यह स्थिति मानसून को शीघ्र और प्रबल नहीं बनाती।