जीवाणु जनित रोग (रोग एवं उपचार)

Total Questions: 41

1. भोजन विषाक्तता का कारण होता है- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) सैल्मोनेला बैसिलाई
Solution:सैल्मोनेला बैसिलाई (Salmonella bacilli) नामक जीवाणु के कारण भोजन विषाक्तता (Food Poisoning) होती है। यह विशेष जीवाणु ग्राम निगेटिव, नॉन स्पोर फार्मिंग तथा रॉड (Rod) के आकार का होता है, जिसके चारों ओर कशाभिका (Flagella) पाई जाती है।

2. भोजन का विषाक्त होना (बाटुलिज्म) किस स्पीशीज के संदूषण से उत्पन्न होता है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2010]

Correct Answer: (c) क्लॉस्ट्रिडियम के
Solution:

बाटुलिज्म रोग क्लॉस्ट्रिडियम बाटुलिनम नामक ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु के द्वारा उत्पन्न विष (भोजन विषक्तता) के कारण होता है।

3. बॉटुलिज्म है- [P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) भोज्य-पदार्थ से होने वाला विषैलापन
Solution:बाटुलिज्म रोग क्लॉस्ट्रिडियम बाटुलिनम नामक ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु के द्वारा उत्पन्न विष (भोजन विषक्तता) के कारण होता है।

4. डी.पी.टी. का टीका निम्नलिखित में से किससे सुरक्षा हेतु दिया जाता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (c) डिफ्थीरिया, कुकुर-खांसी, टिटेनस
Solution:

रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria), काली खांसी (कुकुर-खांसी) (Whooping cough) तथा टिटेनस (Tetanus) या धनुष्टंकार से बचाव हेतु नवजात शिशु को डी.पी.टी. वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) दिया जाता है। ध्यातव्य है कि उक्त तीनों रोग जीवाणुजन्य हैं, जो कि क्रमशः कोरिनीबैक्टीरियम डिप्थीरी, हीमोफिलस परट्यूसिस (बोर्डटेला परट्यूसिस) तथा क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी द्वारा होते हैं।

5. डी.पी.टी. वैक्सीन का प्रयोग किन बीमारियों के लिए किया जाता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (a) डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटेनस
Solution:रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria), काली खांसी (कुकुर-खांसी) (Whooping cough) तथा टिटेनस (Tetanus) या धनुष्टंकार से बचाव हेतु नवजात शिशु को डी.पी.टी. वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) दिया जाता है। ध्यातव्य है कि उक्त तीनों रोग जीवाणुजन्य हैं, जो कि क्रमशः कोरिनीबैक्टीरियम डिप्थीरी, हीमोफिलस परट्यूसिस (बोर्डटेला परट्यूसिस) तथा क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी द्वारा होते हैं।

6. तृतीयक प्रतिजन डीपीटी बच्चों को दी जाती है, बचाव के लिए- [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013]

Correct Answer: (d) रोहिणी, कुकर-खांसी, टिटेनस से
Solution:रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria), काली खांसी (कुकुर-खांसी) (Whooping cough) तथा टिटेनस (Tetanus) या धनुष्टंकार से बचाव हेतु नवजात शिशु को डी.पी.टी. वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) दिया जाता है। ध्यातव्य है कि उक्त तीनों रोग जीवाणुजन्य हैं, जो कि क्रमशः कोरिनीबैक्टीरियम डिप्थीरी, हीमोफिलस परट्यूसिस (बोर्डटेला परट्यूसिस) तथा क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी द्वारा होते हैं।

7. D.P.T. का टीका निम्न में से किसके काम नहीं आता है? [U.P.P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (b) पोलियो
Solution:रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria), काली खांसी (कुकुर-खांसी) (Whooping cough) तथा टिटेनस (Tetanus) या धनुष्टंकार से बचाव हेतु नवजात शिशु को डी.पी.टी. वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) दिया जाता है। ध्यातव्य है कि उक्त तीनों रोग जीवाणुजन्य हैं, जो कि क्रमशः कोरिनीबैक्टीरियम डिप्थीरी, हीमोफिलस परट्यूसिस (बोर्डटेला परट्यूसिस) तथा क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी द्वारा होते हैं।

8. नवजात शिशु को "ट्रिपल एन्टीजन वैक्सीन" निम्नलिखित में से किन रोगों से प्रतिरक्षित करने के लिए लगाई जाती है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2004 U.P. P.C.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (b) कुकुर-खांसी, टिटेनस और डिप्थीरिया
Solution:रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria), काली खांसी (कुकुर-खांसी) (Whooping cough) तथा टिटेनस (Tetanus) या धनुष्टंकार से बचाव हेतु नवजात शिशु को डी.पी.टी. वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) दिया जाता है। ध्यातव्य है कि उक्त तीनों रोग जीवाणुजन्य हैं, जो कि क्रमशः कोरिनीबैक्टीरियम डिप्थीरी, हीमोफिलस परट्यूसिस (बोर्डटेला परट्यूसिस) तथा क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी द्वारा होते हैं।

9. बेसिलस हीमोफिलस इंफ्लुएंजा कारक है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2022]

Correct Answer: (e) (a) & (d)
Solution:

बेसिलस हीमोफिलस इंफ्लुएंजा एक ग्राम-निगेटिव जीवाणु है। नवजात शिशुओं में यह जीवाणु निमोनिया एवं मेनिनजाइटिस का कारक होता है, जबकि इंफ्लुएंजा (Influenza) विषाणुजनित रोग है।

10. भारत में न्यूमोकोकल संयुग्मी वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine) के उपयोग का क्या महत्व है? [I.A.S. (Pre) 2020]

1. ये वैक्सीन न्यूमोनिया और साथ ही तानिकाशोथ और सेप्सिन के विरुद्ध प्रभावी हैं।

2. उन प्रतिजैविकियों पर निर्भरता कम की जा सकती है, जो ओषध-प्रतिरोधी जीवाणुओं के विरुद्ध प्रभावी नहीं हैं।

3. इन वैक्सीन के कोई गौण प्रभाव (side effects) नहीं हैं और न ही ये वैक्सीन कोई प्रत्यूर्जता संबंधी अभिक्रियाएं (allergic reactions) करती हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए?

Correct Answer: (b) केवल 1 और 2
Solution:भारत सहित अधिकांश देशों में न्यूमोकोकल संयुग्मी वैक्सीन (Pneumococcal Conjugate Vaccine) या 'PCV13' 13 प्रकार के न्यूमोकॉकस जीवाणुओं से उत्पन्न विभिन्न बीमारियों में प्रभावी है. जिसमें न्यूमोनिया, तानिकाशोथ या मेनिन्जाइटिस तथा सेप्सिन शामिल हैं। वर्ष 2010 से 'PCV7' के स्थान पर 'PCV13' का उपयोग होने लगा था। इसके उपयोग से उन प्रतिजैविकियों पर निर्भरता कम की जा सकती है, जो ओषध प्रतिरोधी जीवाणुओं के विरुद्ध प्रभावी नहीं हैं। इन वैक्सीन से साइड इफेक्ट व एलर्जी की भी संभावनाएं होती है।