जीवाणु जनित रोग (रोग एवं उपचार)

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21. बी.सी.जी. का टीका नवजात शिशु को कितने दिन के भीतर लगाना चाहिए? [U.P.P.C.S. (Pre) 1991]

Correct Answer: (c) जन्म के तुरंत बाद
Solution:बी. सी. जी. (वैसिलस काल्मेट ग्यूरीन) का टीका तपेदिक या राजयक्ष्मा (टी. बी.) के बचाव के लिए शिशु के जन्म के तुरंत बाद लगाया जाना चाहिए। यह टीका यदि जन्म के तुरंत बाद न लगाया गया हो. तो शिशु के जन्म से 12 माह के अंदर तक दिया जा सकता है, किंतु जन्म के बाद जितनी अवधि व्यतीत होती जाएगी प्रभाविता उतनी ही कम होती जाएगी। जन्म के 12 माह के बाद बी. सी. जी. टीका लगाने का कोई फायदा नहीं है।

22. निम्न जोड़ों में से कौन-सा जोड़ा सही सुमेलित है? [67th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2022]

Correct Answer: (d) मलेरिया - क्लोरोक्विन
Solution:BCG का टीका तपेदिक से बचाव के लिए लगाया जाता है। मलेरिया के उपचार हेतु एराब्रिन, क्लोरोक्विन इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। स्कर्वी विटामिन C की कमी के कारण होने वाला रोग है। जबकि थायमीन को विटामिन BI के नाम से जाना जाता है।

23. टिटेनस नामक रोग निम्न नाम से भी जाना जाता है: [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]

Correct Answer: (c) लॉक्जा
Solution:टिटेनस या धनुष्टंकार वह रोग है, जिसमें रोगी का शरीर धनुष की तरह टेढ़ा होकर अकड़ जाता है। यह एक घातक संक्रामक रोग है, जो क्लॉस्ट्रीडियम टिटेनी नामक जीवाणु के कारण होता है। यह रोग लॉकजा (Lock-Jaw) नाम से भी जाना जाता है।

24. निम्न में से कौन संक्रमित मच्छर के काटने से नहीं होता है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (a) प्लेग
Solution:प्लेग (Plague) एक संक्रामक या संसर्ग रोग (Infectious Disease) है, जो कि विशेष जीवाणु पाश्चुरेला पेस्टिस (Pasteurella pestis) द्वारा होता है। इसमें मच्छर का कोई योगदान नहीं है। यह रोग सर्वप्रथम चूहे को हुआ था। चूहों के शरीर पर पिस्सू रहते हैं, जो इनका संदूषित रक्त चूषते हैं, फलतः रोग के जीवाणु पिस्सुओं में पहुंच जाते हैं और पिस्सुओं के काटने से रोग के जीवाणु शरीर में पहुंचकर प्लेग रोग उत्पन्न कर देते हैं।

25. दंतक्षय का मुख्य कारण है मुख के भीतर होने वाले जीवाणु व- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) कार्बोहाइड्रेट के खाद्य कणों के मध्य अंतर्व्यवहार
Solution:दंतक्षय (Tooth Decay) का मुख्य कारण सूक्ष्म जीवों जैसे जीवाणु तथा कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) के खाद्य कणों जो दांतों के मध्य फंसे रहते हैं, के मध्य अंतर्व्यवहार होता है। अतः दांतों की नियमित खूब अच्छी तरह सफाई आवश्यक है।

26. दंत-क्षय का कारण है- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (c) बैक्टीरियल संक्रमण
Solution:दंतक्षरण या दंत-क्षय एक ऐसी बीमारी है, जिसमें जीवाण्विक प्रक्रियाएं दांत की सख्त संरचना (दंत-बल्क, दंत ऊतक और दंत-मूल) को क्षतिग्रस्त कर देती हैं। ये ऊतक क्रमशः टूटने लगते हैं, जिसमें दांतों में छिद्र उत्पन्न हो जाते हैं। दंत-क्षय के लिए उत्तरदायी जीवाणु है-स्ट्रेप्टोकॉकस म्युटॉन्स और लैक्टोबैसिलस।

27. छिछले हैंडपंप से पानी पीने वाले लोगों को नीचे लिखे सभी रोगों के होने की संभावना है, सिवाय - [I.A.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (d) फ्लुओरोसिस (Fluorosis) के
Solution:हैजा (Cholera), टायफॉइड (Typhoid) तथा कामला या पीलिया (Jaundice), रोग छिछले हैंडपंप से पानी अर्थात दूषित जल पीने पर होने की संभावना होती है, जबकि फ्लुओरोसिस (Fluorosis) होने का मुख्य कारण है जल में फ्लोराइड (Flouride) की अधिकता। देश की लगभग 5 प्रतिशत जनसंख्या फ्लोराइड विषाक्तता की चपेट में है। इससे दात खराब हो जाते हैं। आधुनिक अनुसंधान के परिणाम यह भी दर्शाते हैं कि फ्लोराइड का अधिक अनुग्रहण कैंसरकारी (Carcinogenesis) भी हो सकता है।

28. निम्न में से कौन-सा जल-जनित रोग है? [U.P.P.C.S. (Pre) (Re. Exam) 2015]

Correct Answer: (c) हैजा
Solution:हैजा एक संक्रामक आंत्रशोध है, जो विब्रियो कॉलेरी नामक जीवाणु के कारण होता है। मनुष्यों में इसका संचरण इस जीवाणु द्वारा दूषित भोजन या पानी को ग्रहण करने के माध्यम से होता है।

29. टायफॉइड तथा कॉलरा विशिष्ट उदाहरण हैं- [56th to 59th B.P.S.C. (Pre) 2015]

Correct Answer: (c) जल-जन्य रोगों के
Solution:टायफॉइड तथा कॉलरा जल-जन्य रोगों के उदाहरण हैं। टायफॉइड रोग का कारण सैल्मोनेला टाइफी तथा कॉलरा का कारण विब्रियोकॉलेरी नामक जीवाणु होता है। पीने के जल के उचित उपचार द्वारा इन्हें फैलने से रोका जा सकता है।

30. कुष्ठ रोग उत्पन्न किया जाता है: [U.P.P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (a) जीवाणु द्वारा
Solution:कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री और माइकोबैक्टीरियम लेप्रोमटॉसिस नामक जीवाणुओं के कारण होता है।