Solution:भारत में सूक्ष्मजैविक रोगजनकों (Microbial Pathogens) में बहु-ओषध प्रतिरोध (Multi-drug resistance) उत्पन्न होने के प्रमुख कारण है-(i) सूक्ष्मजैविकों में उत्परिवर्तन (Mutation), जीन हस्तांतरण, प्रतिरोधी जीनों के विकास आदि के माध्यम से होने वाले परिवर्तन।
(ii) गलत रोग-निदान, जिसके कारण रोगी को चिकित्सक कभी-कभी अनावश्यक सूक्ष्मजीवरोधी ओषधियां दे देते हैं।
(iii) रोगी द्वारा उपचार के लिए प्रतिजैविकों का कोर्स पूरा नहीं करना या उनकी गलत खुराके लेना, बगैर डॉक्टरी सलाह के दवाएं लेना।
(iv) पशुधन फार्मिंग में प्रतिजैविकों का बढ़ता प्रयोगा
(v) फॉर्मास्युटिकल उद्योग एवं अस्पतालों के अशोधित कचरे द्वारा पर्यावरणीय संदूषण।