Correct Answer: (c) रेशम के कीटों का वाणिज्यिक पालन
Solution:- 'रेशम के कीटों के वाणिज्यिक पालन' को 'सेरीकल्चर' कहा जाता है।
- रेशम उत्पादन एक कृषि आधारित उद्योग है
- इसमें कच्चे रेशम के उत्पादन हेतु रेशम के कीड़ों को पाला जाता है।
- भारत विश्व के प्रमुख रेशम उत्पादक देशों में से एक है।
- परिभाषा
- सेरीकल्चर को रेशम उत्पादन या रेशमकीट पालन भी कहा जाता है।
- यह मुख्य रूप से पालतू रेशमकीट (बॉम्बिक्स मोरी) के लार्वा को पालकर रेशम प्राप्त करने की कृषि-आधारित प्रक्रिया है।
- इसकी शुरुआत चीन से हुई, जहाँ नवपाषाण काल में रेशम उत्पादन प्रारंभ हुआ।
- प्रक्रिया के चरण
- रेशमकीट पालन में कई चरण होते हैं:
- मोरिकल्चर: रेशमकीट के भोजन के लिए शहतूत (मलबेरी) के पेड़ों की खेती।
- अंडे से लार्वा: मादा कीट अंडे देती है, जो 10-12 दिनों में लार्वा बन जाते हैं।
- लार्वा पालन: लार्वा शहतूत की पत्तियाँ खाते हैं और 25-30 दिनों में 5 बार केंचुली बदलते हैं।
- कोकून बनाना: लार्वा रेशम का कोकून बनाते हैं, जिसमें से रेशम निकाला जाता है।
- रेशम निकालना: कोकून को उबालकर रेशम के धागे निकाले जाते हैं।
- महत्व और इतिहास
- सेरीकल्चर एक कुटीर उद्योग है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
- भारत और चीन दुनिया के प्रमुख उत्पादक हैं, जो वैश्विक उत्पादन का 60% से अधिक हिस्सा देते हैं।
- भारत में 1949 में केंद्रीय रेशम बोर्ड की स्थापना हुई।
- यह कम लागत वाला उद्योग है, जिसमें महिलाओं को रोजगार मिलता है।