Solution:पुरुष प्रजनन प्रणाली में वृषण दो अंडाकार आकार के अंग होते हैं। वे अंडकोश नामक एक थैली में निहित होते हैं। अंडकोश शरीर के बाहर ऊपरी जांघों के पास श्रोणि क्षेत्र के बाहर लटका हुआ होता है। वृषण दो प्रमुख कार्यों को पूरा करते हैं, युग्मक (शुक्राणु) का उत्पादन और हार्मोन का स्राव, विशेष रूप से पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन।
• अंडाशय (Ovary) महिला प्रजनन प्रणाली के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो गर्भाशय के दोनों ओर स्थित छोटी, बादाम के आकार की ग्रंथियाँ होती हैं, जिनका मुख्य कार्य अंडे (अंडाणु) बनाना और एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन बनाना है, जो मासिक धर्म चक्र, प्रजनन क्षमता और महिला लक्षणों (जैसे स्तन विकास) को नियंत्रित करते हैं
• योनि (Vagina) महिला प्रजनन प्रणाली का एक लोचदार, मांसपेशीय अंग है, जो शरीर के बाहर (भग या वल्वा) से गर्भाशय (गर्भाशय ग्रीवा) तक एक नली के रूप में जुड़ा होता है, जो यौन संबंध, मासिक धर्म (रजस्राव) और बच्चे के जन्म (प्रसव) के लिए महत्वपूर्ण है
• मूत्राशय (Bladder) पेट के निचले हिस्से में स्थित एक खोखली, लचीली थैली (पेशाब की थैली) है जो किडनी द्वारा बनाए गए मूत्र (पेशाब) को इकट्ठा करती है