जैव उर्वरक (जीव विज्ञान)

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1. निम्नलिखित में से किस वनस्पति जगत के पौधों को शैवाल के नाम से जाना जाता है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) थैलोफाइटा
Solution:
  • 'थैलोफाइटा' वनस्पति जगत के पौधों को शैवाल के नाम से जाना जाता है।
  • इनमें से अधिकतर जलीय होते हैं। इनमें पौधे के जीवन का आदिम रूप शामिल है।
  • इनमें संवहन ऊतक नहीं होते हैं, जो जल एवं खनिजों के परिवहन में सहायक होते हैं।
  • इस प्रकार ये प्रायः नम स्थानों पर पाए जाते हैं।
  • थैलोफाइटा की परिभाषा
    • इनका शरीर जड़, तना या पत्ती जैसी संरचनाओं में विभाजित नहीं होता
    • बल्कि थैलस के रूप में होता है। ये मुख्य रूप से जलीय होते हैं
    • क्लोरोफिल युक्त प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं ।
  • शैवाल के लक्षण
    • शैवाल सर्वव्यापी होते हैं, जो महासागरों, नदियों, मिट्टी, चट्टानों और यहां तक कि पेड़ों पर पाए जाते हैं ।
    • इनमें संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) का अभाव होता है, इसलिए ये नम स्थानों पर ही जीवित रहते हैं।
    • ये एककोशिकीय (जैसे च्लोरेला) से लेकर बहुकोशिकीय विशालकाय (जैसे केल्प) तक विविध आकार के होते हैं ।
    • प्रजनन वानस्पतिक, अलैंगिक (जूपोर) या लैंगिक (आइसोगैमी, एनीसोगैमी, ओगैमी) तरीके से होता है ।
  • वर्गीकरण
    • शैवालों को वर्णक द्रव्यों और भंडारण पदार्थों के आधार पर निम्न वर्गों में बांटा जाता है:
    • क्लोरोफाइसी (हरित शैवाल): क्लोरोफिल प्रमुख, जैसे स्पाइरोगायरा, क्लैडोफोरा।
    • फियोफाइसी (भूरी शैवाल): फ्यूकोक्सैंथिन युक्त, जैसे सरगासम।
    • रोडोफाइसी (लाल शैवाल): फाइकोरिथ्रिन युक्त, जैसे पोर्सेफाइटा।
    • मायकोफाइसी (नियनी-हरी शैवाल): क्लोरोफिल और फाइकोसायनिन युक्त, जैसे नोस्टॉक ।
  • आर्थिक महत्व
    • शैवाल जैव ईंधन, भोजन (जैसे स्पाइरुलिना), उर्वरक (नाइट्रोजन स्थिरीकरण), औषधियां (एगार-एगर) और प्रदूषण संकेतक के रूप में उपयोगी हैं।
    • ये पारिस्थितिकी तंत्र में प्राथमिक उत्पादक हैं और ऑक्सीजन उत्पादन में योगदान देते हैं ।