Correct Answer: (c) जब ध्वनि परावर्तित होती है
Solution:- जब ध्वनि परावर्तित होती है तो प्रतिध्वनि उत्पन्न करती है।
- प्रतिध्वनि का उपयोग समुद्र की गहराई तथा जल में स्थित वस्तुओं की स्थिति को ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
- प्रतिध्वनि को 'echo' के रूप में भी जाना जाता है।
- मुख्य अवधारणा
- प्रतिध्वनि क्या है: ध्वनि तरंगें स्रोत से निकलकर किसी सतह से टकराकर वापस लौटती हैं
- उसी वापस लौटती ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते हैं.
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए शर्तें
- दूरी की condition: प्रतिध्वनि स्पष्ट सुनाई देने के लिए श्रोता और परावर्तक सतह के बीच न्यूनतम दूरी लगभग 17 मीटर होनी चाहिए (कुछ स्रोतों में 16.6–17.2 m के आसपास माना गया है) ताकि मूल ध्वनि और प्रतिध्वनि के बीच समय विलंब पर्याप्त हो सके.
- स्रोत-परावर्तक सतह के बीच दूरी: लगभग 17.2 m या उससे अधिक होने पर प्रतिध्वनि स्पष्ट सुनाई देती है
- अगर दूरी कम हो तो ध्वनि आकर एक जैसी हो सकती है और प्रतिध्वनि नहीं सुनाई देती.
- सतह की प्रकृति: कठोर और चिकनी सतहें ध्वनि को बेहतर तरीके से परावर्तित करती हैं
- जबकि सिरा/ मुलायम सतहें ध्वनि को अवशोषित कर सकती हैं और प्रतिध्वनि कम कर देती हैं.
- समय-निर्भरता: प्रतिध्वनि मूल ध्वनि के तुरंत बाद ही नहीं आती; इससे स्वर-प्रकृति में स्पष्ट फर्क बनता है
- क्योंकि प्रतिध्वनि में ध्वनि ऊर्जा थोड़ा dissipate हो जाती है.
- उदाहरण और तुलना
- प्रतिध्वनि बनाम गूंज: गूंज भी प्रतिध्वनि के समान एक प्रकार की ध्वनि है
- जो सतह से टकराकर वापस लौटती है, लेकिन सामान्य भाषा में दोनों शब्द बार-बार मिलते हुए सकारत्मक प्रभाव का वर्णन करते हैं
- तकनीकी परिभाषाओं में गूंज अक्सर समय-भिन्न परावर्तन के साथ जुड़ी होती है ।
- ध्वनि-अवशोषण का प्रभाव: यदि कमरे में ध्वनि-अवशोषक पदार्थ जैसे फोम या रिकॉर्डिंग बॉर्ड्स लगाकर सतहें मुलायम कर दी जाएँ तो प्रतिध्वनि कम हो जाती है
- क्योंकि ध्वनि ऊर्जा गर्मी में परिवर्तित होकर कम वापस आती है ।
- वैज्ञानिक व्याख्या (सरल)
- ध्वनि दो चरणों में फैलती है: (1) स्रोत-ध्वनि सतह तक पहुँचना; (2) सतह से परावर्तित होकर वापस श्रोता तक पहुँचना।
- लौटती ध्वनि ही प्रतिध्वनि बनकर सुनी जाती है ।
- दूरी/समय का प्रभाव: स्रोत-परावर्तक सतह के बीच दूरी और लौटने वाले पलों का समय यह निर्धारित करता है
- प्रतिध्वनि स्पष्ट है या नहीं; न्यूनतम दूरी मानक के रूप में 17 मीटर काफी सामान्य रूप से उद्धृत है ।
- नोट्स
- प्रतिध्वनि के डिज़ाइन/उपयोगिता: सोनार और स्पेस/आर्किटेक्चर में प्रतिध्वनि का नियंत्रण महत्वपूर्ण रहता है
- ताकि आवश्यक ध्वनि गुण प्राप्त हों (जैसे कॉन्सर्ट हॉल में उपयुक्त ध्वनि-गुण बनाए रखना) ।