तृतीयक क्षेत्र – सेवाएं (अर्थव्यवस्था)

Total Questions: 3

1. निम्नलिखित में से कौन-सा जनसंचार (मास मीडिया) का एक उदाहरण नहीं है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) घर-घर जाकर अभियान करना
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में 'घर-घर जाकर अभियान करना' जनसंचार (मास मीडिया) का उदाहरण नहीं है
  • जबकि समाचार-पत्र, रेडियो तथा टेलीविजन जनसंचार के उदाहरण हैं।
  • जनसंचार की परिभाषा
    • जनसंचार वह प्रक्रिया है जिसमें संदेशों को बड़े पैमाने पर जनता तक इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट माध्यमों से पहुँचाया जाता है।
    • यह एकतरफा या द्विपक्षीय हो सकता है, लेकिन मुख्य विशेषता है व्यापक पहुँच।
    • उदाहरणस्वरूप, टेलीविजन या इंटरनेट लाखों लोगों तक एक साथ पहुँचते हैं।​
  • जनसंचार के प्रमुख उदाहरण
    • प्रिंट मीडिया: समाचार पत्र, पत्रिकाएँ और ब्रोशर, जो लिखित रूप में सूचना देते हैं।​​
    • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: रेडियो (ऑडियो), टेलीविजन (विज़ुअल-ऑडियो) और फिल्में।​
    • डिजिटल मीडिया: इंटरनेट, सोशल मीडिया, वेबसाइट्स और ईमेल।​​
    • ये सभी बड़े दर्शक वर्ग को लक्षित करते हैं।​
  • जनसंचार का उदाहरण होने का कारण
    • घर-घर अभियान जनसंचार नहीं है क्योंकि इसमें कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से घर जाकर सीमित लोगों से बात करते हैं।
    • यह interpersonal communication है, न कि mass dissemination।
    • अन्य विकल्प जैसे रेडियो या समाचार पत्र mass level पर कार्य करते हैं।​
  • अन्य गैर-उदाहरण
    • पारंपरिक नाटक या पेंटिंग: सीमित दर्शक।​
    • व्यक्तिगत पत्राचार: एक-से-एक संचार।
    • जनसंचार में तकनीकी माध्यम अनिवार्य है जो simultaneous पहुँच सुनिश्चित करे।​
  • महत्व और प्रभाव
    • जनसंचार राजनीति, समाज और संस्कृति को प्रभावित करता है
    • लेकिन गलत सूचना का खतरा भी रहता है।
    • भारत में NCERT जैसे स्रोत इसे टेलीविजन, रेडियो आदि के रूप में परिभाषित करते हैं।​

2. भारत में बीएफएसआई (BFSI) का तात्पर्य बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और ....... से है। यह उन उद्योगों के लिए एक व्यापक शब्द है; जो वित्तीय उत्पाद और सेवाएं प्रदान करते है| [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) बीमा
Solution:
  • BFSI का पूर्ण रूप Banking, Financial Services & Insurance है। अर्थात् भारत में BFSI का तात्पर्य बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा से है।
  • बीएफएसआई के प्रमुख घटक
    • बीएफएसआई क्षेत्र तीन मुख्य भागों में विभाजित है।
    • बैंकिंग: इसमें व्यावसायिक बैंक, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और भुगतान बैंक शामिल हैं
    • जो जमा, ऋण, चालू खाते, बचत खाते और डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाएं देते हैं।
    • वित्तीय सेवाएं: यह निवेश बैंकिंग, संपत्ति प्रबंधन, म्यूचुअल फंड, स्टॉक ब्रोकिंग, नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC), फिनटेक, पेंशन फंड और धन प्रबंधन को कवर करता है।
    • NBFC और फिनटेक ने ग्रामीण व असंगठित क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है।
    • बीमा: जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, संपत्ति बीमा, यात्रा बीमा और दायित्व बीमा जैसी सेवाएं शामिल हैं, जो जोखिम सुरक्षा प्रदान करती हैं।​
  • भारत में बीएफएसआई की वृद्धि
    • पिछले दो दशकों में भारत का बीएफएसआई क्षेत्र 50 गुना बढ़ा है
    • जिसका मार्केट कैप 2025 तक ₹91 लाख करोड़ पहुंच गया। यह जीडीपी में 27% योगदान देता है
    • 2005 में 6% था)। बैंकों की हिस्सेदारी घटकर 57% रह गई
    • जबकि NBFC (18% कमाई हिस्सा), फिनटेक (₹12 ट्रिलियन मूल्य), बीमा (₹10.6 लाख करोड़ MCap) और म्यूचुअल फंड (₹75 लाख करोड़ AUM) ने प्रमुख भूमिका निभाई।
  • प्रमुख कंपनियां और उदाहरण
    • भारत में प्रमुख बीएफएसआई संस्थान:
    • बैंक: एसबीआई, HDFC बैंक, ICICI बैंक।
    • वित्तीय सेवाएं: बजाज फाइनेंस, मुत्थूट फाइनेंस, टाटा कैपिटल, महिंद्रा फाइनेंशियल।
    • बीमा: LIC, HDFC लाइफ, ICICI प्रूडेंशियल।
  • चुनौतियां और भविष्य
    • क्षेत्र को खंडित नियमन, उथले कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार और साइबर जोखिमों का सामना करना पड़ता है
    • लेकिन डिजिटलीकरण (UPI, डिजिटल बीमा) और वित्तीय समावेशन ने इसे मजबूत बनाया। 2026 तक फिनटेक और NBFC की वृद्धि जारी रहेगी।
  • करियर अवसर
    • बीएफएसआई में डेटा विश्लेषक, रिस्क मैनेजर, फाइनेंशियल एडवाइजर, अंडरराइटर जैसे रोल हैं।
    • फ्रेशर्स के लिए स्किल्स जैसे डिजिटल टूल्स, एनालिटिक्स जरूरी; सैलरी ₹5-15 लाख वार्षिक से शुरू।​

3. इनमें से कौन-सा किसी अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्र का एक घटक है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) होटल और रेस्टारेंट
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में होटल और रेस्टोरेंट अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्र का एक घटक है।
  • अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्र का संबंध सेवा क्षेत्र से है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक भागीदारी तृतीयक क्षेत्र की है।
  • तृतीयक क्षेत्र की परिभाषा
    • तृतीयक क्षेत्र में वे गतिविधियाँ शामिल हैं जो वस्तुओं का निर्माण नहीं करतीं, बल्कि व्यक्तियों, व्यवसायों और अन्य क्षेत्रों को सेवाएँ देती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यटन। यह क्षेत्र आर्थिक विकास का प्रमुख चालक बन चुका है
    • खासकर विकसित अर्थव्यवस्थाओं में। भारत जैसे देशों में यह जीडीपी का 50% से अधिक योगदान देता है।
  • प्रमुख घटक
    • तृतीयक क्षेत्र के मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:
    • परिवहन और संचार: रेल, बस, टैक्सी, डाक और टेलीकॉम सेवाएँ।
    • वित्तीय सेवाएँ: बैंकिंग, बीमा, स्टॉक मार्केट।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूल, कॉलेज, अस्पताल।
    • व्यापार और आतिथ्य: रिटेल, होटल, रेस्तरां, पर्यटन।
    • आईटी और सूचना सेवाएँ: सॉफ्टवेयर, डिजिटल मार्केटिंग।
    • अन्य: मनोरंजन, कानूनी सलाह, सरकारी प्रशासन।​
  • भारत में महत्व
    • भारत में तृतीयक क्षेत्र जीडीपी का सबसे बड़ा हिस्सा (लगभग 55%) है
    • 30% से अधिक रोजगार प्रदान करता है। डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स ने इसे बढ़ावा दिया।
    • यह प्राथमिक-द्वितीयक क्षेत्रों को लॉजिस्टिक्स, वित्त और मार्केटिंग से सहायता देता है।
    • चुनौतियाँ जैसे कौशल कमी और असमान वितरण बनी हुई हैं।
  • लाभ और योगदान
    • रोजगार सृजन: आईटी से लेकर रिटेल तक लाखों नौकरियाँ।
    • आर्थिक विविधता: कृषि-निर्भरता कम करता है।
    • निर्यात वृद्धि: आईटी और पर्यटन से विदेशी मुद्रा।
    • नवाचार: डिजिटल सेवाएँ नई संभावनाएँ खोलती हैं।
    • यह क्षेत्र आर्थिक परिपक्वता का सूचक है और वैश्विक स्तर पर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का आधार बन चुका है।