Solution:विवेचनानुसार 'गुण' छंद का अंग नहीं है जबकि गति, गण, यति छंद के अंग हैं। इसके अन्य अंग - चरण, वर्ण, मात्रा इत्यादि हैं।गति - पद्य के पाठ में जो बहाव होता है उसे 'गति' कहते हैं
यति - पद्य पाठ करते समय गति को तोड़कर जो विश्राम दिया जाता है उसे यति कहते हैं।
गण - मात्राओं और वर्णों की संख्या और क्रम को सुविधाजनक बनाने के लिए तीन-तीन वर्णों के समूह को एक गण माना जाता है। गणों की संख्या 8 है -
- यगण (य55)
- मगण (SSS)
- तगण (TSS)
- नगण (SSS)
- सगण (S15)
- जगण (1S)
- भगण (S1)
- रगण (111)
- अन्य सगण (115)
तुक - समान उच्चारण वाले शब्दों के प्रयोग को तुक कहा जाता है। पद्य प्रायः तुकांत होते हैं।
मात्रा- वर्ण के उच्चारण में जो समय लगता है उसे मात्रा कहते हैं। मात्रा दो प्रकार की होती हैं - लघु (ह्रस्व), गुरु (दीर्घ)