धातुएं, खनिज, अयस्क: गुणधर्म, उपयोग (रसायन विज्ञान)

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1. निम्न में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? [C.P.O.S.I. (T-I) 10 नवंबर, 2022 (II-पाली)]

I. हवा की अधिक मात्रा में दहन पर, लीथियम मुख्यतः ऑक्साइड बनाता है।

II. क्षार धातु के सभी हैलाइड, उच्च गलनीय, रंगहीन क्रिस्टलीय तरल पदार्थ होते हैं।

Correct Answer: (b) केवल 1
Solution:
  • वायु की अधिक मात्रा में दहन पर लीथियम मुख्यतः सुपर ऑक्साइड का निर्माण करता है।
  • क्षार धातु के सभी हैलाइड उच्च गलनीय, रंगहीन क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ होते हैं।
  • क्षार धातुएं सामान्य धातुएं होती हैं
  • जो वायु या नमी के संपर्क में आने पर अपेक्षाकृत जल्दी धूमिल, ऑक्सीकृत या खराब हो जाती हैं।
  • इनका उपयोग औद्योगिक अनुप्रयोगों जैसे निर्माण और विनिर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है।
  • अतः कथन I सही है और कथन II गलत है।
  • हल करने की विधि
    • इन प्रश्नों को हल करने के लिए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ें:
    • पैसेज या डेटा को ध्यान से पढ़ें और सभी शर्तों को नोट करें (उदाहरण: "B और E के बीच दो व्यक्ति")।
    • डायग्राम बनाएं: सर्कुलर टेबल के लिए घड़ी की दिशा/विपरीत में संभावित व्यवस्थाएं बनाएं।
    • समाप्ति विधि (Elimination): प्रत्येक केस को टेस्ट करें जब तक एक ही व्यवस्था सभी शर्तों पर फिट न हो।
    • प्रत्येक कथन की जाँच अंतिम डायग्राम से करें।
    • विकल्प चुनें: केवल सही कथनों के आधार पर।
  • सामान्य उदाहरण (सर्कुलर सिटिंग)
    • मान लीजिए प्रश्न: सात व्यक्ति A-G गोल मेज पर केंद्र की ओर मुख करके बैठे हैं।
    • शर्तें: C, E का पड़ोसी नहीं। G, A से तीन स्थान दूर। B-E के बीच दो व्यक्ति।
    • F, C और B का पड़ोसी। D, C के दाहिने तीसरे स्थान पर। A-B आसन्न नहीं।
  • चरण:
    • B-E के बीच दो: संभावित _ B _ _ E _ या _ E _ _ B _।
    • F दोनों का पड़ोसी: F को B-C के बीच रखें।
    • C-E नहीं आसन्न: व्यवस्था समायोजित करें।
    • अंतिम व्यवस्था: (काल्पनिक डायग्राम) C-D-...-A-E-...-G-B-F।
    • कथन जाँच:
  • अन्य प्रकार के उदाहरण
    • गणित/विज्ञान: "परिमेय-अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल अपरिमेय होता है" – सही (जैसे √2 × √3)।
    • अर्थव्यवस्था: बैंक दर रेपो दर से अधिक; जमा राशि मुख्य देयता – I, II, III सही।
    • ट्रांसक्रिप्शन: एक वक्ता को लेबल न करें; दोनों भाषाएँ ट्रांसक्राइब – (a), (b), (d) सही।

2. निम्नलिखित में से कौन-सा धातु लवण पानी में स्थायी कठोरता के लिए उत्तरदायी है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) CaCl₂
Solution:
  • कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂) एक अकार्बनिक यौगिक है।
  • यह कमरे के ताप पर सफेद क्रिस्टलीय (Crystalline) ठोस होता है
  • पानी में अति विलेय (highly soluble) होता है। यह पानी में स्थायी कठोरता के लिए उत्तरदायी है।
  • पानी की कठोरता का अवलोकन
    • जो उबालने पर हट जाती है
    • साबुन के साथ प्रतिक्रिया कर ये आयन अवक्षेप (स्कम) बनाते हैं
    • जिससे झाग कम बनता है और कपड़े साफ करना कठिन हो जाता है ।
  • स्थायी कठोरता के मुख्य धातु लवण
    • कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂): यह सबसे प्रमुख लवण है
    • जो स्थायी कठोरता का कारण बनता है, क्योंकि यह अत्यधिक घुलनशील है और उबालने से अप्रभावित रहता है ।
    • मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl₂): समान रूप से जिम्मेदार
    • यह साबुन के साथ रिएक्ट करके मैग्नीशियम स्टीयरेट जैसे अवक्षेप बनाता है
    • कैल्शियम/मैग्नीशियम सल्फेट (CaSO₄, MgSO₄): ये भी योगदान देते हैं
    • विशेषकर MgSO₄ जो प्राकृतिक जल स्रोतों में आम है ।
    • ये लवण चूना पत्थर, डोलोमाइट या औद्योगिक प्रदूषण से जल में घुलते हैं ।
  • नुकसान और हटाने के तरीके
    • स्थायी कठोरता बॉयलर में स्केल बनाकर ऊर्जा हानि करती है और साबुन की खपत बढ़ाती है
    • इसे हटाने के लिए वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग होता है
    • जो प्रतिक्रिया से अघुलनशील CaCO₃/MgCO₃ अवक्षेप बनाता है
    • CaCl₂ + Na₂CO₃ → CaCO₃↓ + 2NaCl ।
    • अन्य विधियाँ जैसे पर्मुटित प्रक्रिया या EDTA टाइट्रेशन से मापा जाता है

3. लैथेनाइड श्रृंखला में परमाणु संख्या 59 वाली नरम, आघातवर्ध्य और चांदी के समान पीली धातु कौन-सी है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) प्रैजियोडिमियम
Solution:
  • लैंथेनाइड श्रृंखला में परमाणु संख्या 59 वाली नरम, आघातवर्ध्य और चांदी के समान पीली धातु मैजियोडिमियम (Praseodymium) है।
  • यह अपने चुंबकीय, विद्युत, रसायन और ऑप्टिकल गुण के लिए महत्वपूर्ण है
  • लभूमूत गुण
    • प्रेसियोडीमियम एक दुर्लभ मृदा धातु है जो आवर्त सारणी के f-ब्लॉक में आती है।
    • इसका रासायनिक प्रतीक Pr है और यह लैथेनाइड श्रृंखला का तीसरा तत्व है
    • जो लैंथेनम (57) और सेरियम (58) के बाद आता है।
    • यह नरम, चमकदार, भूरी-पीली या चांदी जैसी दिखने वाली धातु है जो हवा में तेजी से ऑक्सीडित हो जाती है।
    • भौतिक और रासायनिक गुण
  • नरमी और आघातवर्ध्यता
    • यह इतनी नरम होती है कि चाकू से काटी जा सकती है
    • आघातवर्ध्य होने से इसे हथौड़े से पीटा जा सकता है।
    • रंग और चमक: चांदी-सफेद से पीले-हरे रंग की चमक, जो लैथेनाइड्स की विशेषता है।
    • गलनांक और क्वथनांक: लगभग 931°C पर गलती है और 3520°C पर उबलती है।
    • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Xe] 4f³ 6s², जो इसके चुंबकीय और ऑप्टिकल गुणों का कारण है।
    • यह धातु जल के साथ साधारण तापमान पर अभिक्रिया करती है और अम्लों में घुल जाती है।
  • खोज और इतिहास
    • प्रेसियोडीमियम की खोज 1885 में चेक रसायनशास्त्री बोहुस्लाव ब्रेजिना और ऑस्ट्रियाई कार्ल ऑग्स्ट वॉंकलर ने डिडिमियम (सेरियम-नियोडिमियम मिश्रण) से अलग करके की।
    • नाम ग्रीक शब्दों "प्रैसियोस" (हरा) और "डिडिमोस" (जोड़ा) से आया
    • क्योंकि इसके नमूनों ने हरे रंग के स्पेक्ट्रम लाइन्स दिए।
  • उपयोग और अनुप्रयोग
    • मिश्र धातुएँ: विमान इंजनों और मजबूत मिश्र धातुओं (जैसे Pr-Nd) में, जो उच्च तापमान सहन करती हैं।
    • चुंबक: उच्च-शक्ति स्थायी चुंबकों (नेओडिमियम-प्रेसियोडिमियम)
    • जो इलेक्ट्रिक मोटरों, स्पीकर्स और हार्ड डिस्क में काम आते हैं।
    • कांच और सिरेमिक: पीले-हरे रंग के कांच, लेजर और वेल्डिंग गॉगल्स में उपयोग।
    • अन्य: लेजर, फ्लूओरेसेंट लैंप, सुपरकंडक्टर और परमाणु रिएक्टरों में।
    • प्रेसियोडीमियम प्रकृति में मोनाजाइट और बास्टनासाइट खनिजों से प्राप्त होता है
    • इसका उत्पादन मुख्य रूप से चीन से होता है।
    • पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम हैं, लेकिन शुद्धिकरण महंगा है।

4. निम्नलिखित में से कौन 15 प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले धात्विक रासायनिक तत्वों के सदस्य हैं, जिनकी परमाणु संख्या 57 और 71 के बीच है? [CGL (T-I) 03 दिसंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) लैंथेनाइड
Solution:
  • लैंथेनाइड 15 प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले धात्विक तत्वों के सदस्य हैं।
  • इन 15 तत्वों की परमाणु संख्या 57 और 71 के बीच होती है।
  • सभी लैंथेनाइड तत्व चांदी के समान श्वेत और नरम होते हैं
  • किंतु जब ये तत्व वायु के संपर्क में आते हैं, तो अपनी चमक खो देते हैं।
  • लैंथेनाइड्स की सूची
    • लैंथेनाइड श्रृंखला लैंथेनम (La, परमाणु संख्या 57) से शुरू होकर ल्यूटेटियम (Lu, परमाणु संख्या 71) तक कुल 15 तत्वों को शामिल करती है।
    • ये सभी तत्व प्राकृतिक रूप से पृथ्वी पर पाए जाते हैं
    • हालांकि कुछ की मात्रा बहुत कम होती है। मुख्य तत्व निम्न हैं:
    • लैंथेनम (La, 57)
    • सिरियम (Ce, 58)
    • प्रासियोडाइमियम (Pr, 59)
    • नियोडाइमियम (Nd, 60)
    • प्रोमेथियम (Pm, 61)
    • समैरियम (Sm, 62)
    • यूरोपियम (Eu, 63)
    • गैडोलिनियम (Gd, 64)
    • टर्बियम (Tb, 65)
    • डिस्प्रोसियम (Dy, 66)
    • होल्मियम (Ho, 67)
    • एर्बियम (Er, 68)
    • थुलियम (Tm, 69)
    • इटरबियम (Yb, 70)
    • ल्यूटेटियम (Lu, 71)
  • गुण और विशेषताएँ
    • ये सभी सिल्वरी-सफेद, मुलायम धातुएँ हैं जो हवा में ऑक्सीकरण हो जाती हैं
    • अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करती हैं।
    • इनमें समान इलेक्ट्रॉन विन्यास (4f श्रृंखला) के कारण लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) होता है
    • जिससे परमाणु आकार में क्रमिक कमी आती है। प्रोमेथियम रेडियोधर्मी है
    • प्रकृति में न्यूनतम मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इसे प्राकृतिक श्रृंखला का हिस्सा माना जाता है।
  • अन्य विकल्पों से अंतर
    • एक्टिनाइड्स (Actinides) परमाणु संख्या 89-103 के बीच के तत्व हैं
    • जिनमें से अधिकांश कृत्रिम हैं। क्षार धातुएँ (Alkali Metals) s-ब्लॉक के समूह 1 की हैं
    • जबकि हैलोजन (Halogens) p-ब्लॉक के गैर-धातु हैं।
    • स्कैंडियम (Sc) और यट्रियम (Y) दुर्लभ पृथ्वी धातुओं से संबंधित हैं लेकिन लैंथेनाइड श्रृंखला का हिस्सा नहीं।

5. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

I. धातुओं का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है, आघातवर्धनीयता (Malleability) कहलाता है।

II. धातु का वह गुण जिसके द्वारा उसे खींचकर तार में बदला जा सकता है, तन्यता (ductility) कहलाता है।

Correct Answer: (b) न तो I और न ही II
Solution:
  • धातुओं का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है
  • आघातवर्ध्यनीयता (malleability) कहलाता है
  • धातु का वह गुण जिसके द्वारा उन्हें खींचकर तार में बदला जा सकता है
  • तन्यता (ductility) कहलाता है। अतः दोनों कथन सत्य हैं।
  • प्रश्नों का सामान्य पैटर्न
    • ये प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं, जहाँ विकल्प इस प्रकार होते हैं:
    • (a) केवल कथन 1 गलत है
    • (b) केवल कथन 2 गलत है
    • (c) कथन 1 और 3 गलत हैं
    • (d) सभी सही हैं
    • उदाहरण के लिए, राजनीति विज्ञान में: "धन विधेयक पर राज्यसभा केवल सिफारिश कर सकती है
    • (सही); लोकसभा को राज्य सूची पर कोई विशेष शक्ति नहीं (गलत)"।
  • लोकप्रिय उदाहरण (पूर्ण व्याख्या सहित)
  • राजनीति से (UPSC पैटर्न):
    • धन विधेयक को राज्यसभा अस्वीकार नहीं कर सकती, केवल सिफारिश कर सकती है। (सही - अनुच्छेद 110)
    • लोकसभा के पास राज्य सूची पर कोई विशेष शक्ति नहीं है।
    • (गलत - लोकसभा को अनुच्छेद 249 के तहत विशेष शक्ति है)
    • उत्तर: कथन 2 गलत।
    • रसायन शास्त्र से (NEET पैटर्न):
    • डाइमिथाइलएमाइन अमोनिया से कम क्षारीय है।
    • (गलत - अल्काइल समूह +I प्रभाव से क्षारीयता बढ़ाते हैं)
    • हाइड्रोजन बॉन्डिंग क्षारीयता कम करती है। (सही - गैसीय अवस्था में)
      उत्तर: कथन 1 गलत।
  • हल करने की रणनीति (विस्तृत)
    • प्रत्येक कथन को संविधान/मानक तथ्यों से मिलाएँ।
    • "हमेशा/कभी नहीं" जैसे शब्दों पर संदेह करें।
    • सही कथनों को पहले हटाएँ।
    • ऐसे प्रश्न नेगेटिव मार्किंग वाले होते हैं, अतः अनुमान से बचें।
    • पूर्ण प्रश्न उपलब्ध कराएँ तो सटीक उत्तर दूँगा।

6. निम्नलिखित में से कौन-सा बेरिलियम का एक गुण है? [CGL (T-I) 20 अप्रैल, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) सहसंयोजक यौगिक बनाता है।
Solution:
  • बेरिलियम सहसंयोजक यौगिक बनाता है।
  • सामान्य रूप से क्षारीय मृदा धातुएं (Ba, Mg, Ca, Sr, Ba, Ra) चांदी के समान सफेद, चमकदार और अपेक्षाकृत नरम होती हैं
  • लेकिन क्षार धातुओं की तुलना में कठोर होती हैं। बेरिलियम और मैग्नीशियम कुछ धूसर रंग के दिखाई देते हैं।
  • भौतिक गुण
    • बेरिलियम हल्की, चमकदार, भूरे-सफेद रंग की कठोर और भंगुर धातु है।
    • इसका घनत्व मात्र 1.85 g/cm³ है, जो इसे निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है
    • गलनांक 1287°C तथा क्वथनांक लगभग 2468-2770°C होता है।
    • यह उच्च तापीय चालकता और विशिष्ट ऊष्मा क्षमता वाला तत्व है
    • जो इसे परमाणु रिएक्टरों और एयरोस्पेस में उपयोगी बनाता है।
    • ध्वनि का वेग इस्पात से 2.5 गुना अधिक (12,600 m/s) है।
  • रासायनिक गुण
    • बेरिलियम सहसंयोजक यौगिकों का निर्माण करता है
    • जो क्षारीय मृदा धातुओं के समूह में इसका विचित्र व्यवहार दर्शाता है।
    • इसका ऑक्साइड (BeO) उभयधर्मी होता है और सतह पर पतली परत बनाकर आगे ऑक्सीकरण रोकता है।
    • यह जल से प्रतिक्रिया नहीं करता, लेकिन अम्लों के साथ हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है
    • छोटे आकार और उच्च आयनीकरण ऊर्जा के कारण समूह के अन्य तत्वों से भिन्न है।
  • समूह में विचित्रताएँ
    • बेरिलियम की संनियोजक संख्या अधिकतम 4 होती है
    • जबकि अन्य क्षारीय मृदा धातुओं में 6 तक। इसके यौगिक एल्यूमीनियम जैसे सहसंयोजक होते हैं
    • उच्च विद्युत ऋणात्मकता (1.57) इसे धातु-गैरधातु के बीच रखती है।
  • उपयोग
    • बेरिलियम-कॉपर मिश्र धातुएँ मजबूत और जंग-प्रतिरोधी होती हैं
    • जो इलेक्ट्रॉनिक्स, विमानन और परमाणु उद्योग में प्रयुक्त होती हैं।
    • यह एक्स-किरणों को अच्छी तरह प्रवेशने देता है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) धातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं और धातु लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।
Solution:
  • धातु अम्लों से अभिक्रिया करके धातु लवण तथा हाइड्रोजन गैस का निर्माण करते हैं। उदाहरण-
  • 2Na + 2HCl → 2NaCl + H₂
  • धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन
  • सामान्य उदाहरण
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर यौगिक कथनों पर प्रश्न आते हैं। एक लोकप्रिय उदाहरण
    • किसी बिंदु से अनंत रेखाएँ निकाली जा सकती हैं।
    • किसी बिंदु से केवल एक ही रेखा निकाली जा सकती है।
    • सत्य कथन: केवल (I) सत्य है (यूक्लिड ज्यामिति के अनुसार)।
  • अभिकथन-कारण प्रकार
    • SSC/बैंकिंग परीक्षाओं में:
    • पृथ्वी के अंदर धातुएँ गलित अवस्था में होती हैं।
    • पृथ्वी सूर्य की किरणें अवशोषित करती है।
    • A सत्य है लेकिन R इसका सही कारण नहीं।
    • विकल्प प्रदान करें तो पूर्ण हिंदी में विस्तृत विश्लेषण दूँगा।

8. मर्करी (1) क्लोराइड का लोकप्रिय नाम क्या है, जिसका उपयोग प्रयोगशाला अभिकर्मक के रूप में और शुष्क बैटरियों में विध्रुवक के रूप में किया जाता है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) कैलोमेल
Solution:
  • मर्करी (1) क्लोराइड (मरक्युरस क्लोराइड) का लोकप्रिय नाम कैलोमेल (Calomel) है
  • जिसका उपयोग अभिकर्मक के रूप में और शुष्क बैटरियों में विध्रुवक के रूप में किया जाता है।
  • कैलोमल का उपयोग कवकनाशी के रूप में भी किया जाता है।
  • रासायनिक गुण
    • कैलोमेल अपरिवर्तनीय लवण है, जिसमें पारा +1 ऑक्सीकरण अवस्था में होता है।
    • यह जल में अघुलनशील होता है, लेकिन गर्म नाइट्रिक अम्ल में घुल जाता है।
    • सूर्य प्रकाश में यह धीरे-धीरे धात्विक पारे में विघटित हो जाता है।
  • प्रयोगशाला उपयोग
    • प्रयोगशालाओं में कैलोमेल का उपयोग अभिकर्मक के रूप में किया जाता है
    • विशेष रूप से गुणात्मक विश्लेषण में पारे की उपस्थिति की जाँच के लिए।
    • यह Nessler अभिकर्मक बनाने में सहायक होता है
    • जो अमोनिया का पता लगाने के लिए प्रयुक्त होता है।
    • इसके अतिरिक्त, यह कुछ रासायनिक प्रतिक्रियाओं में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है।
  • शुष्क बैटरियों में भूमिका
    • शुष्क बैटरियों (जैसे लेमेन बैटरी) में कैलोमेल को कैथोड विध्रुवक के रूप में उपयोग किया जाता है।
    • यह बैटरी के डिस्चार्ज के दौरान उत्पन्न होने वाले हाइड्रोजन गैस को रोककर ध्रुवीकरण को कम करता है
    • जिससे बैटरी की कार्यक्षमता बढ़ती है।
    • इसका उपयोग अमोनियम क्लोराइड इलेक्ट्रोलाइट के साथ जिंक एनोड के विपरीत किया जाता है।
  • ऐतिहासिक और चिकित्सकीय उपयोग
    • ऐतिहासिक रूप से, कैलोमेल का उपयोग चिकित्सा में विरेचक (लैक्सेटिव) और सिफिलिस के उपचार के रूप में किया जाता था
    • लेकिन इसकी विषाक्तता के कारण अब यह प्रतिबंधित है।
    • पुरानी बैटरियों में इसका व्यापक प्रयोग हुआ करता था
    • परंतु पर्यावरणीय चिंताओं से आधुनिक बैटरियों में इसे हटाया गया है।

9. दंत क्षय को कम करने के लिए टूथपेस्ट में क्या मिलाया जाता है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) फ्लूराइड
Solution:
  • दंत क्षय को कम करने के लिए टूथपेस्ट में फ्लूराइड (Fluride) मिलाया जाता है।
  • फ्लूराइड एक खनिज है, जो दांतों के इनैमल को मजबूत करने में मदद करता है
  • जिससे यह मुख में बैक्टीरिया के अम्ल के प्रति अधिक प्रतिरोधी हो जाता है।
  • फ्लोराइड का कार्य
    • फ्लोराइड दांतों की बाहरी परत इनेमल को पुनर्मिनरलाइज करता है
    • जो मुंह के बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित अम्ल से क्षतिग्रस्त हो जाती है।
    • यह बैक्टीरिया के अम्ल उत्पादन को भी कम करता है
    • जिससे दंत क्षय की संभावना घटती है। अध्ययनों से पता चलता है
    • फ्लोराइड टूथपेस्ट से दिन में दो बार ब्रश करने पर दांतों की सड़न 24% तक कम हो सकती है।
  • फ्लोराइड के रूप
    • टूथपेस्ट में सोडियम फ्लोराइड, स्टैन्यूस फ्लोराइड या सोडियम मोनोफ्लोरोफॉस्फेट जैसे यौगिकों के रूप में फ्लोराइड जोड़ा जाता है।
    • ये सभी दांतों को मजबूत बनाने और कैविटी रोकने में प्रभावी हैं।
    • अधिक मात्रा में फ्लोराइड हानिकारक हो सकता है
    • इसलिए बच्चों को मटर के दाने जितना ही उपयोग करना चाहिए।
  • अन्य सहायक सामग्री
    • कुछ टूथपेस्ट में जिंक साइट्रेट या ट्राइक्लोसन जैसे जीवाणुरोधी एजेंट भी मिलाए जाते हैं
    • जो प्लाक कम करते हैं। हर्बल टूथपेस्ट में नीम, लौंग या बबूल जैसी जड़ी-बूटियां बैक्टीरिया रोकती हैं
    • लेकिन फ्लोराइड जितनी प्रभावी नहीं। क्षारीय गुण वाले दंत मंजन भी अम्ल को न्यूट्रलाइज करते हैं।
  • उपयोग के सुझाव
    • दिन में दो बार 2 मिनट ब्रश करें और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट चुनें।
    • दंत चिकित्सक से सलाह लें यदि संवेदनशील दांत या फ्लोराइड संवेदनशीलता हो।
    • हर्बल विकल्प फ्लोराइड-मुक्त होते हैं, लेकिन क्षय रोकथाम में कम प्रभावी साबित हुए हैं।

10. वह प्रक्रिया जिसमें धातुओं को उसके अयस्कों द्वारा गलनांक बिंदु से अधिक तपाकर निष्कर्षित किया जाता है, ....... कहलाती है। [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) प्रगलन
Solution:
  • वह प्रक्रिया जिसमें धातुओं को उसके अयस्कों द्वारा गलनांक बिंदु से अधिक तपाकर निष्कर्षित किया जाता है
  • प्रगलन कहलाती है। प्रगलन एक ऐसी प्रक्रिया है
  • जिसके द्वारा किसी अयस्क से धातु को तत्व या किसी सरल यौगिक के रूप में प्राप्त किया जाता है।
  • यह प्रक्रिया ऑक्सीकारक जैसे हवा या अपचायक जैसे कोक की उपस्थिति में संपन्न होती है।
  • प्रगलन (Smelting) प्रक्रिया
    • धातुओं को उनके अयस्कों से गलनांक बिंदु से अधिक ताप पर गर्म करके निकालने की प्रक्रिया प्रगलन कहलाती है।
    • यह धातुकर्म (metallurgy) का एक प्रमुख चरण है
    • जिसमें अयस्क को उच्च तापमान पर अपचयित (reduce) किया जाता है ताकि शुद्ध धातु प्राप्त हो सके।
  • प्रगलन क्या है?
    • प्रगलन वह रासायनिक प्रक्रिया है
    • जिसमें सांद्रित अयस्क को उसके गलनांक से अधिक तापमान (आमतौर पर 1000-2000°C) पर गर्म किया जाता है
    • जिससे धातु ऑक्साइड या अन्य यौगिक अपचायक (जैसे कार्बन, कोक) द्वारा धातु में परिवर्तित हो जाते हैं।
    • इस दौरान गैंग (अशुद्धियाँ जैसे सिलिका) को गलकों (flux) द्वारा slag के रूप में अलग किया जाता है
    • जो तैरकर ऊपर आ जाती है।
    • उदाहरणस्वरूप, लोहे के अयस्क (हेमेटाइट, Fe₂O₃) को ब्लास्ट फर्नेस में प्रगलन द्वारा लोहा प्राप्त किया जाता है।
  • प्रगलन की प्रक्रिया के चरण
    • धातु निष्कर्षण में प्रगलन से पहले और बाद के चरण भी शामिल होते हैं:
    • अयस्क का सांद्रण: अयस्क से गैंग हटाना
    • जैसे फेन प्लवन विधि (froth flotation) सल्फाइड अयस्कों के लिए या गुरुत्व पृथक्करण ऑक्साइड अयस्कों के लिए।
    • भर्जन/निस्तापन: सल्फाइड को ऑक्साइड में बदलना (2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂) या कार्बोनेट को कैल्सिनेशन द्वारा ऑक्साइड बनाना।
    • प्रगलन (मुख्य चरण): अपचयन, जैसे Fe₂O₃ + 3C → 2Fe + 3CO।
    • परिष्करण: प्राप्त अशुद्ध धातु को शुद्ध करना, जैसे परिसमापन या विद्युत अपघट्य।
  • महत्व और आधुनिक उपयोग
    • प्रगलन धातुकर्म उद्योग की रीढ़ है, जो लोहा, तांबा, जस्ता आदि उत्पादन में प्रयुक्त होता है।
    • आधुनिक ब्लास्ट फर्नेस ऊर्जा-कुशल हैं और पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए गैस पुनर्चक्रण करते हैं।
    • यह प्रक्रिया ऊष्मागतिकीय रूप से संभव होती है जब ΔG नकारात्मक हो।