परिवहन (भारत का भूगोल)

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11. अरुणाचल प्रदेश में नेचिफू सुरंग, जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित और मई, 2022 में पूरा किया गया, इसका उत्खनन कार्य ....... परियोजना के अंतर्गत आता है। [CHSL (T-I) 15 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) वर्तक
Solution:
  • अरुणाचल प्रदेश में नेचिफू सुरंग, जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित और मई, 2022 में पूरा किया गया
  • इसका उत्खनन कार्य वर्तक परियोजना के अंतर्गत आता है। 12 सितंबर, 2023 को इस सुरंग का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा वर्चुअली रूप से किया गया।
  • सुरंग का विवरण
    • नेचिफू सुरंग बालीपारा-चारदुआर-तवांग (BCT) सड़क पर 5,700 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है
    • जो 500 मीटर लंबी डी-आकार की सिंगल ट्यूब डबल लेन सुरंग है। इसका उद्घाटन कार्य रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 अक्टूबर 2020 को रखा था
    • 20 मई 2022 को BRO के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने नई दिल्ली से रिमोटली अंतिम ब्रेकथ्रू ब्लास्ट संचालित किया।
    • यह सुरंग तेजपुर (असम) से तवांग (अरुणाचल प्रदेश) को जोड़ती है, जो चीन सीमा के निकट रणनीतिक क्षेत्र है।​​
  • वर्तक परियोजना की पृष्ठभूमि
    • वर्तक परियोजना BRO की पहली स्थापित परियोजना है, जिसका गठन 7 मई 1960 को टस्कर परियोजना के रूप में हुआ था
    • 1963 में इसे वर्तक नाम दिया गया। इसका प्रारंभिक कार्य भालुकपोंग और टेंगा के बीच सड़कों का निर्माण था
    • जो बाद में अरुणाचल प्रदेश और असम के जिलों में विस्तारित हुआ।
    • यह परियोजना अरुणाचल में कई रणनीतिक सुरंगों का निर्माण कर रही है
    • जिसमें नेचिफू के अलावा सेला सुरंग (ट्विन ट्यूब, 1,555 मीटर और 980 मीटर) भी शामिल है, जिसका उत्खनन जनवरी 2022 में पूरा हुआ।​
  • रणनीतिक महत्व
    • यह सुरंग वर्ष भर सुरक्षित संपर्क प्रदान करेगी, यात्रा समय कम करेगी और इको-सेंसिटिव क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट घटाएगी।
    • निर्माण के दौरान नाजुक चट्टानों का सामना किया गया, जिसे न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) और 3D मॉनिटरिंग से हल किया गया।
    • LAC पर तनाव के बीच यह भारत की सीमा सुरक्षा और सैन्य गतिशीलता को मजबूत करती है
    • साथ ही स्थानीय सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।​
  • अन्य उपलब्धियां
    • वर्तक परियोजना ने दो वर्षों से कम समय में 4,500 मीटर से अधिक उत्खनन पूरा किया
    • जिसमें नेचिफू और सेला सुरंगें प्रमुख हैं। BRO के कर्मयोगियों ने कठिन भू-भाग में यह उपलब्धि हासिल की, जो अरुणाचल में संपर्क सुधारने में मील का पत्थर है।​

12. अक्टूबर 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री द्वारा शुरू किए गए नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट बॉण्ड प्रत्येक वर्ष ....... प्रतिशत का प्रभावी प्राप्ति (Effective yield) प्रदान करेंगे। [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 8.05
Solution:
  • केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री द्वारा शुरू किए गए नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट बॉण्ड प्रत्येक वर्ष 8.05 प्रतिशत का प्रभावी प्राप्ति प्रदान करेंगे।
  • बॉण्ड का विवरण
    • ये सिक्योर्ड, रेटेड, लिस्टेड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) थे, जिनकी इश्यू ओपनिंग 17 अक्टूबर 2022 को हुई और क्लोजिंग 7 नवंबर 2022 तक चली।
    • फेस वैल्यू ₹1,000 प्रति NCD थी, जिसमें तीन स्ट्रक्चर्ड टेन्योर शामिल थे: 13 वर्ष (STRPP A), 18 वर्ष (STRPP B) और 25 वर्ष (STRPP C), साथ ही 7.90% कूपन रेट।
    • इश्यू साइज बेस ₹750 करोड़ का था, जिसमें ग्रीन शू ऑप्शन से कुल ₹1,500 करोड़ तक पहुंचा, और यह 6.69 गुना सब्सक्राइब हुआ।​
  • NHIT की पृष्ठभूमि
    • NHIT को अक्टूबर 2020 में NHAI द्वारा स्थापित किया गया, जो SEBI के InvIT रेगुलेशन्स के तहत रजिस्टर्ड है।
    • यह ट्रस्ट टोल रोड्स के पोर्टफोलियो को मैनेज करता है, जिसमें गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के आठ टोल रोड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं
    • जैसे पलानपुर-आबू रोड, चित्तौड़गढ़-कोटा आदि। ये TOT (टोल ऑपरेट ट्रांसफर) मॉडल पर आधारित हैं
    • जिसमें 30-वर्षीय कॉन्सेशन एग्रीमेंट्स हैं, जो लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू विजिबिलिटी देते हैं।​
  • वित्तीय विशेषताएं
    • प्रभावी यील्ड 8.05% तक होने से निवेशकों को आकर्षक रिटर्न मिलता है
    • जो सेमी-एनुअल पेमेंट्स पर आधारित है। ट्रस्ट ने ₹92,000 करोड़ का डेब्ट रेज किया, जिसमें डेट सर्विस रिजर्व अकाउंट (DSRA) और हेल्दी डेब्ट कवरेज सुनिश्चित है।
    • कॉन्सेशन फीस NHAI को पेमेंट के बाद सरप्लस कैश फ्लो InvIT को उपलब्ध होता है, जो MMRA (मेजर मेंटेनेंस रिजर्व अकाउंट) खर्चों को कवर करता है।​
  • रणनीतिक महत्व
    • ये बॉण्ड नेशनल एसेट मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NAMP) का हिस्सा हैं, जो 2021 बजट में घोषित हुए, और सड़क संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के लिए प्रमुख वाहन हैं।
    • लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2022 को BSE/NSE पर हुई, और हाल के ट्रेडिंग प्राइस ₹98.524 के आसपास रहे।
    • निवेशक रिटेल, HNI और इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में पार्टिसिपेट कर सके, न्यूनतम लॉट साइज 10 NCDs का था।
    • यह इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में स्थिर आय का साधन प्रदान करता है।​

13. ....... भारत में स्थल से घिरा सबसे गहरा और अच्छी तरह से संरक्षित बंदरगाह है। [MTS (T-I) 08 जुलाई, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) विशाखापत्तनम बंदरगाह
Solution:
  • विशाखापत्तनम बंदरगाह आंध्र प्रदेश में स्थित भारत का सबसे गहरा पत्तन है।
  • यह अच्छी तरह से संरक्षित एक प्राकृतिक बंदरगाह है।
  • स्थान और भौगोलिक विशेषताएँ
    • यह बंदरगाह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम शहर में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है।
    • डॉल्फिन नोज़ नामक पहाड़ी श्रृंखला इसे तीन ओर से घेरती है, जो इसे प्राकृतिक रूप से सुरक्षित बनाती है।
    • इसकी गहराई लगभग 18 मीटर तक है
    • जो बड़े जहाजों को आसानी से समायोजित करने में सक्षम बनाती है।​​
  • इतिहास
    • विशाखापत्तनम बंदरगाह की स्थापना 1933 में हुई थी और 1970 में इसे प्रमुख बंदरगाह का दर्जा मिला।
    • ब्रिटिश काल में यह एक छोटा बंदरगाह था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसका विस्तार किया गया।
    • यह भारत के 13 प्रमुख बंदरगाहों में से एक है और पूर्वी तट का सबसे बड़ा बंदरगाह माना जाता है।​
  • महत्व और सुविधाएँ
    • यह बंदरगाह लौह अयस्क, कोयला, उर्वरक और कंटेनर जैसे माल के आयात-निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
    • भारतीय नौसेना का पूर्वी नौसैनिक कमान का मुख्यालय यहीं है, जो इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
    • आधुनिक सुविधाओं जैसे गहरे ड्राफ्ट बर्थ, क्रेन और शिपयार्ड के कारण यह अच्छी तरह संरक्षित है।

14. हल्दिया से प्रयागराज तक निम्न में से कौन-सा राष्ट्रीय जलमार्ग जाता है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) राष्ट्रीय जलमार्ग 1
Solution:
  • राष्ट्रीय जलमार्ग 1 हल्दिया से प्रयागराज तक जाता है।
  • राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 3 भारत के केरल में स्थित लगभग 205 किमी. लंबा अंतर्देशीय नौवहन मार्ग है।
  • धुबरी से सादिया तक को राष्ट्रीय जलमार्ग 2 घोषित किया गया है।
  • विस्तृत जानकारी:
    • NW-1 क्या है: NW-1 को गंगा-भागीरथी-हुगली नदी तंत्र के रूप में जाना जाता है
    • यह इलाहाबाद (प्रयागराज) से हल्दिया (कोलकाता के निकट) तक फैला एक लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है
    • NW-1 भारतीय जलमार्गों में सबसे लंबा है और इसे 1,620 किलोमीटर दूरी तक मापा गया है, जिससे यह भारत के प्रमुख जलमार्गों में से एक बनता है.​
    • ऐतिहासिक संदर्भ: मंत्रालयीय योजनाओं के अनुसार NW-1 को 1986 में राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में घोषित किया गया था
    • इसका उद्देश्य गंगा-भागीरथी-हुगली नदी तंत्र के जरिये माल एवं यात्री न ponto-नौवहन को बढ़ावा देना रहा है.​
    • प्रमुख पड़ाव और वास्तुकला: हल्दिया से प्रयागराज तक के मार्ग पर गंगा नदी की धारा प्रमुख नोड बनती है
    • कई जिलों में जेट्टी/पोर्टों के विकास से जल मार्ग से परिवहन सुगम करने की योजना चली है
    • हालिया समाचारों में बलिया जैसे स्थानों पर भी NW-1 के पड़ाव बनने की बातें प्रकाशित होती रही हैं.​​
  • नोट्स और संदर्भ:
    • NW-1 के बारे में स्पष्ट तथ्य और दूरी के आंकड़े Testbook जैसे स्रोतों पर भी मिलते हैं
    • जिनमें NW-1 को हल्दिया-इलाहाबाद मार्ग के रूप में वर्णित किया गया है.​
    • भारत के जलमार्गों के संरचनात्मक विवरण और NW-1 की विस्तृत जानकारी IWAI (भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारिक दायरे में पाई जा सकती है.​

15. गोरखपुर भारत के ....... रेलवे का मुख्यालय है। [MTS (T-I) 11 जुलाई, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) उत्तर-पूर्वी
Solution:
  • गोरखपुर भारत के उत्तर-पूर्वी (पूर्वोत्तर) रेलवे का मुख्यालय है।
  • पूर्वी रेलवे का मुख्यालय कोलकाता, पश्चिमी रेलवे का मुख्यालय मुंबई सीएसटी और उत्तर रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली है।
  • NER का गठन
    • उत्तर पूर्वी रेलवे का गठन 14 अप्रैल 1952 को अवध-तिरहुत रेलवे और असम रेलवे के विलय से हुआ था।
    • 1958 में इसे दो जोनों में विभाजित किया गया, जिसमें NER का मुख्यालय गोरखपुर में स्थापित हुआ।
    • यह जोन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को कवर करता है, जिसमें कुल रूट लंबाई 3,400 किलोमीटर से अधिक है।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • NER में लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं।
    • जोन यात्री और मालगाड़ी दोनों सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है
    • साथ ही आधुनिक ट्रेनें, बेहतर खान-पान और डिजिटल सुविधाओं का विकास कर रहा है।
    • गोरखपुर जंक्शन NER का प्रमुख स्टेशन है, जो विश्व का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म रखता है।​
  • हालिया विकास
    • 2025 में NER ने 118 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया
    • जिसमें गोरखपुर मुख्यालय शामिल है। जोन सांस्कृतिक और तकनीकी पहलों से कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है।​

16. 2021 के आंकड़ों के अनुसार, कितनी यात्री ट्रेनें हैं? [CHSL (T-I) 02 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 13169
Solution:
  • Indian Railways Year Book, 2020-21 के अनुसार, वर्ष 2019-20 में भारत में प्रतिदिन चलने वाली 13169 यात्री ट्रेन और 8,479 मालगाड़ी ट्रेन हैं।
  •  यह संख्या लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों और उपनगरीय ट्रेनों दोनों को शामिल करती है।​
  • मुख्य आंकड़े
    • ये ट्रेनें पूरे भारत में 7,325 स्टेशनों को कवर करती थीं।
    • कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे का नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा था
    • जिसमें 22,593 से अधिक कुल ट्रेनें शामिल थीं, जिनमें यात्री ट्रेनें एक प्रमुख हिस्सा थीं।​
    • मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें औसतन 50.6 किमी/घंटा की गति से चलती थीं।​
  • कोविड प्रभाव
    • वित्तीय वर्ष 2021 में यात्री यातायात महामारी के कारण लगभग 1.3 बिलियन तक गिर गया।
    • अप्रैल से दिसंबर 2021 के बीच 26,284 यात्री ट्रेनें देरी से चलीं।​
    • फिर भी, रेलवे ने सेवाओं को बनाए रखा, हालांकि कुछ रद्दीकरण रखरखाव के कारण हुए।​
  • अतिरिक्त संदर्भ
    • भारतीय रेलवे एकल प्रबंधन वाली दुनिया की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है
    • जिसकी मार्ग लंबाई 67,956 किमी थी (मार्च 2022 तक)। रोजाना 24 मिलियन यात्री सफर करते थे।​
    • उपनगरीय यात्री ट्रेनें गैर-उपनगरीय से अधिक थीं (2018 के अंत तक के आंकड़े

17. निम्नलिखित में से कौन-सी भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की एक विशेषता नहीं है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीमावर्ती सड़कों के निर्माण के लिए उपयोग किए जाते हैं।
Solution:
  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीमावर्ती सड़कों के निर्माण के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बी.आर.ओ.) जिम्मेदार है, न कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की परिभाषा और व्यापक प्रकृति
    • राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) भारत सरकार द्वारा परिचालित एक प्रमुख सड़क नेटवर्क है
    • जो देश के प्रमुख शहरों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और औद्योगिक केंद्रों को जोڑता है। यह एक बहु-राज्य नेटवर्क है
    • राज्यों के भीतर सीमाओं से मुक्त होकर भी चलता है [उद्धरण करें]।
    • NHआई (National Highways Authority of India) के अंतर्गत विकसित और नियंत्रित होते हैं
    • ताकि माल और यात्रियों की आवाजाही सुगम हो, तथा राष्ट्रीय सड़क योजना (Golden Quadrilateral, NHs का विस्तारीकरण आदि) के अनुरूप उच्च गुणवत्ता और उच्च गति की सड़कें सुनिश्चित की जा सकें [उद्धरण करें]।
  • सामान्यतः पहचानी जाने वाली सामान्य विशेषताएं
    • बहु-राज्य क्षेत्र: NH देश के कई राज्यांे को पार करता है और राज्य-राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बनाता है [उद्धरण करें]।
    • ऑथोरिटेटेड विकास: इन राजमार्गों का निर्माण और निगरानी केंद्रीय सरकार के अधीन है, आम तौर पर ट्रांसपोर्ट और रोड्स मंत्रालय के अंतर्गत।
    • लंबाई और नेटवर्क वितरित: NH की कुल लंबाई और संख्या समय के साथ अपडेट होती रहती है; नवीन मार्गों के जुड़ने से यह बढ़ता है [उद्धरण करें]।
  • अक्सर पूछे जाने वाले गलतफहमियाँ (जो एक विशेषता नहीं है)
    • “NH हर राज्य के भीतर विकसित होता है” यह कहना सही नहीं है; NH एक बहु-राज्य नेटवर्क है
    • इसका मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी और प्रवाह को बढ़ावा देना है, न कि सिर्फ एक राज्य के भीतर सीमित रहना [उद्धरण करें]।
    • राजमार्गों की गति सीमा हर राजमार्ग पर समान नहीं होती; यह सड़क की चौड़ाई, लेन संख्या, क्षेत्रीय यातायात के आधार पर भिन्न हो सकती है।
    • यह एक सामान्यीकरण नहीं है कि सभी NH एक जैसी गति सीमा देते हैं [उद्धरण करें]।
    • सभी NH एक जैसे “एक ही तरह के व्यावहारिक फेशिलिटीज़” के साथ नहीं होते; एक्सेस नियंत्रण, इन-फ्रेम एक्सप्रेसवे जैसी विशेषताएं कुछ NH पर लागू होती हैं, कुछ पर नहीं। इसलिए यह कहना कि हर NH में एक्सप्रेसवे-मानक सुविधाएँ होती हैं, सही नहीं है [उद्धरण करें]।
  • स्पष्ट निष्कर्ष
    • भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की एक प्रमुख विशेषता यह है
    • वे बहु-राज्य नेटवर्क हैं जो देश के प्रमुख आर्थिक और यातायात बिंदुओं को जोड़ते हैं
    • केवल किसी एक राज्य के भीतर सीमित रहते हैं।
    • यह तथ्य NH को एक केंद्रीय-स्तरीय, देश-व्यापी सड़क-निर्माण योजना का आधार बनाता है। [उद्धरण करें]

18. निम्नलिखित में से किस अभिकरण (Agency) ने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की ज़िम्मेदारी ली है? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
Solution:
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या NHAI भारत सरकार की एक स्वायत्त एजेंसी है।
  • इसकी स्थापन, 1995 में NHAI अधिनियम, 1988 के तहत की गई थी।
  • यह (NHAI) प्राधिकरण स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की जिम्मेदारी ली है।
  • swarnim chaturbhuj: परियोजना का अवलोकन
    • लक्ष्य: चार प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी सुधारा जाना और यातायात तथा दूरीभ्रमण लागत कम करना.​
    • दूरी और उपशाखाएं: कुल लगभग 5846 किलोमीटर की छह-लेन सड़कों का निर्माण; दिल्ली-कोलकाता (NH-2), मुंबई-दिल्ली (NH-8), मुंबई-चेन्नई (NH-4), चेन्नई-कोलकाता (NH-5) मार्ग शामिल थे.​
    • क्रियान्वयनकर्म: NHDP (National Highways Development Programme) के भाग के रूप में शुरू किया गया
    • जिसे 1999-2001 के बीच औपचारिक रूप से शुरू किया गया और 2012 तक पूरा किया गया माना जाता है
    • प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में इसका शुभारम्भ हुआ.​
  • प्रमुख तथ्य और संदर्भ
    • लागत और आकार: एक वैश्विक स्तर की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, 5,846 किमी के स्तर पर परिचालित; इस तरह कीmegaprojects का संचालन NHAI के जिम्मे था.
    • प्रशासनिक ढांचा: प्रमुख उत्तरदायित्व NHAI के पास था
    • जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त एजेंसी है
    • यह योजना की योजना, निर्माण और रखरखाव के लिए उत्तरदायी थी.​
    • शुभारम्भ और इतिहास: अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 1999 में आधारशिला रखी गई, और NHDP के अंतर्गत इसे आगे बढ़ाया गया
    • बाद में 2012 तक अधिकांश भाग पूरा हो चुका था.​
  • संक्षिप्त निष्कर्ष
    • स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की संरचना और संचालन पर केंद्रित जिम्मेदारी NHAI के पास थी
    • जिसे NHDP के पहले चरण के रूप में प्रधानमंत्री के शासनकाल के दौरान शुरू किया गया
    • चार महानगरों को जोड़ते हुए एक विशाल कनेक्टिविटी नेटवर्क बनाया गया.​

19. निम्नलिखित में से भारत के प्राकृतिक बंदरगाह का चयन कीजिए। [Phase-XI 27 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (e) दीनदयाल बंदरगाह और मुंबई बंदरगाह
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में दीनदयाल तथा मुंबई बंदरगाह भारत के प्राकृतिक बंदरगाह की श्रेणी के अंतर्गत आता है, जबकि चेन्नई एक कृत्रिम बंदरगाह है।
  • भारत के प्राकृतिक बंदरगाह वे हैं जो मानव हस्तक्षेप के बिना प्रकृति द्वारा गठित गहरे जलघाटों पर स्थित होते हैं
  • जैसे कि खाड़ियाँ या प्राकृतिक आश्रय स्थल। इनकी तुलना में कृत्रिम बंदरगाह ब्रेकवाटर या अन्य संरचनाओं से बनाए जाते हैं।​
  • प्रमुख प्राकृतिक बंदरगाह
    • भारत के 13 प्रमुख बंदरगाहों में से कई प्राकृतिक हैं, विशेष रूप से पश्चिमी तट पर।
    • विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): बंगाल की खाड़ी पर स्थित, गहरे प्राकृतिक जलघाटों से संपन्न, आयरन ओर और कोयला निर्यात का केंद्र।​
    • कोच्चि (केरल): मालाबार तट पर अरब सागर की रानी, प्राकृतिक सुरक्षित बंदरगाह जो मसाले और चाय के व्यापार के लिए प्रसिद्ध।​
    • मुंबई (महाराष्ट्र): भारत का सबसे बड़ा और पहला प्राकृतिक बंदरगाह, अरब सागर पर स्थित, कपास और अनाज निर्यात का प्रमुख केंद्र।​
    • मोरमुगाओ (गोवा): एस्चुअरी पर आधारित प्राकृतिक बंदरगाह, लौह अयस्क निर्यात में अग्रणी।​
    • न्यू मैंगलोर (कर्नाटक): अरब सागर पर प्राकृतिक गहराई वाला, कच्चे तेल और उर्वरक संभालता है।​
  • कृत्रिम बनाम प्राकृतिक
    • कृत्रिम बंदरगाहों में चेन्नई, तूतीकोरिन और एन्नोर शामिल हैं, जो ब्रेकवाटर से निर्मित हैं।
    • प्राकृतिक बंदरगाहों की सूची में कांडला, JNPT (न्हाव शेवा) को कभी-कभी शामिल किया जाता है
    • लेकिन विशाखापट्टनम और कोच्चि स्पष्ट रूप से प्राकृतिक हैं।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • कुल 13 प्रमुख बंदरगाह: 12 महाद्वीपीय और 1 अंडमान में (पोर्ट ब्लेयर)।
    • पश्चिमी तट (7): कांडला, मुंबई, JNPT, मोरमुगाओ, न्यू मैंगलोर, कोच्चि।
    • पूर्वी तट (6): चेन्नई, एन्नोर, तूतीकोरिन, विशाखापट्टनम, पारादीप, कोलकाता।
    • ये बंदरगाह भारत के 68% समुद्री व्यापार संभालते हैं
    • जिसमें विशाखापट्टनम सबसे गहरा प्राकृतिक बंदरगाह (>16.5 मीटर) है।​​

20. भारत के सबसे दक्षिणी प्रमुख बंदरगाह की पहचान कीजिए। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (III-पाल्ली)]

Correct Answer: (b) तूतीकोरिन
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में, भारत का सबसे दक्षिणी प्रमुख बंदरगाह तूतीकोरिन है।
  • भारत की मुख्य भूमि की दृष्टि से सबसे दक्षिणी समुद्री बंदरगाह तूतीकोरिन (वी.ओ. चिदम्बरनार) तमिलनाडु में स्थित है।
  • स्थान और भौगोलिक महत्व
    • यह बंदरगाह तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में अरब सागर के किनारे बसा है
    • जो भारत के सबसे दक्षिणी सिरे के निकट है।
    • कोच्चि और चेन्नई जैसे अन्य बंदरगाहों से दक्षिण में स्थित होने के कारण यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
    • पूर्व-पश्चिम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग से इसकी निकटता इसे क्षेत्रीय व्यापार का केंद्र बनाती है।​
  • इतिहास
    • तूतीकोरिन बंदरगाह की स्थापना 1974 में हुई थी और इसे 2007 में वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह का दर्जा दिया गया।
    • ब्रिटिश काल से ही यह क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है।
    • समय के साथ यह कोयला, नमक और पेट्रोलियम जैसे कार्गो के लिए विकसित हुआ।​
  • कार्गो और सुविधाएं
    • यह बंदरगाह कोयला, खाद्यान्न, नमक, उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख हैंडलिंग केंद्र है।
    • इसके पास आधुनिक क्रेन, गोदाम और गहरा ड्राफ्ट उपलब्ध है
    • जो बड़े जहाजों को समर्थन देता है। वार्षिक कार्गो क्षमता लाखों टन है, जो इसे दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण हब बनाती है।​