परिवहन (भारत का भूगोल)

Total Questions: 30

21. कौन-सा राष्ट्रीय जलमार्ग ब्रह्मपुत्र नदी से संबद्ध है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) राष्ट्रीय जलमार्ग-2
Solution:
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-2 ब्रह्मपुत्र नदी से संबद्ध है। ब्रह्मपुत्र भारत की प्रमुख नदियों में से एक है।
  • यह तिब्बत, भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है।
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-01 इलाहाबाद (प्रयागराज) से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) तक है।
  • विस्तृत विवरण
    • NW-2 क्या है: राष्ट्रीय जलमार्ग 2 (NW-2) गंगा-भागीरथी-हुगली के बाद भारत के Inland Water Transport के तीन बड़े जलमार्गों में से एक है
    • यह ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित 891 किलोमीटर का मार्ग है जो असम के भीतर बहता है
    • NW-2 प्रशासन IWAI (इंड Inland Waterways Authority of India) द्वारा संचालित है और इसका उद्देश्य नागरिक-Commercial माल आवाजाही को बढ़ावा देना है.​
    • भौगोलिक विस्तार: ब्रह्मपुत्र नदी का प्रमुख भाग असम में NW-2 के अंतर्गत नैयिका-धारा में संचालित होता है
    • विशेषकर ब्रह्मपुत्र नदी के असम-तट और बांग्लादेश के साथ सन्निकट क्षेत्रों में इसकी जलमार्ग-योग्यता प्रमुख है.​
    • महत्व और उपयोग: NW-2 के माध्यम से Indo-Bangladesh Protocol Routes और अपेक्षित लॉजिस्टिक सपोर्ट के साथ बिल्ड-अप-लॉजिस्टिक्स के लिए क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसपोर्ट संभव होता है
    • जिससे लागत-प्रभावी माल परिवहन संभव हो सकता है
    • IWAI द्वारा ब्रह्मपुत्र-सीमा के पास LAD ( dredging/depth) के मानकीकृत स्तर बनाए जाने का उल्लेख होता है
    • ताकि सुरक्षित और स्थिर यातायात संभव रहे.​
    • अन्य संदर्भ: भारत के NW सिस्टम के बारे में आधिकारिक स्रोत NW-1 (गंगा-भागीरथी-हुगली) और NW-2 (ब्रह्मपुत्र) के विभाजन बताते हैं
    • NW-1 भारत का सबसे लंबा जलमार्ग माना जाता है और NW-2 ब्रह्मपुत्र पर स्थित है.​
  • प्रासंगिक तथ्य संक्षेप में
    • प्रश्न का सही उत्तर: NW-2 (National Waterway 2) ब्रह्मपुत्र नदी से संबद्ध है.​
    • उद्देश्य: Inland Water Transport को बढ़ावा देना, सामग्री माल ढुलाई की लागत घटाना
    • पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एवं बांग्लादेश के साथ जुड़ना आसान बनाना.​
    • प्रशासनिक निकाय: IWAI द्वारा जलमार्गों के विकास/यात्रा-योग्यता का निगरानी और विकास किया जाता है.​

22. राष्ट्रीय जलमार्ग-4 (NW-4) निम्नलिखित में से किन नदियों से संबंधित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) गोदावरी और कृष्णा
Solution:
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-4 कृष्णा और गोदावरी नदियों से संबंधित है।
  • भारत में कुल राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 111 है।
  • व्यापक विवरण
    • NW-4—भारत का चौथा राष्ट्रीय जलमार्ग—काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से गोदावरी/कृष्णा नदी प्रणालियों के माध्यम से गुजरता है और पुदुचेरी तक विस्तृत है।​
    • इसका उद्देश्य दक्षिण भारत में व्यापार और परिवहन को बढ़ावा देना है
    • लम्बाई लगभग 1,095 किलोमीटर बताई जाती है।​
  • महत्त्वपूर्ण बिंदु
    • NW-4 भारत के दक्षिणी भागों में अंतरिक जलमार्गों में एक प्रमुख नेटवर्क है
    • जो नागर परिवहन लागत कम करने और समुद्री मार्ग के विकल्प के तौर पर कार्य करता है।​
    • अन्य NWs के साथ NW-4 का संयोजन राष्ट्रीय जलमार्ग योजना के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों को जोड़ता है
    • जिससे आपूर्ति श्रृंखला और تجارت को लाभ मिलता है।​
  • संदर्भ (उद्धरण)
    • NW-4 के बारे में आधिकारिक सार: कृष्णा और गोदावरी नदियाँ, मार्ग: काकीनाडा से पुदुचेरी
    • लम्बाई: 1,095 किमी, राज्य: आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुदुचेरी, घोषित वर्ष: 2008, उद्देश्य: दक्षिण भारत में व्यापार और परिवहन को प्रोत्साहित करना​

23. भारत में 'वायुदूत' एयरलाइन की स्थापना कब हुई थी ? [CGL (T-I) 01 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 1981
Solution:
  • वायुदूत भारत में एक क्षेत्रीय एयरलाइन थी, जिसे वर्ष 1981 में दो राज्य के स्वामित्व वाली वाहक इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित किया गया था।
  • इस एयरलाइन की कल्पना मूल रूप से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सेवा के लिए की गई थी।
  • स्थापना का इतिहास
    •  इसका मुख्यालय नई दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट पर था।
    • इसका उद्देश्य भारत के दुर्गम क्षेत्रों जैसे पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों और छोटे हवाई अड्डों को जोड़ना था
    • जहां बड़े विमान संचालित करना कठिन था।​
  • संचालन और विशेषताएं
    • एयरलाइन ने छोटे विमानों जैसे डोर्नियर 228 और हार्बिन Y-12 का उपयोग किया, जो छोटे रनवे पर उतर सकते थे।
    • यह 1981 से 1993 तक सक्रिय रही और लगभग 40 स्थानों पर उड़ानें भरती थी।
    • वायुदूत ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत किया, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण 1993 में इसे बंद कर दिया गया
    • इसकी संपत्तियों को अन्य एयरलाइंस में विलय कर दिया गया।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • मुख्य फोकस: पूर्वोत्तर भारत की सेवा, जहां सड़क और रेल नेटवर्क सीमित थे।
    • समाप्ति: 1993 में वित्तीय घाटे के कारण समाप्त, लेकिन इसने क्षेत्रीय उड्डयन का आधार तैयार किया।
    • संदर्भ: यह भारत के हवाई परिवहन राष्ट्रीयकरण (1953) के बाद की पहल थी, जो एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस पर केंद्रित थी।​

24. निम्नलिखित में से कौन-सा हवाई अड्डा अमृतसर में स्थित है? [MTS (T-I) 07 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई हड्डा
Solution:
  • श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर में स्थित है
  • जबकि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नागपुर में, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली में और तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, तिरुवनंतपुरम, केरल में स्थित है।
  • नाम और पहचान
    • आधिकारिक नाम: श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Sri Guru Ram Das Ji International Airport).​
    • IATA कोड: ATQ; ICAO कोड: VIAR.​
  • लोकेशन और पहुँच
    • स्थित स्थान: राजा सांसी (Raja Sansi) क्षेत्र, अमृतसर, पंजाब, भारत; शहर केंद्र से लगभग 11 किमी NW दूरी पर.​
    • नज़दीकी शहर/दिशा: अमृतसर शहर के भीतर सेवाओं के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनकर कार्य करता है.​
  • ऐतिहासिक/नामित संदर्भ
    • एयरपोर्ट का नाम गुरुद्वारा गुरु राम दास जी के नाम पर रखा गया है, जो चौथे सिक्ख गुरु और अमृतसर शहर के संस्थापक माने जाते हैं.​
    • इसे कभी-कभी राजा सांसी एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, जो इसी परिसर का एक अन्य लोकप्रिय संदर्भ है.​
  • सेवाएं और क्षमताएं
    • वार्षिक यात्री क्षमता: लगभग 4 मिलियन तक; आधुनिक टर्मिनल सुविधाओं के साथ विभिन्न घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं.​
    • सुविधाएँ: ड्यूट-फ्री शॉपिंग, विदेशी मुद्रा विनिमय, रेस्टोरेंट्स, आदि जैसी सामान्य एशियन-स्तर की सेवाएं उपलब्ध हैं
    • टर्मिनल क्षेत्र 40,000 वर्ग मीटर से अधिक है और चार जेटब्रिज हैं.​
    • औपचारिक जानकारी: एयर इंडिया इत्यादि प्रमुख एयरलाइनों के लिए प्रवेश/चेक-इन काउंटर, गेट और सेवाओं के बारे में जानकारी एक्सेसबल है.​
  • और अधिक संदर्भ
    • Amritsar International Airport के बारे में नवीनतम/routes/प्रवेश संरचना के लिए Air India और अन्य मार्गदर्शक साइटें उपलब्ध हैं
    • यह क्षेत्र के लिए प्रमुख हवाई अड्डे के रूप में माना जाता है.​
    • यात्राओं के लिए विस्तृत गाइड और स्टेटस/पूर्व-निर्धारण जानकारी के लिए स्थानीय स्त्रोतों और यात्रा गाइड्स देखे जा सकते हैं.​

25. आजादी के बाद मुंबई बंदरगाह पर व्यापार के भार अथवा बोझ को कम करने के लिए ....... बंदरगाह विकसित किया गया था। [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) कांडला
Solution:
  • देश के पश्चिमी क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए और मुंबई बंदरगाह पर दवाब को कम करने के लिए कच्छ की खाड़ी में स्थित कांडला बंदरगाह (दीनदयाल बंदरगाह) को एक महत्वपूर्ण बंदरगाह के रूप में विकसित किया गया था।
  • आजादी के बाद मुंबई बंदरगाह पर बढ़ते व्यापारिक भार को कम करने के लिए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT)
  • जिसे न्हावा शेवा बंदरगाह के नाम से भी जाना जाता है, को विकसित किया गया था।​
  • बंदरगाह का इतिहास
    • यह बंदरगाह 1989 में नवी मुंबई के न्हावा शेवा क्षेत्र में स्थापित किया गया, जब मुंबई पोर्ट पर जहाजों और कार्गो का दबाव बहुत अधिक हो चुका था।
    • स्वतंत्रता के बाद भारत के विदेशी व्यापार में तेजी आई
    • लेकिन मुंबई बंदरगाह की प्राकृतिक सीमाओं (जैसे उथले पानी और जगह की कमी) के कारण नया सैटेलाइट पोर्ट बनाने की आवश्यकता पड़ी।
    • JNPT को विशेष रूप से कंटेनर ट्रैफिक को हैंडल करने के लिए डिजाइन किया गया
    • जो मुंबई के बोझ को लगभग 50% तक कम करने में सफल रहा।​
  • विकास का उद्देश्य
    • मुख्य लक्ष्य मुंबई बंदरगाह की क्षमता (लगभग 20-25 मिलियन टन सालाना) से अधिक हो रहे ट्रैफिक को डायवर्ट करना था
    • क्योंकि 1970-80 के दशक में मुंबई पर सालाना 30 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो आ रहा था।
    • सरकार ने इसे Jawaharlal Nehru Port Trust के रूप में विकसित किया
    • जो भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट बन गया।
    • इससे मुंबई पोर्ट को मुख्यतः बल्क कार्गो (पेट्रोलियम, कोयला) पर फोकस करने का मौका मिला।​
  • वर्तमान स्थिति और प्रभाव
    • आज JNPT भारत के कुल कंटेनर ट्रैफिक का 50% से अधिक संभालता है
    • 2023-24 में 60 लाख TEU (ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स) से ज्यादा हैंडल किया।
    • इस विकास ने पश्चिमी भारत के औद्योगिक हब (महाराष्ट्र, गुजरात) को मजबूत किया
    • राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दिया। मुंबई बंदरगाह पर दबाव कम होने से जहाजों की वेटिंग टाइम घटा और दक्षता बढ़ी।​
  • अन्य संबंधित तथ्य
    • क्षमता विस्तार: शुरू में 4 बर्थ्स के साथ शुरू हुआ, अब 15+ बर्थ्स और आधुनिक कंटेनर टर्मिनल्स हैं।
    • आर्थिक योगदान: भारत के निर्यात-आयात का बड़ा हिस्सा (खासकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स) यहीं से होता है।​
    • भविष्य की योजनाएं: सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत और विस्तार, जिसमें डीप ड्राफ्ट बर्थ्स शामिल हैं।​

26. ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर भारत में किन दो शहरों को जोड़ता है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) सिलचर और पोरबंदर
Solution:
  • उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा भारत में चल रही सबसे बड़ी राजमार्ग परियोजना है।
  • ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर भारत में सिलचर और पोरबंदर शहरों को जोड़ता है।
  • पृष्ठभूमि और उद्देश्य
    • यह राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना (NHDP) का एक प्रमुख हिस्सा है
    • जिसका लक्ष्य देश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों को जोड़ना है
    • जिससे दूरी, समय और लागत कम हो सके।​
    • कॉरिडोर NH-27 के भीतर मानक मार्ग के रूप में विकसित किया गया है
    • पूरे देश में विभिन्न शहरों से होकर गुजरता है
    • जिससे आंतरिक राष्ट्रीय समानता और विकास को प्रेरणा मिलती है।​
  • मार्ग-विस्तार और प्रमुख शहर
    • पश्चिमी भाग: पोरबंदर (गुजरात) से शुरू होकर अहमदाबाद, राजकोट आदि प्रमुख शहरों से गुजरता है और पश्चिमी तट के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है।​
    • पूर्वी भाग: सिलचर (অসম) तक पहुंचते हुए पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ सीमित अंतर्देशीय कनेक्टिविटी बनाता है, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्रों के अवसर बढ़ते हैं।​
  • महत्त्वपूर्ण प्रभाव
    • बुनियादी ढांचा विकास से व्यापार ganó में वृद्धि होती है
    • शहरों के बीच माल-परिवहन का समय घटता है और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है।​
    • NHDP के अंतर्गत East-West Corridor देश के आर्थिक वितरण में संतुलन लाने का एक बड़ा कदम माना जाता है।​
  • संक्षेप में
    • East-West Corridor के दो सिरे: पोरबंदर, गुजरात से सिलचर, असम तक।​
    • यह NHDP का अहम हिस्सा है और पूर्वी तथा पश्चिमी भागों को जोड़ने के उद्देश्य से योजना और निर्माण किया गया है।​

27. निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय जलमार्ग तमिलनाडु में स्थित है? [Phase-XI 28 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) राष्ट्रीय जलमार्ग-99
Solution:
  • राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 99 भारत के तमिलनाडु में स्थित है।
  • जबकि राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 93, 97 तथा 98 क्रमशः मेघालय, पश्चिम बंगाल तथा पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं।
  • विस्तृत जानकारी
    • पहचान: भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग कार्यक्रम के अंतर्गत घोषित NW-99 तमिलनाडु में तमिरापरानी नदी पर स्थित है।​
    • स्थान और दूरी: NW-99 तमिलनाडु के दक्षिणी भाग में पंहुचता है और तिरुनेल्वेली-थूथुकुडी क्षेत्र के आस-पास बहता है
    • जिससे आंतरिक जल परिवहन और स्थानीय नौपरिवहन की सुविधा बढ़ती है।​
    • महत्व: इस जलमार्ग का उद्देश्य राज्य में नदी मार्ग द्वारा माल परिवहन और क्रूज-पर्यटन को बढ़ावा देना है
    • जिससे बनाम सड़क/रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव कम हो और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हों।​
    • अन्य जलमार्ग संदर्भ: भारत में NW-4, NW-20, NW-55 आदि अन्य जलमार्ग भी हैं
    • लेकिन सवाल में विशिष्ट रूप से तमिलनाडु में स्थित NW-99 की बात हो रही है।
    • NW-4 के साथ-साथ अन्य NW-योजनाओं के बारे में जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में मिलती है, पर NW-99 तमिलनाडु के लिए विशिष्ट है।​
  •  इसकी लंबाई 62 km है।
    •  यह तमिलनाडु की प्रमुख नदियों में से एक है, जो पश्चिमी घाट की अगस्त्यमलाई पहाड़ियों से निकलती है
    • मन्नार की खाड़ी में गिरने से पहले तिरुनेलवेली और थूथुकुडी जिलों से होकर बहती है।
    • तमीरापारानी नदी क्षेत्र की कृषि और पारिस्थितिकी प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्र के कई लोगों की आजीविका का समर्थन करती है।
      Other Information
  •  राष्ट्रीय जलमार्ग-97
    •  सुंदरबन जलमार्ग- पश्चिम बंगाल
  •  लंबाई :- 172 km
    • राष्ट्रीय जलमार्ग (NW)-97 में सुंदरबन क्षेत्र के भीतर जलमार्ग शामिल हैं
    • ज गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना सहित कई नदियों के संगम से बना एक विशाल मैंग्रोव डेल्टा क्षेत्र है।
  •  राष्ट्रीय जलमार्ग-93
    •  सिमसंग नदी- मेघालय
  • लबाई :- 63 km
    • राष्ट्रीय जलमार्ग (NW)-93 में सिमसांग नदी शामिल है, जो मेघालय के गारो पहाड़ी क्षेत्र की एक प्रमुख नदी है।
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-98
    • सतलज नदी- पंजाब और हिमाचल प्रदेश
  • लंबाई :- 377 km
    • जलमार्ग बुनियादी ढांचे के विकास से विशेष रूप से पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे व्यापक नदी श्रृंखला वाले राज्यों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और तार्किक लाभ हो सकते हैं।

28. किस भारतीय राज्य में दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग-सुरंग है (जुलाई 2023 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार)? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) हिमाचल प्रदेश
Solution:
  • हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। इस सुरंग का नाम अटल सुरंग है।
  • यह मनाली-लेह राजमार्ग पर रोहतांग दर्रे से होकर गुजरती है, जो मनाली को लाहौल- स्पीति घाटी से जोड़ती है।
  • सुरंग का विवरण
    • यह सुरंग लगभग 9.28 से 9.34 किलोमीटर लंबी है और पीर पंजाल पर्वतमाला में समुद्र तल से करीब 1,200 मीटर (4,000 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।
    • चेनानी से नाशरी तक फैली यह सुरंग जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर बनी है, जिसे 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।
    • इसका नाम बाद में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सम्मान में बदल दिया गया।​
    • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • यह भारत की पहली सुरंग है जो "एकीकृत सुरंग नियंत्रण प्रणाली" से लैस है
    • जिसमें वेंटिलेशन, अग्निशमन, सीसीटीवी और संचार प्रणाली शामिल हैं।​
    • सुरंग ने जम्मू से श्रीनगर की 250 किलोमीटर यात्रा को 41 किलोमीटर छोटा कर दिया और समय को 2 घंटे से अधिक कम कर 1.5 घंटे बचा लिया।​
    • इसमें आपातकालीन निकास, वाहन रैंप और पार्किंग क्षेत्र हैं, जो सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।​
  • निर्माण और लाभ
    • नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित
    • यह सुरंग भूस्खलन और भारी वर्षा वाले जोखिम भरे क्षेत्र को पार करती है।
    • इससे ईंधन बचत, वाहन रखरखाव में कमी और रणनीतिक रूप से कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी मजबूत हुई।
    • जुलाई 2023 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह भारत की सबसे लंबी बनी रही
    • हालांकि बाद में नई परियोजनाओं ने स्थिति बदल दी हो सकती है।​

29. कोंकण रेलवे लाइन, राज्यों के निम्नलिखित में से किस समूह से होकर गुजरती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक
Solution:
  • कोंकण रेलवे लाइन भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई और मंगलुरु को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
  • यह लाइन महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक राज्यों को जोड़ती है।
  • संरचना और मार्ग बनावट
    • कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (KRCL) द्वारा संचालित यह रेलवे लाइन महाराष्ट्र के रोहा (near Mumbai) से शुरू होकर गोवा के थिविम तक और फिर मंगलोर (मैंगलोर) तक जाती है
    • कुल मिलाकर लगभग 741 किलोमीटर लंबी है [परिचय/KRCL वेबसाइट]।
    • यह मार्ग पश्चिमी घाट के बेहद चुनौतीपूर्ण भूभाग के समानांतर चलता है
    • जिसमें कई घाटियाँ, नदियाँ और तटीय क्षेत्र आते हैं [KRCL परिचय/स्थानीय जानकारी]।
  •  (राज्य-समूह)
    • महाराष्ट्र: लाइन का प्रमुख भाग और आरम्भिक स्टेशन—रोहा, चिपलून, रत्नागिरी आदि से होकर गुजरती है [KRCL परिचय].
    • गोवा: गोवा के तटीय क्षेत्रों से गुजरते हुए मार्ग में ठिविम जंक्शन और मडगांव जैसे बड़े स्टेशन आते हैं [KRCL परिचय/विकिपीडिया पृष्ठ].
    • कर्नाटक: मंगलोर तक पहुंचते ही लाइन कर्नाटक में प्रवेश करती है
    • वहां के शहरों के साथ आगे बढ़ती है (कारवार/भटकल क्षेत्र सहित) [KRCL परिचय/स्थानीय स्रोत].
  • प्रमुख सुरंगें और पुल
    • इस मार्ग पर कई सुरंगें और पुल बने हैं ताकि पहाड़ों और नदी-घाटियों को पार किया जा सके
    • सबसे प्रसिद्ध सुरंगों में विभिन्न लम्बाइयों के सुरंगें मौजूद हैं, जिनमें 6–7 किमी से अधिक लंबी सुरंगें भी शामिल हैं
    • (मुख्य विवरण स्रोतों में शामिल हैं) [KRCL/वर्षीय रिपोर्टें].
    • 2,000 से अधिक पुल और कई टनल्स इस लाइन की विशेषताओं में गिनी जाती हैं
    • जो पश्चिमी तट की अत्यधिक भू-प्रकृति से लड़कर मार्ग बनाती है [KRCL/डॉक्यूमेंटेशन].
  • इतिहास और महत्व
    • परियोजना का उद्देश्य मुंबई को गोवा/मैंगलोर क्षेत्र से जोड़ना था ताकि माल-यातायात और यात्रियों के लिए दूरी कम हो और राजमार्गों पर लोड कम हो सके
    • निर्माण के बाद यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने लगा [KRCL इतिहास/प्रोजेक्ट पन्ने].
    • यह लाइन भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा बन गयी है
    • जो पश्चिमी तट पर बड़े औद्योगिक/खाद्य उत्पादों के यातायात के लिए उपयोगी है [वैकल्पिक स्रोत-औद्योगिक रिपोर्ट].
  • यात्रा अनुभव और किन विषयों पर ध्यान
    • यात्रा की गति सामान्यतः 60–100 किमी/घंटा के आसपास रहती है
    • लेकिन सुरंगों और टनल-बीमारी जैसी विशेषताओं के कारण वास्तविक समय दूरी प्रभावित हो सकती है [यात्रा/यातायात गाइड].
    • पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय इस परियोजना की सफलताओं में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं
    • 1990s के दशक में भूमि अधिग्रहण/समझौते आदि चुनौतियाँ थीं जिन्हें समय के साथ सुलझाया गया [इतिहास/प्रोजेक्ट पन्ने].
  • यदि चाहें, इस विषय पर मैं:
    • राज्यों के भीतर हर स्टेशन-शहरों की सूची और उनके जुड़ाव का विस्तृत विवरण दे सकता हूँ,
    • KRCL के आधिकारिक साइट/पब्लिक डोकेमेंट से सत्यापित लम्बाइयों, सुरंगों की क्रमांकीय सूची और प्रमुख स्टेशनों की तालिका बना सकता हूँ,
    • या राज्यवार आर्थिक प्रभाव और यात्राओं के समय-समय पर बदलाव का संक्षिप्त विश्लेषण दे सकता हूँ।

30. भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार परिवहन के किस माध्यम से होता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) समुद्री परिवहन
Solution:
  • भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार समुद्री परिवहन के माध्यम से होता है।
  • हालांकि विदेशी व्यापार का छोटा-सा भाग सड़क मार्ग द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे-पड़ोसी राज्यों से किया जाता है।
  • प्रमुख प्रश्न: भारत का विदेशी व्यापार किस मार्ग से संचालित होता है?
    • जलमार्ग/समुद्री मार्ग: भारत का लगभग 95% मात्रा (quantity) और लगभग 70% मूल्य (value) के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्री परिवहन के द्वारा ही होता है
    • यह देश की भौगोलिक स्थिति—तीनों ओर समुद्र से घिरा होना—के कारण सबसे प्रभावी और सस्ता माध्यम बन गया है
    • इन आँकड़ों के अनुसार समुद्री मार्ग उसका प्रमुख वाहक है.​
    • वायु मार्ग: कुछ उच्च-मूल्य, समय-संवेदी वस्तुओं के लिए हवाई यातायात आवश्यक हो जाता है
    • वैश्विक कार्गो में भी इसका हिस्सा मायने रखता है, परन्तु कुल मिलाकर मात्रा और मूल्य दोनों स्तरों पर समुद्री मार्ग की हिस्सेदारी अधिक है.​
    • भूमि मार्ग: पड़ोसी देशों के साथ छोटा हिस्सा शामिल है (जैसे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान); यह मुख्य माध्यम नहीं है
    • बल्कि एक्सेप्शन/तकनीकी आवश्यकता के अनुसार उपयोग में आता है.​
  • क्यों जलमार्ग प्रमुख है:
    • लागत-प्रभावशीलता: भारी और बड़े आकार के माल को दूर दूरी पर ले जाने में समुद्री परिवहन सबसे कम लागत वाला माध्यम है.​
    • भौगोलिक स्थिति: भारत के तटरेखा की विशालता और चारों तरफ समुद्र से घिरा होना समुद्री लॉजिस्टिक्स को सहज बनाता है.​
    • संसाधन/बंदरगाह नेटवर्क: देश के बंदरगाह नेटवर्क से निर्यात-आयात के प्रवाह को समुद्री मार्ग द्वारा सुव्यवस्थित किया जाता है.​
  • अन्य तथ्य जो समझना जरूरी हैं:
    • भारतीय रेलवे घरेलू माल ट्रांसपोर्ट का प्रमुख हिस्सा है; अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी भूमिका बंदरगाह-रेल/सड़क कनेक्टिविटी तक सीमित रहती है.​
    • कुछ विशिष्ट परिवहन आवश्यकताओं में हवा से गाड़ी भेजना पड़ सकता है
    • जैसे ताजा/खराब होने वाली वस्तुएँ, पर यह कुल व्यापार का प्रमुख रास्ता नहीं है.​
  • संक्षिप्त संदर्भ आँकड़े:
    • जलमार्ग के माध्यम से भारत का अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा संचालित होता है (कुल व्यापार के बड़े हिस्से के लिए समुद्री मार्ग प्रमुख).​
    • जनवरी 2024–2025 के समय उपलब्ध कुछ स्रोतों के अनुसार भारत के व्यापार के आयात-निर्यात के लिए जलमार्ग प्रमुख रहा है
    • जबकि हवाई मार्ग कुछ विशिष्ट वस्तुओं के लिए प्रयोग में आता है.​
    • क्या आप चाहेंगे कि इनमें से किसी विशेष पहलू पर और गहराई से आँकड़े
    • जैसे कि प्रमुख बंदरगाहों के नाम, या समुद्री मार्ग की प्रमुख ट्रेडिंग रूट्स, या विविध मॉडलों के तुलनात्मक दृश्य, देखें
    • कुछ प्रमुख स्रोतों के सही उद्धरण भी मैं दे सकता/सकती हूँ
    • ताकि आप संदर्भ स्वयं क्रॉस-चेक कर सकें.