पादप कार्यिकी (जीव विज्ञान)

Total Questions: 19

11. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में कौन-सी गैस मुक्त होती है? [CHSL (T-I) 12 अगस्त, 2021 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) ऑक्सीजन
Solution:
  • हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया में सूर्य से प्रकाश की ऊर्जा को ग्रहण कर वायु से ली गई कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) तथा मृदा से शोषित जल द्वारा कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं
  • एवं ऑक्सीजन (O₂) को उप-उत्पाद (Byproduct) के रूप में बाहर निकालते हैं-
  • उल्लेखनीय है कि प्रकाश संश्लेषण के दौरान जल के प्रकाश अपघटन (Photolysis of Water) के कारण ऑक्सीजन विमोचित होती है।
  • प्रकाश संश्लेषण का समीकरण
    • यह समीकरण दर्शाता है कि कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और पानी (H₂O) का उपयोग कर ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆) और ऑक्सीजन (O₂) उत्पन्न होती है।
    • ऑक्सीजन मुख्य उप-उत्पाद के रूप में वातावरण में मुक्त हो जाती है।​
  • प्रक्रिया के चरण
    • प्रकाश संश्लेषण दो मुख्य चरणों में विभाजित है।
    • प्रकाश-निर्भर चरण (लाइट रिएक्शन) में क्लोरोप्लास्ट के थाइलाकॉइड में प्रकाश ऊर्जा ATP और NADPH उत्पन्न करती है
    • पानी के फोटोलिसिस से ऑक्सीजन मुक्त होती है।
    • प्रकाश-स्वतंत्र चरण (डार्क रिएक्शन या कैल्विन चक्र) में ये ऊर्जा यौगिक CO₂ को ग्लूकोज में बदलते हैं।​
  • ऑक्सीजन मुक्त होने का महत्व
    • ऑक्सीजन पृथ्वी के वायुमंडल का लगभग 21% हिस्सा बनाती है
    • जो सभी जीवों के श्वसन के लिए आवश्यक है।
    • प्राचीन काल में सायनोबैक्टीरिया द्वारा प्रकाश संश्लेषण से उत्पन्न ऑक्सीजन ने ग्रेट ऑक्सीजनेशन इवेंट को जन्म दिया।
    • पौधों में स्टomata के माध्यम से यह गैस बाहर निकलती है।​
  • अन्य तथ्य
    • कुछ बैक्टीरिया में अनऑक्सिजेनिक प्रकाश संश्लेषण होता है
    • जहां ऑक्सीजन नहीं बनती। मानव जीवन के लिए यह प्रक्रिया भोजन श्रृंखला की आधारशिला है।​

12. निम्नलिखित में से कौन-सा, प्रकाश-संश्लेषण में सक्षम जलीय जीवों का एक विविध समूह है? [C.P.O.S.I. (T-I) 09 नवंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) शैवाल
Solution:
  • शैवाल (Algae) प्रकाश-संश्लेषण करने वाले जलीय जीवों का एक विशाल और विविध समूह है।
  • वे एकल-कोशिकीय से लेकर बहु-कोशिकीय रूपों तक हो सकते हैं।
  • सायनोबैक्टीरिया की विशेषताएँ
    • सायनोबैक्टीरिया, जिन्हें नील-हरित शैवाल (blue-green algae) भी कहा जाता है
    • एककोशिकीय से लेकर कॉलोनी-निर्माण करने वाले बहुकोशिकीय रूपों तक विविध होते हैं।
    • इनमें क्लोरोफिल-ए के साथ फाइकोबिलिप्रोटीन जैसे फाइकोसायनिन और फाइकोएरिथ्रिन मौजूद होते हैं
    • जो इन्हें नीला-हरा रंग प्रदान करते हैं। ये जीव नाइट्रोजन स्थिरीकरण भी करते हैं
    • जिससे वे पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।​
  • जलीय जीवन और प्रकाश-संश्लेषण
    • ये जीव जल में प्लवक (plankton) के रूप में प्रमुख होते हैं
    • प्रकाश संश्लेषण द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल से ग्लूकोज और ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं।
    • समुद्री सायनोबैक्टीरिया वैश्विक ऑक्सीजन उत्पादन का लगभग 50% योगदान देते हैं।
    • मीठे जल में ये कभी-कभी ब्लूम (जल-परागण) बनाते हैं, जो जल प्रदूषण का संकेत होते हैं।​
  • अन्य जलीय प्रकाश-संश्लेषकों से तुलना
    • शैवाल (algae) भी जलीय प्रकाश-संश्लेषक होते हैं, लेकिन वे यूकैरियोटिक हैं
    • अधिक जटिल संरचना वाले। सायनोबैक्टीरिया प्रोकैरियोटिक होने के कारण सरल, प्राचीन और अधिक अनुकूलनीय हैं।
    • गैर-ऑक्सीजनिक प्रकाशपोषी बैक्टीरिया (जैसे बैंगनी सल्फर बैक्टीरिया) जल का उपयोग नहीं करते।​
  • पारिस्थितिक महत्व
    • सायनोबैक्टीरिया नाइट्रोजन चक्र में वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करते हैं
    • जो पौधों के लिए उपलब्ध होता है। ये चट्टानों पर स्टromatolites बनाते हैं
    • जो पृथ्वी के प्रारंभिक जीवन के प्रमाण हैं। हालांकि, विषैले ब्लूम से जल-प्रदूषण भी होता है।​

13. पादप जगत के किस संघ में संवहनी पादप, पत्ते (जिसे फ्रोंड के रूप में जाना जाता है), जड़ें और कभी-कभी वास्तविक तना (और फर्न ट्री में पूरे तने) पाए जाते हैं? [CHSL (T-I) 02 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) टेरिडोफाइटा
Solution:
  • टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) में फर्न और हॉर्सटेल जैसे पौधे शामिल हैं। ये पादप जगत के पहले समूह हैं
  • जिनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते है
  • साथ ही इनमें अच्छी तरह से विभेदित जड़ें, तने और पत्ते (फ्रोंड) होते हैं।
  • विशेषताएँ
    • टेरिडोफाइटा संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) वाले प्रथम स्थलीय पादप हैं
    • जो जल और खनिजों का परिवहन करते हैं। इनकी पत्तियाँ फ्रॉन्ड कहलाती हैं
    • जो विभाजित और बड़े आकार की होती हैं, तथा जड़ें मिट्टी से पोषक तत्व ग्रहण करती हैं।
    • ये क्रिप्टोगैम्स हैं क्योंकि फूल-बीज नहीं बनाते, बल्कि बीजाणुओं से प्रजनन करते हैं।​
  • आवास और वितरण
    • ये पादप मुख्यतः नम, छायादार स्थानों जैसे चट्टानों, दलदलों, कीचड़ और उष्णकटिबंधीय वृक्षों की दरारों में उगते हैं।
    • विश्व में 10,000 से अधिक फर्न प्रजातियाँ हैं, जो शुष्क वातावरण के लिए भी अनुकूलित हो सकती हैं।​
  • अन्य संघों से अंतर
    • आवृतबीजी (Angiosperms) में भी संवहनी ऊतक, जड़ें, तना और पत्तियाँ हैं
    • लेकिन वे बीज और फल पैदा करते हैं। ब्रायोफाइटा असंवहनी और बिना सच्ची जड़ों के होते हैं।
    • अनावृतबीजी (Gymnosperms) में नग्न बीज होते हैं।​
  • महत्व
    • टेरिडोफाइट्स विकास में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये भूमि पर जीवन के प्रारंभिक संवहनी पादप हैं।
    • इन्हें सजावट, औषधि और मिट्टी संरक्षण में उपयोग किया जाता है।​

14. कौन-सा पादप ऊतक मृदा से जल और खनिज पोषकों को तनों और पत्तियों तक पहुंचाने के लिए उत्तरदायी है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) जाइलम
Solution:
  • जाइलम ऊतक मृदा से जल और खनिज पोषकों को तनों और पत्तियों तक पहुंचाने के लिए उत्तरदायी है
  • जबकि फ्लोएम पौधे की पत्तियों से भोजन को पौधों के अलग-अलग भागों तक पहुंचाता है।
  • जाइलम की संरचना
    •  जो जल का संचालन करती हैं, जबकि रेशे यांत्रिक सहारा प्रदान करते हैं।
    • द्विबीजपत्री पौधों में वाहिनियाँ प्रमुख होती हैं, जबकि एकबीजपत्री में वाहिकाएँ।​​
  • परिवहन प्रक्रिया
    • जड़ों के मूलरोम द्वारा अवशोषित जल जाइलम में चढ़ता है
    • मुख्यतः वाष्पोत्सर्जन खिंचाव (transpiration pull) और जड़ दाब (root pressure) द्वारा।
    • यह प्रक्रिया गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करती है और पत्तियों तक 100 मीटर ऊँचाई तक जल पहुँचा सकती है।
    • खनिज पोषक तत्व आयन रूप में जल के साथ घुले हुए संचालित होते हैं।​​
  • फ्लोएम से अंतर
    • फ्लोएम भोजन (शर्करा जैसे ग्लूकोज) को पत्तियों से अन्य भागों तक ले जाता है
    • जबकि जाइलम केवल जल-खनिज परिवहन करता है। जाइलम एकदिशीय (नीचे से ऊपर) होता है
    • फ्लोएम द्विदिशीय। जाइलम मृत ऊतक प्रधान है, फ्लोएम जीवित कोशिकाओं (सिवनुब्यूलर ट्यूब्स) से युक्त।​​
  • महत्व और कार्य
    • जाइलम पौधे को यांत्रिक मजबूती देता है तथा प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक जल पहुँचाता है।
    • aयह द्वितीयक वृद्धि में लकड़ी का मुख्य घटक बनाता है। क्षति पर जाइलम रोधी栓形成 करता है।​

15. पादपों में जाइलम ऊतक का ....... भाग भोजन का भंडारण करता है। [CGL (T-I) 01 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) जाइलम पैरेन्काइमा
Solution:
  • पादपों में जाइलम एक जटिल ऊतक है, जो ट्रैकीड्स (Tra- cheids), वाहिकाएं (Vessels), जाइलम फाइबर (Xylem Fibres)
  • जाइलम पैरेन्काइमा (Xylem Parenchyma) से मिलकर बना होता है।
  • जाइलम ऊतक का जाइलम पैरेन्काइमा भाग जल तथा भोजन का भंडारण करता है
  • जल संवहन में सहायता करता है। जाइलम फाइबर (रेशे) मुख्यतः सहारा देने का कार्य करते हैं।
  • जाइलम ऊतक का परिचय
    • जाइलम पादपों का संवहनी ऊतक है
    • जो मुख्य रूप से जड़ों से जल और घुले हुए खनिज लवणों को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
    • यह ऊतक चार मुख्य घटकों से मिलकर बनता है
    • वाहिकाएँ (vessels), वाहिनिकाएँ (tracheids), जाइलम तंतु (xylem fibres) और जाइलम मृदूतक
    • इनमें से वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ मृत कोशिकाएँ होती हैं जो जल संचालन करती हैं
    • जबकि तंतु यांत्रिक शक्ति प्रदान करते हैं। मृदूतक ही जीवित कोशिकाएँ हैं जो भोजन संग्रहण का प्रमुख कार्य निभाती हैं।​
  • मृदूतक का भंडारण कार्य
    • जाइलम मृदूतक पतली कोशिका भित्ति वाली जीवित कोशिकाएँ होती हैं
    • जो स्टार्च, प्रोटीन, वसा, लेटेक्स और जल का भंडारण करती हैं। ये कोशिकाएँ जाइलम के अन्य भागों के बीच स्थित होती हैं
    • रेडियल दिशा में जल के चालन में भी सहायता करती हैं।
    • जल तनाव की स्थिति में ये पुनर्जनन (resurrection) और मरम्मत का कार्य भी करती हैं
    • जिससे पौधा कठिन परिस्थितियों में जीवित रह सके।
    • उदाहरणस्वरूप, द्विबीजपत्री पादपों में जाइलम किरणों (xylem rays) के रूप में ये कोशिकाएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।​
  • जैविक महत्व
    • यह भंडारण पौधे के विकास, फूलने-फलने और प्रतिकूल मौसम में उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है।
    • फ्लोएम ऊतक भोजन परिवहन करता है, लेकिन जाइलम मृदूतक स्थानीय स्तर पर संग्रहण सुनिश्चित करता है
    • जो वुडी पादपों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है।
    • कुछ पादपों में यह स्टार्च को ग्लूकोज में परिवर्तित कर ऊर्जा प्रदान भी करता है।​

16. पत्तियों में एक हरा वर्णक होता है, जिसे ....... कहते हैं। यह सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का संग्रहण करने में पत्तियों की सहायता करता है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) क्लोरोफिल
Solution:
  • पत्तियों में एक हरा वर्णक होता है, जिसे हरितलवक (Chlorophyll) कहते हैं।
  • यह सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का संग्रहण (प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया) करने में पत्तियों की सहायता करता है
  • जिससे विभिन्न प्रकार के कार्बोहाइड्रेट बनते हैं।
  • क्लोरोफिल क्या है?
    • क्लोरोफिल एक प्रकार का हरा रंगद्रव्य है जो पत्तियों के क्लोरोप्लास्ट में पाया जाता है।
    • यह मुख्य रूप से मैग्नीशियम धातु पर आधारित होता है
    • सूर्य की किरणों में मौजूद लाल तथा नीले प्रकाश को अवशोषित करता है
    • जबकि हरे रंग को परावर्तित कर देता है, जिससे पत्तियाँ हरी दिखाई देती हैं।
    • क्लोरोफिल के विभिन्न प्रकार जैसे क्लोरोफिल ए और बी पत्तियों में मौजूद होते हैं
    • जो प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में सहायक होते हैं।​
  • प्रकाश संश्लेषण में भूमिका
    • क्लोरोफिल सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड से ग्लूकोज जैसे कार्बोहाइड्रेट बनाता है
    • जिससे ऑक्सीजन भी मुक्त होती है। यह प्रक्रिया दो चरणों में होती है
    • प्रकाश-निर्भर चरण, जहाँ क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को ATP और NADPH के रूप में संग्रहीत करता है
    • प्रकाश-स्वतंत्र चरण (कल्विन चक्र), जहाँ यह ऊर्जा भोजन संश्लेषण के लिए उपयोग होती है।
    • पौधे सूर्य प्रकाश की कुल ऊर्जा का लगभग 1% ही ग्रहण कर पाते हैं, जो क्लोरोफिल की दक्षता पर निर्भर करता है।​
  • क्लोरोफिल के अन्य पहलू
    • पत्तियों में क्लोरोफिल के अलावा जैंथोफिल और कैरोटिनॉइड जैसे सहायक वर्णक भी होते हैं
    • जो अतिरिक्त प्रकाश अवशोषण में मदद करते हैं। शरद ऋतु में क्लोरोफिल का विघटन होने पर ये अन्य रंग दिखाई देते हैं।
    • क्लोरोफिल की कमी से पौधे पीले पड़ जाते हैं (क्लोरोसिस), जो पोषक तत्वों की कमी का संकेत होता है।​

17. निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल स्थायी पादप ऊतक है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) जाइलम
Solution:
  • जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।
  • ये सभी कोशिकाएं एक साथ मिलकर एक इकाई की तरह कार्य करती हैं।
  • जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक के उदाहरण हैं।
  • जटिल ऊतक की परिभाषा
    • जो एक साथ मिलकर कार्य करती हैं, जैसे परिवहन या समर्थन।
    • ये विभज्योतक ऊतकों से विकसित होकर परिपक्व हो जाते हैं
    • अब विभाजन नहीं कर सकते। सरल ऊतकों से भिन्न, ये बहु-कोशिकीय संरचना रखते हैं।​
  • मुख्य उदाहरण
    • जाइलम: पानी और खनिज लवणों का परिवहन करता है
    • ट्रेकिड्स, वाहिकाएँ, जाइलम फाइबर और पैरेन्काइमा से बना।​
    • फ्लोएम: भोजन का परिवहन करता है
    • छलनी नलिकाएँ, सहायक कोशिकाएँ, फ्लोएम पैरेन्काइमा और फाइबर से निर्मित।​

18. पौधों को वृद्धि के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिसकी आपूर्ति ....... द्वारा की जा सकती है। [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) मिट्टी, जल और वायु
Solution:
  • पोषक तत्व वह रसायन है, जो जीवों को पोषण प्रदान करते हैं। और उनके शरीर को समृद्ध करते हैं।
  • यह ऊतकों का निर्माण और उनकी मरम्मत करते हैं और शरीर को ऊष्मा और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • पौधों में 17 तत्वों को अनिवार्य पोषक तत्वों की श्रेणी में रखा गया है
  • जिन्हें दो वर्गों दीर्घ पोषक तत्वों (जैसे-H, C, O, N, K, Ca, Mg, P तथा S)
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों (जैसे-CI{2}, B, Mn, Zn, Cu, Ni, Fe तथा Mo) में रखा गया है।
  • पौधों की वृद्धि के लिए इन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है
  • जिनकी आपूर्ति मिट्टी, जल और वायु द्वारा की जा सकती है।
  • पोषक तत्वों के प्रकार
    •  जिनकी आवश्यकता अधिक मात्रा में होती है ।​​
      सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे आयरन (Fe), मैंगनीज (Mn), जिंक (Zn), कॉपर (Cu), बोरॉन (B), मोलिब्डेनम (Mo) और क्लोरीन (Cl) कम मात्रा में चाहिए, लेकिन इनकी कमी भी हानिकारक है ।​​
  • स्रोत और आपूर्ति का तरीका
    • कार्बन (C), ऑक्सीजन (O) और हाइड्रोजन (H) जैसे तत्व हवा और पानी से स्वाभाविक रूप से प्राप्त होते हैं
    • जबकि शेष 13-14 तत्व मिट्टी से जड़ों द्वारा अवशोषित किए जाते हैं ।​​
    • मिट्टी में ये तत्व जैविक पदार्थों के विघटन, खाद और उर्वरकों के माध्यम से उपलब्ध होते हैं
    • उदाहरणस्वरूप, यूरिया से नाइट्रोजन, सिंगल सुपर फॉस्फेट से फॉस्फोरस और म्यूरिएट ऑफ पोटाश से पोटैशियम की आपूर्ति होती है ।​​
    • किसान मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक डालते हैं ताकि पोषक तत्वों की कमी न हो और वृद्धि सुचारू रहे ।​
  • प्रत्येक तत्व की भूमिका
    • नाइट्रोजन पत्तियों की हरियाली और वानस्पतिक वृद्धि के लिए जरूरी है
    • फॉस्फोरस जड़ों, फूलों और फलों के विकास में सहायक है, जबकि पोटैशियम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है ।​​
    • कैल्शियम कोशिका भित्ति मजबूत करता है, मैग्नीशियम क्लोरोफिल का हिस्सा है
    • सल्फर प्रोटीन निर्माण में मदद करता है ।​​
    • सूक्ष्म तत्व जैसे जिंक हार्मोन बनाता है, आयरन क्लोरोफिल संश्लेषण में सहायक है
    • बोरॉन फल विकास के लिए आवश्यक है ।​​
  • कमी के लक्षण और उपाय
    • नाइट्रोजन की कमी से पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और वृद्धि रुक जाती है ।​
    • फॉस्फोरस की कमी में जड़ें कमजोर हो जाती हैं और पत्तियां बैंगनी दिखती हैं
    • जबकि पोटैशियम की कमी से पत्तियों के किनारे जलने लगते हैं ।​
    • कमी को दूर करने के लिए मिट्टी में जैविक खाद (गोबर, वर्मीकम्पोस्ट) या रासायनिक उर्वरक (NPK मिश्रण) डालें, साथ ही फसल चक्र अपनाएं ।​
  • महत्वपूर्ण लाभ
    • संतुलित पोषण से फसल उत्पादन 20-30% तक बढ़ सकता है
    • गुणवत्ता सुधरती है और मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है ।​
    • वैज्ञानिक दृष्टि से, ये तत्व प्रकाश संश्लेषण, श्वसन और प्रजनन प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं ।​
    • कृषि में NPK को प्राथमिक तत्व कहा जाता है
    • जिनकी मिट्टी द्वारा आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण है ।​

19. खाद्य प्रसंस्करण में, मक्के के पौधे से प्राप्त किस विविध घटक को पानी या रस के साथ मिलाया जाता है और उबालकर फिल्लिंग (fillings) बनाया जाता है और उत्पादों को एक चमकदार अर्ध-स्पष्ट फिनिश दिया जाता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) कॉर्नस्टार्च
Solution:
  • कॉर्नस्टार्च (मक्के का स्टार्च) एक सामान्य गाढ़ा करने वाला एजेंट है जिसका उपयोग खाद्य प्रसंस्करण में किया जाता है।
  • जब इसे पानी या रस के साथ मिलाकर उबाला जाता है, तो यह जेली जैसी फिल्लिंग बनाता है
  • उत्पादों को एक चमकदार, अर्ध-स्पष्ट उपस्थिति देता है।
  • घटक की पहचान
    • मकई के पौधे से प्राप्त स्टार्च मुख्य रूप से मकई के दानों (कर्नेल) से निकाला जाता है
    • जो पौधे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह स्टार्च पानी में घुलकर जेली जैसी संरचना बनाता है
    • जब इसे गर्म किया जाता है। खाद्य उद्योग में इसे फिलिंग्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है
    • जैसे पाई, टॉर्ट या बेकरी उत्पादों में। उबालने पर यह गाढ़ा होकर चमकदार परत देता है।
  • प्रसंस्करण प्रक्रिया
    • स्टार्च को पानी या फलों के रस के साथ मिलाया जाता है।
    • मिश्रण को धीरे-धीरे उबाला जाता है ताकि यह गाढ़ा हो जाए (gelatinization प्रक्रिया)।
    • इसमें चीनी या अन्य स्वाद मिलाए जाते हैं, फिर ठंडा होने पर यह अर्ध-स्पष्ट और चमकदार हो जाता है।
    • यह प्रक्रिया पेक्टिन या जिलेटिन से अलग है क्योंकि मकई स्टार्च सस्ता और वनस्पति आधारित होता है।
  • उपयोग के उत्पाद
    • फिलिंग्स का उपयोग निम्नलिखित में होता है:
    • बेकरी फिलिंग्स जैसे सेब पाई या चेरी टार्ट में।
    • कन्फेक्शनरी में चमकदार कोटिंग के लिए।
    • डोनट्स या कुकीज को ग्लॉसी फिनिश देने हेतु।
    • यह फिनिश खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाती है और नमी बनाए रखती है।
  • वैज्ञानिक आधार
    • स्टार्च के अमाइलोज़ और एमाइलोपेक्टिन घटक उबालने पर हाइड्रेट होकर नेटवर्क बनाते हैं
    • जो चमक और स्पष्टता प्रदान करते हैं। उच्च तापमान पर यह रिवर्सिबल जेल बनाता है।
    • खाद्य प्रसंस्करण में यह ग्लूटेन-फ्री विकल्प के रूप में लोकप्रिय है।