पादप जनन (पादप कार्यिकी)

Total Questions: 20

11. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: [I.A.S. (Pre) 2009]

1. मौसमी के पौधे का प्रवर्धन कलमबंध तकनीक द्वारा होता है।

2. चमेली के पौधे का प्रवर्धन दाब तकनीक द्वारा होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/है?

Correct Answer: (c) 1 और 2 दोनों
Solution:दाब तकनीक में पौधे की तना शाखा को दबाकर भूमि से संपर्क कराया जाता है, कुछ दिनों में तना शाखा में जड़ें उग आती हैं। इसे अलग कर नए पौधे के रूप में उगा लिया जाता है। चमेली के पौधे का प्रवर्धन इसी प्रकार किया जाता है, जबकि मौसमी के पौधे का प्रवर्धन कलम बंध तकनीक से किया जाता है। इस प्रकार प्रश्नगत दोनों कथन सही हैं।

12. जीवन-चक्र की दृष्टि से, पौधे का सबसे महत्वपूर्ण अंग है- [47th B.P.S.C. (Pre) 2003]

Correct Answer: (a) पुष्प
Solution:जीवन-चक्र की दृष्टि से पौधे का सबसे महत्वपूर्ण अंग पुष्प है। यह पौधे के प्रजनन में सहायक होता है। एक पुष्प में मुख्यतः पुंकेसर और स्त्रीकेसर मिलकर प्रजनन भागों का निर्माण करते हैं।

13. एक बीज के अंकुरण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी तीन परिस्थितियां सर्वाधिक महत्वपूर्ण है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2003]

Correct Answer: (b) पानी, उचित तापमान, ऑक्सीजन
Solution:बीजांकुरण (Germination of Seed) के लिए उचित आद्रता या पानी, उचित तापमान तथा ऑक्सीजन (O) सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं, जबकि सूर्य का प्रकाश (Sunlight) आवश्यक नहीं है। पौधों में बीजांकुरण दो प्रकार का-भूम्यूपरिक (Epigeal) तथा अधोभूमिक (Hypogeal) होता है।

14. बीज के अंकुरण के लिए निम्न में क्या आवश्यक नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (a) प्रकाश
Solution:बीजांकुरण (Germination of Seed) के लिए उचित आद्रता या पानी, उचित तापमान तथा ऑक्सीजन (O) सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं, जबकि सूर्य का प्रकाश (Sunlight) आवश्यक नहीं है। पौधों में बीजांकुरण दो प्रकार का-भूम्यूपरिक (Epigeal) तथा अधोभूमिक (Hypogeal) होता है।

15. बीजों के प्रकीर्णन की सेंसर विधि पाई जाती है: [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (b) पोस्ते में
Solution:संपुटीय फल परिपक्व होने पर प्रस्फुटित हो जाते हैं, लेकिन अपने मूल पौधे से जुड़े रहते हैं। ऐसे फलों का प्रस्फुटन इतना सौम्य होता है कि बीजों का प्रकीर्णन नहीं हो पाता। अतः इनके बीजों के प्रकीर्णन हेतु सेंसर विधि का प्रयोग किया जाता है। पोस्ते के बीजों के प्रकीर्णन में इसी विधि का प्रयोग किया जाता है।

16. एक ही पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण का उसी पौधे के दूसरे पुष्प की वर्तिकाग्र में स्थानांतरण कहलाता है- [M.P.P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (b) सजातपुष्पी परागण
Solution:एक ही पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण का उसी पौधे के दूसरे पुष्प की वर्तिकाग्र में स्थानांतरण स्व-परागण (Self-pollination) या सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy) कहलाता है।

17. जीवों के निम्नलिखित प्रकारों पर विचार कीजिए: [I.A.S. (Pre) 2012]

1. चमगादड़ 2. मधुमक्खी 3. पक्षी

उपर्युक्त में से कौन-सा/से परागणकारी है/हैं?

Correct Answer: (d) 1, 2 और 3
Solution:परागण (Pollination) वैज्ञानिक अर्थ में वर्तिकाग्र (Stigma), अंडाशय (Ovary) अथवा बीजांड (Ovule) पर परागकण के पहुंचने की वह क्रिया है. जिससे गर्भाधान के पश्चात फल और बीज बनते हैं। मधुमक्खियां सबसे महत्वपूर्ण परागणकारी कीट हैं। मधुमक्खियों और तितली द्वारा परागण प्रायः दिन में खिलने वाले फूलों में होता है। उष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में पक्षी भी सामान्य रूप से परागण करते हैं। गुंजन चिड़िया (humming bird) द्वारा परागित पुष्प प्रायः लाल होते हैं तथा अधिक मात्रा में मकरंद उत्पादित करते हैं। चमगादड़ भी कई पुष्पों के परागकारी कारक हैं। हालांकि जंतु परागित फूलों की संख्या अधिक नहीं है। कुछ ऐसे पौधे दक्षिणी गोलार्द्ध में मिलते हैं।

18. 'परागण' की सुपरिभाषा है- [67th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2022]

Correct Answer: (a) पराग कण का परागकोश से क्लोमछिद्र (वर्तिकाग्ग्र) तक स्थानांतरित होने की क्रिया
Solution:परागण (Pollination) वैज्ञानिक अर्थ में वर्तिकाग्र (Stigma), अंडाशय (Ovary) अथवा बीजांड (Ovule) पर परागकण के पहुंचने की वह क्रिया है. जिससे गर्भाधान के पश्चात फल और बीज बनते हैं। मधुमक्खियां सबसे महत्वपूर्ण परागणकारी कीट हैं। मधुमक्खियों और तितली द्वारा परागण प्रायः दिन में खिलने वाले फूलों में होता है। उष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में पक्षी भी सामान्य रूप से परागण करते हैं। गुंजन चिड़िया (humming bird) द्वारा परागित पुष्प प्रायः लाल होते हैं तथा अधिक मात्रा में मकरंद उत्पादित करते हैं। चमगादड़ भी कई पुष्पों के परागकारी कारक हैं। हालांकि जंतु परागित फूलों की संख्या अधिक नहीं है। कुछ ऐसे पौधे दक्षिणी गोलार्द्ध में मिलते हैं।

19. बीज जो प्रतिवर्ष बदला जाता है, कहलाता है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (d) संकर बीज
Solution:संकर बीज को प्रतिवर्ष बदला जाता है।

20. यदि किसी उभयलिंगी पुष्प में, पुमंग और जायांग अलग-अलग समय पर परिपक्व होते हैं, तो इस तथ्य को कहते हैं- [I.A.S. (Pre) 2002]

Correct Answer: (a) भिन्नकालपक्वता
Solution:उभयलिंगी पुष्प में, पुमंग (Androecium) तथा जायांग (Gynoecium) के अलग-अलग समय पर परिपक्व होने की घटना पृथकपक्वता या भिन्नकालपक्वता (Dichogamy) कहलाती है, जो कि दो प्रकार की (1) पूर्वपुंपक्वता (Protandry) तथा (2) पूर्वस्त्रीपक्वता (Protogyny) होती है। पूर्वपुंपक्वता में परागकोश अंडाशय से पूर्व पकते हैं, जबकि पूर्वस्त्रीपक्वता में अंडाशय परागकोश से पहले पकता है अर्थात परिपक्व होता है।