पादप पोषण (पादप कार्यिकी)

Total Questions: 21

1. पौधे का तना पौधे के सभी हिस्सों में भोजन वितरित करने में तथा ____ में भी मदद करता है। [67th B.P.S.C. (Pre) 2022]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:पौधे का तना पौधे के सभी हिस्सों में भोजन (पोषक तत्वों) को जल के साथ वितरित करने तथा भोजन (पोषक तत्वों) के भंडारण में मदद करता है। यह पौधे की पत्तियों, फूलों एवं फलों को सहारा देने के साथ पौधे को आकार देने में भी मुख्य भूमिका निभाता है।

2. जल की अधिकतम मात्रा जिसकी पौधों को आवश्यकता होती है, वह उसे अवशोषण निम्न के माध्यम से करते हैं : [U.P.P.C.S. (Mains) 2007]

Correct Answer: (d) जड़ों के बालों से
Solution:पौधे अपनी जड़ों के बालों द्वारा भूमि से जल का अवशोषण करते हैं। 'जड़ों के बाल' (Root hairs) एक प्रकार की पतली भित्ति वाली एककोशिकीय संरचनाएं हैं, जो जड़ों के बाहरी भाग एपीडर्मिस से निकली होती हैं।

3. जब किसी वृक्ष की छाल, वृक्ष के आधार के पास से गोलाकार चारों तरफ से हटा दी जाती है, तो यह वृक्ष धीरे-धीरे सूख कर मर जाता है, क्योंकि- [I.A.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (b) जड़ें ऊर्जा से वंचित रह जाती है।
Solution:संवहनी पादपों में दो प्रकार के परिवहन ऊतक पाए जाते हैं- (1) फ्लोएम (ii) जाइलम। किसी वृक्ष की छाल की सबसे आतरिक पर्त ही फ्लोएम है। इसका मुख्य कार्य प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में निर्मित घुलनशील कार्बनिक पदार्थ का परिवहन करना है। वृक्ष के आधार के पास से उसकी छाल निकाल देने पर फ्लोएम भी क्षतिग्रस्त हो जाएगा जिसके फलस्वरूप प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में पत्तियों द्वारा निर्मित पोषक तत्व जड़ों तक नहीं पहुंच सकेंगे तथा जड़ें ऊर्जा से वंचित रह जाएंगी।

4. संवहनी (वैस्कुलर) पौधों में पानी ऊपर किससे जाता है? [53 to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) जाइलम टिशू
Solution:जड़ों द्वारा अवशोषित किया गया जल और खनिज पोषक तत्व पूरे पौधे में जाइलम नामक संवहन ऊतक द्वारा ले जाया जाता है।

5. पेड़-पौधों में 'जाइलम' मुख्यतः जिम्मेदार है- [U.P.P.C.S. (Pre) (Re. Exam) 2015]

Correct Answer: (c) जल-वहन के लिए
Solution:संवहनी पादपों में दो परिवहन ऊतक पाए जाते हैं-

(1) फ्लोएम (ii) जाइलम

जाइलम जल के संवहन में प्रमुख भूमिका अदा करता है।

6. पौधों में पानी पहुंचाया जाता है- [66th B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2020]

Correct Answer: (a) जाइलम द्वारा
Solution:फ्लोएम का प्रमुख कार्य पौधे के हरे भागों में निर्मित भोज्य पदार्थों को दूसरे भागों में स्थानांतरित करना है। इस ऊतक को बास्ट (Bast) भी कहते हैं। यह चार प्रकार की कोशाओं यथा-चालनी अवयव, सखि कोशाए, फ्लोएम मृदूतक एवं फ्लोएम तंतु से निर्मित होता है। ध्यातव्य है कि जाइलम पौधों में जल संवहन के लिए उत्तरदायी है।

7. पौधों में 'फ्लोएम' मुख्यतः उत्तरदायी है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (a) आहार वहन के लिए
Solution:फ्लोएम का प्रमुख कार्य पौधे के हरे भागों में निर्मित भोज्य पदार्थों को दूसरे भागों में स्थानांतरित करना है। इस ऊतक को बास्ट (Bast) भी कहते हैं। यह चार प्रकार की कोशाओं यथा-चालनी अवयव, सखि कोशाए, फ्लोएम मृदूतक एवं फ्लोएम तंतु से निर्मित होता है। ध्यातव्य है कि जाइलम पौधों में जल संवहन के लिए उत्तरदायी है।

8. कौन-सा जीवित ऊतक, उच्चवर्गीय पौधों में, जैव पोषक वाहक का कार्य करता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2012]

Correct Answer: (b) फ्लोएम
Solution:जाइलम मुख्यतः मृत कोशिकाओं से बना होता है, जबकि फ्लोएम जीवित कोशिकाओं से बना होता है। फ्लोयम, पत्तियों से भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है।

9. पौधे अपना पोषक तत्व मुख्यतया किससे प्राप्त करते हैं? [67th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2022]

Correct Answer: (d) मृदा
Solution:हरे पौधे स्वपोषी (Autotrophic) होते हैं, अर्थात ये कार्बनिक पदार्थों (भोजन) का निर्माण स्वयं करते हैं। पौधों द्वारा जल व अकार्बनिक तत्व भूमि से प्राप्त किया जाता है तथा अकार्बनिक तत्व भूमि में खनिजों के रूप में उपस्थित होते हैं। ये खनिज तत्व या पोषक तत्व (Nutrient Elements) कहलाते है तथा इनका पोषण खनिज पोषण (Mineral Nutrition) कहलाता है।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व पौधों के विकास के लिए आवश्यक नहीं है? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (a) सोडियम
Solution:पौधों के विकास के लिए सत्रह अनिवार्य तत्वों को चिह्नांकित किया गया है, जिनमें से नौ की आवश्यकता बृहद मात्रा (Macro quantities) में तथा आठ की आवश्यकता सूक्ष्म मात्रा (Micro quantities) में होती है। बृहद मात्रा को पुनः दो भागों में बांटा गया है- प्राथमिक और द्वितीयका प्राथमिक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन) और द्वितीयक (कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर) पोषको की आवश्यकता अधिक मात्रा में होती है। जबकि सूक्ष्म पोषकों की आवश्यकता पौधों को कम मात्रा में होती है, जिनमें लौह, जिंक, मैंगनीज, बोरॉन, तांबा, मोलीब्डेनम, निकेल और क्लोरीन है।