पुरस्कार (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

Total Questions: 30

11. निम्नलिखित में से किसे कथकली शास्त्रीय नृत्य श्रेणी में 2019 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर
Solution:
  • प्रसिद्ध कथकली नर्तक कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर को 2019 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वे केरल से हैं और कथकली की पारंपरिक एवं अभिनव दोनों शैलियों में पारंगत हैं।
  • पुरस्कार का विवरण
    • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत की सर्वोच्च प्रदर्शन कला संस्था द्वारा दिया जाता है
    • जो संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है।
    • जिसमें ताम्रपत्र, अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और 1 लाख रुपये शामिल थे।
    • पुरस्कार की घोषणा 2022 में 2019-2021 के संयुक्त रूप से हुई
    • जिसमें कथकली सहित विभिन्न शास्त्रीय नृत्यों को शामिल किया गया।
  • कलाकार का परिचय
    • कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर केरल कला में गहराई से निपुण हैं और कथकली के पारंपरिक रूप को जीवंत रखने के लिए जाने जाते हैं।
    • उन्होंने पद्म श्री सहित अन्य सम्मान प्राप्त किए हैं, जो उनकी कला के प्रति समर्पण दर्शाते हैं।
    • कथकली, केरल की शास्त्रीय नृत्य शैली, मुखौटों, जटिल मुद्राओं और भाव-भंगिमाओं पर आधारित है, जिसे नायर ने वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया।
  • अन्य संबंधित पुरस्कार विजेता
    • कुचिपुड़ी: मंजू बरगावी को 2019 में सम्मानित किया गया।​
    • सत्त्रिया: सरोदी सैकिया को मान्यता मिली।​
    • यह पुरस्कार विभिन्न शैलियों जैसे भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी आदि में भी दिए गए।​

12. वर्ष 2022 के लिए निम्नलिखित में से किसने भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) द्वारा प्रदान किया जाने वाला भारतीय फिल्म पर्सनैलिटी पुरस्कार जीता है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) चिरंजीवी
Solution:
  • तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता चिरंजीवी को भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) 2022 में भारतीय फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
  • यह पुरस्कार गोवा में आयोजित 53वें IFFI में प्रदान किया गया था।
  • पुरस्कार का विवरण
    • 53वें IFFI का आयोजन गोवा में नवंबर 2022 में हुआ, जहां समापन समारोह के दौरान चिरंजीवी को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।
    • पद्म भूषण से सम्मानित तेलुगु सिनेमा के मेगा स्टार चिरंजीवी, जिनका पूरा नाम कोनिडेला शिव शंकर वर प्रसाद है
    • उनके चार दशकों के शानदार करियर, 150 से अधिक फिल्मों और अभिनय, नृत्य व निर्माण में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
    • पुरस्कार प्राप्त करने पर उन्होंने अपने माता-पिता, तेलुगु फिल्म उद्योग और भारत सरकार का आभार जताया
    • सिनेमा को निष्क्रियता-रहित पेशा बताते हुए नए प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया।
  • समारोह के अन्य सम्मान
    • उद्घाटन समारोह में चिरंजीवी के अलावा अजय देवगन, सुनील शेट्टी, मनोज बाजपेयी, परेश रावल और के. विजयेंद्र प्रसाद जैसे कलाकारों को भी विशेष सम्मान मिले।
    • सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उद्घाटन के दौरान चिरंजीवी को यह पुरस्कार घोषित किया, हालांकि वे स्वयं उपस्थित नहीं थे।
    • समारोह की मेजबानी अपरशक्ति खुराना ने की
    • जिसमें अन्य विजेताओं में स्पेनिश फिल्म 'आई हैव इलेक्ट्रिक ड्रीम्स' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का गोल्डन पीकॉक मिला।
  • चिरंजीवी का करियर संक्षेप
    • चिरंजीवी तेलुगु सिनेमा के प्रमुख अभिनेता हैं, जिन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
    • उनके योगदान को मान्यता देते हुए यह पुरस्कार IFFI ने दिया
    • जो भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ व्यक्तित्व को ежегодно प्रदान किया जाता है।

13. तेलुगू फिल्म आरआरआर (RRR) ने निम्नलिखित में से किसके द्वारा रचित नाटू नाटू गीत के लिए गोल्डन ग्लोब जीतकर इतिहास रच दिया ? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) एम. एम. कीरावनी
Solution:
  • तेलुगू फिल्म RRR के गीत “Naatu Naatu” की रचना एम. एम. कीरावनी (M. M. Keeravani) ने की थी।
  • इस गीत को 2023 में Golden Globe Award (Best Original Song) मिला
  • जिससे यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।
  • किसने रचित किया “नाटू नाटू” गीत?
  • संगीत निर्देशक / कम्पोज़र:
    • गाने का म्यूज़िक, इंस्ट्रूमेंटेशन और कॉम्पोज़िशन प्रसिद्ध तेलुगु संगीतकार एम एम कीरावानी (M. M. Keeravani) ने तैयार किया।
    • वे एस एस राजामौली के चचेरे भाई भी हैं और कई बड़ी दक्षिण भारतीय फिल्मों (जैसे बाहुबली 2) के म्यूज़िक के लिए जाने जाते हैं।
  • गीतकार (लिरिक्स लेखक):
    • गीत के बोल तेलुगु में चंद्रबोस (Chandrabose) ने लिखे हैं, जो तेलुगु इंडस्ट्री के मशहूर गीतकार हैं।
    • इन्हीं बोलों का हिन्दी में अनुवाद “नाचो नाचो” के नाम से भी रिलीज़ किया गया था।​
  • गायक:
    • गाने को राहुल नम्बि (Rahul Nambiar) और कालभागन (Kaala Bhairava) ने गाया
    • जिसकी ऊर्जा और लय “नाटू नाटू” को वैश्विक पॉपुलैरिटी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।​
  • गोल्डन ग्लोब जीत का ऐतिहासिक महत्व
    • आरआरआर के गाने नाटू नाटू” को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग की श्रेणी में गोल्डन ग्लोब पुरस्कार मिला, जिससे यह
    • पहला भारतीय फिल्म गीत बन गया जिसने गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीता,
    • और आरआरआर पहली भारतीय फिल्म बन गई जिसके ट्रैक को इस कैटेगरी में सम्मान मिला।
    • इस श्रेणी में इससे पहले हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े नामों (जैसे टेलर स्विफ्ट, लेडी गागा, आदि) के गाने आम रहे थे
    • इसलिए भारतीय सिनेमा के लिए यह जीत विशेष रूप से गौरवपूर्ण मानी गई।​
  • अवॉर्ड समारोह और भावनात्मक पल
    • 80वां गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स अमेरिका के कैलिफोर्निया में बेवर्ली हिल्टन, बेवर्ली हिल्स में आयोजित हुआ
    • जहाँ एम एम कीरावानी ने स्टेज पर जाकर अपनी जीत का स्वीकार किया और दोनों देशों, भारत और अमेरिका के बीच संगीत और कला के बंधन की भावना व्यक्त की।
    • इवेंट के बाद भारत में “नाटू नाटू” गाने पर जमकर नृत्य–जश्न हुए
    • यह जीत भारतीय सिनेमा की वैश्विक कदमताल बढ़ाने का प्रतीक बन गई।
    • इससे पहले इसी गाने ने कई अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिटिक्स च्वाइस जैसे अवॉर्ड्स भी जीते थे।​​
  • संक्षेप में उत्तर
    • तो आपके प्रश्न का सीधा और पूर्ण उत्तर है:
    • तेलुगू फिल्म RRR ने एम एम कीरावानी द्वारा रचित गीत “नाटू नाटू” के लिए गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड (बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग – मोशन पिक्चर) जीतकर इतिहास रच दिया
    • गीत के बोल चंद्रबोस ने लिखे और इसे राहुल नम्बियर व कालभागन ने गाया।

14. सामाजिक न्याय 2021 के लिए मदर टेरेसा मेमोरियल अवॉर्ड से किसे सम्मानित किया गया ? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) अनिल प्रकाश जोशी
Solution:
  • विजेता: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी (Anil Prakash Joshi)
  • पुरस्कार: सामाजिक न्याय 2021 के लिए मदर टेरेसा मेमोरियल अवॉर्ड (Mother Teresa Memorial Award for Social Justice 2021)
  • थीम (विषय): पर्यावरणीय स्थिरता (Environmental Sustainability)
  • अन्य प्राप्तकर्ता: अर्थ-शॉट पुरस्कार (Earth-Shot Prize) के विजेता विद्युत मोहन और युवा पर्यावरण कार्यकर्ता रिधिमा पांडे भी इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ता थे।
  • कारण: पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को उनके संगठन 'हिमालय पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन के माध्यम से हिमालय क्षेत्र में 10,000 से अधिक गांवों को प्रभावित करने वाले काम और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
  • पुरस्कार का पृष्ठभूमि
    • यह पुरस्कार हारमोनी फाउंडेशन द्वारा 2005 में स्थापित एक वार्षिक सम्मान है
    • जो सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है।
    • पुरस्कार मदर टेरेसा की स्मृति में स्थापित है
    • मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा समर्थित है। 2021 संस्करण दिसंबर 2021 में मुंबई में आयोजित हुआ।
  • विजेता डॉ. अनिल प्रकाश जोशी
    • डॉ. अनिल प्रकाश जोशी को हिमालय क्षेत्र के 10,000 से अधिक गांवों में पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
    • वे 2021 में पद्म भूषण से भी नवाजे गए।
    • उनका संगठन HESCO जल संरक्षण, वनरोपण और सतत विकास पर केंद्रित है।
  • अन्य 2021 विजेता
    • उसी वर्ष अन्य प्रमुख प्राप्तकर्ताओं में शामिल थे:
    • डेनमार्क: पर्यावरणीय स्थिरता के लिए।
    • विद्युत मोहन: अर्थशॉट पुरस्कार विजेता, ताकाचर के माध्यम से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए।​
    • रिधिमा पांडे: उत्तराखंड की युवा पर्यावरण कार्यकर्ता, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ साहसिक प्रयासों के लिए।​
  • पुरस्कार का महत्व
    • यह अवॉर्ड सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण और कमजोर वर्गों की मदद जैसे क्षेत्रों में योगदान को मान्यता देता है।
    • हारमोनी फाउंडेशन एक अंतरराष्ट्रीय NGO है जो इन मुद्दों पर काम करता है।
    • भविष्य के वर्षों में रतन टाटा (2024, मरणोपरांत) जैसे अन्य नाम भी इसमें शामिल हुए।

15. भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 7 जनवरी, 2023 को नई दिल्ली में डिजिटल इंडिया पुरस्कार के ....... के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) सातवें संस्करण
Solution:
  • भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 7 जनवरी 2023 को नई दिल्ली में डिजिटल इंडिया अवॉर्ड्स के सातवें संस्करण के विजेताओं को सम्मानित किया।
  • यह पुरस्कार सरकार की डिजिटल पहल और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है।
  • विस्तार से जानकारी
    • डिजिटल इंडिया अवार्ड्स 2022, डिजिटल इंडिया पुरस्कारों का सातवां संस्करण था
    • जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित किया गया।
    • यह समारोह 7 जनवरी 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ
    • जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया।
    • इन पुरस्कारों का उद्देश्य देश के केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अन्य सरकारी इकाइयों तथा कुछ मामलों में नवाचार करने वाले स्टार्टअप्स द्वारा किए गए
    • उत्कृष्ट डिजिटल पहल (innovative digital initiatives) को पहचान देना और प्रोत्साहित करना है।
    • डिजिटल इंडिया अवार्ड्स को पहले “वेब रत्न अवार्ड्स” के नाम से जाना जाता था
    • बाद में इसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप नया रूप और नाम दिया गया।
  • परीक्षा की दृष्टि से याद रखने योग्य बिंदु
    • प्रश्न: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 7 जनवरी, 2023 को नई दिल्ली में डिजिटल इंडिया पुरस्कार के _______ के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
    • सही उत्तर: सातवें संस्करण (7वां संस्करण)
    • वर्ष: 2022 के लिए दिए गए अवार्ड (Digital India Awards 2022)।
    • स्थान: विज्ञान भवन, नई दिल्ली।
    • आयोजक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार।

16. निम्नलिखित में से किसने नागा लोक संगीत बनाने के S और T आधारित अभिनव तरीकों पर अपने प्रयासों के लिए वर्ष 2023 के लिए पद्मश्री पुरस्कार जीता? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) मोआ सुबोंग
Solution:
  • नागालैंड के मोआ सुबोंग को 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  • उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक आधारित नवाचारों से पारंपरिक नागा लोक संगीत को आधुनिक स्वरूप दिया।
  • वे “Abiogenesis” नामक प्रसिद्ध संगीत बैंड के सदस्य हैं।
  • पुरस्कार का विवरण
    • मोआ सुबोंग नागालैंड के 57 वर्षीय संगीतकार हैं, जिन्होंने "बम्हुम" नामक एक सरल संगीत वाद्ययंत्र का आविष्कार किया।
    • यह वाद्ययंत्र "दुनिया का सबसे आसान संगीत वाद्ययंत्र" माना जाता है
    • जो नागा लोक संगीत को आधुनिक तकनीक से जोड़ता है।
    • मार्च 2017 में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से ग्रासरूट इनोवेशन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता।​
  • नागा लोक संगीत में योगदान
    • उन्होंने पारंपरिक नागा लोक धुनों को S और T आधारित नवीन विधियों से संरक्षित किया, जैसे सरल यंत्रों और तकनीकी संयोजन से।
    • यह प्रयास नागा संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण हैं
    • जहां संगीत जनजातीय परंपराओं, पूर्वजों और सामुदायिक उत्सवों का अभिन्न अंग है।
    • पद्मश्री 2023 के तहत 106 विजेताओं में वे जमीनी नवप्रवर्तकों में शामिल थे।
  • अन्य संदर्भ
    • पद्म पुरस्कारों में आंध्र प्रदेश के सी.वी. राजू को भी पर्यावरण-अनुकूल खिलौना कला के लिए सम्मानित किया गया
    • लेकिन प्रश्न विशेष रूप से नागा संगीत से संबंधित है।
    • मोआ का कार्य नागालैंड की 16 जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करता है।​

17. श्रीलंका की वजीरा चित्रसेना को निम्नलिखित में से किसके लिए पद्मश्री पुरस्कार, 2020 से सम्मानित किया गया था? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) भारतीय शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से भारत-श्रीलंका संबंधों को बेहतर बनाने के लिए
Solution:
  • भारतीय शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से भारत-श्रीलंका संबंधों को बेहतर बनाने के लिए
  • श्रीलंका की प्रसिद्ध नृत्यांगना वजीरा चित्रसेना को 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  • उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों, विशेषकर भरतनाट्यम और कंदियन नृत्य के माध्यम से दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया।
  • उनका योगदान
    • वजीरा चित्रसेना श्रीलंका की एक प्रमुख कलाकार हैं, जिनका मुख्य क्षेत्र नृत्य रहा है।
    • उन्होंने कandyन (श्रीलंकाई पारंपरिक नृत्य) और ओडिसी (भारतीय शास्त्रीय नृत्य) जैसे रूपों को मिलाकर दोनों देशों के सांस्कृतिक वातावरण को समृद्ध किया।
    • उनके कार्य ने भारत और श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक पुल का काम किया
    • जिसकी मान्यता में भारत सरकार ने उन्हें यह सम्मान दिया।
  • पुरस्कार की घोषणा और प्रदान
    • यह पुरस्कार 25 जनवरी 2020 को भारत के 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित हुआ था।
    • चूंकि वे भारत नहीं आ सकीं, इसलिए नवंबर 2021 में कोलंबो में भारत के उच्चायोग ने औपचारिक रूप से पुरस्कार प्रदान किया
    • जिसमें श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राज्यपक्ष भी मौजूद थे।
    • 89 वर्ष की आयु में प्राप्त यह सम्मान उनके लंबे करियर का प्रमाण है
    • जिसमें उन्होंने श्रीलंकाई नृत्य कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।​
  • पद्मश्री पुरस्कार के बारे में
    • पद्मश्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसकी शुरुआत 1954 में हुई।
    • यह कला, शिक्षा, साहित्य, विज्ञान आदि क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है
    • विदेशी नागरिकों को भी प्रदान किया जा सकता है यदि उन्होंने भारत के हित में कार्य किया हो।
    • 2020 में वजीरा के अलावा एक अन्य श्रीलंकाई, दिवंगत प्रो. इंद्रा दसनायके को भी साहित्य व शिक्षा के लिए यही पुरस्कार मिला
    • जो भारत-श्रीलंका सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है।

18. 1956 में, निम्नलिखित में से किस खोज के लिए विलियम ब्रैडफोर्ड शॉकले, जॉन बारडीन और वाल्टर हाउसर ब्रेटन को संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज
Solution:
  • विलियम ब्रैडफोर्ड शॉकले, जॉन बारडीन और वाल्टर हाउजर ब्रेटन को 1956 में ट्रांजिस्टर प्रभाव (Transistor Effect) की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
  • यह खोज आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर तकनीक की नींव बनी।
  • 1956 भौतिकी नोबेल पुरस्कार
    • 1956 में विलियम ब्रैडफोर्ड शॉकले, जॉन बार्डीन और वाल्टर हाउसर ब्रेटन को संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज और अर्धचालकों पर उनके शोध के लिए दिया गया था।
  • विजेताओं का परिचय
    • ये तीनों अमेरिकी वैज्ञानिक बेल लेबोरेटरीज (Bell Laboratories) से जुड़े थे।
    • जॉन बार्डीन और वाल्टर ब्रेटन ने 1947 में पहला पॉइंट-कॉन्टैक्ट ट्रांजिस्टर विकसित किया
    • जबकि शॉकले ने बाद में जंक्शन ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया जो अधिक व्यावहारिक था।
    • उनका यह योगदान वैक्यूम ट्यूब्स को बदलने वाला साबित हुआ, जिसने इलेक्ट्रॉनिक्स में क्रांति ला दी।
  • ट्रांजिस्टर प्रभाव क्या है?
    • ट्रांजिस्टर प्रभाव एक मौलिक सिद्धांत है जिसमें अर्धचालक सामग्री (जैसे जर्मेनियम) में एक पतली मध्य परत के माध्यम से विद्युत संकेतों को नियंत्रित और बढ़ाया जाता है।
    • यह प्रभाव ट्रांजिस्टर के मूल कार्य सिद्धांत पर आधारित है, जो धारा को स्विच करने या एम्पलीफाई करने की अनुमति देता है।
    • बेल लेबोरेटरीज में किए गए प्रयोगों ने साबित किया कि अर्धचालक इलेक्ट्रॉन और छिद्र (holes) के प्रवाह से सिग्नल को बिना ऊर्जा हानि के प्रबंधित कर सकते हैं।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रडार और संचार तकनीक की जरूरतों ने अर्धचालकों पर शोध को प्रेरित किया।
    • 1947 के एक ऐतिहासिक प्रयोग में बार्डीन और ब्रेटन ने सोने की इलेक्ट्रोड्स लगाकर जर्मेनियम पर सिग्नल एम्पलीफिकेशन हासिल किया
    • जिसे "ट्रांजिस्टर" नाम दिया गया (ट्रांसफर रेसिस्टर से संक्षिप्त)।
    • शॉकले, जो प्रोजेक्ट के प्रमुख थे, ने सैद्धांतिक आधार प्रदान किया और 1948 में जंक्शन ट्रांजिस्टर का पेटेंट कराया।
    • नोबेल पुरस्कार की घोषणा 1956 में हुई, और समारोह स्टॉकहोम में आयोजित हुआ
    • जहां प्रत्येक को स्वर्ण पदक, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि का एक-तिहाई हिस्सा मिला।
  • ट्रांजिस्टर का प्रभाव
    • ट्रांजिस्टर ने वैक्यूम ट्यूब्स की जगह ली, जो बड़े, गर्म और अस्थिर थे। इससे छोटे रेडियो, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संभव हुए
    • जैसे 1954 का पहला ट्रांजिस्टर रेडियो और 1960 के दशक के माइक्रोप्रोसेसर।
    • आज स्मार्टफोन, कंप्यूटर, मेडिकल डिवाइस और संचार प्रणालियों में अरबों ट्रांजिस्टर होते हैं
    • जो डिजिटल क्रांति का आधार बने। जॉन बार्डीन को यह पुरस्कार दोबारा 1972 में सुपरकंडक्टिविटी के लिए भी मिला
    • उन्हें भौतिकी में दो नोबेल प्राप्त करने वाले इकलौते व्यक्ति बनाया।​
  • विवाद और विरासत
    • शॉकले के नेतृत्व में कुछ आंतरिक विवाद थे, क्योंकि बार्डीन-ब्रेटन की खोज पहले हुई थी, लेकिन शॉकले के सिद्धांत ने इसे मजबूत आधार दिया।
    • फिर भी, उनका संयुक्त कार्य आधुनिक प्रौद्योगिकी का कोर है। नोबेल समिति ने इसे
    • मानवता के लिए सबसे बड़ा लाभ" बताया। सिलिकॉन वैली के उदय में भी शॉकले की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

19. भौतिकी 2022 का नोबेल पुरस्कार ....... के क्षेत्र में दिया गया है। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) क्वांटम यांत्रिकी
Solution:
  • 2022 का नोबेल पुरस्कार (भौतिकी) “क्वांटम यांत्रिकी के उलझाव (Quantum Entanglement)” पर कार्य के लिए दिया गया।
  • पुरस्कार विजेता थे — एलेन एस्पे (Alain Aspect), जॉन एफ. क्लॉजर (John F. Clauser) और एंटोन ज़ीलिंगर (Anton Zeilinger)।
  • उनके प्रयोगों ने क्वांटम संचार और कंप्यूटिंग की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया।
  • विजेताओं के नाम
    • इस पुरस्कार को संयुक्त रूप से तीन वैज्ञानिकों—एलेन एस्पेक्ट फ्रांस), जॉन एफ. क्लॉसर अमेरिका) और एंटोन ज़िलिंगर ऑस्ट्रिया)—को प्रदान किया गया।
    • ये वैज्ञानिक उप-परमाणु कणों के व्यवहार को समझने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए चुने गए, विशेष रूप से उलझे हुए फोटॉनों के साथ प्रयोगों के माध्यम से।​
    • रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 4 अक्टूबर 2022 को इसकी घोषणा की।​
  • पुरस्कार का कारण
    • पुरस्कार का मुख्य आधार क्वांटम यांत्रिकी में "उलझे हुए फोटॉनों के साथ प्रयोग, बेल असमानताओं का उल्लंघन स्थापित करना और अग्रणी क्वांटम सूचना विज्ञान" था।
    • क्वांटम उलझाव एक ऐसी स्थिति है जहां दो या अधिक कण एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, भले ही वे बहुत दूर क्यों न हों—एक कण की स्थिति दूसरे को तुरंत प्रभावित करती है।
    • इन प्रयोगों ने साबित किया कि क्वांटम यांत्रिकी को स्थानीय यथार्थवादी सिद्धांतों (जैसे छिपे चरों) से नहीं समझाया जा सकता, जो आइंस्टीन के विचारों को चुनौती देता है।
  • प्रत्येक विजेता का योगदान
  • जॉन एफ. क्लॉसर
    • क्लॉसर ने जॉन बेल के सैद्धांतिक विचारों को व्यावहारिक प्रयोग में बदल दिया।​
    • उन्होंने बेल असमानता का उल्लंघन सिद्ध किया, जो क्वांटम यांत्रिकी के समर्थन में निर्णायक साक्ष्य था।
    • यह प्रयोग 1970 के दशक में शुरू हुआ, जिसने क्वांटम सिद्धांत को मजबूत आधार दिया।​
  • एलेन एस्पेक्ट
    • एस्पेक्ट ने क्लॉसर के प्रयोगों को और मजबूत किया, लोकल-रियलिज्म को पूरी तरह खारिज करते हुए।​
    • उन्होंने फोटॉनों के साथ ऐसे प्रयोग किए जहां मापन की सेटिंग्स यादृच्छिक रूप से बदलती रहीं, फिर भी उलझाव बरकरार रहा।​
    • यह 1980 के दशक का कार्य था, जो क्वांटम सिद्धांत की पुष्टि के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।​
  • एंटोन ज़िलिंगर
    • ज़िलिंगर ने उलझाव के व्यावहारिक अनुप्रयोग विकसित किए, जैसे क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और क्वांटम टेलीपोर्टेशन।​
    • उनके समूह ने पहली बार क्वांटम अवस्था को एक कण से दूसरे दूरस्थ कण पर स्थानांतरित करने का प्रदर्शन किया, बिना भौतिक माध्यम के।
    • यह कार्य क्वांटम सूचना विज्ञान की नींव रखता है, जो सुरक्षित संचार और कम्प्यूटिंग के लिए महत्वपूर्ण है।​
  • महत्व और प्रभाव
    • ये खोजें क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और सुरक्षित संचार प्रणालियों का आधार बनाती हैं।
    • उलझाव की पुष्टि से भविष्य की तकनीकें जैसे अल्ट्रा-फास्ट क्वांटम नेटवर्क संभव हो सकेंगी।​
    • नोबेल समिति ने कहा कि यह "कणों के बीच स्पूकी एक्शन एट ए डिस्टेंस" (आइंस्टीन का शब्द) को वास्तविक सिद्ध करता है।​
  • पुरस्कार राशि और समारोह
    • प्रत्येक विजेता को लगभग 1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 80 लाख रुपये) की राशि संयुक्त रूप से मिली।​
    • पुरस्कार समारोह दिसंबर 2022 में स्टॉकहोम में हुआ, जहां विजेताओं को मेडल और डिप्लोमा प्रदान किया गया।

20. लाइनस कार्ल पॉलिंग को रासायनिक आबंध की प्रकृति और जटिल पदार्थों की संरचना की व्याख्या के लिए इसके अनुप्रयोग के क्षेत्र में उनके शोथ के लिए रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार कब मिला था? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 1954
Solution:
  • लाइनस कार्ल पॉलिंग को 1954 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला।
  • उन्हें यह सम्मान रासायनिक आबंध की प्रकृति (Nature of the Chemical Bond) पर उनके शोध के लिए दिया गया
  • जिसने रासायनिक संरचना और आणविक जीवविज्ञान की समझ को गहरा किया।
  • वे बाद में शांति के लिए दूसरा नोबेल (1962) पाने वाले भी बने।
  • पॉलिंग का परिचय
    •  उन्होंने क्वांटम रसायन विज्ञान और आणविक जीव विज्ञान के क्षेत्र को स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
    • उनके जीवनकाल में 1200 से अधिक वैज्ञानिक पत्र और पुस्तकें प्रकाशित हुईं।
  • नोबेल पुरस्कार का विवरण
    • 1954 में पॉलिंग को नोबेल पुरस्कार "रासायनिक बंधन की प्रकृति और जटिल पदार्थों की संरचना को स्पष्ट करने के लिए इसके अनुप्रयोगों पर उनके शोध" के लिए मिला।
    • यह पुरस्कार स्टॉकहोम में 10 दिसंबर 1954 को प्रदान किया गया। नोबेल समिति ने उनकी पुस्तक (1939) को विशेष रूप से सराहा
    • जिसमें उन्होंने संकरण (hybridization) और वैद्युत ऋणात्मकता (electronegativity) की अवधारणाएं विकसित कीं।
  • उनके प्रमुख योगदान
    • पॉलिंग ने रासायनिक बंधनों को क्वांटम यांत्रिकी के आधार पर समझाया।
    • संकरण सिद्धांत: परमाणु कक्षाओं को मिलाकर हाइब्रिड ऑर्बिटल्स बनाना, जैसे sp3 कार्बन में।
    • वैद्युत ऋणात्मकता पैमाना: परमाणुओं की इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करने की क्षमता मापने का स्केल।
    • जटिल संरचनाओं का विश्लेषण: प्रोटीन, हीमोग्लोबिन जैसी जैविक संरचनाओं की व्याख्या।
    • ये कार्य रसायन शास्त्र को क्रांतिकारी रूप से बदला।
  • अन्य उपलब्धियां
    • पॉलिंग एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें दो अलग-अलग नोबेल पुरस्कार मिले।
    • 1962 में नोबेल शांति पुरस्कार: परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों के लिए।
    • उन्होंने सिकल सेल एनीमिया को आणविक रोग के रूप में पहचाना और विटामिन C पर शोध किया।
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • पॉलिंग का कार्य 1930 के दशक में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) में हुआ।
    • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उनके शांति प्रयासों से अमेरिकी सरकार ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिया
    • लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार ने उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाई। 1954 का रसायन पुरस्कार उनके वैज्ञानिक शिखर का प्रतीक था।