पुरस्कार (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

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21. 1901 में 'विलयनों में रासायनिक गतिकी और परासरणी दाब के नियमों की खोज द्वारा प्रदान की गई असाधारण सेवाओं की पहचान' के लिए नोबेल पुरस्कार किसे दिया गया था? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) जैकब्स हेनरिक्स वैन'टी हॉफ
Solution:
  • 1901 में रसायन विज्ञान का पहला नोबेल पुरस्कार वैन’टी हॉफ को दिया गया।
  • उन्होंने रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics) और विलयनों के परासरण दाब (Osmotic Pressure) पर महत्वपूर्ण नियम स्थापित किए।
  • उनके कार्यों ने आधुनिक भौतिक रसायन (Physical Chemistry) की नींव रखी।
  • विजेता का परिचय
    • जैकबस हेनरिकस वैन 'ट हॉफ एक डच रसायनज्ञ थे, जिन्हें भौतिक रसायन विज्ञान और त्रिविम रसायन विज्ञान (स्टीरियोकेमिस्ट्री) के संस्थापकों में गिना जाता है।
    • 1852 में नीदरलैंड के रॉटरडैम में जन्मे वैन 'ट हॉफ ने 1911 में जर्मनी के बर्लिन में अंतिम सांस ली। वे बर्लिन विश्वविद्यालय से जुड़े थे जब उन्हें पुरस्कार मिला।​​
  • पुरस्कार का कारण
    • नोबेल समिति ने वैन 'ट हॉफ को "विलयनों में रासायनिक गतिकी और परासरणी दाब के नियमों की खोज द्वारा प्रदान की गई असाधारण सेवाओं" के लिए सम्मानित किया।
    • रासायनिक गतिकी में उन्होंने रासायनिक अभिक्रियाओं की गति को तापमान के प्रभाव से जोड़ने वाले समीकरण विकसित किए
    • जो संतुलन और अभिक्रिया दरों को समझाने में मददगार साबित हुए। परासरणी दाब के लिए उन्होंने वैन 'ट हॉफ समीकरण प्रस्तुत किया
    • जहां  परासरणी दाब,  सांद्रता,  गैस स्थिरांक और  तापमान है
    • यह आदर्श गैस समीकरण के समान है और विलयनों के गतिक सिद्धांत की पुष्टि करता है।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह 1901 का पहला रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार था, जो अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के तहत शुरू हुए पुरस्कारों की शुरुआत दर्शाता है।
    • वैन 'ट हॉफ के कार्य ने भौतिक रसायन विज्ञान की नींव रखी, जिसमें रसायन और भौतिकी का संगम हुआ—मolecules की 3D संरचना से लेकर ऊष्मागतिकी तक।
    • उनके योगदान ने समाधानों के व्यवहार, जैसे अणु भार निर्धारण, को समझने का नया द्वार खोला।​
  • अन्य संदर्भ
    • उस समय के अन्य विजेताओं में हरमन एमिल फिशर (1902, कार्बनिक संश्लेषण), स्वांते ऑगस्ट अरहेनियस (1903, इलेक्ट्रोलाइटिक सिद्धांत) और हेनरी मोइसन (1906, फ्लोरीन पृथक्करण) शामिल थे
    • लेकिन 1901 का पुरस्कार स्पष्ट रूप से वैन 'ट हॉफ का था।​

22. पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित दर्शन झावेरी भारत की एक ....... नृत्यांगना हैं। [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) मणिपुरी
Solution:
  • दर्शन झावेरी प्रसिद्ध झावेरी बहनों में से एक हैं
  • जो भारत में मणिपुरी नृत्य के प्रदर्शन और प्रचार के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • प्रारंभिक जीवन
    • दर्शना झावेरी का जन्म एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
    • उन्होंने अपनी नृत्य शिक्षा गुरु बिपिन सिंह से प्राप्त की, जो मणिपुरी नृत्य के प्रमुख प्रचारक थे।
    • चारों बहनें मुंबई में रहते हुए मणिपुरी नृत्य की बारीकियां सीखने लगीं और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर ली।
  • नृत्य करियर
    • झावेरी बहनों ने 1960 के दशक से मणिपुरी नृत्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
    • दर्शना विशेष रूप से अपनी नाजुक फुटवर्क, भावपूर्ण अभिनय और पारंपरिक मणिपुरी शैली के संरक्षण के लिए जानी जाती हैं।
    • उन्होंने मुंबई, कोलकाता और मणिपुर में मणिपुरी नृत्यालय की स्थापना की, जहां नृत्य प्रशिक्षण, रचनात्मक प्रस्तुतियां और 17 पुस्तकों का प्रकाशन किया।
    • फोर्ड फाउंडेशन के तहत चार प्रमुख परियोजनाएं भी चलाईं।
  • प्रमुख पुरस्कार
    • पद्मश्री (2002): नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए।​
    • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1996)।
    • रत्न सांगीत नाटक अकादमी फेलो (2023): भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान।
    • अन्य: विश्व गुर्जरी अवॉर्ड, नृत्य विलास, ऑनरेरी डॉक्टरेट (लॉस एंजिल्स सिटी यूनिवर्सिटी), नाट्य प्रविना, नृत्य मल्लिका।
  • मणिपुरी नृत्य पर योगदान
    • मणिपुरी नृत्य मणिपुर राज्य की शास्त्रीय कला है, जो रासलीला, नृत्य संकीर्तन और जगोई पर आधारित है।
    • दर्शना ने इसकी मौलिकता को बनाए रखते हुए आधुनिक मंचों पर प्रस्तुत किया।
    • वे शोधकर्ता और शिक्षिका के रूप में भी सक्रिय रहीं
    • जिससे नई पीढ़ी को प्रशिक्षित किया। 75 वर्ष की आयु में भी (2016 तक) सक्रिय।
  • विरासत
    • झावेरी बहनें मणिपुरी नृत्य का पर्याय हैं। दर्शना का कार्य नृत्य को वैश्विक पटल पर ले गया
    • जिसमें सुंदर वेशभूषा, पखावज संगीत और कथावाचन प्रमुख हैं। उनकी कृतियां आज भी प्रेरणा स्रोत हैं।

23. 12 जनवरी, 2023 को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, जिसे विवेकानंद जयंती के रूप में भी जाना जाता है, भारत सरकार ने देश के 82 सर्वश्रेष्ठ ....... को पुरस्कार प्रदान किए। [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) कृषि उद्यमियों
Solution:
  • 12 जनवरी 2023 (स्वामी विवेकानंद जयंती) को आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस पर भारत सरकार ने 82 सर्वश्रेष्ठ कृषि उद्यमियों को सम्मानित किया।
  • इन पुरस्कारों का उद्देश्य युवाओं को कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है।
  • राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व
    • जिन्हें 1984 में भारत सरकार ने इस दिन को युवाओं के प्रेरणा स्रोत के रूप में घोषित किया।
    • 1985 में पहली बार यह दिवस मनाया गया, और 2023 स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती था।
    • इस दिन युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
  • पुरस्कार का विवरण
    • सरकार ने 82 युवा कृषि उद्यमियों को सम्मानित किया, जो कृषि क्षेत्र में असाधारण कार्यों के लिए चुने गए।
    • ये उद्यमी नवीन तकनीकों, सतत खेती और उद्यमिता के जरिए किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे थे।
    • पुरस्कार वितरण का उद्देश्य युवाओं को कृषि जैसे पारंपरिक क्षेत्र में आधुनिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना था।​
  • पृष्ठभूमि और संदर्भ
    • स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र की रीढ़ मानते थे, इसलिए उनकी जयंती पर ऐसे पुरस्कार युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बने।
    • राष्ट्रीय युवा नीति 2014 के अनुसार, 15-29 वर्ष आयु वर्ग के युवा भारत की जनसंख्या का लगभग 34-40% हैं
    • जिन्हें ऐसे सम्मानों से प्रोत्साहित किया जाता है।
    • यह कार्यक्रम केंद्रीय युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय युवा पुरस्कार योजना का हिस्सा था
    • जिसमें नकद राशि, पदक और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।
  • अन्य संबंधित पुरस्कार
    • हालांकि 2023 का फोकस कृषि उद्यमियों पर था
    • राष्ट्रीय युवा दिवस पर सामान्यतः व्यक्तिगत युवाओं को 1 लाख रुपये और संगठनों को 3 लाख रुपये तक के पुरस्कार मिलते हैं।
    • राज्य स्तर पर भी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड दिए जाते हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में 50,000 रुपये की पुरस्कार राशि।
    • ये पुरस्कार खेल, सामाजिक सेवा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए होते हैं।

24. 7 जनवरी, 2023 को राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का समापन हुआ। निम्नलिखित में से किसने डॉ. सी.वी. रमन बर्थ सेंटेनरी अवॉर्ड (Dr. C.V. Raman Brith Centenary Award) जीता? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) प्रोफेसर एस.आर. निरंजना
Solution:
  • 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (नागपुर विश्वविद्यालय, जनवरी 2023) में प्रोफेसर एस.आर. निरंजना को डॉ. सी.वी. रमन जन्मशती पुरस्कार मिला।
  • उन्होंने पौध रोगविज्ञान (Plant Pathology) और जैव-प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट शोध किया है।
  • विज्ञान कांग्रेस का संक्षिप्त विवरण
    • इसका मुख्य विषय "महिला सशक्तीकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" था।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया, और 7 जनवरी को इसका समापन समारोह हुआ।
  • पुरस्कार विजेता और कारण
    • डॉ. सी.वी. रमन बर्थ सेंटेनरी अवॉर्ड (Dr. C.V. Raman Birth Centenary Award) वनस्पति विज्ञान (Plant Sciences) क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
    • प्रोफेसर एस.आर. निरंजना, जो मैसूर विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रोफेसर और गुलबर्गा विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति हैं, ने इसे जीता।
    • वे एक प्रसिद्ध प्लांट पैथोलॉजिस्ट हैं, जिन्होंने जैविक नियंत्रण, बीज-जनित रोगजनकों के लिए आणविक डेटाबेस और माइकोटॉक्सिन्स जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किया।
  • पुरस्कार वितरण समारोह
    • पुरस्कार समापन समारोह में इज़राइल की नोबेल विजेता डॉ. अदा यूनाथ और भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (ISCA) की अध्यक्ष प्रो. विजयालक्ष्मी सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया।
    • यह पुरस्कार 2020-2023 सत्र के लिए था, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में उनके आजीवन योगदान को मान्यता देता है।
    • अन्य पुरस्कारों में एस.एन. बोस बर्थ सेंटेनरी अवॉर्ड प्रो. सुभाष चंद्र पारीजा को और एस.के. मित्रा अवॉर्ड डॉ. रंजन कुमार नंदी को मिले।
  • डॉ. सी.वी. रमन का संक्षिप्त परिचय
    • यह पुरस्कार भारत रत्न डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन की स्मृति में है
    • जो 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में जन्मे थे।
    • 1930 में रमन प्रभाव की खोज के लिए उन्हें भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला
    • जो प्रकाश के प्रकीर्णन पर आधारित था। वे भारत रत्न पाने वाले पहले वैज्ञानिक थे (1954)।​​

25. हिंदुस्तानी गायक पंडित एम. वेंकटेश कुमार को 2022 में निम्नलिखित में से किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया ? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) कालिदास सम्मान
Solution:
  • प्रसिद्ध हिंदुस्तानी गायक पंडित एम. वेंकटेश कुमार को मध्य प्रदेश सरकार का कालिदास सम्मान (2022) प्रदान किया गया।
  • वे किराना और ग्वालियर घराने की गायकी में पारंगत हैं और अपनी भावपूर्ण बंदिशों के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • पुरस्कार का नाम और वर्ष
    • यह पुरस्कार मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है
    • 2022 में पंडित एम. वेंकटेश कुमार को हिंदुस्तानी संगीत में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कालिदास सम्मान मिला।
    • यह सम्मान प्राचीन संस्कृत कवि कालिदास के नाम पर रखा गया है
    • जो क्लासिकल म्यूजिक, डांस, थिएटर और प्लास्टिक आर्ट्स जैसे चार क्षेत्रों में दिए जाते हैं।
  • पुरस्कार की पृष्ठभूमि
    • कालिदास सम्मान की शुरुआत 1980 में हुई थी, और 1986-87 के बाद से हर साल चारों श्रेणियों में यह प्रदान किया जाता है।
    • पुरस्कार का चयन संगीत नाटक अकादमी की पांच सदस्यीय जूरी द्वारा किया जाता है
    • जिसमें प्रसिद्ध कलाकार, आलोचक और प्रशासक शामिल होते हैं।
    • प्राप्तकर्ता को 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाता है।
  • पंडित एम. वेंकटेश कुमार का योगदान
    • पंडित एम. वेंकटेश कुमार स्वामी हरिदास द्वारा रचित भक्ति भजनों और ख्याल गायकी के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
    • वे गहरी आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते हैं
    • जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की परंपरा को समृद्ध करते हैं।
    • यह पुरस्कार उनके लंबे सफर और संगीत के प्रति समर्पण का सम्मान है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • यह पुरस्कार अन्य विकल्पों जैसे टैगोर पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी या संगीत कलानिधि से अलग है।
    • मध्य प्रदेश सरकार इसे कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए देती है।
    • पंडित जी को बाद में अन्य सम्मान भी मिले, जैसे कर्नाटक का संगीत विद्वान पुरस्कार, लेकिन 2022 का मुख्य पुरस्कार कालिदास सम्मान ही था।

26. निम्नलिखित में से किस एल्बम के लिए रिकी केज (Ricky Kej) ने 2023 में अपना तीसरा ग्रैमी पुरस्कार जीता? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) डिवाइन टाइड्स
Solution:
  • भारतीय संगीतकार रिकी केज (Ricky Kej) ने 2023 में अपना तीसरा Grammy Award “Divine Tides” एल्बम के लिए जीता।
  • यह एल्बम उन्होंने प्रसिद्ध ब्रिटिश ड्रमर Stewart Copeland (The Police band) के साथ मिलकर बनाया था।
  • किस एल्बम के लिए मिला पुरस्कार?
    • यह उनकी तीसरी ग्रैमी जीत है
    • जिससे वे भारत के इतिहास में सबसे अधिक ग्रैमी जीतने वाले जीवित कलाकार भी बन गए हैं।
  • “Divine Tides” एल्बम के बारे में विस्तार से
    • सह‑आत्मा एवं भागीदारी: यह एल्बम रिकी केज और प्रसिद्ध ब्रिटिश रॉक बैंड The Police के ड्रमर स्टीवर्ट कोपलैंड का सहयोगात्मक आल्बम है
    • इसके साथ‑साथ अन्य रचनाकारों और ऑडियो इंजीनियरों (जैसे Eric Schilling, Herbert Waltl) की भी अहम भूमिका है।​
    • संरचना और ध्वनि‑शैली: “Divine Tides” एक लगभग नौ गानों वाला एल्बम है
    • जिसमें न्यू‑एज़ (New Age), वर्ल्ड म्यूजिक, ऑर्केस्ट्रल और इमर्सिव स्पेस‑ऑडियो जैसी तकनीकों का मिश्रण है।
    • इसकी ध्वनि इतनी त्रि‑आयामी है कि सुनने वाला अपने आस‑पास के वातावरण में तरंगों, बारिश, पक्षी आवाज़ और दूर‑दूर तक गूंजते संगीत के बीच खो जाता है।​
  • एल्बम का संदेश और थीम
    • प्रकृति, स्थिरता और मानव जिम्मेदारी: “Divine Tides” का मुख्य उद्देश्य मनुष्यों को यह याद दिलाना है
    • हर व्यक्ति का जीवन प्रकृतिक संतुलन बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाता है।
    • एल्बम के ट्रैक प्राकृतिक तत्वों—जल, वायु, धरती, आग—के चक्र और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को ध्वनिक रूप में चित्रित करते हैं।​
    • पर्यावरण‑संचालित आर्ट: रिकी केज ने इसे सिर्फ़ संगीत नहीं बल्कि एक “पर्यावरणीय जागरूकता का ध्वनि अभियान के रूप में पेश किया है।
    • उनका लक्ष्य श्रोताओं को प्रकृति के साथ गहरा आध्यात्मिक‑भावनात्मक संबंध बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
  • ग्रैमी जीत का ऐतिहासिक महत्व
    • तीसरा ग्रैमी: इससे पहले रिकी केज को ग्रैमी 2015 में “Winds of Samsara” (New Age एल्बम) और 2022 में “Divine Tides” के लिए Best New Age Album की श्रेणी में मिला था।
    • इस तरह “Divine Tides” ने उन्हें दो बार ग्रैमी दिलाया: एक बार न्यू‑एज़ श्रेणी में और दूसरी बार 2023 में इमर्सिव ऑडियो एल्बम के रूप में।
    • भारत के लिए गर्व का विषय: 2023 की यह जीत ने रिकी केज को भारत के इतिहास में सबसे अधिक ग्रैमी जीतने वाले जीवित भारतीय कलाकार के रूप में स्थापित किया
    • जिसने भारतीय संगीत और पर्यावरण‑केंद्रित कला को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी।

27. निम्नलिखित में से किस भारतीय संगीतकार ने वर्ष 2023 में गैमी पुरस्कार (Grammy award) जीता? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रिकी केज
Solution:
  • वर्ष 2023 में रिकी केज ने “Divine Tides” एल्बम के लिए Grammy Award जीता।
  • यह एल्बम पर्यावरण और मानवता के प्रति एक संगीत-आधारित संदेश प्रस्तुत करता है
  • रिक्की केज का पृष्ठभूमि
    • रिक्की केज अमेरिका में जन्मे हैं लेकिन मुख्य रूप से बेंगलुरु में रहते हैं
    • उन्होंने 2015 में "विंड्स ऑफ संसारा" एल्बम के लिए पहला ग्रैमी जीता था
    • जो सर्वश्रेष्ठ न्यू एज एल्बम श्रेणी में था । 2022 में उनका दूसरा ग्रैमी आया, और 2023 में तीसरा, जो भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने वाला था ।
  • "डिवाइन टाइड्स" एल्बम की जानकारी
    • यह 9 गानों वाला इमर्सिव ऑडियो एल्बम प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन की भूमिका पर केंद्रित है
    • रिक्की केज ने इसे स्टीवर्ट कोपलैंड के सहयोग से बनाया, जो द गॉडफादर और वॉर ऑफ द वर्ल्ड्स जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं
    • इस श्रेणी में प्रतिस्पर्धियों में क्रिस्टीना एगुइलेरा, द चैनस्मोकर्स और जेन इराब्लूम शामिल थे ।
  • अन्य भारतीय संगीतकारों का प्रदर्शन
    • 2023 में ए.आर. रहमान ने कोई ग्रैमी नहीं जीता, हालांकि उनके पास पहले दो ग्रैमी (2009 के लिए स्लमडॉग मिलियनेयर से) हैं
    • ए.एम. कीरावानी ने 2024 में RRR फिल्म के "नाटु नाटु" गाने के लिए ग्रैमी जीता
    • लेकिन 2023 में नहीं । एबी टॉम सिरिएक या अन्य ने भी 2023 में जीत दर्ज नहीं की ।
  • ग्रैमी समारोह का संदर्भ
    • 65वें ग्रैमी 5 फरवरी 2023 को लॉस एंजिल्स में हुए, जहां बेयॉन्से ने सबसे ज्यादा पुरस्कार जीते
    • रिक्की केज की जीत ने भारत का डंका बजाया, जैसा कि कई हिंदी मीडिया ने रिपोर्ट किया
    • यह भारतीय संगीत की बढ़ती वैश्विक मान्यता को दर्शाता है ।

28. सान्या में आयोजित प्रतिष्ठित मिस वर्ल्ड पेजेंट के 68वें संस्करण के विजेता के रूप में मेक्सिको की वैनेसा पोंस डी लियोन (Vanessa Ponce De Leon) को किसने ताज पहनाया? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) मानुषी छिल्लर
Solution:
  • मेक्सिको की वैनेसा पोंस डी लियोन को सान्या (चीन) में आयोजित 68वें मिस वर्ल्ड 2018 पेजेंट की विजेता घोषित किया गया।
  • उन्हें ताज भारत की पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर (2017) ने पहनाया।
  • मिस वर्ल्ड 2018 का ताजपोशी समारोह
    • चीन के सान्या शहर में 8 दिसंबर 2018 को आयोजित मिस वर्ल्ड पेजेंट के 68वें संस्करण के फाइनल में मेक्सिको की वैनेसा पोंस डी लियोन को विजेता घोषित किया गया।
    • उन्हें ताज मिस वर्ल्ड 2017 की विजेता भारत की मानुषी छिल्लर ने पहनाया।
  • आयोजन का विवरण
    • सान्या सिटी एरिना में हुए इस भव्य समारोह में दुनिया भर से 118 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
    • यह मिस वर्ल्ड का 68वां संस्करण था, जो विभिन्न दौर जैसे ब्यूटी विद ए पर्पस, मल्टीमीडिया चैलेंज और फैशन शो के बाद संपन्न हुआ।
    • मानुषी छिल्लर ने वैनेसा को ताज पहनाते हुए भारतीय 'नमस्ते' का अभिवादन प्राप्त किया, जब वैनेसा ने भावुक होकर हाथ जोड़े।
  • वैनेसा की जीत के बाद प्रतिक्रिया
    • ताज पहनने के बाद बैकस्टेज वैनेसा ने कहा, "मैं विश्वास नहीं कर सकती... सभी लड़कियों ने हक बनाया था।
    • मैं सभी का प्रतिनिधित्व करूंगी और जितना कर सकूं करूंगी।" उन्होंने विजयी वॉक लिया, दर्शकों को अभिवादन किया और प्रतियोगियों संग नृत्य किया।
    • वैनेसा मेक्सिको की पहली मिस वर्ल्ड बनीं, जो इंटरनेशनल बिजनेस ग्रेजुएट हैं और लड़कियों के रिहैब सेंटर से जुड़ी हैं।​
  • अन्य परिणाम
    • फर्स्ट रनर-अप: थाईलैंड की निकोलिन पिचापा लिमनकूल
    • टॉप 5: बेलारूस, जमैका, युगांडा की प्रतिनिधि
    • भारत की अनुकीर्ति वास टॉप 12 में नहीं पहुंचीं।
    •  समारोह का प्रसारण लाइव हुआ, जिसमें एंजेला चाउ जैसे होस्ट्स थे।​

29. निम्नलिखित में से कौन दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्तकर्ता में से एक हैं? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) शशि कपूर
Solution:
  • शशि कपूर को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (2014) से सम्मानित किया गया था।
  • वे हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता थे, जिन्होंने समानांतर सिनेमा को बढ़ावा दिया।
  • पुरस्कार का इतिहास
    • यह पुरस्कार भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अंतर्गत प्रदान किया जाता है।
    • पहला पुरस्कार 1969 में अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया, जो बॉम्बे टॉकीज की संस्थापक थीं।
    • पुरस्कार में स्वर्ण कमल, शॉल, ताम्रपत्र और 10 लाख रुपये की नकद राशि शामिल होती है। यह सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है।
  • प्रमुख प्राप्तकर्ताओं की सूची (1969-2025)
    • नीचे कुछ प्रमुख विजेताओं की विस्तृत सूची दी गई है, जो विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों के सिनेमा को प्रतिबिंबित करती है।
    • यह सूची आंशिक है लेकिन ऐतिहासिक महत्वपूर्ण नामों को कवर करती है:
    • यह पुरस्कार संगीतकारों, गीतकारों, निर्देशकों और अभिनेताओं को समर्पित रहा है, जैसे मजरूह सुल्तानपुरी (1993), भूपेन हजारिका (1992)।​
  • पुरस्कार का महत्व
    • यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा की विविधता को दर्शाता है
    • जिसमें हिंदी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं जैसे तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और बंगाली सिनेमा के योगदानकर्ता शामिल हैं।
    • सत्यजीत रे, राज कपूर, अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियां भी इसका हिस्सा रहीं। 2025 तक मोहनलाल नवीनतम प्राप्तकर्ता हैं।
    • यह सम्मान सिनेमा के उन व्यक्तियों को अमर बनाता है जिन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।​

30. निम्नलिखित में से किस शख्सियत ने 'छऊ' नृत्य में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2021 जीता? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) भुवन कुमार
Solution:
  • वर्ष 2021 में भुवन कुमार को 'छऊ' नृत्य में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • वर्ष 2022 और 2023 में 'छऊ' नृत्य के लिए यह पुरस्कार क्रमशः साधु चरण महतो और परीक्षित महतो को प्रदान किया गया है।
  • छऊ नृत्य का परिचय
    • छऊ पूर्वी भारत की एक पारंपरिक नृत्य शैली है, जो झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में प्रचलित है।
    • यह तीन मुख्य शैलियों में बंटा है: सरायकेला, मयूरभंज और पुरुलिया।
    • पुरस्कार विजेता भुवन कुमार विशेष रूप से पुरुलिया छऊ के लिए जाने जाते हैं, जो मुखौटे पहनकर नृत्य पर आधारित है।
  • पुरस्कार की जानकारी
    • संगीत नाटक अकादमी भारत का सर्वोच्च प्रदर्शन कला पुरस्कार है, जो नृत्य, संगीत और रंगमंच में योगदान के लिए दिया जाता है।
    • 2021 के पुरस्कारों की घोषणा 2022 में हुई और वितरण फरवरी 2023 में राष्ट्रपति द्वारा किया गया।
    • भुवन कुमार को पुरुलिया छऊ में उनके लंबे योगदान, जैसे प्रदर्शन, प्रशिक्षण और संरक्षण के लिए यह सम्मान मिला।
  • भुवन कुमार का योगदान
    • भुवन कुमार एक प्रसिद्ध छऊ नर्तक हैं, जिन्होंने पुरुलिया शैली को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • वे कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन कर चुके हैं और युवा कलाकारों को प्रशिक्षित करते हैं।
    • उन्हें पूर्व में अन्य सम्मान भी मिले हैं, लेकिन यह अकादमी पुरस्कार उनके कार्य की चरम मान्यता है।
  • अन्य संदर्भ
    • ध्यान दें कि तपन कुमार पटनायक को भी छऊ (सरायकेला शैली) के लिए उसी वर्ष पुरस्कार मिला
    • लेकिन प्रश्न पुरुलिया या सामान्य छऊ योगदान पर केंद्रित लगता है
    • जहां भुवन कुमार सही उत्तर हैं। प्रश्न के विकल्पों में भुवन कुमार ही सटीक हैं।