Solution:'जयलक्ष्मी ईश्वर' ने दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में प्रचलित भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली भरतनाट्यम में योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2021 जीता है।संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत सरकार की प्रमुख संस्था द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत, नाटक और नृत्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
भरतनाट्यम एक प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैली है, जिसके कई नर्तक/नृत्यांगनाओं को यह सम्मान मिल चुका है।
प्रमुख प्राप्तकर्ता
भरतनाट्यम नृत्यांगनाओं में रुक्मिणी देवी अरुंडेल को 1957 में यह पुरस्कार मिला, जो भरतनाट्यम को पुनर्जनन देने वाली प्रमुख कलाकार थीं।
इसके अलावा 2002 में रुक्मिणी विजयकुमार, 2009 में श्रीलथा सुरेश, 2012 में धनंजय सिन्हा (पुरुष नर्तक), 2013 में एन.एम.टी. कल्याणी, 2015 में के.एस. चित्रा, 2017 में वसुंधरा दोरास्वामी, 2018 में चित्रा विश्वेश्वरन को सम्मानित किया गया।
हालिया विजेता
2021 में जयलक्ष्मी ईश्वर ने भरतनाट्यम में उनके योगदान के लिए पुरस्कार जीता, जो एक प्रसिद्ध कलाकार, शिक्षिका और लेखिका हैं।
2016 में गीता चंद्रन को भी भरतनाट्यम के लिए यह सम्मान मिला
जिन्होंने कर्नाटक संगीत के साथ नृत्य को समृद्ध किया। 2020 में एन.बी. श्रीकांतन को भी यह पुरस्कार प्रदान हुआ।
अन्य उल्लेखनीय नाम
प्रियदर्शिनी गोविंद (2012), यामिनी कृष्णमूर्ति, पद्म सुब्रह्मण्यम और अलरमेल वल्ली जैसी नृत्यांगनाओं ने भी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया है।
ये सभी भरतनाट्यम की जटिल पदकृतियों, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के लिए जानी जाती हैं।
यह पुरस्कार नृत्य को संरक्षित करने और प्रचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।