पुरस्कार (खेल जगत)

Total Questions: 14

11. एसआरडी प्रसाद को 2023 में ....... खेल में उनके योगदान के लिए पद्मश्री मिला। [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) कलारीप्पयडू
Solution:
  • एसआरडी प्रसाद को 2023 में  कलारीप्पयडू खेल में उनके अमूल्य योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • कलारीप्पयडू केरल की एक प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसे दुनिया के सबसे पुराने युद्ध रूपों में से एक माना जाता है।
  • एसआरडी प्रसाद ने इस पारंपरिक कला को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • उन्होंने इसे न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं
  • जिससे इसकी पहचान और सम्मान बढ़ा है। उन्हें यह सम्मान भारत की सांस्कृतिक और शारीरिक विरासत को जीवित रखने के उनके समर्पण के लिए मिला।
  • पद्मश्री का नामांकन और वक्त
    • 2023 में घोषित पद्म पुरस्कारों में खेल के क्षेत्र से तीन लोगों को पद्मश्री मिला, जिनमें शामिल हैं
    • पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी व कोच गुरचरण सिंह, थांग‑ता (मणिपुरी मार्शल आर्ट) प्रशिक्षक के. शानाथोएबा शर्मा और कलारीप्पयट्टू घेटोम (गुरु/अचार्य) एसआरडी प्रसाद।
    • एसआरडी प्रसाद को पुरस्कार की घोषणा 25–26 जनवरी 2023 के आसपास केंद्र सरकार द्वारा की गई और बाद में राष्ट्रपति भवन में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया।
  • कलारीप्पयट्टू में उनका योगदान
    • एसआरडी प्रसाद केरल के कन्नूर जिले से जुड़े हुए एक समर्पित कलारीप्पयट्टू अचार्य हैं
    • जिन्होंने बचपन से ही इस मार्शल आर्ट के अध्ययन और प्रशिक्षण को अपना जीवन‑कार्य बना लिया। उन्होंने:​
    • सैकड़ों छात्रों, युवाओं और कलाकारों को कलारीप्पयट्टू की आधारभूत तकनीकें, लड़ाई के नियम, स्वास्थ्य‑संबंधी व्यायाम और सांस्कृतिक जागरूकता सिखाकर इस परंपरा को आधुनिक दौर में जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • थियेटर, फिल्म और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलारीप्यट्टू के अभिनय‑स्टाइल का प्रचार‑प्रसार कर इसे अंतरराष्ट्रीय ध्यान भी दिलाया
    • जिससे यह खेल‑संस्कृति राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उभरा।
  • अन्य सम्मान और पृष्ठभूमि
    • एसआरडी प्रसाद को पद्मश्री से पहले भी कई उल्लेखनीय सम्मान मिल चुके हैं:
    • 2016 में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड (सांस्कृतिक‑कला क्षेत्र में मार्शल आर्ट्स के योगदान के लिए) से सम्मानित किया गया
    • जो भारत की सरकारी संगीत‑नाटक शाखा के शीर्ष पुरस्कारों में शामिल है।
    • वे कलारीप्पयट्टू अचार्य के रूप में देश‑विदेश में इस कला को बढ़ावा देते हैं
    • विभिन्न राज्यों और विदेशों में वर्कशॉप और प्रदर्शन करते हुए इस परंपरा को युवा पीढ़ी से जोड़ते हैं।​

12. भारत के राष्ट्रपति ने 2023 में गुरुचरण सिंह को ........ के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 09 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) क्रिकेट
Solution:
  • भारत के राष्ट्रपति ने 2023 में गुरुचरण सिंह को क्रिकेट के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। गुरुचरण सिंह भारतीय क्रिकेट के एक दिग्गज कोच हैं
  • जिन्होंने कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
  • उनके प्रशिक्षित खिलाड़ियों में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सितारे शामिल हैं
  • जो भारतीय क्रिकेट को उनकी कोचिंग के माध्यम से दिए गए योगदान को दर्शाते हैं।
  • उन्हें यह सम्मान खेल के विकास और युवाओं को प्रेरित करने के उनके दशकों के अथक प्रयास के लिए मिला।
  • गुरुचरण सिंह कौन हैं?
    • गुरुचरण सिंह एक पूर्व प्रथम श्रेणी (फर्स्ट‑क्लास) क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच हैं।
    • वे बाएं हाथ के स्पिन मुनाफा गेंदबाज थे और अपने समय के अच्छे बल्लेबाज भी माने जाते हैं।
    • उन्होंने 1986–87 में भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कोच के रूप में कार्य किया, जिससे उनकी विशेष पहचान खेल जगत में बनी।
  • क्रिकेट कोचिंग में उनका योगदान
    • गुरुचरण सिंह को खेल जगत में “गुरु द्रोण” या मानसिक और तकनीकी रूप से खिलाड़ियों को ढालने वाला गुरु” कहा जाता है।
    • उन्होंने 1992–93 में पेस बोलिंग एकेडमी (Pace Bowling Academy) की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों को प्रशिक्षित करने में अग्रणी रही।
    • वे दशकों तक दिल्ली और अन्य स्थानों पर क्रिकेट कोचिंग करते रहे और सैकड़ों राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया, जिनमें कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले।
  • पद्मश्री से पहले के सम्मान
    • पद्मश्री से पहले भी गुरुचरण सिंह को खेल जगत में ऊँचा सम्मान मिल चुका है:
    • उन्हें साल 1987 में द्रोणाचार्य पुरस्कार मिला, जो भारत के शीर्ष स्पोर्ट्स कोचिंग पुरस्कारों में से एक है।
    • वे देश के उन गिने‑चुने कोचों में से एक हैं जिन्होंने एक ही खेल (क्रिकेट) में द्रोणाचार्य और फिर पद्मश्री दोनों सम्मान प्राप्त किए।
  • पद्मश्री का उद्देश्य और उनके कार्य का महत्व
    • पद्मश्री पुरस्कार भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है, जो विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट और दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया जाता है।
    • गुरुचरण सिंह को यह पुरस्कार क्रिकेट कोचिंग और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालिक सेवाओं, और भारतीय क्रिकेट के विकास में उनकी भूमिका को मान्यता देने के लिए दिया गया है।​
    • उनके नाम और कार्य ने शिक्षा, अनुशासन और मानसिक बल पर आधारित क्रिकेट प्रशिक्षण की परंपरा को भारत में मजबूत किया है।
  • रिक्त स्थान में क्या भरा जाएगा?
    • “भारत के राष्ट्रपति ने 2023 में गुरुचरण सिंह को ........ के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया।”
    • इसमें रिक्त स्थान के लिए सही उत्तर है: “खेल – क्रिकेट” या संक्षेप में “क्रिकेट”।

13. निम्नलिखित खिलाड़ियों में से किसे 2022 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया था? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) अरपिंदर सिंह
Solution:
  • अरपिंदर सिंह, जो कि ट्रिपल जंप के एथलीट हैं, को पहले ही 2018 में अर्जुन पुरस्कार मिल चुका था।
  • इसके विपरीत, दिए गए अन्य विकल्प: एच.एस. प्रणय (बैडमिंटन), लक्ष्य सेन (बैडमिंटन) और सुशीला देवी (जूडो) को 2022 में खेल और क्रीड़ा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
  • 2022 के अर्जुन पुरस्कार विजेता – बड़ा आइडिया
    • 2022 में अर्जुन पुरस्कार 25 खिलाड़ियों को दिया गया था
    • जिन्होंने पिछले 4 वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था और भारत के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पदक जीते थे।
    • इनमें नाम शामिल हैं: लक्ष्य सेन (बैडमिंटन), श्रीजा अकुला (टेबल टेनिस), एल्डोस पॉल, अविनाश साबले (दोनों एथलेटिक्स), निकहत ज़रीन, अमित पंघाल (मुक्केबाज़ी), शुशीला देवी (जूडो), प्रणय एच.एस., अंशु, सरिता आदि।
  • किसे 2022 में अर्जुन पुरस्कार नहीं मिला?
    • आपके प्रश्न में “निम्नलिखित खिलाड़ियों में से…” शब्द हैं, पर आपने विकल्प स्पष्ट रूप से नहीं लिखे
    • इसलिए मैं दो प्रमुख उदाहरण‑बिंदु बताता हूँ जो टेस्ट‑सीरीज़ और ऑब्जेक्टिव प्रश्नों में आते हैं:
  • अर्पिंदर सिंह (ट्रिपल जंप)
    • अर्पिंदर सिंह एक जाना‑पहचाना ट्रिपल जंपर हैं, जिन्होंने जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था
    • 48 साल बाद भारत को ट्रिपल जंप में एशियाई खेल स्वर्ण दिलाया था।
    • फिर भी, 2022 के अर्जुन पुरस्कार की आधिकारिक लिस्ट में उनका नाम शामिल नहीं है
    • इसलिए अगर आपके विकल्पों में “अर्पिंदर सिंह” है
    • तो वही वह खिलाड़ी है जिसे 2022 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया।
  • सीमा पूनिया (डिस्कस थ्रो)
    • सीमा पूनिया डिस्कस थ्रो में भारत की प्रसिद्ध खिलाड़ी हैं, जिन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई स्तर पर पदक जीते है
    • 2022 के अर्जुन पुरस्कार के विजेताओं की ऑफिशियल लिस्ट में उनका नाम नहीं है।​
    • इसलिए अगर आपके विकल्पों में “सीमा पूनिया” है
    • तो वही सही उत्तर हो सकता है, क्योंकि उन्हें 2022 में अर्जुन पुरस्कार नहीं दिया गया।​
  • आपके प्रश्न के लिए “लॉन्ग आंसर” तर्क
    • आमतौर पर इस प्रकार के MCQ में विकल्प कुछ इस तरह दिए होते हैं:
    • लक्ष्य सेन
    • शुशीला देवी
    • एच.एस. प्रणय
    • अर्पिंदर सिंह
    • जहाँ पहले तीनों को 2022 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया
    • सिर्फ अर्पिंदर सिंह को नहीं, इसलिए उत्तर अर्पिंदर सिंह होता है।
  • निष्कर्ष (संक्षेप में)
    • अगर आपके विकल्पों में अर्पिंदर सिंह और सीमा पूनिया दोनों हैं
    • तो “सम्मानित नहीं किया गया” खिलाड़ी अर्पिंदर सिंह या सीमा पूनिया किसी एक हो सकता है, जो आपके MCQ‑बैंक के अनुसार तय होता है।
    • परंपरागत उत्तर के रूप में अर्पिंदर सिंह को ही लिया जाता है
    • क्योंकि उनका नाम 2022 की अर्जुन‑लिस्ट में नहीं है, जबकि लक्ष्य सेन, शुशीला देवी, प्रणय आदि का नाम है।

14. निम्नलिखित भारतीय महिला खिलाड़ियों में से किस महिला को बीबीसी (BBC) इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ द ईयर 2022 का पुरस्कार मिला है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) मीराबाई चानू
Solution:
  • बीबीसी (BBC) इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ द ईयर 2022 का पुरस्कार भारोत्तोलन (Weightlifting) खिलाड़ी मीराबाई चानू को मिला है।
  • यह लगातार दूसरी बार था जब चानू ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता।
  • उन्हें यह सम्मान 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रभावशाली और लगातार प्रदर्शन के लिए दिया गया था।
  • मणिपुर से आने वाली मीराबाई चानू भारत की सबसे सफल एथलीटों में से एक हैं
  • जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक भी जीता था, और वह देश में महिला खेल प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।
  • पुरस्कार किसे और क्यों मिला
    • मीराबाई चानू ने 2022 में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया
    • जिसमें उनकी लगातार टॉप‑लेवल स्पर्धाओं में मेडल जीतने की लगातार उपलब्धियाँ शामिल थीं।
    • इस पुरस्कार को एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा चुने गए नामांकितों के बीच जनता की वोटिंग के माध्यम से तय किया जाता है
    • 2022 में मिराबाई ने सार्वजनिक वोटिंग में सबसे अधिक समर्थन प्राप्त किया।
  • नामांकित प्रतिद्वंद्वी और अन्य पुरस्कार
    • 2022 की नामांकन सूची में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु, पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगट, और बॉक्सर निखत ज़रीन जैसी बड़ी नामांकित खिलाड़ियाँ शामिल थीं
    • लेकिन मीराबाई चानू दूसरी बार इस पुरस्कार की विजेता बनीं।
    • इसी समारोह में युवा बॉक्सर नितू गांगास को “एमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर” और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को “इंडियन पैरा‑स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर” सम्मान से नवाज़ा गया।
  • मीराबाई चानू की प्रमुख उपलब्धियाँ (2022 संदर्भ में)
    • वह 2020 टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट रहीं, जिसके बाद लगातार वर्षों तक उनका विश्व स्तर पर स्थिर प्रदर्शन उनकी विश्वसनीयता को दर्शाता है।
    • 2022 के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारत की शीर्ष भारोत्तोलिकाओं में से एक रहीं
    • जिससे उनकी वर्ष की सबसे प्रभावशाली भारतीय महिला खिलाड़ी होने की पहचान मज़बूत हुई।
  • पुरस्कार का सामान्य उद्देश्य
    • BBC इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर पुरस्कार भारतीय महिला खिलाड़ियों की वर्षभर की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
    • यह पुरस्कार न केवल खेलों में मेडल बल्कि उस खिलाड़ी की जीवन‑शैली, प्रेरणादायक कहानी और नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बनने जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखता है
    • इसी आधार पर 2022 में मीराबाई चानू का चयन किया गया।