पुरस्कार (परम्परागत सामान्य ज्ञान)

साहित्य अकादमी पुरस्कार

Total Questions: 36

21. किस भाषा के लिए सन् 1995 में साहित्यकार एम.टी. वासुदेवन् नायर को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था? [UPSI Exam, 20-दिसम्बर, 2017 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (b) मलयालम
Solution:
  • वर्ष 1995 में मलयालम के साहित्यकार एम.टी. वासुदेवन् नायर को 'रण्डामूझम कृति' के लिए मलयालम भाषा में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • संक्षिप्त उत्तर:
    • एम. टी. वासुदेवन् नायर को ज्ञानपीठ पुरस्कार 1995 मलयालम भाषा के लिए उनके समग्र योगदान के लिए मिला था।
  • विस्तारपूर्ण विवरण:
    • पुरस्कार किस भाषा के लिए: यह ज्ञानपीठ सम्मान उस भाषा के लेखक को दिया गया था जिसका योगदान नायर ने किया था, अर्थात मलयालम भाषा. [cite ]
    • पुरस्कार का संदर्भ: 1995 में मलयालम साहित्य के क्षेत्र में उनके समग्र योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च साहित्यिक अवॉर्ड ज्ञानपीठ से सम्मानित किया गया. [cite ]
    • अन्य उपलब्धियाँ: नायर एक प्रख्यात उपन्यासकार, कहानीकार, बाल साहित्यकार और निबंधकार थे
    • उनके साहित्यिक कार्यों ने मलयालम भाषा को व्यापक स्तर पर पहचान दी. [cite ]
    • जीवन/कथानक संदर्भ: वे 1995 के ज्ञानपीठ विजेता के रूप में स्मरणीय हैं
    • मलयालम सृजन में उनकी भूमिका बतौर लेखक-सम्पादक और फिल्म-लेखन-निर्देशन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
  • नोट्स:
    • यदि आप चाहें, मैं इस जानकारी के लिए और विश्वसनीय स्रोतों के उद्धरण भी संलग्न कर सकता/सकती हूँ
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार के बारे में विशिष्ट अवार्ड क्राइटेरिया/चयन प्रक्रिया का संक्षिप्त अवलोकन दे सकता/सकती हूँ.
    • आप यदि चाहें, मैं मलयालम भाषा के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त अन्य प्रमुख लेखक-पुरस्कारों की सूची भी दे सकता/सकती हूँ ताकि आप तुलना कर सकें.

22. इनमें से कौन-सी रचना ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित नहीं है? [UPSI Exam, 12-दिसम्बर, 2017 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (a) बुनी हुई रस्सी
Solution:
  • 'बुनी हुई रस्सी' भवानी प्रसाद मिश्र का कविता संग्रह है, जिसे ज्ञानपीठ नहीं मिला है, बल्कि वर्ष 1972 ई. का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।
  • महादेवी वर्मा रचित 'यामा' को 1982 ई., रामधारी सिंह 'दिनकर' रचित 'उर्वशी' को 1972 ई. तथा सुमित्रानन्दन पन्त रचित 'चिदम्बरा' को 1968 ई. का ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • संभावित पंक्ति:
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार हर वर्ष एक रचना/लेखक को दिया जाता है, इसलिए “इनमें से कौन-सी रचना ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित नहीं है
    • ऐसा प्रश्न सामान्यतः चयन-आधारित होता है जिसमें कुछ पुस्तकों के नाम दिए रहते हैं जिनमें से एक को गलत माना जाता है।
  • कैसे जाँचें स्पष्ट उत्तर:
    • पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में जी. शंकर कुरुप को मलयालम कृति ओडक्कुझल के लिए मिला था।
    • अब तक के विजेता अधिकतर प्रमुख भारतीय लेखकों की रचनाएँ हैं।
    • अगर विकल्पों में यह पुस्तक शामिल हो तो वह पुरस्कार प्राप्त रचना होगी, न कि नहीं मिली हुई।
    • गलत विकल्प ढूंढने के लिए सत्यापित सूची देखें।​
    • हिंदी क्षेत्र के विजेताओं में सुमित्रानंदन पंत (चिदंबरा), रामधारी सिंह दिनकर, अज्ञेय, महादेवी वर्मा, निर्मल वर्मा, कुँवर नारायण, केदारनाथ सिंह, कृष्णा सोबती आदि शामिल हैं।
    • अगर विकल्पों में इनमें से किसी किसी रचना के बदले अन्य रचना दी है
    • जो ज्ञानपीठ के इतिहास में सत्यापित नहीं है, तो वह गलत विकल्प होगा।
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार के विजेताओं की पूर्ण सूची समय-समय पर प्रकाशित होती रहती है; विवादित या गलत दावे प्रायः वही सूची गलत होने पर सामने आते हैं।
  • अगर आप चाहें, मैं एक संक्षिप्त, सत्यापित सूची बना सकता हूँ जिसमें:
    • पहले से मान्य विजेता और उनकी रचनाओं के नाम
    • 1965 से अब तक के वर्षों के साथ लेखक-रचना
    • आपके दिए विकल्पों में से किसका सही/गलत होना किस स्रोत से सत्यापित होता है
  • क्यों जरूरी है स्रोत-आधार:
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार के सही नाम, वर्ष और रचना को स्रोत से क्रॉस-चेक करना जरूरी है
    • किसी एक रचना को आधिकारिक तौर पर “नहीं मिला” कहा जा सके।
    • उदाहरणार्थ, पहली सूची और पक्के स्रोत बताते हैं कि कब किसे पुरस्कार मिला और कौन सी रचना उसे मिली ।

23. जैनेन्द्र कुमार की किस रचना को हिन्दुस्तानी अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है? [UPSI Exam, 15-दिसम्बर, 2017 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (c) परख
Solution:
  • जैनेन्द्र कुमार को 1929 में प्रकाशित 'परख' उपन्यास के लिए हिन्दुस्तानी अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • विस्तृत विवरण:
    • पुरस्कार प्राप्ति: हिन्दुस्तानी अकादमी पुरस्कार, 1929, परख उपन्यास के लिए।
    • [citation: भरोसेमंद स्रोतों के अनुसार यही विवरण है]​
    • लेखक का परिचय: जैनेन्द्र कुमार (1905–1988) हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार और निबंधकार थे
    • उनके कार्यों में मनोवैज्ञानिक और सामाजिक तत्वों का गहरा संयोजन पाया जाता है।
    • अन्य प्रमुख कृतियाँ: त्यागपत्र (1937), सुनीता (1935), कल्याणी (1939) आदि; उनके साथ अन्य पुरस्कार भी जुड़े हुए हैं
    • जैसे साहित्य अकादमी पुरस्कार (1966) और पद्म भूषण (1971) जैसी मान्यताएँ।
  • महत्वपूर्ण नोट:
    • कुछ वैचारिक संकलनों में यह स्पष्ट किया गया है कि "परख" ही वह रचना है
    • जिसे हिन्दुस्तानी अकादमी पुरस्कार मिला था, जबकि अन्य पन्नों में लेखक की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख मिलता है।
    • विभिन्न स्रोतों में वर्ष और पुरस्कार के क्रम में कभी-कभी छोटे भिन्नताएं दिख सकती हैं
    • लेकिन बहुसंख्यक रिकॉर्ड इस रचना को पुरस्कार के निर्णायक शीर्षक के रूप में स्थापित करते हैं।
    • अगर आप चाहें, मैं एक विस्तृत सूची बनाकर हर स्रोत का उद्धरण-उत्थान (verifiable citation) दे सकता हूँ

24. 'भारत-भारती पुरस्कार' इनमें से किसको सबसे पहले मिला? [UPSI Exam, 16-दिसम्बर, 2017 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (b) महादेवी वर्मा
Solution:
  • भारत-भारती सम्मान (पुरस्कार) सर्वप्रथम महादेवी वर्मा को वर्ष 1981 हेतु प्रदान किया गया था।
  • यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों में सबसे बड़ा पुरस्कार है।
  • अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य
  • भारत-भारती सम्मान प्राप्त हिन्दी साहित्यकार
    • वर्ष 1981 महादेवी वर्मा
    • वर्ष 1982 व 1983 में क्रमशः जैनेन्द्र कुमार व अज्ञेय
    • वर्ष 1984 व 1985 में क्रमशः रामकुमार वर्मा व अमृतलाल नागर
    • वर्ष 1986 में श्रीनारायण चतुर्वेदी ने लेने से मना कर दिया।
    • वर्ष 1987 व 1988 में क्रमशः नागार्जुन व डॉ. रामविलास शर्मा
    • वर्ष 1989 व 1990 में क्रमशः धर्मवीर भारती व नरेश मेहता
    • वर्ष 1991 व 1992 में क्रमशः डॉ. कुँवर चन्द्रप्रकाश सिंह व डॉ. नगेन्द्र
    • वर्ष 1993 व 1994 में क्रमशः डॉ. शिवमंगल सिंह 'सुमन' व डॉ. रघुवंश
    • वर्ष 1995 व 1996 में क्रमशः अमृतराय व विजयेन्द्र स्नातक
    • वर्ष 1997 व 1998 में क्रमशः विद्यानिवास मिश्र व जगदीश गुप्त
    • वर्ष 1999 व 2000 में क्रमशः डॉ. लक्ष्मीशंकर मिश्र 'निशंक' व आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री
    • वर्ष 1989 व 1990 में क्रमशः धर्मवीर भारती व नरेश मेहता
    • वर्ष 1991 व 1992 में क्रमशः डॉ. कुँवर चन्द्रप्रकाश सिंह व डॉ. नगेन्द्र
    • वर्ष 1993 व 1994 में क्रमशः डॉ. शिवमंगल सिंह 'सुमन' व डॉ. रघुवंश
    • वर्ष 1995 व 1996 में क्रमशः अमृतराय व विजयेन्द्र स्नातक
    • वर्ष 1997 व 1998 में क्रमशः विद्यानिवास मिश्र व जगदीश गुप्त
    • वर्ष 1999 व 2000 में क्रमशः डॉ. लक्ष्मीशंकर मिश्र 'निशंक' व आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री
    • वर्ष 2001 व 2002 में क्रमशः राममूर्ति त्रिपाठी व कमलेश्वर
    • वर्ष 2003 व 2004 में क्रमशः डॉ. विश्वम्भर नाथ उपाध्याय व डॉ. नामवर सिंह
    • वर्ष 2005 व 2006 में क्रमशः डॉ. रामदरश मिश्र व डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव
    • वर्ष 2007 व 2008 में क्रमशः डॉ. केदारनाथ सिंह, जबकि अशोक वाजपेयी ने मना कर दिया।
    • वर्ष 2009 व 2010 में क्रमशः डॉ. महीप सिंह व डॉ. कैलाश वाजपेयी
    • वर्ष 2011 व 2012 में क्रमशः गोविन्द मिश्र व गोपालदास नीरज
    • वर्ष 2013 व 2014 में क्रमशः दूधनाथ सिंह व काशीनाथ सिंह
    • वर्ष 2015 व 2016 में क्रमशः डॉ. विश्वम्भर त्रिपाठी व डॉ. आनन्द प्रकाश दीक्षित
    • वर्ष 2017 व 2018 में क्रमशः डॉ. रमेश चन्द्र शाह व डॉ. उषा किरण खान
    • वर्ष 2019 व 2020 में क्रमशः सूर्यबाला व पाण्डेय शशिभूषण 'शीतांशु'
    •  वर्ष 2021 में डॉ. रमानाथ त्रिपाठी

25. किस कवि को 'सोवियत लैण्ड नेहरू पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है? [UPSI Exam, 14-दिसम्बर, 2017 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (b) सुमित्रानन्दन पन्त
Solution:
  • सोवियत लैण्ड नेहरू पुरस्कार वर्ष 1965 में आरम्भ हुआ।
  • सर्वप्रथम इसे हिन्दी के कवि सुमित्रानन्दन पन्त को 'लोकायतन' काव्यकृति हेतु प्रदान किया गया।
  • अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य
  • सोवियत लैण्ड नेहरू पुरस्कार
    • 1965 ई. में श्री सुमित्रानन्दन पन्त व श्री बनारसीदास चतुर्वेदी सहित विभिन्न भाषाओं के 6 विद्वानों को दिया गया।
    • 1966 ई. में हिन्दी भाषा/साहित्य हेतु हरिवंशराय बच्चन को दिया गया।
    • 1968 ई. में हिन्दी भाषा/साहित्य हेतु श्री वृन्दावन लाल वर्मा, श्री मातादीन भगेरिया तथा पत्रकार /अनुवादक श्री विश्वनाथ त्रिपाठी को प्रदान किया गया।
  • पूरा विवरण:
    • पुरस्कार इतिहास में प्रमुख हिन्दी कवि सुमित्रानंदन पंत को 1965 में सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार मिला था।
    • यह सम्मान लोकायतन जैसी उनकी रचनाओं के लिए दिया गया था, जिसे इंदिरा गांधी जी ने उन्हें प्रदान किया था.​
    • पुरस्कार उपलब्धियों के संदर्भ में पंत को यह सम्मान मिलने की घोषणा 1965 में हुई और यह उनके लेखन को व्यापक रूप से मान्यता मिलने की मिसाल बना.​
    • इसके अलावा, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार (Soviet Land Nehru Puruskar) हिंदी साहित्य में अन्य कई कवियों को भी मिला है
    • जैसे 1960s-1970s के दौर के कुछ प्रमुख नाम, पर सवाल specifically किस कवि को मिला, तो उत्तर सुमित्रानंदन पंत है.​​
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • पुरस्कार का नाम: Soviet Land Nehru Puruskar (सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार)
    • वर्ष: 1965
    • प्राप्तकर्ता: सुमित्रानंदन पंत
    • रचना/कार्य: लोकायतन (Poetry collection/कृति के लिए मान्यता)
    • प्राप्तकर्ता की भूमिका: हिन्दी कवि
  • याद रखने योग्य तथ्य
    • यह पुरस्कार भारतीय साहित्य को साहित्यिक-राजनयिक संदर्भ में Soviet Union के साथ प्रोत्साहन के लिए दिया गया एक प्रसिद्ध सम्मान था.​
    • सुमित्रानंदन पंत के अलावा अन्य कवियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था
    • लेकिन आपके पूछे सवाल के सही उत्तर के रूप में पंत का नाम सबसे ठोस रिकॉर्डेड उत्तर है.​​
  • उद्धरण
    • सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार के बारे में उपलब्ध रिकॉर्ड्स के अनुसार पंत को लोकायतन के लिए 1965 में सम्मानित किया गया.​
    • संदर्भ: विद्यार्थीय/एग्ज़ाम-स्तर के प्रश्नों में भी 1965 में पंत का नाम साफ-साफ आता है
    • जैसे कि विविध श्रोतों में इस पुरस्कार-इतिहास का उल्लेख किया गया है.​

26. सन् 2006 में 'सार्क लिटरेरी अवार्ड' और सन् 2003 में 'सरोजनी नायडू पुरस्कार' से पुरस्कृत होने वाली महिला लेखिका कौन-सी हैं? [UPSI Exam, 21-दिसम्बर, 2017 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (c) मैत्रेयी पुष्पा
Solution:
  • हिन्दी भाषा की रचनाकार मैत्रेयी पुष्पा को वर्ष 2006 का सार्क लिटरेरी अवार्ड और वर्ष 2003 का सरोजनी नायडू पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • पहला सार्क लिटरेरी अवार्ड 2001 में बाँग्लादेश के शम्सुर रहमान को प्रदान किया गया था।
  • यूं समझिए: आप जिस दोनों पुरस्कारों के बारे में पूछ रहे हैं—2006 सार्क लिटरेरी अवॉर्ड और 2003 सरोजनी नायडू पुरस्कार
  • इनके बारे में सटीक, संबंधित लेखिका के नाम तक पहुँचने के लिए मुझे ताज़ा और विशिष्ट स्रोतों की पुष्टि करनी होगी।
  • अभी मेरे पास सीधे उसी समय के आधिकारिक रिकॉर्ड देखने की पहुँच नहीं है, इसलिए मैं अनुमानजनक जवाब नहीं दे रहा हूँ।
  • अगर आप चाहें, मैं निम्न तरीके से मदद कर सकता हूँ:
    • मैं ठीक-ठीक नाम और वर्ष के साथ उन पुरस्कारों के विजेता महिला लेखिका की सत्यापित जानकारी खोजने के लिए नवीन स्रोतों की तलाश कर सकता हूँ
    • हर दावे के साथ स्पष्ट संदर्भ दे सकता हूँ।
    • चाहें तो आप मुझे इन पुरस्कारों के बारे में किसी खास क्षेत्र/देश के लेखकों के संदर्भ में संकेत दें
    • मैं उसी फ्रेम के भीतर सबसे संभावित उम्मीदवारों को सीमित करके खोजूँ और स्पष्ट प्रमाण के साथ उत्तर दूँ।
    • कृपया बताएं कि आप इन दोनों पुरस्कारों के विजेताओं के बारे में सत्यापित नाम चाहते हैं
    • पहले एक-एक पुरस्कार के लिए पुख्ता संदर्भ चाहते हैं।
    • साथ ही, अगर आप किसी विशेष भाषा/उच्चारण में नाम चाहते हैं (उदा. हिंदी लिपि में नाम), बताने से मुझे खोज में मदद मिलेगी।

27. 'प्रेम में भगवान' रचना के लिए जैनेन्द्र को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है? [UPSI Exam, 20-दिसम्बर, 2017 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (a) भारत सरकार शिक्षा मन्त्रालय पुरस्कार
Solution:
  • जैनेन्द्र कुमार को उनकी रचना 'प्रेम में भगवान्' (अनुवाद) के लिए 1952 ई. में भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • विस्तृत उत्तर
    • पुरस्कार का नाम और स्रोत: जैनेन्द्र को भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार (Ministry of Education, Government of India) से सम्मानित किया गया।
    • यह जानकारी एकाधिक ऑनलाइन स्रोतों पर प्रकाशित है जो इस रचना और पुरस्कार संबन्धी विवरण देते हैं।
    • रचना और लेखक का संकल्पन: “प्रेम में भगवान” हिंदी साहित्य में एक प्रसिद्ध रचना मानी जाती है
    • जिसके लिए लेखक जैनेन्द्र को मण्डल स्तर पर विविध सम्मान मिले हैं, जिनमें शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार भी शामिल है।​
    • पृष्ठभूमि और संदिग्धता: इस पुरस्कार की पुष्टि के लिए उपलब्ध पन्नों में यह स्पष्ट उल्लेख है
    • यह पुरस्कार शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिया गया था
    • हालांकि वर्षों के अनुसार नामित पुरस्कारों के सूत्र अस्पष्ट हो सकते हैं
    • इसलिए सत्यापित संदर्भों के साथ एकरूपता बनाए रखना उचित है।
  • नोट्स
    • यदि आप चाहें, मैं इन स्रोतों से सीधे उद्धरणों की सटीक पंक्तियाँ और उनके पन्ने (URL) के साथ एक संक्षिप्त उद्धरण-सूची बना सकता हूँ ताकि आप सीधे संदर्भ देख सकें।
    • अन्य प्रासंगिक पुरस्कारों जैसे व्यास सम्मान, साहित्य अकादमी पुरस्कार आदि भी लेखक के पोर्टफोलियो में बताए जाते हैं
    • अभी आपके प्रश्न के अनुसार मुख्य पुरस्कार भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिया गया है।​

28. 'प्रेम में भगवान्' रचना के लिए जैनेन्द्र को किस पुरस्कार से सम् मानित किया गया है? [उ.प्र. पुलिस कांस्टेबिल (पुनर्परीक्षा), 24 अगस्त, 2024 शिफ्ट-II]

Correct Answer: (c) भारत सरकार शिक्षा मन्त्रालय पुरस्कार
Solution:
  • 'प्रेम में भगवान्' जैनेन्द्र की रचना है, जिसके लिए इन्हें 'भारत सरकार शिक्षा मन्त्रालय पुरस्कार' प्रदान किया गया था।
  • मूलतः यह रचना टॉलस्टॉय की शिक्षाप्रद कहानियों का संग्रह है
  • जिसका हिन्दी अनुवाद जैनेन्द्र ने किया है। इसका प्रकाशन 1940 ई. में हुआ।
  • विस्तृत विवरण
    • पुरस्कार का नाम: भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार. यह पुरस्कार हिंदी साहित्य के क्षेत्र में तब दिया गया जब लेखक-रचनाकारों ने शिक्षा और भाषा-सम्प्रेषण में योगदान किया हो.​
    • रचना और वर्ष: प्रेम में भगवान नामक रचना के लिए यह पुरस्कार मिला; समकालीन स्रोतों के अनुसार 1952 में इसे सम्मानित किया गया माना जाता है.
    • जैनेन्द्र का व्यापक पुरस्कार-प्रणालियाँ: जैनेन्द्र को विविध पुरस्कार मिले हैं
    • जिनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार (1965, मुक्तिबोध) और व्यास सम्मान आदि शामिल हैं; शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार उनके प्रमुखEarly-आयामों में से एक माना जाता है.
    • चयनित संदर्भों के अंतर्गत पुष्टि: एक स्पष्ट उत्तर इस सवाल के साथ मिलता है
    • प्रेम में भगवान के लिए भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार दिया गया था; अन्य स्रोत भी इसी पंक्ति की पुष्टि करते हैं.​​
  • महत्वपूर्ण नोट्स
    • स्रोत विविध हैं और कुछ पन्नों में वर्ष स्पष्ट रूप से प्रकाशित नहीं हैं, पर multiple विश्वसनीय हिंदी साहित्य-सम्भाषित साइट्स इस पुरस्कार के मिलान की पुष्टि करती हैं.
    • यदि आप चाहें तो मैं इन स्रोतों से सीधे उद्धरण (फ exact पंक्ति) और वर्ष-तारीखों की और सुदृढ़ पुख्ता-स्रोतों के साथ एक उद्धृत सूची दे सकता हूँ.

29. हिन्दी अकादमी का 'शलाका पुरस्कार' सबसे पहले किसे दिया गया? [UPSI Exam, 21-दिसम्बर, 2017 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (c) डॉ. रामविलास शर्मा
Solution:
  • हिन्दी अकादमी गवर्नमेन्ट ऑफ एनसीटी ऑफ डेलही द्वारा शलाका पुरस्कार (सम्मान) प्रदान किया जाता है।
  • विस्तृत जानकारी:
    • इतिहास और महत्व: शलाका सम्मान हिन्दी अकादमी का सर्वोच्च पुरस्कार माना जाता है
    • जिसे हिन्दी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में दीर्घकालीन और विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है
    • इसका उद्देश्य हिन्दी के विकास, संवर्धन और साहित्यिक मूल्यांकन को recognition देना है.​
    • प्रथम विजेता: 1986-87 वर्ष के दौरान डॉ. रामविलास शर्मा को शलाका सम्मान प्राप्त हुआ
    • जो इसे पहली बार प्रदत्त साहित्यिक सम्मान बनाता है. यह सूची विकिपीडिया पन्ने पर भी दर्ज है और प्रारम्भिक वर्षों के विजेताओं में शर्मा का नाम शामिल है.​
    • पुरस्कार का स्वरूप: शलाका सम्मान के साथ नकद राशि और मान्यता दी जाती है; समय-समय पर राशि में परिवर्तन होता रहा है
    • हर वर्ष के लिए चयनित लेखक की स्थिति के अनुसार अद्यतन घोषणाएं प्रकाशित होती रही हैं. हालिया वर्षों में इसके साथ वित्तीय पुरस्कार भी जोड़ा गया है.
    • इतिहास की पंक्तियाँ: विकिपीडिया के स्तम्भों के अनुसार 1986-87 से शुरू होकर हर वर्ष एक ऐसा साहित्यकार चुना गया है
    • जो हिन्दी साहित्य में प्रतिष्ठित योगदान के लिए मान्यता प्राप्त करते हों. इस क्रम के कुछ नाम और वर्ष प्रकाशित होते रहते हैं.​
    • आधुनिक संदर्भ: हाल के वर्षों में हिन्दी अकादमी ने शलাকা सम्मान के साथ अन्य सम्बद्ध सम्मान भी घोषित किए हैं
    • जिनमें 2022-23, 2023-24, 2024-25 के लिए चयनित नाम और राशि शामिल हैं, जिससे पुरस्कार कार्यक्रम के विस्तार का संकेत मिलता है.​​
  • अगर आप चाहें तो मैं:
    • पहले विजेता के बारे में अधिक विस्तृत पृष्ठ-स्तरीय उद्धरण और स्रोत दे दूँ,
    • शलाका सम्मान की पूरी वर्ष-वार सूची और प्रत्येक वर्ष की राशि का तुलनात्मक सार प्रस्तुत कर दूँ,
    • हिन्दी अकादमी के अन्य प्रमुख पुरस्कारों (जैसे शिखर सम्मान आदि) के बारे में भी संक्षिप्त विवेचना दे दूँ।

30. सुभद्रा कुमारी चौहान को किस कृति पर सेकसरिया पारितोषिक पुरस्कार मिला? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (b) मुकुल
Solution:
  • सुभद्रा कुमारी चौहान हिन्दी साहित्य की चर्चित कवयित्री हैं।
  • इन्हें 'मुकुल' काव्य-कृति पर सेकसरिया सम्मान या पारितोषिक मिला था।
  • इन्हें बिखरे मोती कहानी संग्रह के लिए भी सेकसरिया सम्मान दिया गया।
  • इनका जन्म वर्तमान प्रयागराज (इलाहाबाद) के निहालपुर गाँव में हुआ था।
  • विस्तृत विवरण:
    • पुरस्कार का संदर्भ: सेकसरिया पारितोषिक (Sek SSRiya Puraskar) भारतीय साहित्य में एक मान्यता-प्रकार का पुरस्कार था।
    • चौहान को पहली बार 1931 में “मुकुल” कविता-संग्रह के लिए यह पुरस्कार मिला
    • जिसे स्वतंत्रता-संघर्ष के दौरान उनके देशभक्तितापूर्ण लेखन के लिए मान्यता मिली।
    • [उद्धरण आवश्यक: स्रोत देखें—ऐतिहासिक लेखों/सूचियाँ जहां 1931 का उल्लेख मिलता है] [cite].
    • दोहराव और दूसरी बार पुरस्कार: 1932 में उनके कहानी-संग्रह “बिखरे मोती” के लिए भी उन्होंने सेकसरिया पारितोषिक प्राप्त किया
    • यह इस पुरस्कार के अंतर्गत एक बार फिर उनकी रचनात्मक विविधता की पुष्टि करता है। [cite]
    • संग्रहों की प्रमुख प्रविष्टियाँ: “मुकुल” एक कविता-संग्रह है जिसमें देशभक्ति और वीर रस प्रमुख थे
    • बिखरे मोती” उनके प्रमुख कहानी-संग्रहों में से एक है। [cite]
    • अन्य मान्यताएं: भारत सरकार ने 6 अगस्त 1976 को उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया
    • जो उनकी साहित्यिक योगदान की याद में समर्थक स्मारक के रूप में माना गया। यह पुरस्कारों के अलावा एक अतिरिक्त सार्वजनिक-चिह्न है। [cite]
  • नोट:
    • उपरोक्त विवरण भारतीय साहित्य इतिहास के विभिन्न और कभी-कभी मौखिक/दस्तावेजी स्रोतों पर आधारित हो सकता है
    • यदि आप चाहें, मैं आपके लिए विश्वसनीय स्रोतों से सटीक उद्धरणों के साथ एक विस्तृत संदर्भ-सूची बनाकर दे सकता/सकती हूँ।
  • यदि आप चाहें, मैं:
    • सेकसरिया पारितोषिक से जुड़ी प्रकाशित पेजों/एळीट स्रोतों के ठोस उद्धरण दे सकता/सकती हूँ,
    • या उनकी अन्य रचनाओं और उनके योगदान के समय-रेखा को विस्तार से क्षेत्रवार प्रस्तुत कर सकता/सकती हूँ।