पुरस्कार (परम्परागत सामान्य ज्ञान)

साहित्य अकादमी पुरस्कार

Total Questions: 36

31. महादेवी वर्मा को 'नीरजा' के लिए कौन-सा पुरस्कार प्राप्त हुआ है? [UPSI Exam, 14-दिसम्बर, 2017 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (c) सेकसरिया पुरस्कार
Solution:
  • महादेवी वर्मा को 'नीरजा' काव्य-संग्रह हेतु सेकसरिया पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • साहित्यिक पुरस्कारों की क्रमबद्धता:
    • 1934 में सक्सेरिया पुरस्कार: नीरजा के लिए। यह उनके early महत्त्वपूर्ण पुरस्कारों में से एक था। ,
    • 1942 में स्मृति की रेखाएँ के लिए द्विवेदी पदक (पत्थर) के रूप में सम्मान।
    • 1979 में ज्ञानपीठ पुरस्कार: उनके काव्ययुग “यामा” के लिए अत्यंत प्रतिष्ठित भारतीय साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार। ,
    • इसके अलावा उन्हें भारत सरकार द्वारा अन्य पुरस्कार भी मिले, जैसे पद्म भूषण/पद्म विभूषण सहित अन्य सम्मान
    • जो उनके पूरे करियर के सम्मान हैं (पर मुख्य रूप से ज्ञानपीठ उन्हें उनकी रचना "यामा" के लिए मिला). ,
    • ज्ञानपीठ का महत्व: ज्ञानपीठ भारतीय साहित्य का सर्वोच्च वार्षिक पुरस्कार है
    • जिसे किसी एक कृति नहीं बल्कि लेखकों के समग्र योगदान के लिए दिया जाता है।
    • महादेवी वर्मा को यह पुरस्कार 1982 में भी प्राप्त हुआ—यह तथ्य ofta भ्रमित बन सकता है
    • असल में ज्ञानपीठ पुरस्कार उन्होंने अपनी कृति "यामा" के लिए 1982 में प्राप्त किया गया था
    • यह उनकी लम्बी साहित्यिक यात्रा का उत्कृष्ट सम्मान है। ,
  • अन्य प्रमुख सम्मान:
    • सस्ती द्विवेदी पदक, मंगल प्रसाद पारितोषिक, उत्तर प्रदेश सरकार का विशिष्ट पुरस्कार, भारत भारती पुरस्कार आदि
    • ये उनके जीवन-यात्रा के विविध चरणों के सम्मान हैं जिन्हें अलग-अलग वर्षों में मिला। , ,
  • संदर्भ और सत्यापन के लिए नोट:
    • नीरजा के लिए सक्सेरिया पुरस्कार और अन्य early सम्मान उनकी काव्य-यात्रा के आरम्भिक वर्षों में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। ,
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार उनकी रचना “यामा” के लिए मिला
    • यह एक प्रमुख तथ्य है जिसे कई विश्वसनीय स्रोतों ने सत्यापित किया है। ,

32. निम्नलिखित में से कौन 'पद्मश्री' प्राप्त कथाकार हैं? [UPSI Exam, 19-दिसम्बर, 2017 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (e) (b & d)
Solution:
  • डॉ. विद्यानिवास मिश्र को वर्ष 1988 में 'पद्मश्री' तथा 1999 में 'पद्म भूषण' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • हरिशंकर परसाई को वर्ष 1985 में 'पद्मश्री' पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • इसके अतिरिक्त परीक्षा समय के पश्चात् वर्ष 2018 में मालती जोशी को भी पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
  • परीक्षा संस्था UPPRPB ने भी विकल्प (b) और (d) को सही माना है।
  • पद्मश्री प्राप्त कथाकार कौन हैं?
    • इतिहास में दर्ज प्रमुख उत्तर: पद्मश्री साहित्य/कला क्षेत्रों के कई वरिष्ठ कथाकारों को दिए गए हैं
    • लेकिन आपके प्रश्न में “निम्नलिखित में से कौन पद्मश्री प्राप्त कथाकार हैं?” के लिए सही विकल्प देखने के लिए कुछ स्पष्ट नाम दिए
    • जाएँ तो बेहतर होगा। आम तौर पर पद्मश्री पाने वाले कथाकारों में Habib Tanvir (1983/2002), Mehru Ji Parvez (Mehru Naz Parvez, 2005), Mamata (?) आदि नाम सामने आते हैं
    • पर यह सुनिश्चित करने के लिए आपके दिए गए विकल्पों की सूची चाहिए ताकि सख्त सत्यापित उत्तर दे सकूँ।
  • कृपया:
    • सही विकल्पों की पूर्ण सूची दें जिन्हें आप देखते हैं (या आप कौन से नाम मान रहे हैं
    • हर नाम के पद्मश्री/पद्म भूषण आदि में पद्म सम्मान की स्थिति स्पष्टत: उद्धृत कर सकूँ।
    • अगर आप एक Bahasa Hindī/हिंदी-भाषा में पूर्ण विवरण चाहते हैं, बताएं कि मैं हर नाम के साथ:
    • कितनी बार किस वर्ष पुरस्कार मिला
    • कौन सा क्षेत्र (साहित्य/शिक्षा/कला आदि)
    • जीवन परिचय का संक्षेप
    • संबंधित स्रोत/आधार
  • उदाहरण के तौर पर एक पूर्ण उत्तर का ढाँचा (जब आप नाम दें):
  • नाम: Habib Tanvir
    • पद्म सम्मान: पद्मश्री (1983)
    • क्षेत्र: कला/नाटक
    • जीवनवृत्तियाँ: जन्म-स्थल, प्रमुख कृतियाँ, योगदान
    • संदर्भ: आधिकारिक घोषणापत्र/सूत्र उद्धृत करें
  • नाम: Mehru Nissa Parvez (Mehru Parvez)
    • पद्म सम्मान: पद्मश्री (2005)
    • क्षेत्र: साहित्य/शिक्षा
    • जीवनवृत्तियाँ: प्रमुख रचनाएँ, योगदान
    • संदर्भ: आधिकारिक स्रोत

33. भारत सरकार ने यशपालजी को किस वर्ष पद्मभूषण से सम् मानित किया? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (c) 1970
Solution:
  • भारत सरकार ने यशपालजी को 1970 ई. में पद्मभूषण से सम् मानित किया था।
  • यशपाल हिन्दी साहित्य के चर्चित कथाकार हैं।
  • एक अन्य यशपाल जो भारतीय वैज्ञानिक थे, उन्हें 1976 ई. में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।
  • नोट
    • प्रश्न-पत्र सामान्य हिन्दी का है
    • अतः यहाँ यशपाल जी से तात्पर्य, हिन्दी सहित्य से जुड़े यशपाल से है।
  • विस्तार से:
    • यशपाल कौन थे: प्रसिद्ध हिन्दी लेखक, शिक्षाविद् और सामाजिक-राजनीतिक विचारक
    • जिनका कार्य शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रभावशाली रहा है।
    • उनके रचनात्मक कार्यों में उपन्यास, निबंध और शिक्षा-प्रकाशन शामिल हैं
    • वे भारतीय शिक्षा नीतियों पर भी गहरा प्रभाव छोड़ते रहे।​
    • पद्म भूषण क्यों मिला: सरकार ने उनके शिक्षा-कार्य, विज्ञान-सम्पर्शन और सामाजिक दृष्टिकोण के लिए 1970 में यह सम्मान दिया
    • यह पुरस्कार भारतीय नागरिकों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
    • यशपाल का संदर्भित योगदान: निजी-सरकारी शिक्षण कार्यक्रमों, UG/PG स्तर की शिक्षा नीति के संदर्भ में उनके विचार और संस्थागत भूमिकाएं प्रमुख थीं
    • जिससे भारत में वैज्ञानिक और शिक्षा-उन्मुख सोच को प्रोत्साहन मिला।

34. 'साकेत' महाकाव्य पर कवि मैथिलीशरण गुप्त को कौन-सा पारितोषिक प्राप्त हुआ? [UPSI Exam, 14-दिसम्बर, 2017 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (d) मंगलाप्रसाद
Solution:
  • कवि मैथिलीशरण गुप्त को उनके महाकाव्य 'साकेत' के लिए 1937 ई. में हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग द्वारा मंगला प्रसाद पारितोषिक प्रदान किया गया था।
  • पूरा विवरण
  • प्रकाशन और विषय
    • 'साकेत' 1931 में प्रकाशित एक महाकाव्य है जिसमें लक्ष्मण-उर्मिला का त्रास और राम-कथा का आधुनिक संदर्भ प्रस्तुत किया गया है
    • इस काव्य के केंद्र में उर्मila है, और इसे बारह सर्गों में बाँधा गया है [hindikunj/2019; हिन्दी कविता स्रोतों के अन्य उल्लेख]।​​
  • पारितोषिक संदर्भ
    • कवि मैथिलीशरण गुप्त को मंगल प्रसाद पारितोषिक प्राप्त हुआ था, जिसे उस समय हिंदी साहित्यिक सम्मान माना जाता था
    • यह उल्लेख कई स्रोतों में क्रमानुसार आता है कि 1932 के आसपास या प्रकाशन के बाद यह पुरस्कार उनके काव्य को सम्मानित करने के लिए दिया गया ।
    • कुछ शिक्षण/समालोचनिक प्रस्तुति में भी यही पुष्ट किया गया है
    • पारितोषिक का प्रेरक आधार साकेत था और पुरस्कार का ऐतिहासिक उल्लेख मंगल प्रसाद पारितोषिक के रूप में किया गया है ।
  • अन्य संदर्भ
    • कई ऑनलाइन सार-व्याख्या वीडियो/लेखों में भी यह तथ्य सामने आता है
    • साकेत के लिए कवि को पारितोषिक मिला, और मंगल प्रसाद पारितोषिक ही प्रमुख उल्लेख है
    • वे क्रमशः 1930s के हिंदी साहित्य सम्मेलन/प्रकाशनों के संदर्भों पर आधारित हैं ।
  • भाषा-शैली और कथा-घटना
    • साकेत कथा लक्ष्मण-उर्मिला के प्रेम-वियोग और राम-राज्याभिषेक की पृष्ठभूमि को केंद्र बनाती है
    • गुप्त जी ने उर्मिला के संवाद को आधुनिक नारी-स्वर के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे काव्य में सामाजिक-नारी-आलोचना भी उभरती है ।​
  • स्रोतों की व्याख्या (संदर्भित प्रमुख बिंदु)
    • हिन्दीकुंज लेख: साकेत के बारे में संक्षिप्त परिचय और 1932-1937 के पुरस्कार-सम्बन्धी संदर्भ (पारितोषिक).​
    • अन्य वीडियो/लेख: मंगल प्रसाद पारितोषिक का उल्लेख और साकेत के प्रकाशन-तिथि से संबद्ध तथ्य ।
  • संक्षेप
    • पारितोषिक: मंगल प्रसाद पारितोषिक (लगभग 1932 के आसपास).​​
    • कारण/उद्देश्य: साकेत के महत्त्वपूर्ण काव्य-कार्य के लिए हिंदी साहित्यिक सम्मान के तौर पर दिया गया.
    • अन्य विवरण: काव्य का केंद्र उर्मिला के भाव-प्रधान कथन और राम-कथा का आधुनिक प्रस्तुति है.​​

35. वर्ष 1991 में व्यास सम्मान किस हिन्दी साहित्यकार को प्राप्त हुआ? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (b) डॉ. राम विलास शर्मा
Solution:
  • वर्ष 1991 में व्यास सम्मान डॉ. रामविलास शर्मा को प्रदान किया गया।
  • यह पुरस्कार इन्हें 'भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दी' ग्रन्थ हेतु दिया गया था।
  • विस्तार (हिंदी में):
    • उद्घाटन संस्करण: 1991
    • विजेता: रामविलास शर्मा
    • रचना/कार्य: Bharat ke Prachin bhasha parivar aur Hindi (1991 के लिए मान्यता)
    • आयोजक संस्था: के. के. बिड़ला फाउंडेशन
    • उद्देश्य: पिछले दशकों में हिंदी साहित्य में विशिष्ट योगदान की मान्यता
  • व्यापक संदर्भ (पुष्टि के लिए प्रमुख बिंदु):
    • व्यास सम्मान एक प्रमुख भारतीय साहित्यिक पुरस्कार है
    • जिसका प्रारम्भ 1991 में हुआ और इसका उद्देश्य हिंदी साहित्य में उच्चस्तरीय योगदान को सम्मानित करना है ।​
    • पहला विजेता रामविलास शर्मा थे
    • उनकी कृति “भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिंदी” को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था ।

36. यशपाल के साहित्य सेवा तथा प्रतिभा से प्रभावित होकर रीवा सरकार ने किस वर्ष "देव पुरस्कार" से सम्मानित किया? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस) परीक्षा, 2024]

Correct Answer: (b) 1955
Solution:
  • 'यशपाल' के साहित्य सेवा तथा प्रतिभा से प्रभावित होकर रीवा सरकार ने उन्हें 1955 ई. में 'देव पुरस्कार' से सम्मानित किया था।
  • नोट- देव पुरस्कार मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है
  • इसकी शुरुआत टीकमगढ़ के महाराज वीर सिंह जू देव (वीर सिंह द्वितीय) द्वारा की गई।
  • पूरा विवरण:
    • देव पुरस्कार क्या है: देव पुरस्कार राज्य सरकारों द्वारा साहित्यिक, कलात्मक या सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान रहा है।
    • Yashpal की स्थिति: हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान और साहित्यिक कार्यों से प्रभावित होकर रीवा (अब मध्य प्रदेश में) शासन ने उन्हें देव पुरस्कार से सम्मानित किया
    • जो 1955 का उल्लेखित वर्ष है।
    • संदर्भित स्रोतों के अनुसार ने किस वर्ष यह सम्मान मिला, और उनके जीवन-चक्र में यह पुरस्कार कैसे जमा हुआ
    • यह जानकारी एक ही स्रोत में स्पष्ट है कि देव पुरस्कार 1955 को मिला, उनके अन्य सम्मान जैसे पद्म भूषण आदि अलग-थलग उल्लेखित हैं।
    • अन्य प्रमुख उपलब्धियाँ: Yashpal को पद्म भूषण (1970) और साहित्य अकादमी पुरस्कार (1976, मृत्यु के पश्चात) जैसे सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है
    • जो उनके साहित्यिक करियर की धार को दर्शाते हैं।
  • ट nipऔर संदर्भ:
    • देव पुरस्कार का वर्ष 1955: यह वर्ष स्रोतों में स्पष्ट लौटता है कि रीवा सरकार ने देव पुरस्कार 1955 में Yashpal को दिया था।
    • Yashpal का अन्य उल्लेख: पद्म भूषण (1970) और साहित्य अकादेमी पुरस्कार (1976) उनके सम्मान-निर्भर करियर के अन्य प्रमुख क्षण बताते हैं।
    • हिंदी साहित्य में उनका योगदान: उनके उपन्यास और रचनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली
    • जैसे कि झूठा सच, मेरी तेरी उसकी बात आदि, जो उनकी साहित्यिक पहचान को मजबूत करते हैं।