पुस्तकें (परम्परागत सामान्य ज्ञान)

Total Questions: 43

21. निम्नलिखित में से कौन-सी आत्मकथा संबंधित क्रिकेटर से सही ढंग से मेल नहीं खाती है? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) प्लेइंग इट माई वे - वी.वी.एस. लक्ष्मण
Solution:
  • 'प्लेइंग इट माई वे' पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा है।
  • जबकि स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट कपिल देव की, द टेस्ट ऑफ माई लाइफ : फ्राम क्रिकेट टू कैंसर एंड बैंक युवराज सिंह की और क्रिकेट डिलाइटफुल मुश्ताक अली की आत्मकथा है।
  • संकेत और स्पष्टता
    • प्रश्न हिंदी में है: “निम्नलिखित में से कौन-सी आत्मकथा संबंधित क्रिकेटर से सही ढंग से मेल नहीं खाती है? full detail and long answer”
    • इसका मतलब है कि आप को एक सूची दी गई होगी (आमतौर पर कई क्रिकेटरों की आत्मकथाएं) और आपको यह बताना है कि कौन-सी आत्मकथा उस खिलाड़ी से सही से मेल नहीं खाती।
    • जो जानकारी मुझे उपलब्ध है, उसके आधार पर एक सामान्य दिशा-निर्देश और कैसे सही उत्तर चुनें, नीचे दिया गया है
    • अगर आप के पास विकल्पों की सूची हो, तो कृपया वही साझा करें ताकि मैं बिल्कुल सटीक मिलान के साथ उत्तर दे सकूं।
  • कैसे चुनें कि कौन सी आत्मकथा मेल नहीं खाती
    • लेखक-क्रिकेटर का नाम और आत्मकथा का शीर्षक मिलान: हर आत्मकथा का लेखक वही खिलाड़ी होना चाहिए जिसने उसी खेल-जीवन के बारे में किताब लिखी है.
    • संदर्भ-समय और भूमिका: आत्मकथा का कंटेंट और परिचर्चाओं का दायरा (उदा., कप्तानी के दौरान के अनुभव, घरेलू-अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, व्यक्तिगत जीवन आदि
    • उस खिलाड़ी के वास्तविक करियर-पथ से संगत होना चाहिए।
    • सह-लेखक/सह-लेखिका: कुछ आत्मकथाओं में सह-लेखक होते हैं
    • यदि सूची में किसी खिलाड़ी की आत्मकथा का नाम है जो क्रिकेट से जुड़ा नहीं या किसी अन्य खिलाड़ी के बारे में है, तो वह मेल नहीं खाती।
    • शीर्षक का मेल: कभी-कभी आत्मकथा का शीर्षक खिलाड़ी के नाम से सीधे मेल खाता है, कभी-कभी नहीं; लेखक और खेल-जीवन से संबद्धता सबसे अहम है।
  • संभावित गलत मिलान के संकेत
    • अगर आत्मकथा का लेखक क्रिकेटरत नहीं है
    • जैसे किसी अन्य खेल के खिलाड़ी की आत्मकथा) या किसी खिलाड़ी की आत्मकथा का कंटेंट उसी खिलाड़ी के बजाय किसी अन्य खिलाड़ी के करियर-एपिसोड पर केंद्रित हो, तो वह मेल नहीं खाती।
    • यदि शीर्षक में खिलाड़ी का नाम है पर किताब का वास्तविक लेखक किसी अन्य व्यक्ति (जैसे लेखक-प्रकाशक, पत्रकार) है
    • किताब उसी खिलाड़ी के करियर के बारे में है, तब भी यह पूछे अनुसार “मेल नहीं खाती” का मामला बन सकता है।
  • उदाहरण (सारांश शैली में, ताकि आप विकल्पों के साथ सही मिलान कर सकें)
    • सचिन तेंदुलकर – Playing It My Way: यह सचिन की आत्मकथा है, अतः यह मेल खाती है।
    • Ricky Ponting – Facing Up: यह रिकी पैॉन्टिंग की आत्मकथा है, इसलिए भी मेल खाती है।
    • Adam Gilchrist – True Colours: यह एडम गिलक्रिस्ट की आत्मकथा है, इसलिए मेल खाती है।
    • Kapil Dev – The Test of My Life: यह कपिल देव की आत्मकथा है, इसलिए मेल खाती है।
    • अगर विकल्प में Mike Tyson जैसी Boxing-आत्मकथा शामिल है: cricket से संबंधित खिलाड़ी की आत्मकथा नहीं है, अतः यह मेल नहीं खाती।

22. निम्नलिखित में से 'रेड अर्थ एंड पोरिंग रेन: ए नॉवेल' (Red Earth and Pouring Rain: A Novel) पुस्तक के लेखक कौन हैं? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) विक्रम चंद्रा
Solution:
  • रेड अर्थ एंड पोरिंग रेन ए नॉवेल (Red Earth and Pouring Rain: A Novel) पुस्तक के लेखक विक्रम चंद्रा हैं।
  • विक्रम चंद्रा एक भारतीय-अमेरिकी लेखक हैं।
  • उन्होंने इस पुस्तक के लिए वर्ष 1996 में सर्वश्रेष्ठ प्रथम पुस्तक के लिए राष्ट्रमंडल लेखक पुरस्कार जीता था।
  • लेखक का नाम: विक्रम चंद्रा
    • परिचय: अमेरिकी-भारतीय लेखक, जिनका जन्म 1961 में हुआ। वे भारतीय इतिहास, मिथक-कथा और औपन्यासिक कथा-शैली के लिए जाने जाते हैं।
    • लेखन का प्रमुख प्रभाव: यह उपन्यास भारतीय इतिहास के 18वीं-19वीं सदी के मोह-युद्ध, राजसी सत्ता और पौराणिक तत्वों को एक साथ बुना हुआ है
    • साथ ही एक आधुनिक-यात्रा कथा भी केन्द्र में है। विक्रम चंद्रा ने इतिहास-लोककथा और यथार्थ को मिलाकर नैरेटिव के रूप में एक गहन कसा हुआ संसार रचा है।
    • प्रकाशन और reception: Red Earth and Pouring Rain को साहित्यिक चर्चा में व्यापक मान्यता मिली
    • यह भारतीय उपन्यासिक परंपरा के एक महत्त्वपूर्ण नमूना माना गया है और कई पाठकों ने इसे शिल्पगत रूप से भी उत्कृष्ट बताया है।
    • अन्य प्रमुख योगदान: विक्रम चंद्रा ने भी कई उपन्यास, कथा-संग्रह और निबंध लिखे हैं
    • उनका लेखन सामान्यतः मिथक-आधारित, ऐतिहासिक या सामाजिक-राजनीतिक विषयों के इर्द-गिर्द घूमता है।
    • थीम्स और शैली: पौराणिक-देव-गणों का समावेश, ऐतिहासिक युद्ध-यात्राओं का वर्णन, और आधुनिक-यात्रा-आख्यान के साथ गढ़ी गई कथा-यंत्रणा।
    • भाषा में ध्वन्यात्मकता और क्लासिकल बानगी मिलती है, जिससे पाठक को एक कथात्मक प्रवाह मिलता है।

23. पाणिनि की अष्टाध्यायी ....... पर लिखी गई एक प्रसिद्ध कृति है। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) संस्कृत व्याकरण
Solution:
  • पाणिनि की अष्टाध्यायी संस्कृत व्याकरण पर लिखी गई एक प्रसिद्ध कृति है।
  • अष्टाध्यायी का परिचय
    • अष्टाध्यायी का अर्थ है "आठ अध्यायों वाली", जो इसके नाम को सटीक रूप से दर्शाता है।
    • यह महर्षि पाणिनि द्वारा रचित ग्रंथ है, जिन्हें ईसा पूर्व ६ठी से ५वीं शताब्दी के बीच का व्याकरणाचार्य माना जाता है।
    • इसमें आठ अध्याय हैं, प्रत्येक अध्याय चार पादों में विभक्त है
    • कुल ३२ पादों में ध्वनि, संज्ञा, क्रिया, विभक्ति, लिंग आदि भाषा तत्वों का विस्तृत विवेचन है।
    • यह वेदांग व्याकरण का मूलभूत पाठ है और शास्त्रीय संस्कृत के मानक को स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई।
  • रचना और संरचना
    • पाणिनि ने संस्कृत को परिष्कृत करने के लिए इस ग्रंथ की रचना की
    • जिसमें भाषा के सभी अवयवों जैसे अक्षरसमाम्नाय (ध्वन्यात्मकता), पद-परिचय, संधि, समास आदि को सूत्र रूप में संकलित किया गया।
    • प्रत्येक सूत्र अत्यंत संक्षिप्त और गणितीय सूत्रों की तरह कार्य करता है, जो भाषा निर्माण की प्रक्रिया को algorithmic तरीके से परिभाषित करता है।
    • कुल सूत्रों की संख्या लगभग ३९५९ से ४००० तक मानी जाती है, जो आठ अध्यायों में असमान रूप से वितरित हैं
    • पहले अध्याय में सबसे अधिक। यह ग्रंथ वैदिक परंपरा से जुड़ा है और भाषा को ज्ञेय, विश्वस्त एवं सुंदर बनाने में सहायक रहा।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • अष्टाध्यायी ने संस्कृत को अपरिवर्तनीय रूप प्रदान किया, जिससे यह भाषा स्थिर हो गई।
    • इसका प्रभाव न केवल संस्कृत पर, बल्कि भारतीय भाषाओं, दर्शन, साहित्य और आधुनिक भाषाविज्ञान पर भी पड़ा।
    • पाणिनि के पूर्व अपभ्रंश व्याकरण थे, लेकिन अष्टाध्यायी ने पहली बार पूर्ण व्यवस्था दी।
    • आधुनिक संदर्भ में इसे computational linguistics का प्रारंभिक उदाहरण माना जाता है
    • क्योंकि इसके सूत्र generative grammar के सिद्धांतों से मेल खाते हैं।
  • अन्य प्रसिद्ध कृतियाँ और टीकाएँ
    • अष्टाध्यायी पर कई प्रसिद्ध टीकाएँ लिखी गईं, जैसे:
    • महाभाष्य—पतंजलि द्वारा (लगभग १५० ई.पू.), जो विस्तृत व्याख्या प्रदान करता है।
    • वृत्ति—कात्यायन या वरदराज द्वारा।
    • सिद्धान्तकौमुदी—भट्टोजि दीक्षित द्वारा (१७वीं शताब्दी), जो सूत्रों को विषयानुसार व्यवस्थित करती है और सबसे लोकप्रिय है।
    • ये टीकाएँ अष्टाध्यायी को अधिक सुलभ बनाती हैं, क्योंकि मूल सूत्र अत्यंत संक्षिप्त हैं।​
  • आधुनिक प्रासंगिकता
    • आज अष्टाध्यायी अध्ययन के लिए विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है
    • AI, natural language processing में अनुसंधान का आधार है।
    • यह भारतीय संस्कृति का गौरव है, जो भाषा को विज्ञान के रूप में स्थापित करता है।​

24. 'उत्तर रामचरित' निम्नलिखित में से किस कवि की रचना थी? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) भवभूति
Solution:
  • 'उत्तर रामचरित' भवभूति की रचना है।
  • उत्तर रामचरित्म भवभूति की रचना है।
    • उ यह राम के उत्तर जीवन, अर्थात वनवास के बाद उनके राज्याभिषेक और सीता के पुनर्मिलन तक की घटनाओं को क्रमिक रूप से दर्शाता है।
    • भवभूति 8वीं–9वीं शताब्दी के समय जीवित माने जाते हैं, और उत्तर रामचरितम् उनके प्रमुख नाटकों में से एक है।
    • यह Malati-Madhava, Mahavir-charita आदि के साथ भवभूति के प्रमुख रचनाकाल की पहचान में आता है।
    • संस्कृत साहित्य के पाठ्यक्रमों और शैक्षणिक संदर्भों में उत्तर रामचरितम् को भवभूति की रचना के रूप में स्पष्ट किया गया है
    • जबकि अन्य नामक रचनाएँ (जैसे कादम्बरी, किरातार्जुनीयम् आदि) भिन्न कवियों की रचनाएँ हैं।
  • अतिरिक्त स्पष्टता के लिए:
    • उत्तर रामचरितम् की संरचना नौ भागों में बताई जाती है
    • जिसमें राम के उत्तर जीवन और राम-रौद्र के बाद की घटनाओं का चित्रण है। यह विवरण विभिन्न स्रोतों में उपलब्ध है।

25. 'द व्हाइट टाइगर' (The White Tiger) नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं? [MTS (T-I) 16 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) अरविंद अडिगा.
Solution:
  • उपन्यास 'द व्हाइट टाइगर' अरविंद अडिगा द्वारा लिखित उनका पहला उपन्यास है।
  • इस उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 2008 में बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • 'व्हाइट टाइगर' के लेखक
    • 'द व्हाइट टाइगर' (The White Tiger) पुस्तक के लेखक भारतीय लेखक अरविंद अडिगा हैं।
    • यह उनका पहला उपन्यास है, जो 2008 में प्रकाशित हुआ था।
  • पुस्तक की मुख्य जानकारी
    • यह उपन्यास बलराम हलवाई नामक एक गरीब ग्रामीण युवक की कहानी है
    • जो "अंधेरे" (गरीबी) से "उजाले" (शहरी अमीरी) की ओर बढ़ता है।
    • कहानी पत्रों के रूप में चीन के प्रीमियर को लिखी गई है
    • भारत की सामाजिक-आर्थिक असमानता, भ्रष्टाचार तथा पूंजीवाद के अंधेरे पक्ष को उजागर करती है।
  • पुरस्कार और महत्व

    • उपन्यास ने 2008 में 40वां मैन बुकर पुरस्कार जीता, जो अडिगा को सबसे कम उम्र के विजेताओं में से एक बनाता है।
    • यह आधुनिक भारत का कटु चित्रण है, जहां निचली जातियों का शोषण प्रमुख विषय है।
  • लेखक अरविंद अडिगा के बारे में

    • अरविंद अडिगा का जन्म 1974 में मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ। वे पत्रकार रह चुके हैं और मुंबई में रहते हैं।
    • अन्य रचनाओं में 'बिटवीन द असैसिनेशन्स' और 'लास्ट मैन इन टावर' शामिल हैं।

26. "द ब्लू अम्ब्रेला" प्रसिद्ध भारतीय लेखक ....... द्वारा लिखित एक उपन्यास है। [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 15 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) रस्किन बॉण्ड
Solution:
  • 'द ब्लू अम्ब्रेला' उपन्यास रस्किन बॉण्ड ने लिखी है।
  • लेखक परिचय
    • रस्किन बॉन्ड ब्रिटिश मूल के आंग्ल-भारतीय लेखक हैं, जो भारत में रहते हुए उपन्यास, लघु कथाएँ और निबंध लिखते हैं।
    • उनका पहला उपन्यास "द रूम ऑन द रूफ" था, जिसके लिए उन्होंने सम्मान प्राप्त किया।​
    • बॉन्ड की रचनाएँ प्रकृति, बचपन और नैतिक मूल्यों पर केंद्रित होती हैं।​
  • कथानक सारांश
    • कहानी गढ़वाल के एक छोटे गाँव की है, जहाँ बिन्या नाम की लड़की अपनी विधवा माँ और भाई बिज्जू के साथ रहती है।
    • बिन्या पर्यटकों से एक सुंदर नीली छतरी प्राप्त करती है, जिसके बदले वह अपना तेंदुए का नाखून वाला ताबीज़ दे देती है।​
    • दुकानदार राम भरोसे इस छतरी से ईर्ष्या करने लगता है, लेकिन अंत में कहानी दया, नायकत्व और क्षमा के भावों से भर जाती है।​​
  • प्रमुख पात्र
    • बिन्या: मासूम और साहसी लड़की, जो छतरी की मालकिन बनती है।
    • राम भरोसे: कंजूस दुकानदार, जो छतरी के प्रति लालची हो जाता है।
    • बिज्जू: बिन्या का भाई, जो उसकी मदद करता है।​​
  • रूपांतरण और पुरस्कार
    • इस उपन्यास पर 2005 में विशाल भारद्वाज ने हिंदी फिल्म बनाई
    • जो सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी है।
    • फिल्म पंकज कपूर अभिनीत थी और बच्चों के बीच लोकप्रिय हुई।​
  • महत्व और लोकप्रियता
    • यह कहानी ईर्ष्या से मुक्ति, उदारता और सरल जीवन के सबक सिखाती है।​
    • छपने के बाद से यह बच्चों और बड़ों में लोकप्रिय बनी हुई है, विशेषकर पहाड़ी जीवन के चित्रण के लिए।

27. 'द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स (The God of small Things)' उपन्यास का लेखक कौन है? [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 15 जून, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (I-पाली), C.P.O.S.I. (T-I) 11 नवंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) अरुंधति राय
Solution:
  • 'द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स' (प्रकाशन वर्ष 1997) पुस्तक की लेखिका अरुंधति राय हैं।
  • उन्हें इस पुस्तक के लिए वर्ष 1997 का बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • अरुंधति रॉय का जीवन परिचय
    • अरुंधति रॉय का जन्म 24 नवंबर 1961 को शिलांग, मेघालय में हुआ था। उनकी मां मैरी रॉय एक सिरियाई ईसाई थीं
    • जिन्होंने संपत्ति अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी।
    • रॉय ने दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से वास्तुकला की पढ़ाई की, लेकिन लेखन और सिनेमा की ओर रुख किया।
    • उन्होंने अभिनय, पटकथा लेखन और डिजाइन में काम किया, जिसमें फिल्म 'इन विदच ऐनी गिव्स इट दोज़ वन्स' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
  • उपन्यास की पृष्ठभूमि और प्रकाशन
    • रॉय ने यह उपन्यास 1992 से लिखना शुरू किया और 1996 में पूरा किया। यह केरल के अय्यनमेम गांव की आईपे परिवार की कहानी है
    • जो अंग्रेजी में लिखी गई है। हरपरकॉलिन्स ने इसे £500,000 अग्रिम दिए और यह 21 देशों में बिका।
    • जज गिलियन बीयर ने इसे प्रतिभा की कृति कहा।
    • यह गैर-प्रवासी भारतीय लेखक की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब बनी।
  • कथानक का सार
    • उपन्यास जुड़वां भाई-बहन एस्था और राहेल की कहानी है
    • जो मां अम्मू के एक 'अस्पृश्य' से प्रेम के कारण सामाजिक नियमों से टकराती है।
    • कथा समय के साथ आगे-पीछे चलती है
    • जिसमें जाति व्यवस्था, प्रेम और परिवार के टूटने को काव्यात्मक भाषा में दिखाया गया। यह अर्ध-आत्मकथात्मक है और रॉय के बचपन से प्रेरित।
  • पुरस्कार और प्रभाव
    • 1997 का बुकर प्राइज जीतने से रॉय को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली। किताब ने 60 लाख से ज्यादा प्रतियां बिकीं।
    • बाद में रॉय ने 'द मिनिस्ट्री ऑफ अटमॉस्ट हैप्पीनेस' (2017) लिखा
    • लेकिन वे पर्यावरण, मानवाधिकार और राजनीतिक निबंधों के लिए जानी जाती हैं।

28. 'द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस' (The Inheritance of Loss) पुस्तक ....... द्वारा लिखी गई है। [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुहिलस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 10 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) किरण देसाई
Solution:
  • 'द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस' (The Inheritance of Loss) उपन्यास की लेखिका किरण देसाई हैं। इसका प्रकाशन वर्ष 2006 में हुआ।
  • लेखिका का परिचय
    • किरण देसाई एक भारतीय-अमेरिकी लेखिका हैं, जिनका जन्म 1971 में नई दिल्ली में हुआ था।
    • वे प्रसिद्ध लेखिका आनंदी देसाई की बेटी हैं और अमेरिका में पली-बढ़ीं।
    • उनकी पहली किताब 'हल्लाबालू इन द ग्वावा ऑर्चर्ड' (1998) के बाद यह उनकी दूसरी प्रमुख उपन्यास है, जिसे सात साल की मेहनत के बाद लिखा गया।
  • प्रकाशन और पुरस्कार
    • यह उपन्यास पहली बार 2006 में प्रकाशित हुआ था। इसने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते
    • जिनमें 2006 का मैन बुकर प्राइज (जिसके लिए वे सबसे युवा महिला विजेता बनीं), 2007 का नेशनल बुक क्रिटिक्स सर्कल फिक्शन अवार्ड, और 2006 का वोडाफोन क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड शामिल हैं।
    • ये सम्मान इसे वैश्विक स्तर पर सराही गई रचना बनाते हैं।
  • कथानक का सार
    • कहानी मुख्य रूप से हिमालय की तलहटी में स्थित कलिम्पोंग नामक स्थान पर केंद्रित है
    • जहाँ एक पुराना घर 'चौबा' है। यहाँ रहते हैं जज जेम्स माकडोनल्ड, उनकी कुक, और अनाथ लड़की साई। साथ ही, न्यूयॉर्क की पृष्ठभूमि में भारतीय प्रवासी बिजू की कहानी जुड़ती है।
    • 1986 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान की घटनाएँ इसमें उभरती हैं, जहाँ विद्रोह, लूट और अराजकता फैल जाती है।
  • प्रमुख विषय
    • प्रवासन और पहचान: दो दुनिया (पूर्व और पश्चिम), अतीत व वर्तमान के बीच संघर्ष।
    • उपनिवेशवाद का प्रभाव: ब्रिटिश राज के निशान, नस्लवाद, और सांस्कृतिक टकराव।
    • वर्ग और असमानता: अमीर-गरीब, स्थानीय-प्रवासी के बीच की खाई।
    • नुकसान की विरासत: व्यक्तिगत और सामूहिक हानि, जो पीढ़ियों तक चलती है।
    • यह उपन्यास बहु-सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारत की जटिलताओं को दर्शाता है। आलोचकों ने इसे बुद्धिमान, गहन और भावनात्मक बताया है
    • जिसमें हास्य और व्यंग्य भी है। यह एशिया, यूरोप और अमेरिका में प्रशंसित रही।
    • 2015 में इकोनॉमिक टाइम्स ने किरण देसाई को 20 प्रभावशाली वैश्विक भारतीय महिलाओं में शामिल किया।
  • अन्य रोचक तथ्य
    • प्रकाशक: ग्रोव अटलांटिक।
    • अनुवाद: हिंदी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध।
    • प्रभाव: आधुनिक भारतीय अंग्रेजी साहित्य में मील का पत्थर।

29. निम्नलिखित में से कौन-सा उपन्यास प्रसिद्ध भारतीय लेखक मुल्क राज आनंद द्वारा लिखा गया था? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली), MTS (T-I) 16 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) अनटचेबल
Solution:
  • 'अनटचेबल' उपन्यास के लेखक मुल्कराज आनंद हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 1935 में हुआ था।
  • लेखिका का परिचय
    • किरण देसाई एक भारतीय-अमेरिकी लेखिका हैं, जिनका जन्म 1971 में नई दिल्ली में हुआ था।
    • वे प्रसिद्ध लेखिका आनंदी देसाई की बेटी हैं और अमेरिका में पली-बढ़ीं।
    • उनकी पहली किताब 'हल्लाबालू इन द ग्वावा ऑर्चर्ड' (1998) के बाद यह उनकी दूसरी प्रमुख उपन्यास है, जिसे सात साल की मेहनत के बाद लिखा गया।
  • प्रकाशन और पुरस्कार
    • यह उपन्यास पहली बार 2006 में प्रकाशित हुआ था। इसने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते
    • जिनमें 2006 का मैन बुकर प्राइज (जिसके लिए वे सबसे युवा महिला विजेता बनीं), 2007 का नेशनल बुक क्रिटिक्स सर्कल फिक्शन अवार्ड, और 2006 का वोडाफोन क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड शामिल हैं।
    • ये सम्मान इसे वैश्विक स्तर पर सराही गई रचना बनाते हैं।
  • कथानक का सार
    • कहानी मुख्य रूप से हिमालय की तलहटी में स्थित कलिम्पोंग नामक स्थान पर केंद्रित है
    • जहाँ एक पुराना घर 'चौबा' है। यहाँ रहते हैं जज जेम्स माकडोनल्ड, उनकी कुक, और अनाथ लड़की साई।
    • साथ ही, न्यूयॉर्क की पृष्ठभूमि में भारतीय प्रवासी बिजू की कहानी जुड़ती है।
    • 1986 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान की घटनाएँ इसमें उभरती हैं, जहाँ विद्रोह, लूट और अराजकता फैल जाती है।
  • प्रमुख विषय
    • प्रवासन और पहचान: दो दुनिया (पूर्व और पश्चिम), अतीत व वर्तमान के बीच संघर्ष।
    • उपनिवेशवाद का प्रभाव: ब्रिटिश राज के निशान, नस्लवाद, और सांस्कृतिक टकराव।
    • वर्ग और असमानता: अमीर-गरीब, स्थानीय-प्रवासी के बीच की खाई।
    • नुकसान की विरासत: व्यक्तिगत और सामूहिक हानि, जो पीढ़ियों तक चलती है।
  • साहित्यिक महत्व
    • यह उपन्यास बहु-सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारत की जटिलताओं को दर्शाता है।
    • आलोचकों ने इसे बुद्धिमान, गहन और भावनात्मक बताया है, जिसमें हास्य और व्यंग्य भी है।
    • यह एशिया, यूरोप और अमेरिका में प्रशंसित रही।
    • 2015 में इकोनॉमिक टाइम्स ने किरण देसाई को 20 प्रभावशाली वैश्विक भारतीय महिलाओं में शामिल किया।
  • अन्य रोचक तथ्य
    • प्रकाशक: ग्रोव अटलांटिक।
    • अनुवाद: हिंदी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध।
    • प्रभाव: आधुनिक भारतीय अंग्रेजी साहित्य में मील का पत्थर।

30. 'द गॉडफादर ऑफ सोल' ....... की आत्मकथा है, जो महान संगीतकारों में से एक थे/थीं। [C.P.O.S.I. (T-I) 10 नवंबर, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) जेम्स ब्राउन
Solution:
  • 'द गॉडफादर ऑफ सोल' महान संगीतकार जेम्स ब्राउन की आत्मकथा है।
  • जेम्स ब्राउन का परिचय
    • जेम्स ब्राउन को "गॉडफादर ऑफ सोल", "मिस्टर डायनामाइट" और "द हार्डेस्ट वर्किंग मैन इन शो बिजनेस" जैसे उपनामों से जाना जाता है।
    • वे 1933 में जन्मे और गरीबी में बड़ा हुए, लेकिन अपनी ऊर्जा भरी प्रस्तुतियों और प्रभावशाली आवाज से संगीत जगत में क्रांति ला दी।
    • रॉलिंग स्टोन पत्रिका ने उन्हें अब तक के 100 महानतम कलाकारों में सातवें स्थान पर रखा है।
  • आत्मकथा की जानकारी
    • उनकी आत्मकथा "The Godfather of Soul: An Autobiography" 1986 में प्रकाशित हुई
    • जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के संघर्षों, सफलताओं और संगीत यात्रा का खुलासा किया।
    • किताब में बचपन की कठिनाइयों से लेकर स्टेज पर चमत्कारिक प्रदर्शनों तक की कहानी है
    • जो पाठकों को प्रेरित करती है। यह आत्मकथा उनके सह-लेखक ब्रUCE टुपर के साथ लिखी गई।
  • संगीतमय योगदान
    • जेम्स ब्राउन ने सोल, फंक और आरएंडबी शैलियों को नया रूप दिया
    • हिट गाने जैसे "Papa's Got a Brand New Bag", "I Got You (I Feel Good)" और "Get Up (I Feel Like Being a) Sex Machine" दिए।
    • उनकी नृत्य शैली और लाइव परफॉर्मेंस ने माइकल जैक्सन जैसे कलाकारों को प्रभावित किया।
    • 1986 में रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के अलावा, 2013 और 2017 में रिदम एंड ब्लूज हॉल ऑफ फेम में सम्मानित हुए।
  • जीवन के प्रमुख पड़ाव
    • बचपन में ऑगस्टा, जॉर्जिया के एक वेश्यालय में पले-बढ़े, जहां उन्होंने शूटिंग और चोरी जैसे अपराधों के लिए जेल भी काटी।
    • 1950-60 के दशक में गॉस्पेल और जाज से सोल की ओर मुड़े, जिससे ब्लैक प्राइड मूवमेंट को बढ़ावा मिला।
    • 2006 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है।