Correct Answer: (b) दि हार्ट हैज इट्स रीजन्स
Solution:- 'दि हार्ट हैज इट्स रीजन्स' कृष्णा सोबती द्वारा लिखा गया उपन्यास है, जो मूल रूप से 'दिलो-दानिश' (दिल-ओ-दानिश) के रूप में प्रकाशित हुआ था।
- कृष्णा सोबती का उपन्यास 'दिलो-दानिश'
- कृष्णा सोबती द्वारा लिखित उपन्यास द हार्ट हैज़ इट्स रीजन्स मूल रूप से 'दिलो-दानिश' (या दिल-ओ-दानिश) के शीर्षक से प्रकाशित हुआ था।
- यह उपन्यास हिंदी साहित्य में उनकी प्रमुख कृतियों में से एक है
- जो दिल्ली की एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानी पर आधारित है।
- कथानक का सारांश
- उपन्यास दिल्ली की एक सामंती हवेली में रहने वाले परिवार की जिंदगी को दर्शाता है
- जहां मुख्य पात्र कृपानारायण अपनी पत्नी के अलावा एक अन्य स्त्री से संबंध रखते हैं।
- दोनों स्त्रियों और उनके बच्चों की परवरिश वे नेकनीयती से करते हैं
- जो उस दौर की सामाजिक व्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है।
- प्रेम, मुहब्बत, सामाजिकता और जीवन के सुख-दुख की छोटी-बड़ी घटनाओं का संगम इसकी खासियत है।
- कृष्णा सोबती ने शब्दों के जादू से तत्कालीन समाज की अच्छाइयों और बुराइयों का तटस्थ चित्रण किया है।
- प्रकाशन और अनुवाद इतिहास
- यह उपन्यास पहले 'दिलो-दानिश' के नाम से हिंदी में प्रकाशित हुआ।
- 2005 में रीमा आनंद और कथा बुक्स की मीनाक्षी स्वामी द्वारा इसका अंग्रेजी अनुवाद द हार्ट हैज़ इट्स रीजन्स के रूप में आया
- जिसने भारतीय भाषा कथा अनुवाद श्रेणी में क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड जीता।
- यह कृष्णा सोबती के लेखन की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।
- कृष्णा सोबती का लेखन शैली
- कृष्णा सोबती हिंदी साहित्य की सशक्त लेखिका हैं, जिनकी रचनाएं स्त्री विमर्श, सामाजिक परिवर्तन और आंतरिक संघर्षों पर केंद्रित हैं।
- 'दिलो-दानिश' में उन्होंने भाषा को भावनाओं की गहराई तक उतारा है
- जो पाठकों को पुरानी दिल्ली की हवेली संस्कृति से जोड़ता है।
- उनकी अन्य कृतियां जैसे 'मित्रो मरजानी', 'दार से बिच्छुड़ी' आदि भी बहुस्तरीय हैं।
- साहित्यिक महत्व
- यह उपन्यास आजादी पूर्व भारत की पारिवारिक व्यवस्था को उजागर करता है
- जहां बहुपत्नी प्रथा सामान्य थी।
- फिर भी, लेखिका ने इसे निष्पक्षता से पेश किया। पाठक इसे नई सज्जा में पढ़ना पसंद करते हैं।