पुस्तकें (परम्परागत सामान्य ज्ञान)

Total Questions: 43

31. 'गोल' किस प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी की आत्मकथा है? [CHSL (T-I) 06 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) मेजर ध्यानचंद
Solution:
  • 'गोल' हॉकी के प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की आत्मकथा है।
  • ध्यानचंद का प्रारंभिक जीवन
    • मेजर ध्यानचंद (जन्म: 29 अगस्त 1905, इलाहाबाद) का पूरा नाम ध्यान सिंह था।
    • वे 16 वर्ष की आयु में भारतीय सेना में शामिल हुए और वहाँ हॉकी खेलना सीखा।
    • उनके पिता सेना में थे, जिन्होंने उन्हें खेल की प्रेरणा दी।
    • ध्यानचंद ने अपनी आत्मकथा में बताया कि कैसे वे रात में स्टेडियम की रोशनी में प्रैक्टिस करते थे
    • जिससे उनकी स्टिक से गेंद चिपक जाती प्रतीत होती।​
    • 'गोल' 1952 में स्पोर्ट्स एंड पास्टाइम, मद्रास द्वारा प्रकाशित हुई, जिसमें 261 पृष्ठ हैं।
    • यह उनकी हॉकी यात्रा, तकनीकी सुझाव और जीवन के रोचक प्रसंगों से भरी है।
  • ओलंपिक सफलताएँ
    • ध्यानचंद ने 1928 एम्स्टर्डम, 1932 लॉस एंजिल्स और 1936 बर्लिन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाए।
    • बर्लिन में कप्तान बनकर उन्होंने जर्मनी को 8-1 से हराया, जहाँ हिटलर भी प्रभावित हुए।​​
    • कुल 12 ओलंपिक मैचों में उन्होंने 39 गोल किए, जो आज भी अभूतपूर्व रिकॉर्ड है। उनकी गेंद नियंत्रण कला ने उन्हें 'हॉकी का जादूगर' बनाया।​​
    • पुस्तक में वे बर्लिन मैच का वर्णन करते हैं, जहाँ चोटिल होने पर भी लौटकर गोल कर जीत सुनिश्चित की।​
  • 'गोल' पुस्तक का सार
    • 'गोल' केवल आत्मकथा नहीं, बल्कि हॉकी के गुर भी सिखाती है।
    • ध्यानचंद अपने खेल दिनों की यादें साझा करते हैं, जैसे सेना टूर्नामेंट से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर।
    • यह NCERT कक्षा 6 हिंदी पाठ-2 का हिस्सा है, जहाँ उनके संघर्ष, सफलता और खेल भावना पर प्रकाश डाला गया।
    • पुस्तक में वे तकनीकी सलाह देते हैं, जैसे ड्रिब्लिंग और गोल करने की कला।​​
    • उनकी कहानी प्रेरणा देती है कि दृढ़ संकल्प से कैसे असंभव को संभव बनाया।​
  • सम्मान और विरासत
    • भारत सरकार ने 1956 में उन्हें पद्म भूषण दिया। उनका जन्मदिन (29 अगस्त) राष्ट्रीय खेल दिवस है
    • सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न' उनके नाम पर है।
    • 3 दिसंबर 1979 को उनका निधन हुआ, लेकिन हॉकी प्रेमी उन्हें कभी नहीं भूलते। 'गोल' उनकी अमर विरासत का प्रतीक बनी हुई है।​

32. 'द मैन हू मेड द एलीफेंट डांस' प्रसिद्ध उद्यमी की ....... आत्मकथा है। [CHSL (T-I) 06 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) डॉ. वर्गीज कुरियन
Solution:
  • 'द मैन हू मेड द एलीफेंट डांस' प्रसिद्ध उद्यमी डॉ. वर्गीज कुरियन की आत्मकथा है।
  • पुस्तक का परिचय
    • यह ऑडियोबुक डॉ. कुरियन की गौरवशाली गाथा प्रस्तुत करती है, जिसमें उनकी बेटी निर्मला कुरियन ने बचपन की यादें साझा की हैं।
    • इसमें समान अवसर और उत्कृष्टता पर उनके विश्वास को रेखांकित किया गया है।
    • एलीफेंट" का प्रतीक भारत की जटिल ग्रामीण अर्थव्यवस्था या नौकरशाही को दर्शाता है, जिसे उन्होंने सहकारी मॉडल से नचाया।
  • डॉ. वर्गीज कुरियन का जीवन
    • डॉ. वर्गीज कुरियन का जन्म 26 नवंबर 1921 को केरल में हुआ था।
    • गुजरात के आनंद में अमूल डेयरी के सहकारी आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने दूध उत्पादन में क्रांति ला दी।
    • शुरू में वह अनिच्छुक थे, लेकिन किसानों की समस्याओं से प्रेरित होकर बने रहे।
  • प्रमुख योगदान
    • उन्होंने भैंस के दूध से मिल्क पाउडर बनाने जैसी तकनीकी नवाचार पेश किए।​
    • ऑपरेशन फ्लड (1970 से शुरू) के जरिए भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाया, जिससे ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिला।​
    • सहकारी मॉडल से लाखों छोटे किसानों को सशक्त किया, मध्यस्थों पर निर्भरता कम की।
  • चुनौतियाँ और विरासत
    • राजनीतिक बाधाओं, नौकरशाही और हितों से संघर्ष किया। उन्हें "मिल्कमैन ऑफ इंडिया" कहा जाता है।
    • यह आत्मकथा उद्यमिता, प्रबंधन और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा देती है।

33. 'ए चैंपियंस माइंड : लेसंस फ्रॉम ए लाइफ इन टेनिस' निम्नलिखित में से किस टेनिस खिलाड़ी की आत्मकथा है? [CHSL (T-I) 06 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) पीट सैंप्रास
Solution:
  • 'ए चैंपियंस माइंड : लेसंस फ्रॉम ए लाइफ इन टेनिस' टेनिस खिलाड़ी पीट सैंप्रास की आत्मकथा है। इस पुस्तक के सहलेखक पीटर बोडो हैं।
  • लेखक और प्रकाशन
    • यह पुस्तक अमेरिकी टेनिस दिग्गज पीट सैम्प्रास द्वारा लिखी गई है, जिन्होंने पीटर बोदो के सहयोग से इसे तैयार किया।
    • यह 2008 में प्रकाशित हुई और 2009 में व्यापक रूप से उपलब्ध हुई।
    • हिंदी में इसका शीर्षक 'ए चैंपियंस माइंड: लेसंस फ्रॉम ए लाइफ इन टेनिस' के रूप में जाना जाता है।
  • पीट सैम्प्रास का परिचय
    • पीट सैम्प्रास (जन्म: 12 अगस्त 1971) टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं।
    • उन्होंने पुरुष एकल में 14 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, जिसमें विंबलडन 7 बार (1993-95, 1997-2000) और यूएस ओपन 5 बार शामिल हैं।
    • वे 1990 के दशक के अधिकांश समय विश्व नंबर 1 रहे और 2002 यूएस ओपन फाइनल में आंद्रे अगासी पर जीत के साथ संन्यास लिया।
  • पुस्तक का सारांश
    • पुस्तक में सैम्प्रास अपनी मानसिकता, चुनौतियों और टेनिस करियर के सबक साझा करते हैं।
    • वे बचपन की कठिन हार (जैसे स्टेफन एडबर्ग से), कोच टिम गुलिकसन की मृत्यु, और अगासी से कड़ी प्रतिद्वंद्विता पर खुलकर बात करते हैं।
    • यह चैंपियन बनने की मानसिक प्रक्रिया पर केंद्रित है, जैसे खेल के प्रति समर्पण और दबाव में प्रदर्शन।
  • प्रमुख अध्याय और थीम्स
    • प्रारंभिक जीवन: किशोरावस्था में एडबर्ग से हार के बाद टेनिस के प्रति 'मठवासी' समर्पण।​
    • व्यक्तिगत संघर्ष: कोच की मौत और बीमारी के बावजूद 1996 यूएस ओपन जीत।​
    • प्रतिद्वंद्वी: अगासी से भावनात्मक मुकाबले।​
    • संन्यास: 2002 यूएस ओपन का अंतिम मैच।​
  • अन्य विकल्पों से अंतर
    • मारिया शारापोवा: उनकी आत्मकथा 'Unstoppable' है।​
    • लिएंडर पेस: 'A Passage Between Us'।​
    • बोरिस बेकर: 'The Player'।​
    • यह स्पष्ट रूप से सैम्प्रास की ही पुस्तक है।​
  • महत्व और समीक्षा
    • पुस्तक को टेनिस प्रशंसकों द्वारा सराहा गया, क्योंकि सैम्प्रास अपनी निजी भावनाओं को पहली बार खोला।
    • स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड ने इसे चैंपियन की आंतरिक दुनिया का गहरा विश्लेषण कहा।
    • यह टेनिस में सफलता के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को समझने के लिए उपयोगी है।

34. कृष्णा सोबती द्वारा लिखे गए निम्नलिखित उपन्यासों में से कौन-सा मूल रूप से 'दिलो-दानिश' के रूप में प्रकाशित हुआ था? [CHSL (T-I) 08 जून, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) दि हार्ट हैज इट्स रीजन्स
Solution:
  • 'दि हार्ट हैज इट्स रीजन्स' कृष्णा सोबती द्वारा लिखा गया उपन्यास है, जो मूल रूप से 'दिलो-दानिश' (दिल-ओ-दानिश) के रूप में प्रकाशित हुआ था।
  • कृष्णा सोबती का उपन्यास 'दिलो-दानिश'
    • कृष्णा सोबती द्वारा लिखित उपन्यास द हार्ट हैज़ इट्स रीजन्स मूल रूप से 'दिलो-दानिश' (या दिल-ओ-दानिश) के शीर्षक से प्रकाशित हुआ था।
    • यह उपन्यास हिंदी साहित्य में उनकी प्रमुख कृतियों में से एक है
    • जो दिल्ली की एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानी पर आधारित है।​
  • कथानक का सारांश
    • उपन्यास दिल्ली की एक सामंती हवेली में रहने वाले परिवार की जिंदगी को दर्शाता है
    • जहां मुख्य पात्र कृपानारायण अपनी पत्नी के अलावा एक अन्य स्त्री से संबंध रखते हैं।
    • दोनों स्त्रियों और उनके बच्चों की परवरिश वे नेकनीयती से करते हैं
    • जो उस दौर की सामाजिक व्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है।
    • प्रेम, मुहब्बत, सामाजिकता और जीवन के सुख-दुख की छोटी-बड़ी घटनाओं का संगम इसकी खासियत है।
    • कृष्णा सोबती ने शब्दों के जादू से तत्कालीन समाज की अच्छाइयों और बुराइयों का तटस्थ चित्रण किया है।
  • प्रकाशन और अनुवाद इतिहास
    • यह उपन्यास पहले 'दिलो-दानिश' के नाम से हिंदी में प्रकाशित हुआ।
    • 2005 में रीमा आनंद और कथा बुक्स की मीनाक्षी स्वामी द्वारा इसका अंग्रेजी अनुवाद द हार्ट हैज़ इट्स रीजन्स के रूप में आया
    • जिसने भारतीय भाषा कथा अनुवाद श्रेणी में क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड जीता।
    • यह कृष्णा सोबती के लेखन की वैश्विक पहचान को दर्शाता है।​
  • कृष्णा सोबती का लेखन शैली
    • कृष्णा सोबती हिंदी साहित्य की सशक्त लेखिका हैं, जिनकी रचनाएं स्त्री विमर्श, सामाजिक परिवर्तन और आंतरिक संघर्षों पर केंद्रित हैं।
    • 'दिलो-दानिश' में उन्होंने भाषा को भावनाओं की गहराई तक उतारा है
    • जो पाठकों को पुरानी दिल्ली की हवेली संस्कृति से जोड़ता है।
    • उनकी अन्य कृतियां जैसे 'मित्रो मरजानी', 'दार से बिच्छुड़ी' आदि भी बहुस्तरीय हैं।
  • साहित्यिक महत्व
    • यह उपन्यास आजादी पूर्व भारत की पारिवारिक व्यवस्था को उजागर करता है
    • जहां बहुपत्नी प्रथा सामान्य थी।
    • फिर भी, लेखिका ने इसे निष्पक्षता से पेश किया। पाठक इसे नई सज्जा में पढ़ना पसंद करते हैं।​

35. निम्नलिखित में से कौन 'मिसेज फनीबोंस' (Mrs. Funny bones) पुस्तक की लेखिका हैं? [CGL (T-I) 18 अप्रैल, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) ट्विंकल खन्ना
Solution:
  • 'मिसेज फनीबोंस' पुस्तक की लेखिका बॉलीवुड अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना हैं।
  • पूरा विवरण:
    • पुस्तक का हिंदी/अंग्रेजी शीर्षक: Mrs. Funnybones: She’s Just Like You and a Lot Like Me (2015)।
    • लेखक: ट्विंकल खन्ना, जो एक पूर्व अभिनेत्री और भारतीय लेखिका हैं। यह किताब उनकी पहली बेस्टसेलर non-fiction है
    • भारत में आधुनिक महिला जीवन की व्यंग्यात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
    • प्रकाशक और प्रकाशन वर्ष: Penguin India द्वारा 2015 में प्रकाशित; इसे भारतीय महिला लेखकों में एक प्रमुख विनोदी आवाज के रूप में मान्यता मिली।
    • पुस्तक का स्वर और विषय: दैनिक जीवन, शादी-परिवार, मातृत्व, करियर आदि के बारे में ठहाके लगाती हुई समकालीन भारतीय महिलाओं के अनुभवों पर केंद्रित निबंध-संमिश्रण है
    • लेखिका अपनी निजी जीवन-छवियों और observational humor के साथ टिप्पणी करती हैं।
    • लोकप्रियता और प्रभाव: 2015 में इस पुस्तक ने भारतीय बाजार में उच्च बिक्री दर्ज की और ट्विंकल खन्ना को उस वर्ष की एक प्रमुख महिला लेखक के रूप में स्थापित किया गया।
    • सीक्वल/अनुवर्ती: 2025 के दशक में पुस्तक के बारे में खबरें आईं कि ट््विंकल ने मिसेज फनीबोंस के सीक्वल/रेटर्न्स पर काम किया है
    • जिससे उनकी वापसी की घोषणा हुई है; यह वितरण और प्रचार के स्तर पर इस शृंखला को आगे बढ़ाने की संकेतक है।

36. साल 1980 में कृष्णा सोबती को उनके हिंदी उपन्यास 'जिंदगीनामा' के लिए निम्नलिखित में से कौन-से पुरस्कार से सम्मानित किया गया था? [CHSL (T-I) 08 जून, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) साहित्य अकादमी पुरस्कार
Solution:
  • वर्ष 1980 में कृष्णा सोबती को उनके हिंदी उपन्यास 'जिंदगीनामा - जिंदा रुख' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • वर्ष 2023 में संजीव को 'मुझे पहचानो' उपन्यास के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • विस्तृत विवरण:
    • पुरस्कार का नाम: साहित्य अकादमी पुरस्कार ( Sahitya Akademi Award )
    • वर्ष: 1980
    • कृति: जिंदगीनामा
    • संदर्भ सार: जिंदगीनामा के लिए यह पुरस्कार साहित्यिक योगदान के लिए दिया गया एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान था, जो हिंदी उपन्यासों की अहम धारा में मान्यता देता है।
    • क्रमिक निशानियाँ: 1980 में साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने के बाद 1996 में उन्हें अकादमी फैलोशिप (Sahitya Akademi Fellowship) से सम्मानित किया गया
    • जो अकादमी का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह क्रम उनके साहित्यिक योगदान की सतत मान्यता का प्रमाण है .

37. "लाइफ ऑफ पाई" (Life of pie) उपन्यास किसने लिखा था? [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) यान मार्टेल
Solution:
  • 'लाइफ ऑफ पाई' कनाडाई लेखक यान मार्टेल द्वारा लिखित दार्शनिक उपन्यास है। इसका प्रकाशन वर्ष 2001 में हुआ।
  • नीचे उत्तर सीधे विषय के बारे में है।
    • लेखक: Yann Martel (यान मार्टेल) हैं. यह उपन्यास पहली बार 2001 में प्रकाशित हुआ था
    • मार्टेल को इसी नॉवेल के लिए 2002 का मैन बुकर पुरस्कार मिला।
  • विस्तृत विवरण:
    • लेखक का परिचय: Yann Martel एक कनाडाई लेखक हैं, जिनका जन्म 25 जून 1963 को स्पेन के सलामांका शहर में हुआ था।
    • उनके करियर में कई प्रसिद्ध कृतियाँ हैं, पर Life of Pi उनकी सबसे प्रसिद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य रचना मानी जाती है।
    • कहानी का सार: Life of Pi एक भारतीय लड़के पाई की समुद्री जहाजडूबने के बाद 227 दिनों तक आकाशगामी महासागर में बंगाल टाइगर के साथ लाइफबोट पर जीवित रहने की कथा है।
    • इसकी गहराई में अस्तित्व, आस्था और मानव-पशु संबंध जैसे विषय चलते हैं।
    • अनुवर्ती प्रभाव: उपन्यास को 2012 में Ang Lee द्वारा निर्देशित एक फिल्म में रूपांतरित किया गया
    • जिसने पुरस्कारों की बड़ी सूची जीती और इसकी लोकप्रियता को वैश्विक स्तर पर बढ़ाया।
    • अन्य प्रसिद्ध स्रोत: Britannica के लेख और विकिपीडिया जैसे विश्वसनीय स्रोतों से भी वही जानकारी मिलती है
    • Life of Pi 2001 में प्रकाशित हुआ और मार्टेल को 2002 का मैन बुकर पुरस्कार मिला।
  • यदि आप चाहें, मैं आपको इन विषयों पर और विवरण दे सकता/सकती हूँ:
    • Life of Pi के मुख्य पात्र और उनके विकास पर विस्तृत विश्लेषण
    • उपन्यास के प्रमुख विषय और थीम
    • फिल्म adaptation बनाम पाठ में कितना समान/भिन्न है
    • Yann Martel का लेखन शStyle और अन्यWorks का संक्षिप्त अवलोकन

38. 'माई कंट्री माई लाइफ' (My Country My Life) ....... की आत्मकथा है। [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (III-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) एल. के. आडवाणी
Solution:
  • 'माई कंट्री माई लाइफ' नामक पुस्तक के लेखक लाल कृष्ण आडवाणी (एल.के. आडवाणी) हैं।
  • विस्तृत विवरण:
    • लेखक: लल克ृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani), भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप-प्रधानमंत्री।
    • प्रकाशन: 2008 में प्रकाशित; कुछ स्रोतों के अनुसार 19 मार्च 2008 को julka गया।
    • यह पुस्तक आडवाणी के जीवन-यात्रा, और उनके राजनीतिक विचारों, कार्यों और भारतीय राजनीति के प्रमुख घटनाक्रमों को कावरेज देती है।
    • आंतरिक संरचना: किताब उनके जीवन के पांच चरणों ( phases) के जरिये उनका आत्म-चर्चा प्रस्तुत करती है
    • सिंद, भारत, राजनीति-यात्रा, और आडवाणी के नेतृत्व के समय की घटनाएं, जैसे भाजपा के उभार और राजनीतिक रणनीति आदि।
    • लंबाई/उल्लेखित विषय: कुल पन्नों की संख्या लगभग 1,040 बताई जाती है; Partition से लेकर 2000s तक के घटनाक्रम और चर्चित राजनीतिक मुद्दे इस memoir में शामिल हैं।
    • महत्त्व: यह गैर-कथा-पात्र-उद्धृत साहित्य के भीतर व्यापक रूप से बिकने वाली/autobio genre की किताबों में प्रमुख स्थान पाती है
    • आडवाणी के व्यक्तिगत अनुभवों से भारतीय राजनीतिक इतिहास का उत्तरदिश्टीकृत विवरण देता है।

39. क्लाउड बर्थोलेट और अन्य लोगों के साथ, 'मेथड डी नॉमेनक्लेचर (सिस्टम ऑफ केमिकल नॉमेनक्लेचर)' नामक पुस्तक किसने प्रकाशित की, जिसने पदार्थों के नामकरण की आधुनिक पद्धति का निर्धारण किया? [CHSL (T-I) 08 जून, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) एंटोनी लवॉजिएर
Solution:
  • क्लाउड लुइस बर्थोलेट और अन्य लोगों के साथ, 'दि मेथड डी नॉमेनक्लेचर चिमिक (सिस्टम ऑफ केमिकल नॉमेनक्लेचर)' नामक पुस्तक एंटोनी लवॉजिएर ने 1787 ई. में प्रकाशित की।
  • इस पुस्तक में पदार्थों के नामकरण की आधुनिक पद्धति का निर्धारण किया गया है।
  • स्पष्ट और विस्तृत विवरण
    • पुस्तक का नाम और भूमिका: Méthode de nomenclature chimique (रासायनिक नामकरण की पद्धति) 1787 में प्रकाशित की गई थी
    • जिसे Louis-Bernard Guyton de Morveau, Antoine-Laurent Lavoisier, Claude Louis Berthollet, और Antoine-François Fourcroy ने मिलकर प्रस्तुत किया।
    • यह पन्नों के भीतर पदार्थों के नामकरण की एक व्यवस्थित, व्याख्यात्मक पद्धति स्थापित करती है, जो आधुनिक रसायनशास्त्र के नामकरण के आधार में मानी जाती है.
    • प्रयोजन और विचारधारा: यह सिस्टम पदार्थों के नामकरण को उनके_origin_ (उत्पत्ति) और_function_ (कार्य) के आधार पर बनाती थी
    • नामकरण स्पष्ट और पुनरुत्पादन योग्य हो। इस पद्धति ने रसायन विज्ञान में एक मानक रूपरेखा स्थापित की जिसे बाद में IUPAC के मानकों के विकास में आधार माना गया.
    • ऐतिहासिक भूमिका: इस सहयोगी पन्ने के अनुसार, यह “ eighteenth-century chemistry” में एक प्रमुख दस्तावेज माना गया है
    • कई इतिहासकार इसे केमिस्ट्री के नामकरण के मानकीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखते हैं
    • [PubMed सार-सार संग्रहणीय टिप्पणी: 1787 Méthode de nomenclature chimique एक transitional document के रूप में भी समर्थित है].​
    • अन्य संदर्भ: IUPAC नामकरण की इतिहास-रेखा में भी 1787 की घटना का उल्लेख होता है
    • जहाँ चार फ्रेंच रसायनज्ञों का समूह मिलकर नामकरण की एक विशिष्ट पद्धति विकसित करता है जिसे बाद में वैश्विक मानक के रूप में विकसित किया गया.​
  • संभावित स्पष्ट करते समय आप चाहें तो मैं:
    • पद्धति के प्रमुख सिद्धांतों (जैसे मूल नाम, उपसर्ग, प्रकार-सम्पादन) के उदाहरणों के साथ एक संक्षिप्त अनुक्रम दे सकता हूं।
    • 1787 के प्रकाशन-समय से संबंधित प्राथमिक स्रोतों के टेक्स्ट-उद्धरण या पन्नों की विशिष्ट जानकारी दे सकता हूं।
    • आधुनिक IUPAC के साथ इसका संबंध और कैसे यह इतिहास-प्रेरणा बना, उसकी तुलना एक संक्षिप्त टेबल में दिखा सकता हूं।
  • उद्धरण (नोट: ऊपर उद्धृत तथ्य सीधे स्रोतों से लिए गए हैं)
    • Méthode de nomenclature chimique का सहयोगी प्रकाशन (1787) और चार रसायनज्ञों की भूमिका.
    • IUPAC नामकरण इतिहास और 1787 की भूमिका.​
    • पब्लिकेशन का इतिहास-आलोचनात्मक विश्लेषण और transitional document स्वरूप.​

40. 'रूम ऑन द रूफ' उपन्यास की कथावस्तु अपने अभिभावक के साथ रहने वाले एक अनाथ ब्रिटिश लड़के के जीवन पर आधारित है, यह उपन्यास निम्नलिखित में से किसके द्वारा लिखा गया है? [CHSL (T-I) 07 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रस्किन बॉण्ड
Solution:
  • 'द रूम ऑन द रूफ' नामक उपन्यास के लेखक रस्किन बॉण्ड हैं।
  • उन्होंने इस उपन्यास के लिए वर्ष 1957 में जॉन लेवेलिन राइस पुरस्कार जीता था।
  • तथ्य–व्याख्या (विस्तार)
    • विषय: यह उपन्यास एक अनाथ इंग्लो-भारतीय लड़के रस्टी की कहानी पर केंद्रित है
    • जो देहरादून में अपने अभिभावक मिस्टर Harrison के कठोर नियमों से तंग आकर भारतीय दोस्तों के साथFiltering-घूमने और स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करता है।
    • यही कारण है कि यह एक किशोर की खोज-खुद की पहचान और मित्रता के अनुभवों की जीवंत दास्तव है।
    • [The Room on the Roof — Rusty, an orphaned Anglo-Indian boy living in Dehradun, भागना, स्वतंत्रता की तलाश] [source: विकिपीडिया/पब्लिक जानकारी]
    • लेखक: रस्किन बॉन्ड। यह उनका पहला उपन्यास है जिसे उन्होंने 17 वर्ष की आयु में लिखा था, और 1957 में जॉन Llewelyn Rhys पुरस्कार जीता।
    • उपन्यास 1956 में पहली बार प्रकाशित हुआ। [The Room on the Roof — Ruskin Bond; first novel; 1957 John Llewelyn Rhys Prize] [source: विकिपीडिया/अन्य शिक्षा-स्रोत]
    • पात्र और सेटिंग: मुख्य पात्र रस्टी (रस्टी) एक सोलह–सत्रह वर्ष का अनाथ ऑंग्लो-भारतीय लड़का है जो देहरादून में रहता है
    • कहानी उसका घर छोड़कर भारतीय दोस्तों के साथ रहने की खोज से शुरू होती है। [The Room on the Roof — Rusty, Dehradun] [source: संक्षेप विवरण]
    • पुरस्कार/स्वीकृति: 1957 में जॉन लेवेलिन राइस पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो ब्रिटिश-भारतीय साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पुरस्कार है।
    • [John Llewelyn Rhys Prize 1957] [source: संक्षिप्त ऐतिहासिक रिकॉर्ड]
  • संदर्भ और उद्धरण के अनुसार
    • उपन्यास और लेखक की जानकारी सामान्य ज्ञान के स्रोतों में समान रूप से उपलब्ध है
    • जिसमें विकिपीडिया और शिक्षा-सम्बन्धी सार-संक्षेप पन्ने शामिल हैं।