पौधों में प्रजनन (जीव विज्ञान) (Part – I)

Total Questions: 50

41. क्या होता, यदि मेंडल ने F2 पीढ़ी का अध्ययन नहीं किया होता? [RRC Group D 11/10/2022 (Evening)]

Correct Answer: (c) वह पता नहीं लगा पाते कि अप्रभावी लक्षण नष्ट नहीं होते हैं
Solution:मेंडल ने सबसे पहले एक समय में मटर के पौधे की केवल एक विशेषता के साथ प्रयोग किया। उन्होंने फूलों के रंग से शुरुआत की। उन्होंने बैंगनी और सफेद फूल वाले मूल पौधे परपरागण किया। F1 पीढ़ी दो मूल (P) पौधों के पर-परागण से उत्पन्न होती है। F2 पीढ़ी F1 पौधों के स्व-परागण के परिणामस्वरूप होते है. और इसमें 75% बैंगनी फूल और 25% सफेद फूल होते हैं। हालांकि, दूसरी पीढ़ी (F2) के मटर के पौधों में 3:1 के अनुपात में अप्रभावी लक्षण फिर से प्रकट होते है (प्रमुख से अप्रभावी)। इस प्रकार के प्रयोग को एकसंकरीय क्रॉस के रूप में जाना जाता है।

42. निम्नलिखित में से किस पौधे में' छिपे हुए प्रजनन अंग' होते हैं? [RRB NTPC CBT-1 (12/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) मार्सिलिया
Solution:मार्सिलिया। पाइनस, पिनेसी का सबसे बड़ा वंश है जो पहली बार जुरासिक काल में दिखाई दिया था। देवदार का पेड़ (हिमालयी देवदार) एक शंकुधारी सदाबहार पेड़ है जो पूर्वी अफगानिस्तान, उत्तरी पाकिस्तान, भारत और नेपाल में पश्चिमी हिमालय का मूल प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम सेड्स देवदार है और यह पिनेसी कुल (family) से संबंधित है। इपोमिया 600 से अधिक प्रजातियों के साथ कन्वोल्युलेसी पौधे कुल (family) का सबसे बड़ा वंश है।

43. एंटोमोफिली परागण किसकी मदद से होता है? [RRB NTPC CBT-1 (02/02/2021) Evening]

Correct Answer: (a) कीड़े
Solution:कीड़े। एंटोमोफिलस फूल रंगीन, सुगंधित और पराग से भरे होते हैं। परागण, पौधे के अंडाशय में पराग कणों का स्थानांतरण है। कीड़ों द्वारा परागण तब होता है जब कीड़े भोजन की तलाश में एक पौधे से दूसरे पौधे की ओर बढ़ते हैं। कीड़े परागण के सबसे साधरण जैविक घटक है। उदाहरण - मधुमक्खियों और तितलियाँ।

44. बीज का कौन सा भाग अंकुरण की जड़ बनाता है? [RRB NTPC CBT-1 (08/03/2021) Evening]

Correct Answer: (d) रेडिकिल
Solution:रेडिकिल। पांकुर (Plumule) बीज धूण का वह भाग जो तने, पत्तियों और भविष्य की शाखाओं सहित पौधे की प्ररोह प्रणाली में विकसित होता है। बीजपत्र (अंकुरण के दौरान पोषक तत्वों के अवशोषण और भंडारण में धुमिका निभाते हैं) वे आम तौर पर बीज में मौजूद होते हैं और विकासशील अंकुर के लिए भोजन आरक्षित के रूप में काम करते हैं। एपिकोटाइल-पौधे के भूण का भाग बीजपत्र के ऊपर और प्रांकुर के नीचे स्थित होता है।

45. निम्नलिखित में से किस पादप समूह में अंडाशय के अंदर बीज विकसित होते हैं जो बाद में पककर फल बन जाते हैं? [RRB NTPC CBT - I (31/07/2021) Evening]

Correct Answer: (a) एंजियोस्पर्म
Solution:एंजियोस्पर्म । उदाहरण फल, अनाज, सब्जियाँ, पेड़, झाड़ियाँ, घास और फूल। घेलोफाइटा यह पादप समूह का एक प्रभाग है जिसमें साधारण पादप शरीर को दर्शाने वाले पादप जीवन के प्राथमिक रूप शामिल हैं। उदाहरण: यूलोप्रिक्स, क्लैडोफोरा, स्पाइरोगाइरा, उत्त्वा और चरा। टेरिडोफाइटा यह फूल रहित हरे पौधों का एक भाग है। उदाहरण व्हिस्क फर्न, डिक्सोनिया, सेताजिनेला, लाइकोपोडियम, इक्रिसेटम। जिस्रोस्पर्म संवहनी पौधा जो खुले बीज या बीजांड के माध्यम से प्रजनन करते है। उदाहरण - साइकैड्स, गनेटोफाइट्स, जिन्कगो।

46. निम्नलिखित में से कौन सा बहु-बीजी फल नहीं है? [RRB JE 22/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (a) लीची
Solution:लीची (एक बीज वाला फल)। बीज पौधे के जीवन चक्र की भ्रूण अवस्था है। अधिकांश बीजों में तीन भाग होते हैं भ्रूण, भ्रूणपोष और बीज आवरण। भ्रूण एक छोटा पौधा है जिसमें एक जड़, एक तना और एक या अधिक पत्तियाँ होती हैं। भ्रूणपोष बीज का पोषक ऊतक है, जो अक्सर स्टार्च, तेल और प्रोटीन का संयोजन होता है। बीज आवरण एक सुरक्षात्मक आवरण है जो बीजों को लंबे समय तक व्यवहार्य बने रहने में मदद कर सकता है। बीजों के प्रकार मोनोकोट बीज (एकल बीजपत्र वाले एजियोस्पर्म के बीज) धान, गेहूं, मक्का, रागी, बाजरा, अदरक, केला, प्याज, तहसुन, और डायकोट बीज (दो मांसल बीजपत्र वाले एंजियोस्पर्म के बीज) चना, सोयाबीन, टमाटर, सलाद, सरसों, कपास, कॉफी, लीची. आम, करेला।

47. पुष्प में स्त्रीकेसर के शीर्ष भाग को क्या कहा जाता है? [RRB JE 02/06/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) वर्तिकाग्र (स्टिम्मा)
Solution:वर्तिकाग्र (Stigma)। फूल के भाग - बाहादल, पंखुड़ियाँ, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। नर भाग पुंकेसर, मादा भाग स्त्रीकेसर। पुंकेसर के दो भाग होते हैं: घरागकोष और तंतु। परागकोश एक धागे जैसे भाग द्वारा टिके रहते हैं जिसे फिलामेंट कहते हैं। इसमें पराग (पीता) होता है। स्लीकेसर के तीन भाग होते हैं. वर्तिका, वर्तिका और अंडाशय। वर्तिकात्र (Stigma) स्तीकेसर के शीर्ष पर चिपचिपी सतह है, यह पराग को फैसाता है। वर्तिका (Style) ट्यूब जैसी संरचना होती है जो वर्तिकाग्र को धारण करती है। वर्तिका अंडाशय तक जाती है जिसमें बीजांड होते हैं।

48. केले का वंश विस्तार ___ द्वारा होता है। [RRB JE 26/06/2019 (Evening)]

Correct Answer: (d) सकर
Solution:सकर एक पार्श्व प्ररोह है जो केले के पौधे के भूमिगत तने से विकसित होता है सकर एक पार्श्व है जिसे प्रकंद कहा जाता है। टिलर घास के पौधे के आधार से निकलने वाला अंकुर। उदाहरण- बंचग्रास। काउन डिवीजन पौधे प्रसार विधि का एक रूप जिसमें काउन को मूल पौधे से अलग किया जाता है और वह क्राउन नए पौधे पैदा करने में सक्षम होता है। उदाहरण डेलीलीज, ऑर्किड। तना काटना वानस्पतिक प्रसार तकनीक जिसमें अंकुरों को पौधों से अलग किया जाता है। यह 4 प्रकार का होता है हार्डवुड कटिंग, सेमी-हार्डवुड कटिंग, सॉफ्टवुड कटिंग, हर्बेसियस कटिंग। उदाहरण हिबिस्कस, रसेलिया, क्लेरोडेंड्रम, आइरेसिन।

49. द्वि-निषेचन (Double fertilisation) ____ का गुण है। [RRB JE 28/06/2019 (Evening)]

Correct Answer: (b) आवृतबीजी (Angiosperm)
Solution:आवृतवीजी (Angiosperm): पौधे जो फूल उत्पन्न करते हैं और उनके बीज फल के रूप धारण करते हैं। अनावृतबीजी (Gymnosperm): कोई भी संवहनी पौधा जो खुले बीज या बीजांड के माध्यम से प्रजनन करता है। एकबीजपत्री (Monocots): घास और घास जैसे फूल वाले पौधे। ब्रायोफाइट (Bryophytes): मॉस, लिवरवॉर्ट्स और हॉर्नवॉट्स का अनौपचारिक समूह नाम। ये गैर-संवहनी पौधे हैं, जिसका अर्थ है कि इनमें कोई जड़े या संवहनी ऊतक नहीं हैं, बल्कि ये अपनी सतह (उदाहरण के लिए, उनकी पत्तियां) के माध्यम से वायु से जल और पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं। द्वि-निषेचन (Double fertilization): इस प्रक्रिया में एक शुक्राणु केंद्रक, अंड केन्द्रक के साथ मिलकर एक भ्रूण बनाता है और दूसरा ध्रुवीय केंद्रक के साथ जुड़कर एंडोस्पर्म बनाता है।

50. एक प्रकार का प्रजनन जिसमें पौधे के शरीर का एक हिस्सा एक नए जीव में विकसित होता है ____कहलाता है। [RRB Group D 17/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (c) वानस्पतिक प्रसार
Solution:वानस्पतिक प्रसार को अलैंगिक प्रसार भी कहा जाता है, इसमें पौधे के वानस्पतिक भागों जैसे पत्ती, तना, जड़ या उनके संशोधित रूपों का उपयोग प्रसार के लिए किया जाता है। सरल शब्दों में, पौधों के प्रसार को पौधों के गुणन या प्रजनन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। प्रजनन के प्रकारः 'यौन प्रजनन बीजों द्वारा पौधों का प्रसार या गुणन।