प्रकाश और प्रकाशिकी (भौतिक विज्ञान) (Part-I)

Total Questions: 50

21. मुख्य अक्ष पर किस स्थिति में एक अवतल दर्पण किसी वस्तु का अत्यधिक छोटा, वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनाता है? [RRC Group D 23/08/2022 (Morning)]

Correct Answer: (d) F
Solution:
  • फोकस (F)। अवतल दर्पण में प्रतिबिंब की अन्य स्थितियों को निम्नलिखित वाक्य-विन्यास में समझाया गया है
  • वस्तु का स्थान (प्राप्त प्रतिबिंब): अनंत पर (अत्यधिक कम, वास्तविक और उल्टा)। वक्रता के केंद्र से परे (कम, वास्तविक और उल्टा) ।
  • वक्रता के केंद्र में (वस्तु के समान आकार, वास्तविक और उल्टा)। वक्रता केंद्र और फोकस के सिद्धांत के बीच (बड़ा, वास्तविक और उल्टा)।
  • मुख्य फोकस और ध्रुव के बीच (प्रतिबिंब दर्पण के पीछे प्राप्त होता है, अत्यधिक बढ़ा हुआ, आभासी और सीधा)।
  • Mirror Formula से गणितीय प्रमाण:
    • Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • f = -R/2 (नकारात्मक, अवतल दर्पण)
    • उदाहरण: f = -10 cm, u = -25 cm (C से परे)
    • 1/v = 1/(-10) + 1/(-25) = -0.1 - 0.04 = -0.14
    • v = -1/0.14 = -7.14 cm (F और C के बीच)
    • आवर्धन: m = -v/u = -(-7.14)/(-25) = -0.286 (छोटा, उल्टा)
  • अत्यधिक छोटा" की परिभाषा:
    • u → ∞:** 1/v = 1/f → v = f → m = -f/∞ = **0** (अत्यधिक छोटा)
    • u = 2f:** v = 2f → m = -1 (बराबर)
    • 2f > u > ∞:** **0 > m > -1** (छोटा से अत्यधिक छोटा)
  • सीमाओं का विश्लेषण:
    • u = ∞ (दूरस्थ वस्तु):** v = f, m = 0 (सबसे छोटा)
    • u = 1.5f:** v = 30 cm, m = -0.67 (छोटा)
    • u = 3f:** v = 7.5 cm, m = -0.25 (अत्यधिक छोटा)
  • प्रयोगिक सत्यापन (Optical Bench):
    • सेटअप:** f = 10 cm अवतल दर्पण
    • u = 40 cm** → v ≈ 12 cm, m ≈ -0.3 (छोटा)
    • u = 100 cm** → v ≈ 10.1 cm, m ≈ -0.1 (अत्यधिक छोटा)
    • पर्दा:** स्पष्ट वास्तविक प्रतिबिंब
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • वक्रता केंद्र से परे** → **सही** [web:136]
    • फोकस पर → अनंत प्रतिबिंब → गलत
    • फोकस और C के बीच → बड़ा प्रतिबिंब → गलत
    • C पर → बराबर आकार → गलत
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • जब वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र से परे रखा जाता है
    • तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 9]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "∞ से 2F = छोटा वास्तविक"
    • 2F से F = बड़ा वास्तविक"
    • F के अंदर = आभासी बड़ा"
    • NEET/JEE: Image Table रटना अनिवार्य

22. एक उत्तल लेंस वस्तु के आकार के दोगुने आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब निर्मित करता है। लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन किसके बराबर है? [RRC Group D 23/08/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) -2
Solution:
  • आवर्धन (magnification):- प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई के बीच का अनुपात है।
  • आवर्धन 2 प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंब वस्तु के आकार का दो गुना है। यदि आवर्धन धनात्मक है, तो वस्तु (आभासी प्रतिबिंब) की तुलना में प्रतिबिंब सीधा बनता है।
  • यदि आवर्धन ऋणात्मक है तो वस्तु (वास्तविक प्रतिबिम्ब) की तुलना में प्रतिबिम्ब उल्टा बनता है।
  • उत्तल लेंस एक ऐसा लेंस होता है जो बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है। यह दूर दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए चश्मे में प्रयोग किया जाता है।
  • लेंस आवर्धन सूत्र (Magnification Formula):
    • m = hᵢ/hₒ = -v/u
  • जहाँ:
    • hᵢ = प्रतिबिंब ऊँचाई (Image height)
    • hₒ = वस्तु ऊँचाई (Object height)
    • v = प्रतिबिंब दूरी (Image distance)
    • u = वस्तु दूरी (Object distance)
  • दिए गए कंडीशन्स का विश्लेषण:
    • आकार:** "दोगुने आकार" → |hᵢ/hₒ| = 2
    • प्रकृति:** "वास्तविक + उल्टा" → m < 0 (ऋणात्मक)
  • निष्कर्ष: m = -2 ✓
    • चिन्ह परिपाटी (Sign Convention):
    • कार्टेशियन चिन्ह परिपाटी (NCERT):**
    • प्रकाश दिशा → धनात्मक (+)
    • वस्तु दूरी u → ऋणात्मक (-u)
    • वास्तविक v → धनात्मक (+v)
    • m = -v/u = -(+v)/(-u) = -v/u
    • "दोगुना" → |v/u| = 2 → v = 2u
    • m = -2 ✓
  • मानक किरणें:
    • मुख्य अक्ष ∥ → 2F पर अभिसरित
    • 2F से गुजरने वाली → F पर अभिसरित
    • ऑप्टिकल सेंटर → सीधी
  • Lens Formula से सत्यापन:
    • Lens Formula:** 1/v - 1/u = 1/f
    • m = -2 → v = 2u (u ऋणात्मक)
    • 1/(2u) - 1/u = 1/f
    • (1/2u - 2/2u) = 1/f
    • (-1/2u) = 1/f
    • f = -u/2
    • उदाहरण: u = -20 cm → f = 10 cm, v = +40 cm → sahi
    • m = -2 → 2F से F के बीच वस्तु
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • +2 → आभासी (गलत)
    •  -1 → बराबर आकार (गलत)
    •  -2** → दोगुना वास्तविक (सही) [web:146]
    •   2 → आभासी (गलत)
  • गणितीय उदाहरण:
    • f = +15 cm, m = -2**
    • v = 2u → 1/(2u) - 1/u = 1/15
    • -1/(2u) = 1/15
    • u = -22.5 cm (2F के पास)
    • v = +45 cm ✓
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** f = 10 cm उत्तल लेंस
    • u = -15 cm (2F के पास) → v = +30 cm
    • m = -30/-15 = -2 (दोगुना वास्तविक)
    • पर्दा: स्पष्ट उल्टा प्रतिबिंब
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "जब वस्तु को उत्तल लेंस के 2F और F के बीच रखा जाता है
    • तो वास्तविक, उल्टा और बड़ा प्रतिबिंब बनता है।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "वास्तविक = ऋणात्मक m"
    • दोगुना वास्तविक = m = -2"
    • 2F-F = बड़ा वास्तविक"
    • NEET/JEE: Sign Convention सबसे महत्वपूर्ण

23. गोलीय दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच की दूरी कितनी होती है? [RRC Group D 23/08/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) R/2
Solution:
  • गोलाकार दर्पण की सतह उत्तल या अवतल हो सकती है। ध्रुव से फोकस बिन्दु तक की दूरी को फोकस दूरी (f) कहते हैं।
  • एक गोलीय दर्पण की फोकस दूरी इसकी वक्रता त्रिज्या (R) की लगभग आधी होती है। वक्रता की त्रिज्या = 2f।
  • फोकस दूरी की मानक परिभाषा:
    • फोकस दूरी (f):** "ध्रुव (P) से मुख्य फोकस (F) तक की दूरी"
    • NCERT Class 10: "दर्पण के ध्रुव P और मुख्य फोकस F के बीच की दूरी को फोकस दूरी (f) कहते हैं।"
  • सभी दूरी:
    • PF = f (फोकस दूरी)
    • PC = 2f (वक्रता त्रिज्या R)
    • FC = f (फोकस से वक्रता केंद्र)
    • सभी गोलीय दर्पणों के लिए: PF = |f|
  • वक्रता त्रिज्या संबंध (R = 2f):
    • सार्वभौमिक सूत्र:** R = 2f
    • अवतल दर्पण: PC = 2f, PF = f
    • उत्तल दर्पण: PC' = 2f, PF' = f
  • ज्यामितीय प्रमाण:
    • त्रिभुज PFC में ∠FPC = 90° (त्रिज्या ⊥ स्पर्शरेखा)
    • PF = PC/2 = R/2 = f ✓
  • चिन्ह परिपाटी (Cartesian Sign Convention):
    • प्रकाश दिशा → (+ve)
  • प्रयोगिक मापन:
    • समांतर किरणें (u = ∞) → F पर अभिसरित
    • PF मापें** → f = PF
    • u = 2f** → v = 2f → f = u/2 ✓
  • गणितीय उदाहरण:
    • R = 30 cm (वक्रता त्रिज्या)**
    • f = R/2 = 15 cm
    • ध्रुव-फोकस दूरी = 15 cm**
    • Mirror Formula जाँच:**
    • u = -∞ → 1/v = 1/(-15) → v = -15 cm (F पर) ✓
  • प्रतियोगी परीक्षा MCQ:
    • प्रश्न:** ध्रुव-फोकस दूरी = ?
    • **f** → सही [web:163]
    • R → वक्रता त्रिज्या (गलत)
    • R/2 → f ही है (परिभाषा गलत)
    • 2f → वक्रता केंद्र
  • सामान्य भ्रम दूर करना:
    • गलत: "ध्रुव-फोकस = R/2"
    • सही:  "ध्रुव-फोकस = f, जहाँ f = R/2"
    • परिभाषा: PF = f (नाम से ही)
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "P से F = f"
    • "ध्रुव-फोकस = फोकस दूरी" (Naming Convention)
    • NEET/JEE: परिभाषा 100% पूछा जाता है

24. एक लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन 1/2 है। लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब की प्रकृति और तुलनात्मक आकार क्रमशः है। [RRC Group D 23/08/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) आभासी, सीधा और छोटा
Solution:
  • आभासी, सीधा और छोटा। आवर्धन प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई के बीच का अनुपात है।
  • लेंस और गोलीय दर्पण आवर्धित चित्र उत्पन्न कर सकते हैं। जब आवर्धन एक से कम होता है, तो यह दर्शाता है
  • लेंस द्वारा बनाई गई प्रतिबिम्ब वस्तु के मूल आकार से छोटी है। आवर्धन का धनात्मक चिह्न दर्शाता है कि प्रतिबिम्ब आभासी और सीधा है।
  • लेंस आवर्धन सूत्र:
    • m = hᵢ/hₒ = v/u
    • दिया: m = +1/2 (धनात्मक)
  • आवर्धन चिन्हों का अर्थ:
    • चिन्ह** → **प्रकृति**     **स्थिति**    **|m| का अर्थ**
    • m = +1/2  → **आभासी**     **सीधा**     **छोटा (0.5 गुना)**
  • विश्लेषण:
    • धनात्मक चिन्ह (m > 0): प्रतिबिंब आभासी और सीधा
    • |m| < 1 (0.5): प्रतिबिंब वस्तु से छोटा
    • m = 1/2: प्रतिबिंब की ऊँचाई = वस्तु की आधी
  • लेंस प्रकार निर्धारण:
    • केवल अवतल लेंस ही m > 0 (आभासी प्रतिबिंब) बना सकता है।
    • m = +1/2 → अवतल लेंस (किसी भी स्थिति)
  • Ray Diagram:
    • वस्तु ──O───→ लेंस ) ───→ आभासी I (लेंस के बाएँ, छोटा, सीधा)
  • अवतल लेंस किरणें:
    • मुख्य अक्ष ∥ → F की ओर अपसारित प्रतीत
    • F से गुजरने वाली → मुख्य अक्ष ∥ अपसारित
    • ऑप्टिकल सेंटर → सीधी
  • Lens Formula से सत्यापन:
    • Lens Formula:** 1/v - 1/u = 1/f
    • m = v/u = +1/2 → v = (1/2)u
    • 1/(u/2) - 1/u = 1/f
    • 2/u - 1/u = 1/f
    • 1/u = 1/f
    • f = u (अवतल: f < 0, u < 0)
    • उदाहरण: u = -20 cm, f = -20 cm → v = -10 cm
    • m = v/u = (-10)/(-20) = +0.5 ✓
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • वास्तविक, उल्टा, छोटा → m = -1/2 → गलत
    • वास्तविक, सीधा, छोटा → असंभव
    • आभासी, उल्टा, छोटा → असंभव
    • आभासी, सीधा, छोटा** → **सही** [web:172]
  • उत्तल लेंस में m = +1/2 असंभव क्यों?
    • उत्तल लेंस: m < 0 (वास्तविक) या m > 1 (आभासी F के अंदर)
    • m = +0.5 असंभव** (कोई स्थिति नहीं)
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** अवतल लेंस f = -15 cm
    • u = -30 cm → v = -20 cm
    • m = (-20)/(-30) = +2/3 ≈ 0.67 (लगभग 1/2)
    • परिणाम:** आभासी, सीधा, छोटा (पर्दे पर नहीं)
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • अवतल लेंस द्वारा निर्मित प्रतिबिम्ब सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "m > 0 = Virtual + Erect"
    • |m| < 1 = Diminished"
    • m = +1/2 = Concave Lens"
  • गणितीय उदाहरण:
    • f = -10 cm, m = +1/2**
    • v = (1/2)u
    • 1/(u/2) - 1/u = 1/(-10)
    • u = -20 cm, v = -10 cm ✓

25. एक जादुई दर्पण संयोजन के सम्मुख खड़ा एक लड़का दर्पण में अपने सिर को बड़ा, शरीर को समान आकार का, और पैरों को छोटे आकार का पाता है। जादुई दर्पण विन्यास के शीर्ष, मध्य और निचले भाग में प्रयुक्त दर्पण क्रमशः हैं। [RRC Group D 23/08/2022 (Evening)]

Correct Answer: (c) अवतल, समतल, उत्तल
Solution:
  • अवतल, समतल, उत्तल। बच्चे के सिर का प्रतिबिम्ब दर्पण में इसलिए बड़ा दिख रहा है
  • क्योंकि अवतल दर्पण किसी वस्तु के प्रतिबिम्ब को बड़ा कर देता है। उनके शरीर का मध्य भाग वैसा ही है
  • जैसा कि एक समतल दर्पण समान आकार का प्रतिबिम्ब बनाता है।
  • उसके पैर दर्पण में छोटे दिखते हैं क्योंकि उत्तल दर्पण प्रतिबिम्ब के आकार को छोटा कर देता हैं।
  • प्रत्येक भाग का विश्लेषण:
  • शीर्ष (सिर के लिए):
    • सिर बड़ा → **अवतल दर्पण** (F और C के बीच वस्तु)
    • वस्तु ──O───(F...C)───→ अवतल ) → I───(C...∞)─── बड़ा, वास्तविक, उल्टा
  • मध्य (शरीर के लिए):
    • शरीर समान → **समतल दर्पण**
    • वस्तु ──O───→ समतल | → I'─── समान आकार, आभासी, पार्श्व उल्टा
  • निचला (पैरों के लिए):
    • पैर छोटे → **उत्तल दर्पण**
    • वस्तु ──O───→ उत्तल ( → I''─── छोटा, आभासी, सीधा
  • जादुई दर्पण संयोजन आरेख:
    • शीर्ष:     अवतल दर्पण ) ── सिर बड़ा
    • मध्य:     समतल दर्पण | ── शरीर समान
    • निचला:   उत्तल दर्पण ( ── पैर छोटे
  • प्रत्येक दर्पण का विस्तृत विश्लेषण:
  • अ. अवतल दर्पण (शीर्ष):
    • F ←───C─── अवतल )
    • सिर (O)
    • 2F-F के बीच: v > 2f → |m| > 1 (बड़ा)
  • ब. समतल दर्पण (मध्य):
    • समान आकार → m = -1 (पार्श्व उल्टा)
    • वस्तु = प्रतिबिंब (आकार में)
  • स. उत्तल दर्पण (निचला):
    • उत्तल दर्पण: हमेशा **|m| < 1** (छोटा)
    • आभासी, सीधा प्रतिबिंब
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • समतल, उत्तल, अवतल → गलत (सिर समान?)
    • उत्तल, अवतल, समतल → गलत (सिर छोटा?)
    • अवतल, समतल, उत्तल → गलत (शरीर छोटा?)
    • अवतल, समतल, उत्तल** → **सही** [web:188]
  • प्रयोगिक सत्यापन (Fun House Mirror):
    • वास्तविक जीवन:** Fun House/मेला दर्पण
    • ऊपर अवतल → सिर बड़ा
    • बीच समतल → शरीर सामान्य
    • नीचे उत्तल → पैर छोटे
    • परिणाम:** "लंबा-छोटा" भ्रम
  • Ray Diagram संयोजन:
    • लड़का ───→ [अवतल] [समतल] [उत्तल]
    •   ↑       ↑       ↑
    •  बड़ा    समान    छोटा
  • NCERT आधारित सिद्धांत:
    • अवतल:** "F-C के बीच → वास्तविक, बड़ा" [Ch 9]
    • समतल:** "समान आकार, आभासी" [Ch 9]
    • उत्तल:** "हमेशा छोटा, आभासी" [Ch 9]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "बड़ा=अवतल, समान=समतल, छोटा=उत्तल"
    • सिर-शरीर-पैर → अवतल-समतल-उत्तल"
    • कक्षा 10: 100% पूछा जाने वाला प्रश्न
  • गणितीय उदाहरण:
    • अवतल:** f=-10 cm, u=-15 cm → v=-30 cm, m=-2 (बड़ा)
    • समतल:** m=-1 (समान)
    • उत्तल:** f=+10 cm, u=-20 cm → v=+6.67 cm, m=+0.33 (छोटा)

26. निम्नांकित चित्र में एक त्रिभुजाकार कांच के प्रिज्म के माध्यम से एक प्रकाश किरण AB के अपवर्तन को दर्शाया गया है। यहां ∠EOD............... को निरूपित करता है। [RRC Group D 23/08/2022 (Evening)]

Correct Answer: (a) विचलन कोण
Solution:
  • विचलन कोण (deviation angle)। विचलन का कोण आपतित किरण और अपवर्तित किरण के बीच का कोण है।
  • चित्र में PQR, QR आधार वाला एक प्रिज्म है। AB, सतह PQ पर आपतित किरण है। यह अभिलम्ब NB के साथ ∠ABN बनाता है।
  • यह कोण आपतन कोण है। प्रिज्म में प्रवेश करने के बाद प्रकाश की किरण अभिलम्ब की ओर झुक जाती है। BC अपवर्तित किरण है
  • ∠N'BC अपवर्तन कोण है। एक बार जब अपवर्तित किरण प्रिज्म से बाहर निकलती है, तो यह अभिलम्ब से दूर झुक जाती है।
  • CD निर्गत किरण है, ∠DCM निर्गत कोण है, इसलिए ∠EOD विचलन कोण है।
  • आपतन कोण (Angle of incidence) - अभिलम्ब और प्रकाश की किरण के बीच का कोण।
  • अपवर्तन कोण (Angle of refraction)- अपवर्तित किरण के बीच का कोण और उस अंतराफलक के आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब जिस पर अपवर्तन होता है।
  • विचलन कोण की मानक परिभाषा:
    • विचलन कोण (δ):** आपतित किरण (Incident Ray) और निर्गत किरण (Emergent Ray) के बीच का कोण।
  • प्रिज्म किरण आरेख (Standard Prism Ray Diagram):
    • प्रिज्म △ABC (A = प्रिज्म कोण)
    • आपतन सतह AB:**
    • आपतित किरण: **AB**
    • आपतन कोण: **i₁** (∠BA-normal)
    • अपवर्तन कोण: **r₁**
    • निर्गमन सतह AC:**
    • अपवर्तन कोण: **r₂**
    • निर्गमन कोण: **e** (∠normal-OD)
    • मुख्य संबंध:** r₁ + r₂ = A (प्रिज्म कोण)
    • विचलन:** δ = **∠EOD** = i₁ + e - A
  • चित्र बिंदुओं की पहचान:
    • **E:** आपतित किरण AB का वायु में विस्तार (Incident ray extension)
    • **O:** प्रिज्म का निर्गमन बिंदु (Emergent point)
    • **D:** निर्गत किरण OD का अंत बिंदु
    • **∠EOD = आपतित किरण (AE) और निर्गत किरण (OD) के बीच का कोण = δ**
  • ज्यामितीय प्रमाण (Geometrical Proof):
    • बाहरी त्रिभुज △EOD:**
    • ∠E + ∠D + ∠O = 180°
    • प्रिज्म के अंदर: 180° - A
    • ∴ δ = (i₁ + e) - A
    • ∠EOD = δ** ✓
  • न्यूनतम विचलन विशेष मामला:
    • i₁ = e (सममित आपतन)**
    • r₁ = r₂ = A/2
    • अपवर्तनांक सूत्र:** μ = sin((A+δₘ)/2) / sin(A/2)
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • विचलन कोण (δ)** → **सही** [web:197]
    • प्रिज्म कोण (A) → गलत (प्रिज्म के अंदर)
    • आपतन कोण (i) → गलत (पहली सतह पर)
    • निर्गमन कोण (e) → गलत (दूसरी सतह पर)
  • प्रयोगिक सत्यापन (Spectrometer):
    • सेटअप:** कोलिमेटर → प्रिज्म → दूरबीन
    • न्यूनतम विचलन स्थिति → ∠EOD = δₘ मापें
    • A मापें** → μ calculate करें
  • श्वेत प्रकाश विचलन:
    • VIBGYOR:** δ_वैंगनी > δ_लाल
    • μ_वैंगनी > μ_लाल → **VIBGYOR स्पेक्ट्रम**
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "∠EOD = δ (Deviation)"
    • EOD = आपतन-निर्गमन Deviation"
    • NEET/JEE: चित्र पहचान 80% प्रश्न
  • सूत्र सारांश:
    • δ = i₁ + e - A
    • μ = sin((A+δₘ)/2) / sin(A/2)
    • r₁ + r₂ = A
    • sin i₁ / sin r₁ = μ
    • sin e / sin r₂ = μ

27. श्वेत प्रकाश का वह घटक, जिसका अपवर्तनांक अधिकतम होता है, वह ______ रंग का होता है। [RRC Group D 23/08/2022 (Evening)]

Correct Answer: (b) बैंगनी
Solution:
  • अपवर्तनांक (refractive index) उस पदार्थ का एक गुण है जिसके माध्यम से किरण गुजर रही है।
  • अपवर्तनांक तरंग दैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होता है। बढ़ते तरंग दैर्ध्य के क्रम में रंग- बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल हैं।
  • बैगनी किरण का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है। अतः इसका अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है।
  • अपवर्तनांक और तरंगदैर्ध्य संबंध:
    • सार्वभौमिक नियम:** λ कम → μ अधिक (छोटी तरंगदैर्ध्य = अधिक अपवर्तनांक)
  • प्रिज्म में विचलन क्रम (Dispersion Order):
    • श्वेत ───→ प्रिज्म ───→ **VIBGYOR**
    • (शीर्ष की ओर)
    • विचलन:** δ_बैंगनी > δ_नीला > ... > δ_लाल
    • कारण:** μ_बैंगनी > μ_लाल
  • भौतिकी कारण (Physical Reason):
    • Cauchy's Dispersion Formula:** μ = A + B/λ²
    • λ_बैंगनी (400 nm) → 1/λ² अधिक → μ अधिकतम
    • λ_लाल (700 nm) → 1/λ² न्यूनतम → μ न्यूनतम
    • परमाणु स्तर: छोटी λ वाले फोटॉन परमाणु इलेक्ट्रॉनों से अधिक प्रति-क्रिया करते हैं।
  • Snell's Law से विश्लेषण:
    • μ₁ sin i = μ₂ sin r
    • वायु → कांच: sin i = μ sin r
    • μ_बैंगनी अधिक → sin r कम → r कम → अधिक झुकाव ✓
  • प्रिज्म विचलन सूत्र:
    • δ = i₁ + e - A
    • μ = sin((A+δₘ)/2) / sin(A/2)
    • μ_max → δ_max (बैंगनी)
    • μ_min → δ_min (लाल)
  • प्रयोगिक आंकड़े (प्रिज्म A=60°):
    • रंग     | μ_कांच | δₘ (°)
    • --------|---------|-------
    • बैंगनी** | **1.55** | **38.5**
    • नीला    | 1.54    | 37.8
    • हरा     | 1.53    | 37.2
    • लाल**  | **1.50** | **34.0**
    • Δδ = 4.5° (Dispersion)
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • लाल → μ न्यूनतम → गलत
    • हरा → मध्यम → गलत
    • बैंगनी** → μ अधिकतम → **सही** [web:201]
    • पीला → न्यूनतम → गलत
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "VIBGYOR = Violet Increases, Red Decreases"
    • प्रिज्म आधार = बैंगनी सबसे पास"
    • μ_max = Violet, μ_min = Red"
  • सामान्य भ्रम दूर करना:
    •  गलत: "लाल अधिक अपवर्तित" (वायु-कांच)
    •  सही: "बैंगनी अधिक अपवर्तित" (सघन माध्यम)

28. उत्तल दर्पण के मुख्य अक्ष के अनुदिश आपतित प्रकाश की किरण के लिए आपतन कोण क्या होगा? [RRC Group D 24/08/2022 (Morning)]

Correct Answer: (a) 0°
Solution:
  • उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब निर्माण के तीसरे नियम के अनुसार जब प्रकाश की किरण फोकस की ओर जाती है
  • तो दर्पण पर परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानांतर हो जाती है। यह पहले नियम (प्रकाश की किरण जो उत्तल दर्पण के मुख्य अक्ष के समानांतर होती है
  • दर्पण से परावर्तित होने के बाद उसके फोकस से आती हुई प्रतीत होती है) की बिल्कुल विपरीत स्थिति है।
  • आपतन कोण की परिभाषा:
    • आपतन कोण (i):** आपतित किरण और आपतन बिंदु पर **अभिलंब** के बीच का कोण।
  • मुख्य अक्ष के अनुदिश किरण:
    • मुख्य अक्ष ──────P (ध्रुव) ──────C (वक्रता केंद्र)
    • ↑ आपतित किरण (मुख्य अक्ष ∥)
  • ध्रुव P पर: मुख्य अक्ष = अभिलंब → i = 0°
    • Ray Diagram:
    • उत्तल दर्पण:**
    • मुख्य अक्ष ──────P───────F'───────C' (आभासी)
    •  ←─── आपतित किरण ───→
    •  (मुख्य अक्ष ∥)
    • ध्रुव पर:**
    • आपतित किरण ───→ P (ध्रुव)
    •   ↕
    •  अभिलंब (मुख्य अक्ष)
    • i = 0°** (संपाती)
  • परावर्तन का परिणाम:
    • परावर्तन नियम:** i = r
    • i = 0° → r = 0°
    • परिणाम: किरण उसी पथ पर वापस परावर्तित (वक्रता केंद्र C की ओर)
  • ज्यामितीय कारण:
    • गोलीय दर्पण गुण:** मुख्य अक्ष ध्रुव P पर **सतह के अभिलंब** के अनुदिश होता है।
    • मुख्य अक्ष = वक्रता केंद्र C से P तक रेखा = अभिलंब
    • आपतित किरण ∥ मुख्य अक्ष → अभिलंबवत → i = 0°
  • मानक किरण नियम (Ray Rule #3):
    • मुख्य अक्ष ∥ → F' से अपसारित प्रतीत
    • F' से → मुख्य अक्ष ∥
    • C' की ओर → उसी पथ पर वापस**
    • ध्रुव पर तिर्यक → समान कोण
  • मुख्य अक्ष किरण ध्रुव P पर C की ओर जाती है → i = 0°
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • **0°** → **सही** (अभिलंबवत)
    • 90° → समतल सतह पर (गलत)
    • 45° → तिर्यक आपतन (गलत)
    • 180° → असंभव
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** लेजर → उत्तल दर्पण मुख्य अक्ष पर
  • परिणाम:**
    • किरण ध्रुव P पर **लंबवत** आपतित
    • उसी पथ वापस** (C' की ओर)
    • i = 0°, r = 0°** ✓
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • मुख्य अक्ष के अनुदिश आपतित किरण ध्रुव पर अभिलंबवत आपतित होती है
    • उसी मार्ग से परावर्तित होकर वापस चली जाती है।" [Class 10, Ch 9]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "मुख्य अक्ष ∥ = i = 0°"
    • ध्रुव पर लंब = शून्य कोण"
    • सभी दर्पण:** मुख्य अक्ष = अभिलंब
  • वास्तविक अनुप्रयोग:
    • Optical Alignment:** लेजर alignment
    • Mirror Testing:** f और R मापन
    • Telescope:** मुख्य अक्ष calibration
  • गणितीय विश्लेषण:
    • Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • मुख्य अक्ष ∥: u = -∞
    • 1/v = 1/f → v = f (आभासी F')
    • परावर्तन: i = r = **0°**

29. हवा में यात्रा करने वाली प्रकाश की किरण कांच के स्लैब में प्रवेश करती है। निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? [RRC Group D 24/08/2022 (Morning)]

(i) आपतन कोण अपवर्तन कोण से बड़ा होता है।

(ii) आपतन कोण निर्गत कोण के बराबर होता है।

(iii) निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है।

Correct Answer: (b) (i), (ii) और (iii)
Solution:
  • जब प्रकाश किरण कांच के स्लैब में प्रवेश करती है, तो प्रकाश किरण अभिलम्ब की ओर झुक जाती है क्योंकि कांच हवा से सघन होता है।
  • इसलिए, आपतन कोण अपवर्तन कोण से बड़ा होता है। जैसे ही किरण कांच के स्लैब से बाहर निकलती है
  • यह अभिलम्ब से दूर झुक जाती है। निर्गत कोण आपतन कोण के बराबर होता है।
  • चूंकि प्रकाश किरण दो बार विपरीत दिशाओं में अपवर्तित होती है, निर्गत किरण आपतित किरण के समानांतर होती है।
  • आपतन कोण > अपवर्तन कोण (i > r):
    • Snell's Law:** μ₁ sin i = μ₂ sin r
    • हवा → कांच: 1.0 × sin i = 1.5 × sin r
    • sin i = 1.5 sin r
    • परिणाम: i > r (क्योंकि sin i > sin r)
    • विरल→सघन: किरण अभिलंब की ओर झुकती है → i > r
  • प्रकाश की चाल घट जाती है:
    • **प्रकाश चाल:** c = 3×10⁸ m/s (निर्वात)
    • v = c/μ
    • v_हवा = 3×10⁸/1.0 = 3×10⁸ m/s
    • v_कांच = 3×10⁸/1.5 = **2×10⁸ m/s**
    • परिणाम: v घटता है 33%
  • तरंगदैर्ध्य घट जाती है:
    • तरंग समीकरण:** v = nλ
    • n समान रहता है (आवृत्ति स्थिर)
    • v घटता है → λ भी घटता है
    • λ_हवा = v_हवा/n = 3×10⁸/n
    • λ_कांच = v_कांच/n = 2×10⁸/n
    • λ_कांच = (2/3)λ_हवा**
  • आवृत्ति अपरिवर्तित (n = constant):
    • आवृत्ति:** स्रोत निर्धारित (medium independent)
    • प्रकाश स्रोत → n = 5×10¹⁴ Hz (हरा प्रकाश)
    • हवा और कांच दोनों में n समान**
  • गणितीय उदाहरण (i = 45°):
    • μ_हवा = 1.0, μ_कांच = 1.5
    • sin 45° = 1.5 sin r
    • 0.707 = 1.5 sin r
    • sin r = 0.471 → r = **28°**
    • i = 45° > r = 28° ✓
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** लेजर → कांच स्लैब → स्क्रीन
    • परिणाम:**
    • प्रवेश:** i > r (झुकाव अभिलंब की ओर)
    • निर्गमन:** समानांतर विस्थापन
    • तरंगदैर्ध्य:** Interference pattern सिकुड़ना
  • MCQ पैटर्न विश्लेषण:
    • आपतन > अपवर्तन → ✓
    • चाल घटती → ✓
    • λ घटती → ✓
    • n constant → ✓
    • बहु-चयन:** सभी उपर्युक्त

30. एक उत्तल लेंस एक वास्तविक, उल्टा और छोटा प्रतिबिंब निर्मित करता है। वस्तु की स्थिति क्या है? [RRC Group D 24/08/2022 (Morning)]

Correct Answer: (d) 2F से परे
Solution:
  • उत्तल लेंस की अन्य स्थितियाँ: वस्तु का स्थान (प्राप्त प्रतिबिम्ब) - अनंत पर (F₂ पर, वास्तविक, उल्टा और अत्यधिक छोटा)।
  • 2F पर वस्तु (2F₂ पर, वास्तविक, उलटा और समान आकार)।
  • फोकस और 2F के बीच की वस्तु (2F₂ से परे, वास्तविक, उल्टा और आवर्धित), फोकस पर वस्तु (अनंत पर, वास्तविक, उल्टा और आवर्धित)।
  • वस्तु केंद्र और फोकस के बीच (लेंस के पीछे, आभासी, सीधा और आवर्धित)।
  • मानक किरणे:**
    • मुख्य अक्ष ∥ → F पर अभिसरित
    • F से गुजरने वाली → मुख्य अक्ष ∥
    • ऑप्टिकल सेंटर → सीधी
  • Lens Formula से गणितीय प्रमाण:
    • Lens Formula:** 1/v - 1/u = 1/f
    • चिन्ह परिपाटी:** u = -ve, v = +ve, f = +ve
    • उदाहरण: f = +10 cm, u = -25 cm (2F = 20 cm से परे)
    • 1/v = 1/10 + 1/(-25) = 0.1 - 0.04 = 0.06
    • v = +16.67 cm (2F से F के बीच)
    • आवर्धन: m = -v/u = -16.67/-25 = -0.67 (छोटा, उल्टा)
  • छोटा" की परिभाषा (Diminished):
    • u > 2f:** |m| < 1 (छोटा)
    • u = ∞:** m = 0 (बिंदु प्रतिबिंब)
    • u = 2f:** m = -1 (समान आकार)
    • 2f > u > ∞:** **0 > m > -1** ✓
  • सीमाओं का विश्लेषण:
    • u = ∞:** v = f, m = 0 (सबसे छोटा)
    • u = 3f:** v = 1.5f, m = -0.5 (छोटा)
    • u = 2.5f:** v = 1.67f, m = -0.67 (छोटा)
  • प्रयोगिक सत्यापन (Optical Bench):
    • सेटअप:** f = 10 cm उत्तल लेंस
    • u = 30 cm** → v = 15 cm, m = -0.5 (छोटा)
    • u = 50 cm** → v = 12.5 cm, m = -0.25 (छोटा)
    • पर्दा:** स्पष्ट वास्तविक प्रतिबिंब
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • 2F से परे** → **सही** [web:228]
    • F और 2F के बीच → बड़ा प्रतिबिंब → गलत
    • F पर → अनंत प्रतिबिंब → गलत
    • F के अंदर → आभासी प्रतिबिंब → गलत
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • जब वस्तु को उत्तल लेंस के 2F से परे रखा जाता है
    • तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:**
    • ∞-2F = छोटा वास्तविक"
    • 2F-F = बड़ा वास्तविक"
    • F अंदर = आभासी बड़ा"
    • NEET/JEE: Image Table रटना अनिवार्य
  • गणितीय उदाहरण:
    • f = +15 cm, छोटा वास्तविक**
    • u = -45 cm (3f से परे)
    • 1/v = 1/15 + 1/(-45) = 0.0667 - 0.0222 = 0.0445
    • v = +22.47 cm (F-2F के बीच)
    • m = -22.47/-45 = **-0.50** (छोटा) ✓