प्रकाश और प्रकाशिकी (भौतिक विज्ञान) (Part-I)

Total Questions: 50

31. एक माध्यम के निरपेक्ष अपवर्तनांक का मान हमेशा ________ होता है। [RRC Group D 24/08/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) 1 से अधिक
Solution:
  • किसी माध्यम का अपवर्तनांक हमेशा 1 से अधिक या उसके बराबर होता है
  • क्योंकि किसी माध्यम के अपवर्तनांक (n) की परिभाषा, निर्वात में प्रकाश की चाल (c), और माध्यम में प्रकाश की चाल (v) का अनुपात होता है
  • अर्थात n = c/v; 1 से कम अपवर्तनांक का अर्थ है कि प्रकाश की चाल, निर्वात में प्रकाश की चाल से अधिक है
  • जो वास्तविक जीवन में संभव नहीं है। किसी प्रकाशिक माध्यम का अपवर्तनांक एक विमाहीन संख्या है
  • जो स्नेल के अपवर्तन के नियम द्वारा वर्णित उस माध्यम की प्रकाश झुकने की क्षमता का संकेत देता है।
  • निरपेक्ष अपवर्तनांक की परिभाषा:
    • μ = c/v**
    • जहाँ:
    • c = निर्वात में प्रकाश चाल = 3×10⁸ m/s
    • v = माध्यम में प्रकाश चाल
  • महत्वपूर्ण तथ्य: सभी भौतिक माध्यमों में v < c → μ > 1
    • भौतिकी कारण (Physical Reason):
    • प्रकाश चाल:** v = 1/√(εμ) (Permittivity & Permeability)
  • माध्यम में:
    • परमाणु प्रति-क्रिया → विद्युतचुंबकीय क्षेत्र में विलंब
    • प्रकाशिक घनत्व (Optical Density) → चाल कम
    • आण्विक संरचना → प्रकाश अवशोषण-पुनर्प्रकीर्त
    • परिणाम: v < c → μ > 1
  • सापेक्ष बनाम निरपेक्ष अपवर्तनांक:
    • निरपेक्ष (Absolute):** μ = c/v (निर्वात सापेक्ष)
    • सापेक्ष (Relative):** μ₂₁ = μ₂/μ₁ (दो माध्यमों के बीच)
    • उदाहरण: कांच का सापेक्ष μ_हवा = 1.5/1.0 = 1.5
    • कांच का निरपेक्ष μ = 1.5 ✓
  • Snell's Law में निरपेक्ष अपवर्तनांक:
    • सूत्र:** μ₁ sin i = μ₂ sin r
    • हवा → कांच: 1.0 × sin i = 1.5 × sin r
    • μ > 1 → अधिक झुकाव
  • गणितीय प्रमाण (Mathematical Proof):
    • निर्वात:** v = c → μ = c/c = 1
    • माध्यम:** v < c (प्रमाणित) → μ = c/v > 1
    • कोई अपवाद नहीं: सभी भौतिक माध्यम μ > 1
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • 1 से अधिक** → **सही**
    • 1 → केवल निर्वात
    • 0 से 1 → असंभव
    • ऋणात्मक → असंभव (घनत्व)
  • विशेष मामलों का विश्लेषण:
    • हवा:** μ = 1.0003 ≈ 1 (लगभग निर्वात)
    • हीरा:** μ = 2.42 (सर्वाधिक)
    • निर्वात:** μ = 1.0000 (संदर्भ)
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • प्रिज्म विचलन:** δ ∝ μ → सभी δ > 0
    • क्रिटिकल एंगल:** sin C = 1/μ < 1 → μ > 1
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "किसी माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक निर्वात में प्रकाश की चाल और उस माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात है।
    • इसका मान हमेशा एक से अधिक होता है।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "माध्यम = μ > 1"
    • निर्वात = μ = 1"
    • सघन = अधिक μ"
  • संबंधित सूत्र:
    • Lens Formula:** 1/f = (μ-1)(1/R₁ - 1/R₂)
    • Prism Deviation:** μ = sin((A+δₘ)/2)/sin(A/2)
    • Critical Angle:** sin C = 1/μ

32. एक प्रकाश किरण एक अवतल दर्पण के ध्रुव पर आपतित होती है। आपतित किरण और मुख्य अक्ष के बीच निर्मित न्यून कोण क्या कहलाता है? [RRC Group D 24/08/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) आपतन कोण
Solution:
  • शब्दावली : वक्रता केंद्र (C) - उस गोले का केंद्र जिसका दर्पण एक हिस्सा है।
  • वक्रता की त्रिज्या (R) - उस गोले की त्रिज्या जिसका दर्पण एक हिस्सा है।
  • ध्रुव (pole) - दर्पण की गोलाकार सतह का ज्यामितीय केंद्र।
  • मुख्य अक्ष - दर्पण के ध्रुव को उसके वक्रता केंद्र से मिलाने वाली सीधी रेखा।
  • आपतन कोण की मानक परिभाषा:
    • आपतन कोण (i):** आपतित किरण और आपतन बिंदु पर **सतह के अभिलंब** के बीच का कोण।
  • ध्रुव पर विशेषता: मुख्य अक्ष = ध्रुव पर अभिलंब
    • मुख्य अक्ष = वक्रता केंद्र C से P तक = **अभिलंब**
    • आपतित किरण PP' → मुख्य अक्ष के साथ θ कोण
    • आपतन कोण i = θ**
  • परावर्तन नियम (Laws of Reflection):
    • आपतन कोण = परावर्तन कोण** (i = r)
    • आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही विमान में**
    • ध्रुव पर: मुख्य अक्ष = अभिलंब → i = θ
  • विशेष मामला (मुख्य अक्ष के समांतर):
    • θ = 0°:** आपतित किरण मुख्य अक्ष ∥ → i = 0°
    • परिणाम:** किरण उसी पथ पर वापस (C की ओर)
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • आपतन कोण** → **सही**
    • परावर्तन कोण → परावर्तन के बाद
    • विचलन कोण → प्रिज्म में
    • फोकस कोण → असंभव
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** लेजर → अवतल दर्पण ध्रुव पर
    • θ = 30° → i = 30°, r = 30°
    • θ = 45° → i = 45°, r = 45°
    • सिद्ध:** i = θ (मुख्य अक्ष के साथ कोण)
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "ध्रुव पर आपतित होने वाली किरण के लिए मुख्य अक्ष अभिलंब का कार्य करता है।
    • आपतन कोण वह कोण है जो आपतित किरण मुख्य अक्ष के साथ बनाती है।" [Class 10, Ch 9]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "ध्रुव पर = मुख्य अक्ष = अभिलंब"
    • आपतित किरण-मुख्य अक्ष θ = आपतन कोण i"
  • गणितीय उदाहरण:
    • f = -10 cm अवतल दर्पण**
    • आपतित किरण मुख्य अक्ष से θ = 60°
    • i = 60° → r = 60°
    • परावर्तित किरण मुख्य अक्ष से 60° पर
  • संबंधित किरण नियम:
    • किरण नियम #4:** "ध्रुव पर आपतित किरण समान कोण पर परावर्तित"
    • i = r = मुख्य अक्ष के साथ कोण

33. निम्नलिखित में से किस दर्पण द्वारा हमेशा आभासी एवं सीधा प्रतिबिंब निर्मित होता है? [RRC Group D 24/08/2022 (Afternoon)]

(A) उत्तल दर्पण

(B) समतल दर्पण

(C) अवतल दर्पण

Correct Answer: (c) A और B दोनों
Solution:
  • गोलीय दर्पण एक ऐसा दर्पण होता है जिसका आकार गोलाकार सतह से कटे हुए टुकड़े जैसा होता है।
  • गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं: अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण।
  • मुख्य अक्ष ∥ → F' से अपसारित प्रतीति
  • F' से → मुख्य अक्ष ∥ अपसारित
  • C' की ओर → उसी पथ वापस
  • ध्रुव पर → समान कोण
  • सभी में: आभासी I' (dर्पण के पीछे), सीधा (+m)
  • अवतल दर्पण क्यों नहीं? (Conditional):
    • अवतल दर्पण Image Table:**
    • | वस्तु स्थिति | प्रतिबिंब प्रकृति    |
    • |--------------|-------------------|
    • | ∞ से 2F     | **वास्तविक, उल्टा**
    • | 2F-F        | **वास्तविक, बड़ा**
    • | **F-P**     | **आभासी, सीधा** (केवल!)
    • | P के पीछे   | असंभव
    • हमेशा" नहीं → केवल F-P में
  • समतल दर्पण क्यों नहीं?
    • समतल: m = -1 → **पार्श्व उल्टा** (लेफ्ट-राइट)
    • सीधा नहीं** (ऊपर-नीचे समान, लेकिन दायाँ-बायाँ उल्टा)
  • उत्तल दर्पण का गणितीय प्रमाण:
    • Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • उत्तल: f = +ve, u = -ve
    • u = -∞:** 1/v = 1/f → v = +f (आभासी F')
    • u = -10 cm:** v हमेशा +ve (dर्पण के पीछे)
    • m = -v/u = -(+ve)/(-ve) = **+ve** (सीधा)
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • उत्तल दर्पण** → **सही** (हमेशा आभासी+सीधा)
    • अवतल दर्पण → केवल F-P में → गलत
    • समतल दर्पण → पार्श्व उल्टा → गलत
    • सभी → गलत
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • सेटअप:** उत्तल दर्पण + वस्तु (विभिन्न dूरी)
    • u = ∞** → I' F' के पास, आभासी, सीधा
    • u = 50 cm** → I' F'-P के बीच, आभासी, सीधा
    • u = 5 cm** → I' F' के पास, आभासी, सीधा
    • सभी स्थितियों में समान**
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • उत्तल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 9]
  • भौतिकी कारण:
    • अपसारी प्रकृति:** किरणें दर्पण के पीछे F' पर मिलने प्रतीत
    • आभासी प्रतिबिंब:** वास्तविक किरणें पीछे नहीं मिलतीं
    • सीधा:** m > 0 (u, v दोनों ऋणात्मक → धनात्मक)
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "उत्तल = हमेशा Virtual + Erect"
    • Convex = Consistent Virtual"
    • अवतल:** "कंडीशनल" (F-P में केवल)
  • गणितीय उदाहरण:
    • f = +15 cm उत्तल दर्पण**
    • u = -30 cm → v = +10 cm, m = +0.33 (छोटा, सीधा)
    • u = -100 cm → v = +12 cm, m = +0.12 (छोटा, सीधा)
    • हमेशा आभासी+सीधा**

34. एक श्वेत प्रकाश पुंज किसी त्रिभुजाकार कांच के प्रिज्म के माध्यम से वर्ण-विक्षेपित होकर सात रंगों की एक पट्टिका निर्मित करता है। इनमें से कौन से कथन सही है? [RRC Group D 24/08/2022 (Afternoon)]

(i) लाल रंग घटक का अपवर्तनांक न्यूनतम होता है।

(ii) बैंगनी रंग घटक का विचलन न्यूनतम होता है।

(iii) कांच में श्वेत प्रकाश के सभी घटकों की चाल समान होती है।

Correct Answer: (a) केवल (i)
Solution:
  • वह परिघटना जिसके कारण श्वेत प्रकाश प्रिज्म से गुजरने पर सात रंगों में विभाजित हो जाता है, विक्षेपण कहलाता है।
  • सफेद प्रकाश रंगों के सात बैंडों से बना होता है, जिनमें से प्रत्येक में अलग-अलग तरंग दैर्ध्य होते हैं।
  • एक माध्यम से गुजरने पर, प्रत्येक रंग का प्रकाश अलग-अलग गति से गमन करता है
  • इसलिए प्रकाश के विभाजन के लिए अपवर्तन के विभिन्नकोण होते हैं।
  • लाल प्रकाश की तुलना में बैंगनी प्रकाश का विचलन अधिक होता है
  • क्योंकि प्रकाशकी बैंगनी किरणों के लिए प्रिज्म का अपवर्तनांकअधिक होता है।
  • वर्ण-विक्षेपण की मूल परिभाषा:
    • वर्ण-विक्षेपण:** श्वेत प्रकाश का अपने सात अवयवी रंगों में विभाजन
    • स्पेक्ट्रम:** VIBGYOR रंग पट्टी
    • श्वेत ───→ प्रिज्म ───→ **V I B G Y O R**
    • (prism apex ↑)      (base की ओर)
  • प्रिज्म विचलन क्रम (Deviation Order):
    • विचलन:** δ_वैंगनी > δ_नीला > ... > δ_लाल
    • अपवर्तनांक:** μ_वैंगनी > μ_नीला > ... > μ_लाल
  • भौतिकी कारण (Cauchy's Formula):
    • अपवर्तनांक:** μ = A + B/λ²
    • λ छोटा (बैंगनी) → μ अधिक → δ अधिक
    • λ बड़ा (लाल) → μ कम → δ कम
  • न्यूनतम विचलन सूत्र:
    • μ = sin((A+δₘ)/2) / sin(A/2)**
    • A = 60° → sin(A/2) = sin 30° = 0.5
    • बैंगनी:** δₘ = 38° → μ = sin(49°)/0.5 = 1.55
    • लाल:** δₘ = 34° → μ = sin(47°)/0.5 = 1.505
  • सभी संभावित सही कथन:
    • बैंगनी का δ सबसे अधिक → μ_max
    • लाल का δ सबसे कम → μ_min
    • स्पेक्ट्रम क्रम VIBGYOR → δ के क्रम पर
    • कारण: अलग-अलग μ → अलग-अलग δ
    • न्यूटन की खोज → प्रिज्म प्रयोग
    • सभी रंग समान δ → गलत
  • MCQ पैटर्न विश्लेषण:
    • सही विकल्प:**
    • बैंगनी > लाल** → ✓
    • VIBGYOR** → ✓
    • μ भिन्न** → ✓
    • सभी** → **सही उत्तर**
  • प्रयोगिक सत्यापन (Spectrometer):
    • सेटअप:** कोलिमेटर → प्रिज्म → दूरबीन
    • परिणाम:**
    • δ_वैंगनी = 38.5°** (सर्वाधिक)
    • δ_लाल = 34.0°** (न्यूनतम)
    • Δδ = 4.5°** (Angular Dispersion)
  • NCERT आधारित कथन:
    • प्रिज्म से गुजरने पर श्वेत प्रकाश सात रंगों में विभक्त हो जाता है।
    • बैंगनी रंग का विचलन सबसे अधिक और लाल का सबसे कम होता है।" [Class 10, Ch 11]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • प्रिज्म शीर्ष = बैंगनी, आधार = लाल"
    • μ क्रम: V > I > B > G > Y > O > R"
  • सामान्य भ्रम दूर करना:
    • गलत: "सभी रंग समान μ"
    • सही: "μ तरंगदैर्ध्य पर निर्भर"

35. परावर्तन के नियम इनमें से किस दर्पण के लिए सत्य हैं? [RRC Group D 24/08/2022 (Evening)]

(A) अवतल दर्पण

(B) उत्तल दर्पण

(C) समतल दर्पण

Correct Answer: (b) A, B और C
Solution:
  • परावर्तन के नियमों के अनुसार, 'आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है
  • आपतित किरण, दर्पण के अभिलम्ब पर आपतन बिंदु और परावर्तित किरण, सभी एक ही तल में होती हैं।'
  • परावर्तन के दो मूल नियम (Universal Laws):
    • नियम 1:** आपतन कोण = परावर्तन कोण (i = r)
    • नियम 2:** आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में
  • गोलीय दर्पण किरण नियम (Derived from Basic Laws):
    • अवतल दर्पण किरण नियम:**
    • मुख्य अक्ष ∥ → F पर (i = r का परिणाम)
    • C से → उसी पथ (i = 0°)
    • F से → मुख्य अक्ष ∥
    • ध्रुव पर → i = r
    • ये सभी मूल नियम i = r से व्युत्पन्न**
  • गणितीय आधार (Mirror Formula Origin):
    • Paraxial Approximation:** sinθ ≈ θ (छोटे कोण)
    • i = r → ज्यामितीय विश्लेषण → 1/v + 1/u = 1/f
  • सभी सूत्र मूल नियमों पर आधारित
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • केवल समतल → गलत
    • केवल अवतल → गलत
    • केवल उत्तल → गलत
    • सभी दर्पण** → **सही** [web:273]
  • प्रयोगिक सत्यापन (Laser Experiment):
    • सेटअप:** लेजर + सभी दर्पण प्रकार
    • परिणाम:**
    • समतल:** i = 30°, r = 30° ✓
    • अवतल:** i = 45°, r = 45° ✓
    • उत्तल:** i = 60°, r = 60° ✓
    • सभी में i = r**
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • परावर्तन के ये नियम सभी परावर्तक पृष्ठों - समतल दर्पणों, अवतल दर्पणों और उत्तल दर्पणों - के लिए सत्य हैं।" [Class 10, Ch 9]
  • भौतिकी कारण (Fermat's Principle):
    • स्थिति प्रकाश पथ:** Time stationary
    • i = r → न्यूनतम समय पथ
    • सभी सतहों पर सार्वभौमिक**
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:** "i = r → सभी दर्पण"
    • परावर्तन नियम = Universal"
    • गोलीय नियम:** i = r से व्युत्पन्न
  • सामान्य भ्रम दूर करना:
    • गलत: "केवल समतल पर लागू"
    • सही: "सभी परावर्तक सतहों पर"
  • गणितीय उदाहरण:
    • ध्रुव पर आपतन:** i = 40°
    • अवतल: r = 40° ✓
    • उत्तल: r = 40° ✓
    • समतल: r = 40° ✓

36. एक अवतल दर्पण किसी वस्तु का वास्तविक, उल्टा और छोटा प्रतिबिंब निर्मित करता है। वस्तु कहां स्थित होगी? [RRC Group D 25/08/2022 (Morning)]

Correct Answer: (b) वक्रता केंद्र से परे
Solution:
  • अवतल दर्पण वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिम्ब बनाते हैं।
  • मानक किरणें:**
    • मुख्य अक्ष ∥ → F पर अभिसरित
    • C से गुजरने वाली → उसी पथ वापस
    • F से → मुख्य अक्ष ∥ परावर्तित
  • Mirror Formula से गणितीय प्रमाण:
    • Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • f = -R/2 = -ve (अवतल)
    • उदाहरण: f = -10 cm, u = -25 cm (C = 20 cm से परे)
    • 1/v = 1/(-10) + 1/(-25) = -0.1 - 0.04 = -0.14
    • v = -7.14 cm (F और C के बीच)
    • आवर्धन: m = -v/u = -(-7.14)/(-25) = -0.286 (छोटा, उल्टा)
  • छोटा" की परिभाषा:
    • **u → ∞:** v = f → m = 0 (अत्यधिक छोटा)
    • **u = 2f (C):** v = 2f → m = -1 (समान)
    • **2f > u > ∞:** **0 > m > -1** (छोटा)
  • सीमाओं का विश्लेषण:
    • **u = ∞:** v = f → m = 0 (सबसे छोटा)
    • **u = 1.5f:** v = 30 cm → m = -0.67
    • **u = 3f:** v = 7.5 cm → m = -0.25
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • **सेटअप:** f = 10 cm अवतल दर्पण
    • **u = 40 cm** → v ≈ 12 cm, m ≈ -0.3 (छोटा)
    • **u = 100 cm** → v ≈ 10.1 cm, m ≈ -0.1
    • **पर्दा:** स्पष्ट वास्तविक प्रतिबिंब ✓
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • **वक्रता केंद्र से परे** → **सही** [web:136]
    • फोकस पर → अनंत प्रतिबिंब → गलत
    • फोकस और C के बीच → बड़ा → गलत
    • C पर → समान आकार → गलत
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "जब वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र से परे रखा जाता है
    • तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 9]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • "∞-2F = छोटा वास्तविक" (अवतल)
    • "2F-F = बड़ा वास्तविक"
    • "F-P = आभासी बड़ा"
  • गणितीय उदाहरण:
    • **f = -15 cm, u = -50 cm (C से परे)**
    • 1/v = -1/15 - 1/50 = -0.0667 - 0.02 = -0.0867
    • v = -11.53 cm
    • m = -(-11.53)/(-50) = **-0.23** ✓

37. माध्यम A से माध्यम B की ओर जाते समय एक प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकती है। इनमें से कौन से कथन सही हैं? [RRC Group D 25/08/2022 (Afternoon)]

(A) माध्यम A, माध्यम B की तुलना में प्रकाशिक रूप से सघन है।

(B) माध्यम A में प्रकाश की चाल, माध्यम B की तुलना में अधिक है।

(C) माध्यम B का अपवर्तनांक, माध्यम A के अपवर्तनांक से अधिक है।

Correct Answer: (d) B और C दोनों
Solution:
  • यह अपवर्तन की एक घटना (phenomenon) है। यह ध्वनि, जल और अन्य तरंगों के साथ होता है।
  • क्योंकि माध्यम जितना विरल होगा, प्रकाश की गति उतनी ही तेज होगी, जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है
  • तो गति कम हो जाती है और इसलिए प्रकाश समान समय में सीमा तक पहुँचने के लिए अभिलम्ब की ओर झुककर एक छोटा रास्ता अपनाता है।
  • अपवर्तन नियम और झुकाव दिशा:
    • **Snell's Law:** μ₁ sin i = μ₂ sin r
  • गणितीय प्रमाण:
    • **Snell's Law:** μ_A sin i = μ_B sin r
    • **मुख्य तथ्य:** μ_A < μ_B
    • sin i / sin r = μ_B / μ_A > 1
    • ∴ **i > r**
  • उदाहरण:
    • हवा (μ_A = 1.0) → कांच (μ_B = 1.5)
    • sin i = 1.5 sin r
    • i = 45° → sin r = sin45°/1.5 = 0.707/1.5 = 0.471
    • r = 28° → **i > r** ✓
  • प्रकाश चाल संबंध:
    • **प्रकाश चाल:** v = c/μ
    • μ_A < μ_B → v_A > v_B
    • **माध्यम B में चाल घटती है**
  • प्रयोगिक उदाहरण:
    • **हवा → जल:** μ=1.33 → i > r
    • **जल → कांच:** μ=1.5 → i > r
    • **कांच → हीरा:** μ=2.42 → i > r
  • MCQ पैटर्न विश्लेषण:
    • **सही कथन:**
    • **μ_A < μ_B** → ✓
    • **v_B < v_A** → ✓
    • **i > r** → ✓
    • **सभी** → **सही उत्तर**
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • जब प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है
    • तो अभिलंब की ओर झुक जाती है।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • **Memory Trick:**
    • "अभिलंब की ओर = विरल→सघन = μ↑ = v↓"
    • "विरल-सघन = झुकाव IN"
  • गणितीय उदाहरण:
    • **μ_A = 1.33 (जल), μ_B = 1.5 (कांच)**
    • i = 60° → sin r = (1.33/1.5)sin60° = 0.608
    • r = 37.5° → **i > r** ✓
  • सापेक्ष अपवर्तनांक:
    • **μ_B/A = μ_B/μ_A > 1** (B सघन)
    • sin i / sin r = μ_B/A > 1

38. एक बिंदु प्रकाश स्रोत से एक समानांतर किरण पुंज उत्पन्न करने के लिए इनमें से किस प्रकाशिक उपकरण का प्रयोग किया जा सकता है? [RRC Group D 25/08/2022 (Evening)]

(A) उत्तल लेंस

(B) अवतल लेंस

(C) अवतल दर्पण

(D) उत्तल दर्पण

Correct Answer: (b) (A) और (C) दोनों
Solution:
  • अवतल दर्पण और उत्तल लेंस समान रूप से कार्य करते हैं।
  • एक बिंदु स्रोत से जब प्रकाश किरण अवतल दर्पण या उत्तल लेंस से टकराती है
  • तो प्रकाश की किरणें हमेशा समानांतर होती हैं और प्रतिबिंब अनंत पर बनती है।
  • उत्तल लेंस (सबसे सामान्य):
    • Ray Diagram:**
    • बिंदु स्रोत ──O(F)─── उत्तल लेंस ───→ समानांतर पुंज ───→ ∞
    • Lens Formula:** 1/v - 1/u = 1/f
    • u = -f → 1/v = 1/f + 1/(-f) = 0 → v = ∞ (समानांतर)
  • किरण नियम:
    • F पर बिंदु → मुख्य अक्ष ∥ निकलती किरणें
    • ऑप्टिकल सेंटर → सीधी (समानांतर)
    • अन्य किरणें भी समांतर
  • अवतल दर्पण:
    • Ray Diagram:**
    • बिंदु स्रोत ──O(F)─── अवतल दर्पण ───→ समानांतर पुंज
    • Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • u = -f → 1/v = 1/f - 1/f = 0 → v = ∞ (समानांतर)
  • गणितीय उदाहरण:
    • उत्तल लेंस:** f = +10 cm
    • बिंदु O को F (-10 cm) पर रखें
    • 1/v = 1/10 + 1/(-10) = 0 → v = ∞ ✓
    • अवतल दर्पण:** f = -10 cm
    • O को F (-10 cm) पर रखें
    • 1/v = 1/(-10) + 1/(-10) = 0 → v = ∞ ✓
  • MCQ विकल्प विश्लेषण:
    • **उत्तल लेंस** → सही (F पर बिंदु)
    • **अवतल दर्पण** → सही (F पर बिंदु)
    • **दोनों** → **सबसे सही**
    • केवल एक → गलत
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • टॉर्च प्रयोग:**
    • LED (बिंदु स्रोत) → F पर → लेंस → दीवार पर स्पॉट
    • बिना लेंस → बड़ा धब्बा (अपसारी)
    • F पर लेंस → **स्पॉट छोटा** (समानांतर)
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "जब वस्तु को उत्तल लेंस के फोकस पर रखा जाता है
    • तो प्रतिबिंब अनंत पर बनता है अर्थात् किरणें समानांतर हो जाती हैं।" [Class 10, Ch 10]
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • Memory Trick:**
    • F पर बिंदु = समानांतर पुंज"
    • अभिसारी तत्व = उत्तल लेंस/अवतल दर्पण"
    • अपसारी = अवतल लेंस/उत्तल दर्पण"
  • वास्तविक उपयोग:
    • **हेडलाइट:** अवतल दर्पण + फिलामेंट F पर
    • **टॉर्च:** उत्तल लेंस + बल्ब F पर
    • **लेजर:** कोलिमेटिंग लेंस
    • **सौर कुकर:** अवतल दर्पण समानांतर सूर्य किरणें
  • गलत विकल्प क्यों असफल:
    • **अवतल लेंस:** अपसारी → बिंदु को और अपसारित
    • **उत्तल दर्पण:** अपसारी → बिंदु को और अपसारित

39. किसी वस्तु को एक उत्तल दर्पण के सामने अनंत और दर्पण के ध्रुव के बीच स्थित किसी बिंदु पर रखा गया है। निर्मित प्रतिबिंब होगा। [RRC Group D 25/08/2022 (Evening)]

Correct Answer: (c) आभासी और सीधा
Solution:
  •  उत्तल दर्पण (अपसारी दर्पण) प्रकाश की किरणों को अपसारित करता है, जो इसकी परावर्तक सतह पर पड़ती हैं।
  • यह एक गोलीय दर्पण है जहां परावर्तक सतह प्रकाश स्रोत की ओर उभरी हुई होती है।
  • उत्तल दर्पण में बनने वाला प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी और सीधा होता है, चाहे वस्तु की स्थिति कुछ भी हो।
  • **उत्तल दर्पण किरण नियम:**
    • मुख्य अक्ष ∥ → F' से अपसारित प्रतीत
    • F' से → मुख्य अक्ष ∥ अपसारित
    • C' की ओर → उसी पथ वापस
    • ध्रुव पर → समान कोण परावर्तन
    • परिणाम: सभी किरणें दर्पण के पीछे F'-P के बीच आभासी प्रतिबिंब पर प्रतीत
  • Mirror Formula विश्लेषण:
    • **Mirror Formula:** 1/v + 1/u = 1/f
    • उत्तल दर्पण: f = +ve, u = -ve
    • **u = -∞:** 1/v = 1/f → v = +f (F' पर)
    • **u = -20 cm, f = +10 cm:**
    • 1/v = 1/10 + 1/(-20) = 0.1 - 0.05 = 0.05
    • v = +20 cm (P-F' के बीच)
    • m = -v/u = -20/-20 = **+1** (सीधा)
  • विशेषताएँ (Nature Properties):
    • **आभासी:** v = +ve (दर्पण के पीछे)
    • **सीधा:** m = +ve (धनात्मक आवर्धन)
    • **छोटा:** |m| < 1 (वस्तु से छोटा)
  • स्थिति अनुसार परिवर्तन:
    • **वस्तु ∞ पर:** I' → F' के पास, |m| → 0 (बिंदु)
    • **वस्तु P के पास:** I' → F'-P के बीच, |m| → 1 (लगभग समान)
    • **प्रकृति:** हमेशा आभासी + सीधा
  • MCQ विकलेषण:
    • **आभासी, सीधा, छोटा** → **सही**
    • वास्तविक → असंभव (उत्तल अपसारी)
    • उल्टा → असंभव (m हमेशा +ve)
    • बड़ा → असंभिक (केवल |m| < 1)
  • प्रयोगिक सत्यापन:
    • **सेटअप:** उत्तल दर्पण + वस्तु (विभिन्न दूरी)
    • **u = ∞** → I' F' के पास, आभासी, सीधा, बहुत छोटा
    • **u = 50 cm** → I' F'-P के बीच, आभासी, सीधा, छोटा
    • **u = 10 cm** → I' लगभग P के पास, आभासी, सीधा, लगभग समान
    • **पर्दा:** कभी स्पष्ट प्रतिबिंब नहीं (आभासी)
  • NCERT आधारित स्पष्टीकरण:
    • "उत्तल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है।" [Class 10, Ch 9]
  • भौतिकी कारण:
    • **अपसारी प्रकृति:** परावर्तित किरणें दर्पण के पीछे F' पर मिलने प्रतीत
    • **आभासी:** वास्तविक किरणें कभी अभिसृत नहीं
    • **सीधा:** m = -v/u = -(+ve)/(-ve) = +ve
    • **छोटा:** f छोटा → v हमेशा छोटा
  • प्रतियोगी परीक्षा टिप्स:
    • **Memory Trick:** "उत्तल = हमेशा Virtual + Erect + Diminished"
    • "Convex = Consistent Characteristics"
  • गणितीय उदाहरण:
    • **f = +15 cm, u = -30 cm (∞-P के बीच)**
    • 1/v = 1/15 + 1/(-30) = 0.0667 - 0.0333 = 0.0334
    • v = +29.94 cm (F'-P के बीच)
    • m = -29.94/-30 = **+0.998** (लगभग समान, सीधा)

40. वक्रता केंद्र से गुजरने वाली प्रकाश की किरण अवतल दर्पण पर आपतित होती है। यह................ के कोण से परावर्तित होती है। [RRC Group D 26/08/2022 (Morning)]

Correct Answer: (b) 0°
Solution:
  • ऐसा इसलिए है क्योंकि आपतन कोण 0° है। वक्रता केंद्र से गुजरने वाली किरण दर्पण पर सामान्य रूप से आपतित होती है।
  • आपतन कोण - अभिलम्ब तथा प्रकाश की किरण के बीच के कोण को आपतन कोण कहते हैं।
  • परावर्तन कोण (Angle of reflection) - परावर्तित किरण और संपर्क बिंदु पर रेखांकित परावर्तक सतह के अभिलम्ब के बीच का कोण।
  • अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र से गुजरने वाली प्रकाश की किरण दर्पण की सतह पर अभिलंब (सामान्य) के अनुदेश आपतित होती है।
  • परावर्तन के नियम से यह के कोण से परावर्तित होकर उसी पथ पर वापस लौट जाती है।
  • कारण
    • वक्रता केंद्र दर्पण के गोलीय सतह का केंद्र होता है, जहाँ से त्रिज्या रेखाएँ निकलती हैं।
    • ऐसी किरण आपतन बिंदु पर सतह के लंबवत पड़ती है, जिससे i = r = 0°।
  • अन्य नियम
    • यह किरण हमेशा उसी मार्ग को पुनः प्राप्त करती है।
    • परावर्तन कोण सामान्य के सापेक्ष मापा जाता है, इसलिए 180° या 90° नहीं।